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कोरोना वैक्सीन: 15 साल से 18 साल के बच्चों को मिलेगी सिर्फ़ कोवैक्सीन

नए दिशा निर्देश के मुताबिक़,तीन जनवरी से 15 से 18 साल की आयु वर्ग के बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी. इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के टीके का ही विकल्प होगा.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and कमलेश मठेनी

  1. डेसमंड टूटू: दक्षिण अफ़्रीका में हफ़्ते भर श्रद्धांजलि कार्यक्रम

    रंगभेद के खिलाफ़ लड़ने वाले नेता आर्कबिशप डेसमंड टूटू का शनिवार को 90 साल की उम्र में निधन हो गया,उनके सम्मान में दक्षिण अफ़्रीका में एक सप्ताह के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

    एक जनवरी को केप टाउन में अंतिम संस्कार से पहले उनके शव को लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा.उनके निधन पर दुनियाभर के नेता पोप फ्रांसिस से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने श्रद्धांजलि अर्पित की है.

    टूटू देश-विदेश में दक्षिण अफ्रीका के सबसे मशहूर शख़्सियतों में से एक थे. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने एक बयान में कहा कि टूटू ने " दक्षिण अफ्रीका को आज़ाद" करने में मदद की थी.

    नेल्सन मंडेला के समकालीन,टूटू को 1948-91 में दक्षिण अफ्रीका में काले बहुमत के ख़िलाफ़ गोरी अल्पसंख्यक सरकार की ओर से लागू रंगभेदी प्रणाली को ख़त्म करने के उनके संघर्ष के लिए 1984 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

    रविवार को,सभी उम्र और पृष्ठभूमि के दक्षिण अफ्रीकी लोगों ने केप टाउन के सेंट जॉर्ज कैथेड्रल में राष्ट्रीय नायक को फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी.

    दुनिया भर के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह "भगवान और लोगों के एक सच्चे सेवक के निधन के बारे में जानकर हतप्रभ हूं. टूटू की विरासत सीमाओं को पार करती हैं और वह युगों तक गूंजती रहेगी."

    वहीं एक शोक संदेश में महारानी एलीज़ाबेथ द्वितीय ने कहा कि उन्हें टूटू के साथ अपनी मुलाक़ातें,उनकी गर्मजोशी और हास्य हमेशा याद रहेगा.

  2. तालिबान ने कहा- अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक मामलों में दख़ल ना दे अमेरिका

    तालिबान सरकार में विदेशी राजनीतिक मामलों के उपमंत्री शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकज़ई ने कहा है कि अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए क्योंकि अब वह एक स्वतंत्र देश है और स्वतंत्र रूप से निर्णय ले रहा है.

    रविवार को एक सभा में उन्होंने अमेरिकी सेना के बगराम एयरफ़ील्ड छोड़ने पर कहा, ‘’अमेरिका के सैनिक रात के अंधेरे में अफ़ग़ानिस्तान छोड़ कर निकले थे.‘’

    स्टानिकज़ई ने कहा कि देश अब आज़ाद है और चार दशकों में पहली बार,बीते चार महीने से अफ़ग़ान स्वतंत्र रूप से अपने फ़ैसले ख़ुद ले रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि"दुश्मनों को’’यह नहीं सोचना चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान40साल के युद्ध से कमज़ोर हो गया है क्योंकि अगर ज़रूरत होगी तो हमारे पास40साल और लड़ने की क्षमता है.

    अफ़ग़ानिस्तान के विदेश उपमंत्री ने ये भी माना कि रोज़ सैकड़ों अफ़ग़ान आर्थिक समस्याओं के कारण देश छोड़कर ईरान जा रहे हैं और उनमें से अधिकांश सीमा पार करने में विफल रहते हैं या इस दौरान रास्ते में अपनी जान गंवा देते हैं.

    उन्होंने पड़ोसी देश की मदद की अपील करते हुए कहा है कि पड़ोसी देश अफ़ग़ान शरणार्थियों के लिए अपनी सीमाएं खोलने और वीज़ा नियमों में ढील दें.

    महिलाओं को दिए गए अधिकारों पर स्टानिकजई ने कहा कि अफ़ग़ान महिलाओं और लड़कियों को नौकरी और शिक्षा का अधिकार है,लेकिन साथ ही उन्होंने ये कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की संस्कृति पश्चिम की संस्कृति से अलग है.

    हाल ही में तालिबान सरकार ने नया आदेश जारी किया है जिसके मुताबिक़,अब72किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली महिलाओं को उनके किसी पुरुष रिश्तेदार के बिना यात्रा करने की सुविधा नहीं मिलेगी.

    उन्होंने स्वीकार किया कि देश में लोगों के बीच एकजुटता और दुनिया के देशों के साथ संबंध स्थापित करना अफ़ग़िस्तान के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं.

  3. नमस्कार!

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