इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पीएम मोदी और चुनाव आयोग से यूपी चुनाव टालने की अपील की

एक नियमित सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए कड़े क़दम उठाने की ज़रूरत.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी, पंकज प्रियदर्शी and चंदन शर्मा

  1. ओमिक्रॉन से निपटने में नाकामी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी सफाई

    राष्ट्रपति जो बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ओमिक्रॉन वेरिएंट से निपटने में अपने प्रशासन की किसी भी तरह की नाकामी से इनकार किया है.

    उन्होंने न्यूज़ चैनल एबीसी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि “कोई भी” इसकी भविष्यवाणी नहीं कर सकता था. हालांकि, उनके शीर्ष सलाहकार डॉक्टर एंथनी फौची ने कहा है कि विशेषज्ञों के मुताबिक वेरिएंट्स आ सकते हैं.

    इससे एक दिन पहले व्हाइट हाउस ने कोरोना टेस्ट की कमी के बीच घर पर होने वाले पांच करोड़ कोरोना वायरस टेस्ट किट के आदेश की योजना की जानकारी दी थी.

    क्रिसमस को देखते हुए लंबे समय से इस तरह की टेस्ट किट का इंतज़ार किया जा रहा है.

    कोरोना टेस्ट के लिए लाइन में लगे लोग

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    जो बाइडन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ये एक नाकामी है. आप तर्क दे सकते हैं कि हमें एक साल पहले, छह महीने पहले, दो महीने पहले, एक महीने पहले पता होना चाहिए था.”

    उन्होंने कहा कि काश उन्होंने दो महीने पहले पांच करोड़ टेस्ट किट मंगाने के बारे में सोचा होता.

    एक साल पहले जो बाइडन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की कोविड-19 टेस्ट की कमी को लेकर आलोचना की थी.

    न्यूयॉर्क में बुधवार को 29 हज़ार मामले दर्ज किए गए. कोरोना मामलों में हफ़्ते की शुरुआत में आए मामलों की तुलना में 30 प्रतिशत का उछाल आया है.

    पिछले हफ़्ते उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने लॉसएंजेल्स टाइम्स से कहा था कि व्हाइट हाउस को नहीं लगा था कि डेल्टा या ओमिक्रॉन वेरिएंट आएंगे.

    इस पर हंसते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, “ये बात कैसे गलत है. किसी को उनके आने का पता नहीं था. पूरी दुनिया में किसी को इसकी जानकारी नहीं थी.’’

  2. हरीश रावत क्या हताश होकर रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे हैं?

    हरी रावत

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    उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है.

    पहले माना जा रहा था कि राज्य में बीजेपी कांग्रेस के सामने बैकफ़ुट पर है, लेकिन अब राज्य में पार्टी के मुख्य चेहरे हरीश रावत ने अपनी हताशा ज़ाहिर की है.

    उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक के बाद एक ट्वीट करके अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से नाराज़गी ज़ाहिर की है और राजनीति से संन्यास के संकेत दिए हैं. लेकिन क्या इसके पीछे भी कुछ कहानी है.

  3. कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर चीन के शहर में लॉकडाउन

    चीन के शियान शहर में लॉकडाउन

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    कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन के शहर शियान में लॉकडाउन लगा दिया गया है.

    एक करोड़ 30 लाख की आबादी वाले इस शहर में लोगों को घरों में ही रहने के लिए कहा गया है.

    शानशी प्रांत में स्थित शियान में 9 दिसंबर के बाद से 143 लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया गया है.

    शहर में बुधवार को लगे नए प्रतिबंधों के मुताबिक़ हर दो दिन में घर के किसी एक व्यक्ति को ही ज़रूरी सामानों की ख़रीद के लिए बाहर जाने की इजाज़त होगी.

    चीन कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर टेस्ट करने और लॉकडाउन करने की रणनीति अपनाता आया है.

    चीन

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    चीन में फ़रवरी 2022 में आने वाले विंटर ओलंपिक्स को देखते हुए भी सतर्कता बढ़ी हुई है.

    इस शहर के लोगों को उपयुक्त कारण के बिना शहर से बाहर जाने की इजाज़त नहीं है. इसके लिए उन्हें प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. ये प्रतिबंध कब तक बने रहेंगे इसकी जानकारी नहीं दी गई है.

    शानशी प्रांत में लाखों कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं. लंबी दूरी की बसों वाले बस स्टैंड बंद कर दिए गए हैं और सड़कों पर चैक प्वाइंट बनाए गए हैं. शियान एयरपोर्ट से कई फ़्लाइट भी रद्द की गई हैं.

    गैर-ज़रूरी सामानों से जुड़े कारोबार को बंद कर दिया गया है और सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है.

    अधिकारियों के मुताबिक इलाक़े में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट का संक्रमण पाया गया है. उन्होंने ओमिक्रॉन के मामलों का ज़िक़्र नहीं किया.

  4. हॉन्ग कॉन्ग: तियानानमेन गोलीकांड की याद में बने ‘पिलर ऑफ़ शेम’ को हटाया गया

    मूर्ति को हटाते कामगार

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    यूनिवर्सिटी ऑफ़ हॉन्ग कॉन्ग में तियानानमेन नरसंहार की याद में लगी प्रचलित मूर्ति ‘पिलर ऑफ़ शेम’ को हटा दिया गया है.

    आठ मीटर (26 फ़ीट) ऊंची इस मूर्ति को हटाने के लिए कामगारों ने पूरी रात काम किया.

    इस मूर्ति में 1989 में लोकतंत्र समर्थित विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों की लाशों का ढेर दिखाया गया है.

    चीन की राजधानी बीजिंग के तियानानमेन चौक पर साल 1989 में लोकतंत्र के समर्थन में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था. चीनी सरकार ने उस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवा दी थीं.

    पिलर ऑफ़ शेम

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    यूनिवर्सिटी ने बताया कि मूर्ति को हटाने का आदेश अक्टूबर में दिया गया था और बुधवार को इसे हटाने का फ़ैसला लिया गया.

    यूनिवर्सिटी ने कहा, “इस मूर्ति को लेकर ये फ़ैसला बाहरी क़ानूनी सलाह और यूनिवर्सिटी के सर्वोत्तम हित के लिए जोख़िम का मूल्यांकन करने के बाद लिया गया है. मूर्ति टूटने की स्थिति में थी और यूनिवर्सिटी को इससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं थीं.”

    इस मूर्ति को डेनमार्क के एक मूर्तिकार येन्स गैलशिट ने बनाया था जो 24 साल से यूनिवर्सिटी परिसर में लगी थी.

    येन्स गैलशिट इस फ़ैसले को लेकर कहते हैं कि मूर्ति को हटाना ‘वास्तव में क्रूरता’ है. उन्होंने इसे क़ब्रों को तोड़ने जैसा बताया.

    उन्होंने कहा, “ये मूर्ति मृतकों की याद में थी. 1989 में बीज़िंग में मारे गए लोगों की याद में बनाई गई थी. अगर आप इसे इस तरह ख़त्म करते हैं तो ये किसी क़ब्रिस्तान में जाकर सारी क़ब्रों को तोड़ने जैसा है.”

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