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आरक्षण को लेकर अहेरिया समाज का रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन, कई घंटे ठप रही रेल सेवा

उत्तर प्रदेश के हाथरस में ट्रेनों का परिचालन गुरुवार को कई घंटे बाधित रहा. इसकी वजह से विभिन्न स्टेशनों पर कई घंटे ट्रेनें खड़ी रहीं और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

लाइव कवरेज

  1. आरक्षण को लेकर अहेरिया समाज का रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन, कई घंटे ठप रही रेल सेवा, अनंत झणाणे, बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में ट्रेनों का परिचालन गुरुवार को कई घंटे बाधित रहा. इसकी वजह से विभिन्न स्टेशनों पर कई घंटे ट्रेनें खड़ी रहीं और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

    हाथरस जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक जनक सिंह मीना ने बताया, "उत्तर मध्य रेलवे के दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर हाथरस में न्यू हाथरस स्टेशन के निकट आंदोलन कर रहे अहेरिया समाज के आंदोलनकारी ट्रैक से हट गए हैं. रेलवे की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हो गई है."

    दरअसल, हाथरस में अहेरिया समाज के लोग आरक्षण की मांग को लेकर दोपहर 12:30 बजे रेलवे ट्रैक पर बैठ गए. इससे न केवल दिल्ली-कानपुर बल्कि दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का आवागमन भी बाधित हुआ.

    जो ट्रेनें बाधित हुई उनमें 12398 महाबोधि एक्सप्रेस, 12282 दूरंतो एक्सप्रेस, 12566 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, 12420 गोमती एक्सप्रेस, 12570 ग़रीब रथ, 12819 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, 5483 महानंदा एक्सप्रेस, 2311 कालका मेल, 2487 सीमांचल एक्सप्रेस शामिल रहीं.

    नॉर्थ सेंट्रल रेलवे ने एक ट्वीट के ज़रिए इसकी जानकारी शाम 6.24 बजे दी. जिसमें लिखा गया, "सूचित किया जाता है कि हाथरस और पोरा स्टेशनों के बीच प्रदर्शन के चलते दिल्ली-हावड़ा ट्रैक बाधित है. ज़िला प्रशासन प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर परिचालन को सामान्य करने का प्रयास कर रहा है. इस दौरान ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर व्यवस्थित किया गया है."

    हालांकि क़रीब दो घंटे बाद देर शाम 8.33 बजे यह सूचना दी गई कि अब ट्रैक खाली करा लिए गए हैं और ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया है.

  2. यूक्रेन पर हमले की आशंका पर रूस को चेतावनी देगा यूरोपीय संघ

    यूरोपीय संघ यूक्रेन पर हमला करने की रूस की मंशा पर उसके राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी देने वाला है.

    यूरोप के 27 देशों के इस संगठन का एकजुट होकर मानना है कि यूक्रेन पर रूस के हमले करने के "बड़े नतीज़े होंगे और उसे गंभीर क़ीमत" चुकानी होगी.

    ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के चल रहे शिखर सम्मेलन के बाद गुरुवार को यह चेतावनी क्रेमलिन (रूस की सरकार) को भेजी जाएगी. इस बाबत तैयार किए गए दस्तावेज़ के मसौदे के लीक होने से ये जानकारी सामने आई है.

    इस मसौदे के अनुसार, यूरोपीय संघ रूस से "यूक्रेन के साथ लगती रूसी सीमा पर सैन्य ढांचे के निर्माण और आक्रामक बयानबाज़ी से पैदा हुए तनाव को कम करने" का अनुरोध करने वाले हैं.

    इसके मुताबिक़, यूरोपीय संघ के नेता कहने वाले हैं: "यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति यूरोपीय काउंसिल समर्थन दोहराती है. यूक्रेन के खिलाफ़ हो सकने वाले किसी भी सैनिक हमले के बड़े नतीज़े होंगे और उसके जवाब में उसे गंभीर क़ीमत चुकानी होगी."

    मालूम हो कि रूस ने यूक्रेन की उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी सीमा पर क़रीब 1.75 लाख से अधिक सैनिक इकट्ठा कर रहा है. साथ ही युद्ध और सैनिकों के लिए ज़रूरी कई आधारभूत ढांचे भी तैयार कर रहा है. रूस ने अपने इन फ़ैसलों के लिए यूक्रेन को ही जिम्मेदार ठहराया है. उसने कहा कि उसकी सीमा पर नेटो का सैनिक अभ्यास इसके लिए दोषी है.

  3. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर राजद को मिला जेडीयू का साथ

    नीति आयोग की ताज़ा रैंकिंग में एक बार फिर पिछड़ने के बाद बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग राज्यसभा पहुंच गया है. गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया.

    इसके साथ ही बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) को इस मांग को लेकर विपक्षी आरजेडी का साथ भी मिल गया लेकिन उसकी सहयोगी बीजेपी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

    आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस लाए लेकिन जैसा कि अमूमन सभी स्थगन प्रस्ताव में देखने को मिलता है.

    साथ ही यह लगातार दूसरा ऐसा मुद्दा है जिस पर बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी और सत्ताधारी जेडीयू एक साथ खड़े दिख रहे हैं. दोनों जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी एकमत हैं.

    नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक के तहत सबसे तेज़ तरक्की करने वाले राज्यों में बिहार सबसे निचले पायदान पर रहा. इसके ज़्यादातर मानकों में बिहार पिछड़ा हुआ है.

    आरजेडी सांसद ने उस ओर इशारा करते हुए स्थगन प्रस्ताव के लिए दिए गए अपने नोटिस में लिखा, "आप जानते हैं कि नीति आयोग की ओर से जारी की गई रैंकिंग में बिहार हर मानक पर सबसे पीछे रहा है. यह पूरे देश के लिए चिंता की वजह होना चाहिए."

    उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि राज्य में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने उन्हें बिहार की आवश्यकताओं को चिह्नित करते हुए सदन में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के मुद्दे को उठाने को कहा है.

    उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि साल 2000 में जब राज्य का विभाजन हुआ तब बिहार की तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सामने इस मुद्दे को उठाया, जो इस मांग को लेकर सहानुभूति रखते थे.

    झा ने कहा कि जेडीयू ने आरजेडी की मांग को साझा किया है न कि यह इसके उलट है कि जेडीयू ने पहले यह मांग उठाई थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने इस मुद्दे को "राजनीतिक फ़ुटबॉल" बना दिया है.

    वे बोले कि बिहारी चाहे किसी पार्टी का हो वो इस मांग का समर्थन करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो कोई भी देश के विकास को लेकर चिंतित है उसे यह समझना होगा कि ऐसा इस राज्य की प्रगति के बग़ैर नहीं हो सकता.

    झा ने कहा, "आपको बिहार के पुनरुर्थान पर अपना पूरा ध्यान लगाना ही होगा. और ऐसा इसे बग़ैर विशेष राज्य का दर्जा दिए नहीं हो सकता."

    हाल ही में बीजेपी नेता और बिहार में उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने इस मांग को निरर्थक बताया था. उनका कहना था कि केंद्र राज्य के विकास का हर तरह से समर्थन कर रहा है.

    उनकी बातों से ख़फ़ा नीतीश कुमार ने कहा था कि उनके (रेणु देवी के) पास विस्तृत जानकारी का अभाव है और विशेष राज्य का दर्जा पूरी तरह से जायज है.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार अगर पीछे है तो इसका विकास करना है, इसलिए हमने विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की है. ये मांग हम बहुत पहले से करते रहे हैं.

    इसके बाद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद ललन सिंह ने भी बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल से नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की.

  4. विश्व हिंदू परिषद की मांग, तब्लीग़ी जमात पर भारत में भी लगे पूर्ण प्रतिबंध

    इस्लामी समूह तब्लीग़ी जमात पर हाल में सऊदी अरब में लगे प्रतिबंध के बाद भारत में भी इस समूह पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगी है. देश की हिंदूवादी संस्था विश्व हिंदू परिषद ने भारत में इस समूह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

    इस बारे में विश्व हिंदू परिषद ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के हवाले से ​संस्था के ट्विटर हैंडल पर एक प्रेस रिलीज़ जारी की.

    इस रिलीज़ में आलोक कुमार ने सऊदी अरब सरकार के फ़ैसले का स्वागत करते हुए तब्लीग़ी जमात को 'इस्लामी कट्टरपंथ की फ़ैक्ट्री' और 'वैश्विक आतंकवाद का पोषक' क़रार दिया है. इसलिए यह संस्था न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर संकट बन गया है.

    वीएचपी का आरोप है कि अमेरिकी ट्रेड सेंटर पर हुए हमले, गोधरा में 59 हिंदुओं को ज़िंदा जलाने और स्वामी श्रद्धानंद की नृशंस हत्या, ये सब मरकज़ की विचारधारा से जुड़ी रही है.

    वीएचपी की चार मांगें

    वीएचपी ने सरकार से तब़्लीग़ी जमात को लेकर चार मांगें सामने रखी हैं.

    पहला ये कि भारत में तबलीग़ी जमात और उसके अनुयायियों के साथ इज़्तिमा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए. उसकी दूसरी मांग ये रखी कि निज़ामुद्दीन मरकज़ के भवनों और उसके बैंक खातों को तुरंत सील कर दिया जाए.

    तीसरी मांग, इनके आर्थिक स्रोतों का पता लगाकर उसे बंद करने की है. आख़िरी और चौथी मांग है कि इन्हें समर्थन देने वाली दारुल उलूम देवबंद और पीएफ़आई जैसी संस्थाओं पर भी नकेल कसी जाए.

    और क्या कहा वीएचपी ने?

    आलोक कुमार ने कहा, “लोगों का जीवन संकट में डालने वाले तब्लीग़ी जमात के आर्थिक स्रोतों का पता लगाकर इनके बैंक खातों, कार्यालयों और क्रियाकलापों पर भारत समेत संपूर्ण विश्व समुदाय द्वारा प्रतिबंध लगाया जाए. यह इस्लामी कट्टरवादी संगठन रूस समेत विश्व के अनेक देशों में पहले से ही प्रतिबंधित है.''

    उन्होंने आगे कहा, ''इसके बावजूद, सऊदी अरब सरकार के इस निर्णय का स्वागत करने के बजाय भारत की कुछ मुस्लिम संस्थाओं के विरोध से आतंक-पोषण में उनकी भूमिका स्वयं स्पष्ट कर दी है. वास्तव में इस संस्था का असली जन्मदाता दारुल उलूम देवबंद (उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित) ही तो है.''

    रिलीज़ में कहा गया कि 1926 में निज़ामुद्दीन से शुरू इस संस्था को हरियाणा के मेवात में धर्मांतरण कराने ताक़त मिली और आज यह विश्व के 100 से अधिक देशों में फैल चुका है.

  5. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: विकास और धर्म बीजेपी के एजेंडे में साथ-साथ क्यों?

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में कितना विकास हुआ है? इस सवाल का जवाब एक साथ उनके ट्विटर हैंडल पर मिल जाएगा.

    इस साल अक्तूबर से लेकर 15 दिसंबर तक उनकी ट्विटर टाइमलाइन देखें तो प्रदेश भर में 30 से ज़्यादा शिलान्यास, लोकार्पण और दूसरे विकास से जुड़े कार्यक्रमों की सूची वहाँ आसानी से मिल जाएगी.

    इनमें से छह कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद लोकार्पण करने पहुँचे थे जिनमें 64 हज़ार करोड़ की प्रधानमंत्री स्वस्थ भारत योजना की शुरुआत, बुंदेलखंड में डिफ़ेंस कॉरिडोर का शिलान्यास, 22 हज़ार करोड़ की लागत से बना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, नौ हज़ार करोड़ का एम्स अस्पताल और फ़र्टिलाइज़र फ़ैक्टरी जैसी योजनाएँ शामिल हैं.

    इन परियोजनाओं के सहारे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ख़रब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है जिसके बारे में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के दौरान उन्होंने ट्वीट भी किया था.

  6. हरनाज़ संधू मिस यूनिवर्स का ताज जीतकर भारत पहुंचीं

    मिस यूनिवर्स का ताज जीतकर हरनाज़ कौर संधू भारत पहुंच गई हैं.

    बुधवार को 21 साल की हरनाज़ मुंबई एयरपोर्ट पर उतरीं.

    हरनाज़ ने इस दौरान लाल रंग की ड्रेस पहनी हुई थी और उन्होंने मिस यूनिवर्स का रिबन सैश भी लगाया हुआ था.

    भारत ने 21 साल के इंतज़ार के बाद मिस यूनिवर्स का ख़िताब जीता है.

  7. बांग्लादेश और पाकिस्तान के युवा 1971 की जंग पर क्या बोले?

    साल 1971 में पाकिस्तान से युद्ध के बाद बांग्लादेश बना. 1971 में क्या हुआ था?

    पाकिस्तान और बांग्लादेश अलग क्यों हुए?

    बीबीसी ने दोनों देशों के युवाओं से उनकी राय पूछी.

  8. कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया के 70 से अधिक देशों में पहुंचा

    नवंबर में पहली बार सामने आए कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट ने कुछ ही सप्ताह में दुनिया के 70 से अधिक देशों में अपने पैर फैला लिए हैं.

    जानकारों का कहना है कि ये वैरिएंट पहले के डेल्टा वर्जन के मुक़ाबले कहीं अधिक संक्रामक है.

    बुधवार को ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 78,610 नए मामले दर्ज किए गए हैं. देश में महामारी की शुरुआत से अब तक एक दिन में इतने अधिक मामले दर्ज नहीं किए गए थे.

    इससे पहले इसी साल 8 जनवरी को एक दिन में अधिकतम 68,053 मामले दर्ज किए गए थे. उस वक्त ब्रिटेन में लॉकडाउन लागू था.

    यूनिवर्सिटी कॉ़लेज लंदन में संक्रामक रोग विशेषज्ञ और सरकार की सलाहकार समिति के सदस्य प्रोफ़ेसर एन्ड्र्यू हेवर्ड ने बीबीसी का कहा कि इस बार महामारी की स्थिति अभूतवपूर्व है.

    उन्होंने कहा, "संक्रमण की दर में बढ़ोतरी अभूतपूर्व है. मुझे लगता है ये कुछ ऐसा है जैसे साल भर होने वाली बारिश एक ही महीने में हो जाए, ऐसे में चाहे आप जितनी तैयारी क्यों न कर के रखें, बाढ़ आना लगभग तय है. एक समस्या ये भी है कि जब तक हमें ये पता चलेगा कि ये कितनी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है तब तक कहीं ऐसा न हो कि कुछ करने के लिए हमारे हाथ से वक्त निकल जाए. इसलिए मुझे लगता है कि हमें जितना हो सके, सतर्क रहना चाहिए और लोगों से कहना चाहिए कि सोशल डिस्टेन्सिंग का पूरी तरह पालन करें."

    वहीं, यूरोपीय संघ की स्वास्थ्य एजेंसी यूरोपीयन सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ प्रीवेन्शन एंड कंट्रोल ने चेतावनी दी है कि अगले साल के पहले महीने में ओमिक्रॉन यूरोप में डोमिनेन्ट वैरिएंट बन सकता है.

    एजेंसी ने कहा है कि ओमिक्रॉन बेहद संक्रामक वैरिएंट है और अगर इसे फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेन्सिंग, मास्क और वैक्सीन की बूस्टर डोज़ जैसे कदम न उठाए गए तो इसकी वजह से अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी होगी और साथ ही मौतों का आंकड़ा भी बढ़ सकता है.

    यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयन ने यूरोपीय संसद में कहा, "हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि संक्रमण के मामलों में ये जो बढ़ोतरी अभी आई है वो अधिकतर डेल्टा वैरिएंट के कारण है. लेकिन मुझे जिस बात की चिंता है वो ये है कि अब कोरोना वायरस का एक और वैरिएंट ओमिक्रॉन आ गया है जो डेल्टा से ज़्यादा संक्रामक है. अभी देखा जाए तो संक्रमण के बढ़कर दोगुना होने की दर दो से तीन दिन की है. और विज्ञान की मानें तो आशंका ये है कि जनवरी के मध्य में तक यूरोप में ओमिक्रॉन डॉमिनेन्ट वैरिएंट होगा."

    यूरोपीय संघ के स्वास्थ्य कमिश्नर किरिया काइड्स ने कहा है यूरोपीय देशों से अपील की है कि वो अपनी स्वास्थ्य क्षमता बढ़ाने के लिए तैयारी शुरू करें.

    लंदन में ओमिक्रॉन पहले ही डोमिनेन्ट वेरिएंट बन चुका है और ब्रितानी सरकार का कहना है कि कुछ दिनों में ये वैरिएंट पूरे देश में फैल सकता है. ब्रिटेन में संक्रमण के बढ़ते मामलों के देखते हुए फ्रांस ने ब्रिटेन ने आने वाले यात्रियों को लेकर प्रतिबंध लगा दिए हैं.

    शनिवार से लागू होने वाले इन प्रतिबंधों के अनुसार ब्रिटेन से फ्रांस आने वालों को 24 घंटों पहले किया गया कोविड टेस्ट का नेगेटिव सर्टिफिकेट दिखाना होगा. और फिर फ्रांस में आकर भी उन्हें सप्ताह भर क्वारंटीन में रहना होगा.

    हालांकि फ्रांस में आकर अगर वो अपना कोविड टेस्ट करवाते हैं और रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो दो दिन के बाद उन्हें क्वारंटीन में नहीं रहना पड़ेगा. यूरोप से दूर एशियाई देशों में भी ओमिक्रॉन की आहट सुनाई देने लगी है.

    वहीं, देश में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जाने के बाद दक्षिण कोरिया में के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार से एक बार फिर कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं. साथ ही देश में रात की कर्फ्यू भी फिर से लगा दिया गया है. ये पाबंदियां दो सप्ताह तक लागू रहेंगी.

    कोरिया डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेन्शन एजेंसी की निदेशक ज्यून यून कियोंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "हम बड़ी मुश्किल से आम जीवन में लौट रहे थे, लेकिन ऐसा करने की प्रक्रिया के दौरान हम एक नाज़ुक स्थिति से गुज़र रहे हैं. इस संकट से उबरने के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि हम दो सप्ताह के लिए और थम जाएं और समुदाय में संक्रमण फैलने से रोकने और लोगों के लिए संक्रमित होने के ख़तरे को कम करने की कोशिश करें. इसलिए हमें पाबंदियों की ज़रूरत है. इस वक्त के दौरान सरकार उनको कोविड टीका देने की कोशिश करेगी जिनका पूरा टीकाकरण नहीं हुआ है, और जो टीका ले चुके हैं, उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें वैक्सीन का बूस्टर डोज़ देगी. साथ ही हम स्वास्थ्य सेवाओं को भी तैयार करेंगे ताकि आम जीवन में लौटने में हमें दिक्कत न हो."

    दक्षिण कोरिया में रोज़ाना संक्रमण के क़रीब सात हज़ार मामले सामने आ रहे हैं.

    वहीं, भारत में अब तक 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रॉन के 78 मामले दर्ज किए गए हैं.

    महाराष्ट्र में ओमिक्रोन के सबसे अधिक 32 मामले दर्ज किए गए हैं जिसके बाद मुंबई में 31 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है.

  9. बांग्लादेश के गठन और 1971 के युद्ध को लेकर क्या सोचता है पाकिस्तान

    देश की अखंडता का हवाला देने के बावजूद 1971 में तत्कालीन पश्चिमी पाकिस्तान में सत्ताधारी तबका बांग्लादेश को अलग होने से नहीं रोक पाया.

    भारत से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बनने के 24 साल बाद ही पाकिस्तान में आंतरिक युद्ध छिड़ गया और बांग्लादेश का जन्म हुआ.

    अब बांग्लादेश को आज़ाद हुए 50 साल हो गए हैं, पाकिस्तान में इसे कैसे देखा जा रहा है?

    बीबीसी बांग्ला ने इसे जानने के लिए पाकिस्तान में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से कई जानकारों से बात की.

    1971 के युद्ध में हार की वजह ये बताई गई कि पाकिस्तान का सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के लोगों का दमन करने की कोशिश कर रहा था. ये भी बताया गया कि उनका देश (यानी पाकिस्तान) भारतीय साजिश का शिकार हो गया. बंगालियों की हत्या और उन पर की गई ज्यादती को दबाने की कोशिश की गई.

  10. मोदी सरकार के मंत्री अजय मिश्रा टेनी को लेकर क्या दबाव में है बीजेपी?

    संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हंगामा हुआ.

    गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग की.

    उन्होंने कहा, "लखीमपुर खीरी में जो हत्या हुई है उसमें मंत्री जी को इस्तीफ़ा देना चाहिए. वे क्रिमिनल हैं."

    राहुल ने कहा, "ये कहा गया कि लखीमपुर खीरी मामला एक साजिश है. बिल्कुल है. हर कोई जानता है कि इसमें किनका बेटा शामिल है. हम चाहते हैं मंत्री इस्तीफ़ा दें. हम संसद में बहस चाहते हैं लेकिन पीएम मोदी ने मना कर दिया. वे बहाने बना रहे हैं."

    वहीं, राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि वो इस वजह से सदन के काम काज को ठप नहीं होने देंगे और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को उन्होंने बोलने से रोक दिया.

  11. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 15 दिसंबर 2021, सुनिए मानसी दाश से

  12. तब्लीग़ी जमात पर सऊदी की पाबंदी से बांग्लादेश के इस्लामिक संगठन हैरान

    बांग्लादेश के कट्टरवादी इस्लामी समूह हिफ़ाज़त-ए-इस्लाम समेत क़ौमी मदरसा से जुड़े तमाम संगठनों ने तब्लीग़ी जमात पर सऊदी अरब के प्रतिबंध की निंदा की है.

    बांग्लादेश के अंग्रेज़ी अख़बार ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, क़ौमी मदरसा बोर्ड ने इसे हैरान करने वाला फ़ैसला बताया है.

    अल-हयातुल उलाया लिल-जमीअतिल क़ौमिया और बेफ़ाक़ुल मदारसिल अरब बांग्लादेश के अध्यक्ष महमुदुल हसन ने मंगलवार को कहा कि सऊदी अरब के फ़ैसले ने बांग्लादेश के मुसलमानों को हैरान कर दिया है.

    महमुदुल हसन ने कहा कि इस फ़ैसले से "दुनिया में इस्लाम का विरोध करने वालों" को फ़ायदा होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ''भारत के दारूल उलूम देवबंद के चीफ़ रेक्टर मौलाना अबुल क़ासिम नोमानी ने भी सऊदी अरब से इस फ़ैसले पर फिर से विचार करने को कहा है, नहीं तो मुसलमानों में ग़लत संदेश जा सकता है.''

    वहीं हिफ़ाज़त-ए-इस्लाम के अमीर (प्रमुख) मुहिबुल्ला बाबूनगरी ने कहा है कि तब्लीग़ी जमात का एकमात्र मक़सद इस्लाम को बढ़ाना है, पर उस पर लगाए गए इस गंभीर आरोप से उसके प्रयास कमज़ोर होंगे.

    उन्होंने सऊदी अरब से संस्था पर लगे प्रतिबंध हटाने की अपील करते हुए कहा कि वो कोई ऐसा क़दम न उठाए जिससे उसकी वैधता को कोई ख़तरा पहुंचे.

    मालूम हो कि सऊदी अरब ने हाल में तब्लीग़ी जमात को 'आतंकवाद का प्रवेश द्वार' क़रार देते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया था.

    उसके इस्लामी मामलों के मंत्री ने सभी मस्जिदों को शुक्रवार की नमाज़ के वक़्त होने वाली तक़रीरों में तब्लीग़ी जमात के ख़िलाफ़ चेतावनी देने का भी निर्देश दिया है. उन्होंने मस्जिदों से कहा कि वे इस समूह के पापों, अनैतिकता और अत्याचारों को लोगों को बताएं.

  13. राहुल बोले- इंदिरा गांधी ने 32 गोलियां खाईं लेकिन बांग्लादेश पर कार्यक्रम में उनका नाम तक नहीं

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ''मैं वो दिन नहीं भूल सकता, जब मुझे स्कूल में बताया गया कि इंदिरा गांधी को 32 गोलियां लगी हैं. वैसे ही उत्तराखंड में हज़ारों परिवार हैं, जिनके घर में फ़ोन आया कि पापा शहीद हो गए हैं, चाचा शहीद हो गए हैं. आपके और मेरे बीच में क़ुर्बानी का रिश्ता है.''

    राहुल गांधी ने कहा, ''आज दिल्ली में बांग्लादेश लिबरेशन पर कार्यक्रम हुआ है, उस कार्यक्रम में इंदिरा गांधी जी का नाम तक नहीं है. जिस महिला ने देश के लिए 32 गोली खाई, उनका नाम तक नहीं है क्योंकि ये सरकार सच्चाई से डरती है. 1971 के भारत-पाक युद्ध में सिर्फ़ 13 दिन में पाकिस्तान ने सिर झुका दिया. आमतौर पर युद्ध 6 महीने, एक साल, 2-3 साल चलता है. अमेरिका ने अफ़गानिस्तान को हराने में 20 साल लगा दिए, लेकिन हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को सिर्फ़ 13 दिन में हरा दिया.''

  14. अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल से मुलाक़ात कर की ये घोषणा

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से उनके घर पर मुलाक़ात की.

    इस मुलाक़ात के बाद किए एक ट्वीट में उन्होंने साफ़ कहा कि दोनों के बीच गठबंधन की बात तय हो गई है.

    अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चलने की नीति से उनकी पार्टी लगातार मज़बूत हो रही है.साथ ही दावा किया कि आगामी विधानसभा में उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत होने वाली है.

    इससे पहले, अखिलेश यादव गुरुवार की दोपहर को अपने चाचा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संस्थापक शिवपाल सिंह यादव के घर पहुँचे.

    उन्होंने वहाँ क़रीब 40 मिनट तक चाचा से बातचीत की. इस मौक़े पर वहाँ दोनों दलों के सैकड़ों समर्थक जमा हो गए और 'चाचा-भतीजा ज़िंदाबाद' के नारे लगाए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सपा से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि अखिलेश यादव के पहुँचने से पहले उनके पिता और पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव वहाँ पर मौजूद थे.

    हालांकि राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि इस बैठक से विधानसभा चुनाव में बीजेपी की संभावनाओ पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा. उनका दावा है कि उनकी पार्टी फिर से 300 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बना लेगी.

    अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि वो अपने "चाचा" और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान देंगे. वहीं शिवपाल सिंह यादव भी घोषणा कर चुके हैं कि वो अपनी पार्टी का सपा में विलय कराने को तैयार हैं.

    अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए अक्टूबर 2016 में अपने चाचा शिवपाल को बर्ख़ास्त कर दिया था, जिससे चाचा-भतीजे के रिश्ते में खटास आ गई थी.

    जनवरी 2017 में अखिलेश यादव के पार्टी के अध्यक्ष बनने के बाद शिवपाल सिंह यादव ने सपा से अलग होकर अपनी नई पार्टी बना ली थी.

    इस मुलाक़ात के बारे में शिवपाल यादव ने भी ट्वीट कर बताया, ''आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने आवास पर शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान उनके साथ आगामी विधान सभा चुनाव 2022 में साथ मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई.''

  15. दुनिया के शेयर बाज़ारों के मज़बूत होने से थमी सेंसेक्स की गिरावट

    बंबई स्टॉक एक्सचेंज के 30 अंकों वाले मुख्य सूचकांक 'सेंसेक्स' में पिछले चार कारोबारी सत्रों से हो रही गिरावट थम गई है. देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 'निफ़्टी' सूचकांक में भी तेज़ी दर्ज़ की गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 113 अंक चढ़कर 57,901 पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ़्टी में 27 अंकों की वृद्धि हुई और यह 17,248 पर पहुंच गया.

    मज़बूत होने वाले प्रमुख शेयरों में बजाज फ़ाइनेंस, इंफ़ोसिस, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, एचसीएल टेक, एमएंडएम और नेस्ले इंडिया के रहे. वहीं कमज़ोर होने वाले शेयरों में मारुति, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज ऑटो, सन फ़ार्मा, इंडसइंड बैंक और एसबीआई के रहे.

    जानकारों के मुताबिक़, भारतीय शेयर बाज़ारों में आई इस तेज़ी के कई कारण हैं. पहला ये कि दुनिया के शेयर बाज़ार मज़बूत हुए हैं, दूसरा ये कि देश में सूचना तकनीक (आईटी) वाली कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज़ की गई और तीसरा ये कि डॉलर की तुलना में रुपया मज़बूत हआ है. हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशक यानी एफ़आईआई यहां बिकवाली करते देखे गए.

    इस बारे में जियोजित फ़ाइनेंशल सर्विसेज़ के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "आर्थिक माहौल पर अमेरिकी फ़ेड रिज़र्व का रुख़ उत्साहित करने वाला रहा है. इसके बाद भी घरेलू शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज़ की गई. ऐसा एफ़आईआई की बिक्री और ख़ुदरा गतिविधि के नरम रहने के चलते हुआ."

  16. विराट कोहली-सौरव गांगुली के अलग-अलग बयान, टीम इंडिया में क्या हो रहा है

    भारतीय क्रिकेट में इन दिनों मैदान के भीतर नहीं बल्कि मैदान के बाहर ज़बरदस्त मुक़ाबला देखने को मिल रहा है.

    इस मुकाबले में टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली और क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली सबसे अहम खिलाड़ी हैं.

    आइए आपको बताते हैं कि ये पूरी खींचतान आखिर क्यों चल रही है.

  17. मिस यूनिवर्स हरनाज़ का गाउन डिज़ाइन करने वालीं ट्रांसवुमेन सायशा से मिलिए

    भारत की हरनाज़ संधू ने मिस यूनिवर्स का ख़िताब जीतक इतिहास रच दिया. भारत को 21 साल के इंतज़ार के बाद ये ख़िताब मिला.

    मिस यूनिवर्स के फ़िनाले में हरनाज़ संधू ने जो गाउन पहना था उसे मशहूर डिज़ाइनर सायशा शिंदे ने डिज़ाइन किया था.

    सायशा शिंदे एक ट्रांसजेंडर हैं और हरनाज़ के मिस यूनिवर्स बनने से वो बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने बीबीसी के साख ख़ास बातचीत की.

  18. ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को बेंगलुरु में श्रद्धांजलि, भोपाल लाया गया पार्थिव शरीर

    विंग कमांडर वरुण सिंह को भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को श्रद्धांजलि दी. बेंगलुरु स्थित येलहंका एयर फोर्स बेस पर उनके पार्थिव शरीर को लोगों ने श्रद्धांजलि दी.

    उसके बाद वरुण सिंह के पार्थिव शरीर को एयरलिफ्ट कर भोपाल लाया गया. वरुण सिंह का परिवार भोपाल में रहता है.

    8 दिसंबर को तमिलनाडु में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में वरुण सिंह अकेले जीवित बचे थे. लेकिन बुधवार को उनका निधन हो गया था.

    उस हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की मौत पहले ही हो गई थी.

  19. केवल कुछ दिन साथ रह लेने को ही लिव-इन रिलेशनशिप नहीं माना जा सकता: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट

    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फ़ैसले में कहा है कि दो वयस्कों के केवल कुछ दिनों तक साथ रह लेने से ही नहीं माना जा सकता कि दोनों 'लिव-इन' रिलेशनशिप में हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जस्टिस मनोज बजाज ने कहा कि इस बात का लगातार ध्यान रखना होगा कि दोनों के संबंध कितने पुराने हैं. साथ ही यह भी मायने रखता है कि दोनों एक दूसरे के प्रति निश्चित कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करते रहे हों. ऐसा होने पर ही लिव-इन संबंध वैवाहिक संबंध के समान कहला पाते हैं.

    हाईकोर्ट ने अपने 26 नवंबर को दिए अपने आदेश में महिला के परिजनों से सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका ख़ारिज कर दी. इसके साथ ही याचिका देने वालों पर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

    अदालत ने कहा कि सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंता वास्तविक नहीं लगती. इस याचिका को हरियाणा के यमुनानगर ज़िले के एक जोड़े ने दायर की थी. दोनों का कहना था कि वे दो दिन पहले यानी 24 नवंबर से लिव-इन संबंध में रह रहे थे.

    क्या है मामला?

    18 साल की लड़की और 20 साल के लड़के के वक़ील का कहना था कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और शादी की तय उम्र पूरी कर लेने पर शादी कर लेंगे.

    असल में लड़की के माता-पिता दोनों के रिश्ते का विरोध कर रहे हैं और अपनी पसंद के लड़के से लड़की की शादी करना चाहते थे. लेकिन लड़की प्रेमी के साथ अपने घर से भाग गई. उसके बाद वो उस लड़के के साथ लिव-इन संबंध में रहने लगी.

    याचिका में दावा किया गया कि उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी गई. इसलिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा पाने के लिए अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की.

  20. जब पाकिस्तान ने भारत के सामने डाले हथियार - Vivechanna

    जगजीत सिंह अरोड़ा और ए ए के नियाज़ी एक मेज़ के सामने बैठे और दोनों ने आत्मसमर्पण के दस्तावेज़ों की पाँच प्रतियों पर हस्ताक्षर किए.

    नियाज़ी थोड़े परेशान हुए क्योंकि उनके पास कलम नहीं था. जनरल अरोड़ा की बगल में खड़े एक भारतीय अफ़सर ने उन्हें अपना पेन दिया. पता नहीं क्या सोचकर नियाज़ी ने अपना पूरा नाम नहीं लिखा सिर्फ़ ए ए के निया ही लिखा.

    इस बारे में जनरल अरोड़ा को बताया गया. उन्होंने फिर नियाज़ी से बात की. इसके बाद नियाज़ी ने फिर अपना पूरा नाम लिखा.

    नियाज़ी ने अपनी वर्दी पर लगे बिल्ले हटाए और अपनी .38 रिवॉल्वर निकालकर अरोड़ा को सौंप दी. उन्होंने अधीनता स्वीकार करने की मुद्रा में अपने माथे को जनरल अरोड़ा के माथे से लगाया.

    उस समय उनकी आँखों से आँसू बह रहे थे. पूरा समारोह सिर्फ़ 15 मिनट में समाप्त हो गया.