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आरक्षण को लेकर अहेरिया समाज का रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन, कई घंटे ठप रही रेल सेवा

उत्तर प्रदेश के हाथरस में ट्रेनों का परिचालन गुरुवार को कई घंटे बाधित रहा. इसकी वजह से विभिन्न स्टेशनों पर कई घंटे ट्रेनें खड़ी रहीं और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

लाइव कवरेज

  1. बांग्लादेश के पाकिस्तान से अलग होने की वजह

    बांग्लादेश अपनी स्थापना के 50 साल पूरे कर रहा है, तब बीबीसी ने विभिन्न शोध पुस्तकों और शोधकर्ताओं के साथ बातचीत करके ये जानने की कोशिश की कि वे कौन से कारण थे, जिनके चलते अपनी स्थापना के महज़ 24 साल बाद ही पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए.

    क्या इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था और क्या भविष्य में इन दोनों देशों के ठंडे पड़े रिश्तों में गर्माहट आएगी?

  2. भारत में हर 25 मिनट पर एक हाउसवाइफ़ क्यों ले लेती है अपनी जान

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के हालिया आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 22,372 गृहिणियों ने आत्महत्या की थी. इसके अनुसार हर दिन 61 और हर 25 मिनट में एक आत्महत्या हुई है.

    देश में 2020 में हुईं कुल 153,052 आत्महत्याओं में से गृहिणियों की संख्या 14.6 प्रतिशत हैऔर आत्महत्या करने वाली महिलाओं की संख्या 50 प्रतिशत से ज़्यादा है.

    ये स्थिति केवल पिछली साल की नहीं है. 1997 में जब से एनसीआरबी ने पेशे के आधार पर आत्महत्या के आंकड़े एकत्रित करने शुरू किए हैं तब से हर साल 20 हज़ार से ज़्यादा गृहणियों की आत्महत्या का आंकड़ा सामने आ रहा है. साल 2009 में ये आंकड़ा 25,092 तक पहुंच गया था.

    रिपोर्ट में इन आत्महत्याओं के लिए "पारिवारिक समस्याओं" या "शादी से जुड़े मसलों" को ज़िम्मेदार बताया गया है.

  3. अमेरिका के पूर्व अधिकारियों और राजनयिकों की सलाह, ईरान के ख़िलाफ़ रुख़ सख़्त करें राष्ट्रपति बाइडन

    अमेरिका के पूर्व अधिकारियों और राजनयिकों के एक समूह ने कहा है कि राष्ट्रपति जो बाइडन को ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई करने पर विचार करना चाहिए.

    समूह का कहना है कि राष्ट्रपति बाइडन को ईरान पर दबाव बनाना चाहिए ताकि वो अपने परमाणु हथियार और आक्रामक ड्रोन कार्यक्रमों से पीछे हटे.

    ये बात बुधवार को राजधानी वाशिंगटन में हुई एक बैठक के बाद नेशनल काउंसिल ऑफ़ रेजिस्टेंस ऑफ़ ईरान (एनसीआरआई) ने कही. इस बैठक के बाद एनसीआरआई के सदस्यों ने संवाददाताओं से बातचीत भी की.

    एनसीआरआई के सदस्यों में अमेरिका के पूर्व सीनेटर जोसेफ़ लिबरमैन, हथियार नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के पूर्व अंडर सेक्रेटरी और अप्रसार मामलों के विशेष दूत रॉबर्ट जोसेफ़, डिफ़ेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के पूर्व कार्यवाहक निदेशक डेविड शेड, जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर मैथ्यू क्रोनिग और ज्यूस इंस्टीट्यूट फ़ॉर नेशनल सिक्योरिटी ऑफ़ अमेरिका के विदेश नीति के निदेशक जोनाथन रूह शामिल हैं.

    अपने एक विस्तृत अध्ययन में एनसीआरआई ने ईरान के ड्रोन कार्यक्रम पर ​गंभीर चिंता जताई है. उसने बताया है कि चीन, रूस और वेनेजुएला के साथ गठजोड़ करके ईरान किस तरह से लेबनान, इराक़, यमन और सऊदी अरब के टारगेट पर ड्रोन हमलों को अंज़ाम देने के लिए काम कर रहा है.

    क्या कहा समूह ने?

    इस समूह के अहम सदस्य जोसेफ़ लिबरमैन ने कहा, "इस चलते उस इलाक़े के हमारे सहयोगियों की चिंता है कि वे केवल हम पर निर्भर नहीं रह सकते."

    उन्होंने आगे कहा, "परमाणु क़रार फिर से बहाल करने के लिए वियना में हम जो कोशिश कर रहे हैं, वो ग़लत दिशा में है. ये समझौते अच्छी नीयत से किए गए, लेकिन ईरान जो कर रहा है उससे ये मेल नहीं खाते. वे काफ़ी जोख़िम भरे हैं. अमेरिका को अपना रुख़ न केवल सख़्त करना चाहिए, बल्कि उसके ख़िलाफ़ और अधिक नियंत्रण और रुकावटें लगानी चाहिए.”

    लिबरमैन के अनुसार, "ईरान ने वियना में परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत शुरू कर दी है. लेकिन यूरेनियम संवर्द्धन को ख़तरनाक स्तर तक ले जाकर उसने इस समझौते की सबसे बाध्यकारी और अहम शर्त का ही उल्लंघन कर दिया है."

    मालूम हो कि ईरान और दुनिया के ताक़तवर देशों के बीच 2015 में उसके परमाणु कार्यक्रमों पर नियंत्रण के लिए एक समझौता हुआ था.

    हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के शासन काल में अमेरिका इस समझौते से पीछे हट गया था. लेकिन इस साल जनवरी में जो बाइडन का कार्यकाल शुरू होने के बाद अमेरिका फिर से उस समझौते को बहाल कराने में लगा है. इसके लिए वियना में सभी पक्षों की बातचीत भी हुई है.

  4. पाकिस्तानी फौज ने ढाका के जिस काली मंदिर को बर्बाद कर दिया था, राष्ट्रपति कोविंद करेंगे उसका उद्घाटन

    भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार को ऐतिहासिक श्री रमना काली मंदिर का उद्घाटन करेंगे. इस मंदिर को 1971 में लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी सेना ने तहस-नहस कर दिया था.

    इस मंदिर को अब जाकर फिर से बनाया गया है. भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस पल को दोनों देशों के लिए भावुक करने वाला क़रार दिया है.

    मुस्लिम बहुल बांग्लादेश की क़रीब 17 करोड़ आबादी में हिंदुओं की संख्या क़रीब 10 फ़ीसदी है.

    हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 दिसंबर को फिर से बनाए गए श्री रमना काली मंदिर का उद्घाटन करेंगे. इसे 1971 में पाकिस्तानी सेना के 'ऑपरेशन सर्चलाइट' के दौरान पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था.

    राष्ट्रपति कोविंद का तीन दिवसीय दौरा

    भारतीय राष्ट्रपति कोविंद वहां के राष्ट्रपति एम अब्दुल हामिद के निमंत्रण पर तीन दिवसीय यात्रा पर बांग्लादेश गए हुए हैं. वे इस दौरान बांग्लादेश की आज़ादी के स्वर्णजयंती के मौक़े पर आयोजित कई समारोहों में भाग ले रहे हैं.

    गुरुवार को उन्होंने ढाका में मुख्य अतिथि के रूप आयोजित विजय दिवस परेड में भाग लिया. इससे पहले बुधवार को उन्होंने बांग्लादेश के अपने समकक्ष अब्दुल हामिद के साथ काफ़ी विस्तार से बातचीत भी की.

    बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने भी राष्ट्रपति कोविंद से अलग-अलग मुलाक़ात करके द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत बनाने के लिए बातचीत की.

    ठीक 50 साल पहले पाकिस्तानी सेना ने भारत के सामने आत्समर्पण कर दिया था. उसके बाद बांग्लादेश पाकिस्तान से पूरी तरह आज़ाद हो गया था.

  5. शी-पुतिन मुलाक़ात: रूस-चीन नज़दीकियों के भारत और पश्चिम के लिए क्या हैं मायने?

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के नेता शी जिनपिंग के बीच वीडियो कॉल के ज़रिए बातचीत हुई है. ये बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का एक और उदाहरण है.

    बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने एक बयान में कहा है कि रूस-चीन संबंध अप्रत्याशित रूप से सकारात्मक हो गए हैं. बयान में कहा है कि दोनों नेता एशिया-पैसेफ़िक में यथास्थिति को बदलने की अमेरिकी कोशिशों पर चिंता व्यक्त करते हैं.

    हाल की दिनों में अमेरिका और पश्चिमी देश, चीन को ताइवान और रूस को यूक्रेन के मुद्दे पर घेरते रहे हैं. इस पृष्ठभूमि में रूस-चीन की बातचीत काफ़ी महत्व रखती है.

    बातचीत के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देंशों के बीजिंग विंटर ओलंपिक खेलों के राजनयिक बहिष्कार को ग़लत बताते हुए कहा कि वे ओलंपिक के दौरान स्वयं चीन जाएँगे.

  6. 'बिरसा मुंडा और फ़ादर हाफ़मैन दोनों साथ नहीं चल सकते', बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा ने क्यों कही ये बात

    "झारखंड के मुख्यमंत्री भले ही आदिवासी पहचान की राजनीति कर रहे हों, लेकिन उन्हें आदिवासियों की समस्या से कोई सरोकार नहीं है. उन्हें पहचान की राजनीति की सीमाओं से ऊपर उठना होगा. धरती आबा बिरसा मुंडा जी ने जिसको तीर के निशाने पर लिया, उसकी स्टैच्यु (प्रतिमा) बनाकर उन्होंने खूंटी में खड़ा कर दिया. हाफ़मैन की."

    "इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात और क्या होगी. या तो आप धरती आबा को स्वीकार कीजिए या फिर हाफ़मैन के साथ खड़े हो जाइए. बिरसा मुंडा ने उस हाफमैन को तीर मारा था. वो बच तो निकला, लेकिन बिरसा मुंडा जी ने घोषणा कर दी कि ये शत्रुओं का संकेत या प्रतीक है. उस प्रतीक को झारखंड मे स्थापित कर, स्टैच्यु बनाकर वो क्या संदेश देना चाहते हैं? आप दो नावों पर पैर नहीं रख सकते."

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े चिंतक और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद प्रोफ़ेसर राकेश सिन्हा ने यह बात बीते 11 दिसंबर को रांची में कही. वे तब यहां के एक निजी विश्वविद्यालय में बीजेपी द्वारा आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

    अब वे रांची से वापस जा चुके हैं लेकिन फादर हाफ़मैन और बिरसा मुंडा को लेकर उनके द्वारा कही गई बातों पर यहां विवाद खड़ा हो गया है.

  7. पाकिस्तान दिवालिया हो चुका है: FBR के पूर्व चेयरमैन शब्बर ज़ैदी

    पाकिस्तान फ़ेडरल बोर्ड रेवेन्यू यानी एफ़बीआर के पूर्व चेयरमैन शब्बर ज़ैदी ने कहा कि पाकिस्तान दिवालिया हो चुका है.

    उन्होंने कहा, ''सरकार का ये दावा कि सब कुछ ठीक है और चीज़ें अच्छी हो रही हैं; .ये सारी बातें झूठ हैं.'' शब्बर ज़ैदी ने ये बात हाल ही में हमदर्द यूनिवर्सिटी में एक भाषण के दौरान कही थी.

    हालांकि अब ज़ैदी ने ट्विटर पर इसे लेकर सफ़ाई दी है. उनका कहना है कि उनके भाषण के तीन मिनट के क्लिप पर ही बात हो रही है. ज़ैदी का कहना है कि उन्होंने समाधान की बात भी कही थी.

    ज़ैदी ने कहा, ''किसने क़र्ज़ लिया था, इस पर ताना देने से कुछ नहीं होगा. ये पाकिस्तान का क़र्ज़ है. ब्याज़ दरों पर फ़ैसला तार्किक तरीक़े से होना चाहिए. दुनिया के किसी भी मुल्क की तरक़्क़ी निर्यात के दम पर होती है. हमें निर्यात को दुरुस्त करना होगा.’’

    ‘’रेमिटेंस की धारणा से बाहर निकलना होगा. इससे देश नहीं चलेगा. हमें सर्विस निर्यात करनी है न कि काम करने वाले लोगों को एक्सपोर्ट करना है. अफ़ग़ानिस्तान में जब तक समावेशी सरकार नहीं आएगी तब तक पाकिस्तान फँसा रहेगा. पाकिस्तान का निर्यात 20 अरब डॉलर का है और हमारा कोई ख़रीदार है तो पश्चिम है. हमें निर्यात बढ़ाना है तो अमेरिका से दोस्ती करनी होगी.''

    ‘’मुझे तो आज तक सीपीईसी समझ में नहीं आया. इसमें पारदर्शिता लानी होगी. इससे हमारी अर्थव्यवस्था तबाह हो रही है. भारत से हम दवाई ले रहे हैं. ये जो ड्रामेबाज़ी है कि भारत से व्यापारिक संबंध नहीं रखेंगे, ये बंद होनी चाहिए. हर प्राथमिक स्कूल में अंग्रेज़ी होनी चाहिए. जो बच्चा अंग्रेज़ी नहीं पढ़ता है वो दोयम दर्जे का नागरिक बन जाता है. तमाम मज़हबी शिक्षा ग्रैजुएशन के बाद होनी चाहिए.''

    पाकिस्तान के दिवालिया होने वाली बात को तूल मिलने पर शब्बर ज़ैरी ने आज ट्वीट कर कहा, ''हमदर्द यूनिवर्सिटी में मेरे भाषण की ग़लत व्याख्या हो रही है. वहाँ आधे घंटे का प्रेजेंटेशन था. इसमें से केवल तीन मिनट के क्लिप पर बात हो रही है. हाँ, मैंने चालू खाता घाटा और राजस्व घाटे की बात उठाई थी और यह दिवालिए का मुद्दा है जो कि चिंताजनक है. हमें समाधान की ओर देखना है. मैंने अपनी बात कन्विक्शन के साथ कही है.''

    शब्बर ज़ैदी इमरान ख़ान की सरकार में ही 10 मई, 2019 से आठ अप्रैल, 2020 तक एफ़बीआर के चेयरमैन थे.

  8. अमेरिका क्या भारत के लिए अपने नियम को भी किनारे रख देगा?

    भारत ने 5.5 अरब डॉलर का रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सौदा किया है. अमेरिका ने नियम बनाकर रखा है कि जो भी रूस से एस-400 ख़रीदेगा, उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाया जाएगा.

    लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को अमेरिका अपने रणनीतिक हितों को देखते हुए छूट दे सकता है. भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने पिछले हफ़्ते कहा था कि इस महीने से एस-400 की आपूर्ति शुरू हो जाएगी.

    2018 में भारत ने रूस से पाँच S-400 मिसाइल सिस्टम ख़रीदने के सौदे पर हामी भरी थी. S-400 रूस का बेहद आधुनिक मिसाइल सिस्टम है. इसकी तुलना अमेरिका के बेहतरीन एयर डिफ़ेंस सिस्टम पैट्रिअट मिसाइल से होती है.

    यह वही मिसाइल सिस्टम है, जिसका सौदा करने पर ट्रंप प्रशासन ने दिसंबर, 2020 में तुर्की पर प्रतिबंध लगा दिया था. कहा जा रहा है कि अब बारी भारत की है.

    अगर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है तो दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते बुरी तरह से प्रभावित होंगे. अमेरिका के उस अभियान को भी धक्का लगने की बात कही जा रही है, जिसमें भारत को चीन की चुनौती से लड़ने के लिए सहयोगी के तौर पर देखा जा रहा है.

    ज़ाहिर है प्रतिबंध भारत के कारण नहीं है बल्कि रूस की वजह से है. 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप करने के मामले में उसे सज़ा देने के लिए 2017 में काउंटरिंग अमेरिकाज़ एडवर्सरिज़ थ्रू सैंक्शन ऐक्ट (CAATSA) पास किया गया था.

    अमेरिका ने भारत को इस मामले में आगाह भी किया था लेकिन भारत ने अपनी संप्रभुता का हवाला देकर इसे अनसुना कर दिया. भारत के जाने-माने डिप्लोमैट विजय नांबियार ने टर्किश न्यूज़ एजेंसी एनादोलु से कहा है कि रूस से भारत का रक्षा संबंध कोई नया नहीं है.

    उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता है कि भारत किसी बाहरी देश की शर्तों को इस मामले में स्वीकार करेगा. यह सौदा भारत के हित में है. भारत ने अमेरिका से कह दिया है कि अगर कार्रवाई होगी तो झेलने के लिए तैयार है. भारत को उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा. लेकिन ऐसा होता है तो भारत इसका सामना करने के लिए तैयार है.''

    सोमवार को स्पूतनिक न्यूज़ ने रूस उप-प्रधानमंत्री युरी बोरिसोव का एक बयान छापा था, जिसमें उन्होंने कहा था, ''भारत अगर अपनी इच्छा ज़ाहिर करता है तो वो रूसी एयर डिफेंस सिस्टम एस-500 ख़रीदने वाला पहला देश बन सकता है.’’

    वहीं भारत में अमेरिका के नए राजदूत के लिए नामित किए गए एरिक गैर्सेटी ने मंगलवार को कहा था कि वो भारत से रिश्ते मज़बूत करने की कोशिश करेंगे. एस-400 को लेकर अमेरिकी प्रतिबंध पर उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा. एरिक ने कहा, ''मैं इस मामले में कुछ भी अटकलें नहीं लगा सकता कि प्रतिबंध लगेगा या छूट मिलेगी.''

  9. प्रधानमंत्री लखीमपुर के अपराधियों की रक्षा कर रहे हैं- प्रियंका गांधी

    उत्तर प्रदेश में चुनाव के विभिन्न मुद्दों के बीच लखीमपुर खीरी मामले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफ़े की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.

    गुरुवार को प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला. प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया है, "धर्मपरायण होने का चश्मा पहन लेने से और धार्मिक वेशभूषा रख लेने से सच्चाई नहीं बदल सकती है. यह सच्चाई है कि आप अपराधी को सुरक्षा दे रहे हैं."

  10. श्री रामायण यात्रा ट्रेन को मिला शाकाहारी सर्टिफ़िकेट

    आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज़्म कॉर्पोरेशन) की श्री रामायण यात्रा ट्रेन को सात्विक काउंसिल ऑफ़ इंडिया की ओर से शाकाहारी प्रमाण पत्र दिया गया है.

    रविवार को यह ट्रेन दिल्ली के सफ़दरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना हुई.

    हिंदुओं के भगवान राम के जीवनकाल से जुड़े प्रमुख स्थानों के दर्शन करवाने के लिए भारतीय रेलवे ने रामायण सर्किट ट्रेन चलाई है.

    इस क्रम में शाकाहारी भोजन को बढ़ावा देने के लिए सात्विक काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने ग्लोबल ऑडिट पार्टनर ब्यूरो वेरितास के साथ मिलकर इसे वेजिटेरियन सर्टिफ़िकेट दिया है.

    इसके साथ ही यह अपने तरह की पहली ऐसी ट्रेन हो गई है, जिसे इस तरह का कोई सर्टिफ़िकेट मिला है.

    एक अधिकारिक बयान में कहा गया है कि सात्विक काउंसिल ऑफ इंडिया ने शाकाहारियों के अनुकूल रेलवे सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए, वेरितास के साथ मिलकर श्री रामायण यात्रा ट्रेन को वेजिटेरियन सर्टिफ़िकेट दिया है.

    आईआरसीटीसी पर्यवेक्षकों की एक टीम 'श्री रामायण यात्रा' ट्रेन की शाकाहारी-अनुकूल रेलवे सेवाओं की लगातार देखरेख और जांच करती रहेगी.

  11. भारत में थोक महंगाई सारे रिकॉर्ड क्यों तोड़ रही है?

    भारत में थोक महंगाई यानी थोक मूल्य सूचकांक नवंबर में 14.23 फ़ीसदी हो गया. अक्टूबर में यह दर 12.54 फ़ीसदी थी. कहा जा रहा है कि सब्ज़ियों और पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों में बढ़ोतरी के कारण ऐसा हुआ है.

    भारत में पिछले लगातार आठ महीने से थोक महंगाई दर दोहरे अंकों में है. महंगाई में यह बढ़ोतरी तेल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के बावजूद है. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है, ''एक और साल का अंत मोदी सरकार के उपहार के साथ हो रहा है. थोक महंगाई दर 14 फ़ीसदी पार हो गई है.''

    सबसे दिलचस्प है कि थोक महंगाई और खुदरा महंगाई में बहुत फ़र्क है. नंवबर में खुदरा महंगाई दर 4.91 प्रतिशत है. खुदरा महंगाई तीन महीने की सबसे ऊंचाई पर है. थोक महंगाई 2011-12 के बाद से सबसे ऊंचाई पर है. थोक महंगाई की बढ़ने की रफ़्तार पिछले 30 सालों में सबसे तेज़ है. थोक महंगाई और खुदरा महंगाई में इतना फ़र्क़ क्यों है?

    कहा जा रहा है कि महंगाई का गणित जटिल होता जा रहा है. सरकारी आँकड़ों की महंगाई और ग्राहकों के सामने की महंगाई में फ़र्क़ होता है. खुदरा महंगाई में खाद्य उत्पादों का योगदान ज़्यादा है और इनकी क़ीमतें कम होती हैं तो खुदरा महंगाई कम दिखती है. खुदरा महंगाई में सब्ज़ियों और अन्य खाद्य सामग्रियों की क़ीमतें कम हैं, इसलिए यह अंतर दिखता है.

    थोक महंगाई मैन्युफैक्चरिंग की चीज़ें ज़्यादा होती हैं. स्वास्थ्य और ईंधन की महंगाई का असर सीधा थोक महंगाई दर पर पड़ता है. ओमिक्रॉन के कारण आपूर्ति की दिक़्क़तें आ सकती हैं. थोक महंगाई के भीतर प्राइमरी आर्टिकल यानी वो सारे सामान, जिनके उत्पाद बनते हैं. इन प्राइमरी आर्टिकल की महंगाई दोगुनी बढ़ी है. अब सर्विस सेक्टर में भी महंगाई बढ़ी है. इंटरनेट डेटा और फ़ोन पर बात करना भी महंगा हुआ है.

  12. राहुल बोले- जिस मंत्री ने किसानों को मारा है, उसे सज़ा मिलनी चाहिए

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को मंत्री पद से हटाने की मांग की.

    राहुल ने यह मांग तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा से अजय मिश्रा के कथित संबंध के मामले में उनके इस्तीफ़े की मांग की है.

    राहुल ने लोकसभा में अपनी मांग रखते हुए कहा, ''लखीमपुर खीरी में जो हत्या हुई थी, उसे लेकर हमें बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए. इस हिंसा में मंत्री भी शामिल थे और जाँच रिपोर्ट में इसे साज़िश का हिस्सा बताया गया है. जिस मंत्री ने किसानों को मारा है, उसे इस्तीफ़ा देना चाहिए और सज़ा होनी चाहिए.''

    लोकसभा में इस मामले को लेकर काफ़ी हंगामा शुरू हो गया और सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा की कार्यवाही नौ मिनट के भीतर ही स्थगित करनी पड़ी. कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है और इसे लेकर विप भी जारी किया है.

  13. गांगुली-कोहली विवाद पर बोले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट

    भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वनडे क्रिकेट टीम की कप्तानी से हटाने को लेकर जो बात कही है, उसकी चर्चा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी हो रही है.

    बुधवार को विराट कोहली ने कहा था कि उन्हें 90 मिनट पहले बताया गया था कि वो अब वनडे टीम के कप्तान नहीं है और यह ज़िम्मेदारी रोहित शर्मा को दे दी गई है.

    इसके अलावा विराट ने ये भी कहा था कि अक्टूबर में जब उन्होंने टी-20 की कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला किया तो किसी ने नहीं रोका. दूसरी तरफ़ बीसीसीआई के प्रमुख और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा था कि उन्होंने विराट कोहली से कप्तानी नहीं छोड़ने का अनुरोध किया था.

    पूरे विवाद पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सलमान बट ने कहा है, ''इस मामले में गांगुली को स्पष्टीकरण देना चाहिए. कोहली ने बिल्कुल हक़ीक़त बताई है. उसने तो यहाँ तक कह दिया कि बीसीसीआई की पसंद पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. पिछले कुछ सालों में भारतीय क्रिकेट को जो ऊंचाई मिली है, उनमें कुछ ख़ास क्रिकेटरों की अहम भूमिका रही है. उनमें विराट कोहली का योगदान बहुत अहम है. भारतीय क्रिकेट टीम को ऊंचाई पर पहुँचाने में विराट कोहली की बड़ी भूमिका है. विराट कोहली किसी भी खिलाड़ी की तरह नहीं है. कोहली इंडिया ही नहीं बल्कि दुनिया का नंबर वन है. हालाँकि दो साल से चीज़ें बेहतर नहीं है लेकिन अब भी उसके सामने कोई नहीं है.''

    सलमान बट ने कहा, ''गांगुली सीनियर हैं. उनकी कप्तानी में मैं आईपीएल में खेला हूँ. उन्होंने जो कहा था उसके उलट कोहली कह रहे हैं. कोहली तो कह रहे हैं कि उनसे किसी ने कप्तानी नहीं छोड़ने के लिए कहा ही नहीं है. गांगुली को जवाब देना चाहिए. यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा होगा. कोहली ने कहा कि उन्होंने वनडे में नहीं खेलने के लिए कुछ कहा ही नहीं है. ये इतना भ्रम कैसे पैदा हो रहा है? कुछ तो गड़बड़ है. बोर्ड का चेयरमैन कुछ और कह रहा है और खिलाड़ी कुछ कह रहा है.''

    सलमान बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि पहले गांगुली ने बोला था और कोहली ने उसका जवाब दिया है. इसलिए इसमें कोहली की कोई ग़लती नहीं है.

  14. LIVE:, बैंक हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की क्या हैं मांगें और शिकायतें? ताज़ा जानकारी के साथ अहमदाबाद से बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागड़ेकर छारा (कैमरा: जय ब्रह्मभट्ट)

  15. विराट कोहली और गांगुली के बयानों में फ़र्क़ पर गावसकर ने पूछे सवाल

    टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके जो कुछ कहा, उससे एक नया विवाद का जन्म हुआ है. रोहित के साथ अपने संबंधों पर भले सफ़ाई दी लेकिन वनडे से अपनी कप्तानी वापस लिए जाने को लेकर जो कुछ कहा, उससे कई सवाल खड़े होते हैं.

    ऐसा लग रहा है कि बीसीसीआई और उनके बीच सीधा संपर्क नहीं है और दोनों के बयानों में काफ़ी फ़र्क़ है.

    पिछले हफ़्ते 33 साल के विराट कोहली को वनडे टीम के कप्तान से हटा दिया गया था और यह ज़िम्मेदारी रोहित शर्मा को दे दी गई थी. कोहली ने बुधवार को बताया कि उन्हें डेढ़ घंटे पहले बताया गया था कि उनके पास अब वनडे की कप्तानी नहीं है.

    इसके अलावा विराट कोहली ने ये भी कहा कि उन्होंने अक्टूबर महीने में जब टी-20 की कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला किया तो बीसीसीआई की तरफ़ कभी नहीं कहा गया कि मैं अपने निर्णय पर फिर से विचार करूं.

    कोहली ने कहा कि उन्हें रोका नहीं गया. बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली ने दावा किया था कि उन्होंने विराट कोहली से अनुरोध किया था कि वे कप्तानी ना छोड़ें.

    अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावसकर ने पूरे विवाद को लेकर इंडिया टुडे से कहा है कि गांगुली से पूछा जाना चाहिए कि दोनों के बयानों में असंगति क्यों है?

    गावसकर ने इंडिया टुडे से कहा, ''मुझे लगता है कि कोहली ने वास्तव में बीसीसीआई को पूरे विवाद में नहीं लाया है. मुझे लगता है कि यह व्यक्तिगत मामला है और उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे लगा कि कोहली को संदेश मिल गया है. हाँ वो बीसीसीआई प्रमुख हैं और उनसे पूछा जाना चाहिए कि दोनों के बयानों में फ़र्क़ क्यों है?''

    गावसकर ने कहा, ''शायद बीसीसीआई प्रमुख ही सबसे माकूल व्यक्ति हैं, जिनसे इस बारे में पूछा जाना चाहिए. मुझे लगता है कि बोर्ड खिलाड़ी और प्रशंसकों के बीच सीधा संपर्क होना चाहिए. सीधा संपर्क से अटकलों पर विराम लगता है. चयन समिति और बीसीसीआई को सीधा बताना चाहिए कि क्यों किसी को लाया गया और किसी को नहीं लाया गया. कई बार ऐसे मामलों में प्रेस रिलीज़ भी एक अच्छा विकल्प होता है.''

  16. COVER STORY: फिर बढ़ने लगी है टूरिज़्म इंडस्ट्री की फ़िक़्र

  17. पाकिस्तान पहुंची वेस्ट इंडीज़ टीम के पांच और सदस्य कोरोना पॉज़ीटिव

    पाकिस्तान पहुंची वेस्ट इंडीज़ की टीम के लिए बुरी ख़बर है. टीम के पांच और सदस्य कोरोना पॉज़ीटिव पाए गए हैं जिनमें से तीन खिलाड़ी हैं.

    बुधवार को पाकिस्तान में टीम के सदस्यों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया जिसमें पांच लोग संक्रमित पाए गए.

    क्रिकेट वेस्ट इंडीज़ ने इसकी पुष्टि भी कर दी है. एक आधिकारिक बयान जारी करके बताया गया है पाकिस्तान खेलने पहुंची वेस्ट इंडीज़ टीम के पांच अन्य सदस्य कोरोना पॉज़ीटिव पाए गए है और फ़िलहाल वे सभी आसोलेशन में हैं.

    इन पांच सदस्यों में से तीन खिलाड़ी हैं जिनमें से एक विकेटकीपर और बल्लेबाज़ शाई होप हैं, दूसरे खिलाड़ी लेफ़्ट आर्म स्पिनर अकील होसैन हैं और ऑलराउंडर खिलाड़ी जस्टिन ग्रीव्स भी कोरोना पॉज़ीटिव पाए गए हैं.

    इसके अलावा असिस्टेंट कोच रोडी ईस्टविक और टीम के फ़ीज़िशियन डॉक्टर अक्शाई मानसिंह भी पॉज़ीटिव पाए गए हैं.

    कोरोना रिज़ल्ट पॉज़ीटिव आने के कारण ये तीनों खिलाड़ी आगामी मैचों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. ये खिलाड़ी और टीम के अन्य सदस्य आने वाले दस दिनों तक आइसोलेशन में रहेंगे और उसके बाद उनका टेस्ट किया जाएगा.

    इन तीन खिलाड़ियों को जोड़कर अभी तक कुल छह खिलाड़ी कोरोना के कारण पाकिस्तान के साथ होने वाले मैच का हिस्सा नहीं बन पाएंगे.

    पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज़ के बीच आज तीसरा टी-20 मैच खेला जाना है. इससे पहले हुए दो मैचों में मेज़बान टीम ही विजयी रही है.

  18. विजय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया जवानों को याद

    16 दिसंबर- भारत में ये दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है. 1971 में इसी दिन पाकिस्तानी सेना ने भारत के सामने समर्पण किया था जिसके बाद 13 दिन तक चला युद्ध समाप्त हुआ. साथ ही जन्म हुआ - बांग्लादेश का.

    विजय दिवस के मौक़े पर देश के तमाम नेताओं ने वीर जवानों को याद करते हुए उन्हें प्रणाम किया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौक़े पर ट्वीट किया है और वीर जवानों को याद किया है.

    उन्होंने ट्वीट किया है-

    "विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ के मौक़े पर मैं मुक्तियोद्धाओं को, वीरांगनाओं और भारतीय सशस्त्र सेना के वीरों की वीरता और बलिदान को याद करता हूं. हमने साथ मिलकर दमनकारी ताकतों से युद्ध किया और उन्हें पराजित किया. बांग्लादेश में राष्ट्रपति कोविंद की मौजूदगी हर भारतीय के लिए ख़ास महत्व रखती है."

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मौक़े पर ट्वीट किया है.

    उन्होंने लिखा है- "भारतीय सैनिकों के अद्भुत साहस व पराक्रम के प्रतीक ‘विजय दिवस’ की स्वर्ण जयंती पर वीर सैनिकों को नमन करता हूँ. 1971 में आज ही के दिन भारतीय सेना ने दुश्मनों पर विजय कर मानवीय मूल्यों के संरक्षण की परंपरा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ा था. सभी को विजय दिवस की शुभकामनाएं."

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौक़े पर कुछ ऐतिहासिक तस्वीरें शेयर की हैं.

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मौक़े पर ट्वीट करके जवानों को याद किया है.

  19. कोरोना अपडेट: बीते 24 घंटे में देश में संक्रमण की स्थिति

    करीब 8000 लोगों ने बीते 24 घंटों में कोरोना को हराया है.

  20. चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने की वर्चुअल भेंट, किन मुद्दों पर हुई चर्चा

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बुधवार को वर्चुअल मुलाकात हुई. दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने बढ़ते अमेरिकी गतिरोध के बीच एक-दूसरे का समर्थन करने की बात दोहराई है.

    इसके साथ ही उम्मीद है कि पुतिन साल 2022 में बीजिंग में आयोजित होने जा रहे विंटर ओलंपिक्स के उद्घाटन समारोह में शिरकत भी करें.

    बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में पुतिन ने अपने शामिल होने की बात कही.

    चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के अनुसार, इस मुलाक़ात के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूसी राष्ट्रपति से कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के रिश्ते और गहरे होंगे. उन्होंने अपने संबोधन में खेल का ज़िक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने की दिशा में खेल एक सेतु की तरह हैं.

    इस बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने शी जिनपिंग को विंटर ओलंपिक्स के निमंत्रण के लिए धन्यवाद कहा. पुतिन ने उम्मीद जताई कि इन खेलों के उद्धाटन के दौरान दोनों नेता व्यक्तिगत रूप से मिल पाएंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विंटर ओलंपिक की शुरुआत के पहले भी वे आपस में बात करेंगे.

    टीएएसएस ने पुतिन के हवाले से कहा है कि, पुतिन ने अपनी इस मुलाक़ात के दौरान कहा, “जब बात अंतरराष्ट्रीय खेल सहयोग की होती है तो हम हमेशा एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं और समर्थन देते हैं. जिसमें खेल और ओलंपिक को लेकर होने वाले राजनीतिकरण के संदर्भ में हमारी स्थिति भी शामिल है.”

    उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बीजिंग 2022 विंटर ओलंपिक्स का आयोजन बेहतरीन होगा.

    वही शी जिनपिंग ने कहा कि वह इस मुलाक़ात के लिए बहुत उत्सुक हैं और आने वाले समय में राष्ट्रपति पुतिन के साथ साझा भविष्य के लिए काम करने के लिए तैयार हैं.

    एक ओर जहां रूस स्पष्ट तौर पर बीजिंग ओलंपिक्स को समर्थन दे रहा है वहीं अमेरिका ने इसका विरोध किया है.

    बीजिंग विंटर ओलंपिक्स का अमेरिका ने राजनयिक तौर पर बहिष्कार करने का फ़ैसला किया. अमेरिका के साथ ऑस्ट्रेलिया ने भी कहा है कि वो भी बीजिंग विंटर ओलंपिक्स का राजनयिक बहिष्कार करेगा. अमेरिका के इस फ़ैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    चीन ने कहा है कि अमेरिका को इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.