नवंबर में पहली बार सामने आए कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट ने कुछ ही सप्ताह में दुनिया के 70 से अधिक देशों में अपने पैर फैला लिए हैं.
जानकारों का कहना है कि ये वैरिएंट पहले के डेल्टा वर्जन के मुक़ाबले कहीं अधिक संक्रामक है.
बुधवार को ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 78,610 नए मामले दर्ज किए गए हैं. देश में महामारी की शुरुआत से अब तक एक दिन में इतने अधिक मामले दर्ज नहीं किए गए थे.
इससे पहले इसी साल 8 जनवरी को एक दिन में अधिकतम 68,053 मामले दर्ज किए गए थे. उस वक्त ब्रिटेन में लॉकडाउन लागू था.
यूनिवर्सिटी कॉ़लेज लंदन में संक्रामक रोग विशेषज्ञ और सरकार की सलाहकार समिति के सदस्य प्रोफ़ेसर एन्ड्र्यू हेवर्ड ने बीबीसी का कहा कि इस बार महामारी की स्थिति अभूतवपूर्व है.
उन्होंने कहा, "संक्रमण की दर में बढ़ोतरी अभूतपूर्व है. मुझे लगता है ये कुछ ऐसा है जैसे साल भर होने वाली बारिश एक ही महीने में हो जाए, ऐसे में चाहे आप जितनी तैयारी क्यों न कर के रखें, बाढ़ आना लगभग तय है. एक समस्या ये भी है कि जब तक हमें ये पता चलेगा कि ये कितनी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है तब तक कहीं ऐसा न हो कि कुछ करने के लिए हमारे हाथ से वक्त निकल जाए. इसलिए मुझे लगता है कि हमें जितना हो सके, सतर्क रहना चाहिए और लोगों से कहना चाहिए कि सोशल डिस्टेन्सिंग का पूरी तरह पालन करें."
वहीं, यूरोपीय संघ की स्वास्थ्य एजेंसी यूरोपीयन सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ प्रीवेन्शन एंड कंट्रोल ने चेतावनी दी है कि अगले साल के पहले महीने में ओमिक्रॉन यूरोप में डोमिनेन्ट वैरिएंट बन सकता है.
एजेंसी ने कहा है कि ओमिक्रॉन बेहद संक्रामक वैरिएंट है और अगर इसे फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेन्सिंग, मास्क और वैक्सीन की बूस्टर डोज़ जैसे कदम न उठाए गए तो इसकी वजह से अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी होगी और साथ ही मौतों का आंकड़ा भी बढ़ सकता है.
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयन ने यूरोपीय संसद में कहा, "हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि संक्रमण के मामलों में ये जो बढ़ोतरी अभी आई है वो अधिकतर डेल्टा वैरिएंट के कारण है. लेकिन मुझे जिस बात की चिंता है वो ये है कि अब कोरोना वायरस का एक और वैरिएंट ओमिक्रॉन आ गया है जो डेल्टा से ज़्यादा संक्रामक है. अभी देखा जाए तो संक्रमण के बढ़कर दोगुना होने की दर दो से तीन दिन की है. और विज्ञान की मानें तो आशंका ये है कि जनवरी के मध्य में तक यूरोप में ओमिक्रॉन डॉमिनेन्ट वैरिएंट होगा."
यूरोपीय संघ के स्वास्थ्य कमिश्नर किरिया काइड्स ने कहा है यूरोपीय देशों से अपील की है कि वो अपनी स्वास्थ्य क्षमता बढ़ाने के लिए तैयारी शुरू करें.
लंदन में ओमिक्रॉन पहले ही डोमिनेन्ट वेरिएंट बन चुका है और ब्रितानी सरकार का कहना है कि कुछ दिनों में ये वैरिएंट पूरे देश में फैल सकता है. ब्रिटेन में संक्रमण के बढ़ते मामलों के देखते हुए फ्रांस ने ब्रिटेन ने आने वाले यात्रियों को लेकर प्रतिबंध लगा दिए हैं.
शनिवार से लागू होने वाले इन प्रतिबंधों के अनुसार ब्रिटेन से फ्रांस आने वालों को 24 घंटों पहले किया गया कोविड टेस्ट का नेगेटिव सर्टिफिकेट दिखाना होगा. और फिर फ्रांस में आकर भी उन्हें सप्ताह भर क्वारंटीन में रहना होगा.
हालांकि फ्रांस में आकर अगर वो अपना कोविड टेस्ट करवाते हैं और रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो दो दिन के बाद उन्हें क्वारंटीन में नहीं रहना पड़ेगा. यूरोप से दूर एशियाई देशों में भी ओमिक्रॉन की आहट सुनाई देने लगी है.
वहीं, देश में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जाने के बाद दक्षिण कोरिया में के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार से एक बार फिर कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं. साथ ही देश में रात की कर्फ्यू भी फिर से लगा दिया गया है. ये पाबंदियां दो सप्ताह तक लागू रहेंगी.
कोरिया डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेन्शन एजेंसी की निदेशक ज्यून यून कियोंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "हम बड़ी मुश्किल से आम जीवन में लौट रहे थे, लेकिन ऐसा करने की प्रक्रिया के दौरान हम एक नाज़ुक स्थिति से गुज़र रहे हैं. इस संकट से उबरने के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि हम दो सप्ताह के लिए और थम जाएं और समुदाय में संक्रमण फैलने से रोकने और लोगों के लिए संक्रमित होने के ख़तरे को कम करने की कोशिश करें. इसलिए हमें पाबंदियों की ज़रूरत है. इस वक्त के दौरान सरकार उनको कोविड टीका देने की कोशिश करेगी जिनका पूरा टीकाकरण नहीं हुआ है, और जो टीका ले चुके हैं, उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें वैक्सीन का बूस्टर डोज़ देगी. साथ ही हम स्वास्थ्य सेवाओं को भी तैयार करेंगे ताकि आम जीवन में लौटने में हमें दिक्कत न हो."
दक्षिण कोरिया में रोज़ाना संक्रमण के क़रीब सात हज़ार मामले सामने आ रहे हैं.
वहीं, भारत में अब तक 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रॉन के 78 मामले दर्ज किए गए हैं.
महाराष्ट्र में ओमिक्रोन के सबसे अधिक 32 मामले दर्ज किए गए हैं जिसके बाद मुंबई में 31 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है.