बांग्लादेश के गृह मंत्री असद-उज़-ज़मां
ने कहा है कि गृह मंत्रालय विपक्षी नेता और बीएनपी की अध्यक्ष ख़ालिदा ज़िया को
इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने की समीक्षा कर रहा है.
इसके
बाद इस निवेदन को प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के पास उनकी राय जानने के लिए भेजा जाएगा.
मंगलवार को ढाका में सचिवालय में गृह मंत्री ने यह जानकारी दी थी.
ख़ालिदा
ज़िया के परिवार ने सरकार को नवंबर के मध्य में पत्र लिखकर उन्हें इलाज के लिए
विदेश ले जाने की अनुमति मांगी थी. इस पत्र को क़ानूनी टिप्पणी के लिए क़ानून
मंत्रालय को भेजा गया था.
इसके
बाद क़ानून मंत्रालय ने पत्र को रविवार को गृह मंत्रालय के पास भेजा था.
76 वर्षीय ख़ालिदा ज़िया इस समय कई
शारीरिक समस्याओं से गुज़र रही हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
गृह मंत्री असद-उज़-ज़मां ख़ान
ने कहा, “ख़ालिदा
ज़िया के निवेदन पर क़ानून मंत्रालय ने अपनी राय दी है. हम इसका अध्ययन कर रहे हैं,
अगर और सलाह की ज़रूरत होगी तो हम लेंगे. हमें इस पर और बात करने की ज़रूरत है.
क़ानून मंत्री ने जिस तरह से लिखा है उसे देखते हुए क़ानूनी रूप से उन्हें विदेश
ले जाने की कोई सूरत नहीं है.”
कई बीमारियों
से हैं पीड़ित
इस साल
अप्रैल में ख़ालिदा ज़िया कोरोना वायरस से संक्रमित हुई थीं और 54 दिन तक अस्पताल
में रहने के बाद वो 19 जून को घर वापस लौटी थीं.
इस
साल के आख़िर में ख़ालिदा ज़िया की तबीयत एक बार और ख़राब हुई और उन्हें तीसरी बार
अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा.
जाँच
के बाद ज़िया की निजी स्वास्थ्य टीम ने बताया कि वो लीवर सिरोसिस से पीड़ित हैं. इसके
अलावा ज़िया को आर्थराइटिस, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी और फेफड़ों से
जुड़ी समस्याएँ हैं.
वो
अभी अस्पताल के सीसीयू में भर्ती हैं और उनका डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर
अनियंत्रित है और बुख़ार है.
उनकी
पार्टी बीएनपी सरकार से निवेदन कर रही है कि उन्हें इलाज के लिए देश से बाहर ले
जाने दिया जाए.
जेल
से बाहर हैं ख़ालिदा ज़िया
8
फ़रवरी 2016 को ख़ालिदा ज़िया को ज़िया अनाथालय ट्रस्ट के भ्रष्टाचार मामले में
पाँच साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी. उन्हें उसी दिन जेल भेज दिया गया था.
इसके
बाद उन्हें ज़िया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में भी जेल भेजा गया था.
25
मार्च 2020 को पहली बार उनकी सज़ा निलंबित किए जाने के बाद उन्हें अस्थायी तौर पर जेल
से छोड़ा गया था.
इसके
बाद उनके जेल से बाहर रहने के समय को अलग-अलग चरणों में बढ़ाया गया.