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अफ़ग़ानिस्तान से नाता तोड़ने जैसे क़दम उठा कर अपनी ग़लती न दोहराए दुनियाः इमरान ख़ान

इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट को टालने के लिए पाकिस्तान हर संभव तरीक़े से अफ़ग़ान लोगों की मदद करने का प्रयास करेगा.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे

  1. वनडे की कप्तानी लेने की सूचना मुझे डेढ़ घंटे पहले दी गई: विराट कोहली

    भारतीय टेस्ट क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को कहा कि उन्हें दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट सिरीज़ के लिए खिलाड़ियों के चयन से डेढ़ घंटे पहले बताया गया था कि वनडे की कप्तानी रोहित शर्मा को दे दी गई है.

    दक्षिण अफ़्रीका के दौरे से पहले मीडिया को संबंधित करते हुए विराट कोहली ने कहा कि इससे पहले बीसीसीआई ने कोई संपर्क नहीं किया था और उन्हें दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट टीम के खिलाड़ियों के चयन से डेढ़ घंटे पहले सूचित किया गया.

    विराट कोहली ने कहा, ''टेस्ट टीम के खिलाड़ियों के चयन से डेढ़ घंटे पहले मुझे बताया गया. मुख्य चयनकर्ता ने मुझसे टेस्ट टीम के खिलाड़ियों के चयन को लेकर बात की थी और उन्होंने फ़ोन रखने से पहले कहा कि पाँच चयनकर्ताओं ने फ़ैसला किया है कि अब आप वनडे के कप्तान नहीं रहेंगे. इससे पहले कप्तानी को लेकर बीसीसीआई से कोई बात नहीं हुई थी.''

    कोहली ने कहा, ''जब मैंने टी-20 की कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला किया तो बीसीसीआई ने अच्छे तरीक़े से इसे स्वीकार किया था.''

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, रोहित शर्मा के साथ मेरा कोई मसला नहीं है: विराट कोहली

    भारतीय क्रिकेट टीम के सुपरस्टार विराट कोहली और रोहित शर्मा में अनबन की अटकलों के बीच बुधवार को कोहली ने कहा कि वे दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ वनडे मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे.

    कोहली ने ये भी कहा कि उनका रोहित शर्मा के साथ कोई मसला नहीं और इस बात को लेकर वे दो साल से स्पष्टीकरण दे रहे हैं और अब भी कोशिश कर रहे हैं.

    विराट कोहली ने बुधवार को दक्षिण अफ़्रीका के दौरे से पहले प्रेस कॉन्फ़्रेस में कहा कि उन्होंने बीसीसीआई से कभी भी रेस्ट के लिए नहीं कहा था. विराट ने ये भी कहा कि वो दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में रोहित शर्मा को मिस करेंगे.

    26 दिसंबर से भारतीय टीम का दक्षिण अफ़्रीका दौरा शुरू हो रहा है. विराट कोहली ने कहा कि वो अपनी ज़िम्मेदारियों के प्रति ईमानदार हैं. कोहली ने कहा कि टेस्ट टीम को लेकर हुई बातचीत के बाद उन्हें बताया गया कि वो अब वनडे के कप्तान नहीं हैं.

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने ट्वीट कर विराट कोहली और रोहित शर्मा में कथित मतभेद की बात कही थी.

    पूरे विवाद पर पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा कि कोई भी खिलाड़ी खेल से बड़ा नहीं है.

    अज़हरुद्दीन ने ट्वीट कर कहा था, ''विराट कोहली ने कहा है कि वो वनडे सिरीज़ के लिए उपलब्ध नहीं हैं. रोहित शर्मा आगामी टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे. खेल से ब्रेक लेना कोई नुकसान वाली बात नहीं है लेकिन फ़ैसले का वक़्त बेहतर होना चाहिए. इससे मतभेदों की ख़बरों को और हवा मिलेगी.''

    अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा, 'खेल बड़ा है और खेल से बड़ा कोई नहीं होता है. किसी खेल में और किस खिलाड़ी के बीच क्या चल रहा है, इस पर मुझे जानकारी नहीं है. इसके बारे में संबंधित असोसिएशन ही बताएंगे.''

    अनुराग ठाकुर ने यह बात बुधवार को दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेलो इंडिया महिला हॉकी लीग के उद्घाटन के मौक़े पर कही. मंगलवार को पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद ने कहा था कि रोहित और विराट साथ नहीं खेल रहे हैं.

  3. हेलिकॉप्टर हादसे में जख़्मी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की भी मौत

    आठ दिसंबर को हेलिकॉप्टर हादसे में ज़ख़्मी हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की भी बुधवार सुबह मौत हो गई. भारतीय वायु सेना ने दुख जताते हुए इसकी सूचना दी है. इस हादसे में भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कुल 13 लोगों की मौत मौक़े पर ही हो गई थी.

    भारतीय वायु सेना ने ट्वीट कर कहा, ''यह दुखद सूचना है कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का आज सुबह निधन हो गया. इसी महीने आठ दिसंबर को वे हेलिकॉप्टर हादसे में ज़ख़्मी हुए थे. भारतीय वायुसेना उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती है और इस मुश्किल वक़्त में उनके परिवार के साथ खड़ी है.''

    आठ दिसबंर को वायु सेना का हेलिकॉप्टर Mi-17V5 जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो इसमें देश के पहले चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कुल 14 लोग सवार थे. इनमें से 13 लोगों की मौत मौक़े पर ही हो गई थी लेकिन ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जीवित थे.

    हालांकि वरुण की स्थिति भी नाजुक बनी हुई थी. 10 दिसंबर को उन्हें तमिलनाडु में वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल से एयरलिफ़्ट कर बेंगलुरु लाया गया था. गुरुवार को वरुण सिंह को एम्बुलेंस से कुन्नूर से कोयंबटूर लाया गया था और वहाँ से एयरलिफ़्ट कर बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में भर्ती किया गया था.

    ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए ट्विटर पर लिखा है, ''ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने गर्व, निर्भिक और बेहतरीन प्रोफ़ेशनल की तरह देश की सेवा की. उनकी मौत से मैं बहुत ही दुख हूँ. उन्होंने देश के लिए जो किया है, उसे कभी भुला नहीं जाएगा. उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है. ओम शांति.

    ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंगटन के डिफ़ेंस सर्विसेज स्टाफ़ कॉलेज (डीएसएससी) में डायरेक्टिंग स्टाफ़ थे. आठ दिसंबर को वरुण जनरल रावत की आगवानी में सुलुर गए थे.

    जनरल रावत वेलिंगटन डीएसएससी के कैडेट को संबोधित करने आ रहे थे लेकिन उनका हेलिकॉप्टर 10 किलोमीटर पहले ही हादसे का शिकार हो गया था.

    वरुण सिंह के चाचा और कांग्रेस के पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा था, ''इस त्रासदी में भी वो ज़िंदा है तो यह ईश्वर की ही दया है. उम्मीद करता हूँ कि वो जल्दी ठीक हो जाए. मैं उत्तर प्रदेश के रुद्रपुर में एक पदयात्रा में था तभी वॉट्सऐप के फैमिली ग्रुप पर हेलिकॉप्टर क्रैश की ख़बर मिली. डॉक्टरों ने कहा है कि आने वाले कुछ दिन उसके लिए बहुत ही अहम हैं.''

    वरुण सिंह को इसी साल अगस्त महीने में युद्ध के मैदान से अलग भारत का तीसरा सर्वोच्च वीरता सम्मान शौर्य चक्र मिला था.

    यह अवॉर्ड उन्हें अक्टूबर 2020 में विंग कमांडर के रूप में मिला था. तब उनकी तैनाती लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ़्ट के साथ थी.

    12 अक्टूबर, 2020 को वरुण एक तेजस एयरक्राफ़्ट युद्ध अभ्यास के लिए उड़ा रहे थे. तभी काफ़ी ऊपर जाने के बाद एक आपातकालीन स्थिति आ गई. कॉकपिट में एक मशीन फेल हो गई लेकिन वरुण सिंह ने अदम्य साहस और कौशल दिखाते हुए सुरक्षित लैंडिंग की थी.

    अखिलेश सिंह ने कहा था कि उनके भतीजे वरुण ने एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी की परीक्षा पास करने के बाद एयर फ़ोर्स जॉइन किया था और उन्हें अपने बैच का बेस्ट पायलट घोषित किया गया था. वरुण सिंह का परिवार भी सेना से जुड़ा है. उनके पिता केपी सिंह सेना में कर्नल की पोस्ट से रिटायर हुए हैं. वरुण के भाई भी नेवी में अधिकारी हैं.

  4. विराट कोहली और रोहित शर्मा में कथित मतभेद के सवाल पर बोले अनुराग ठाकुर

    भारतीय क्रिकेट टीम में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने ट्वीट कर विराट कोहली और रोहित शर्मा में कथित मतभेद की बात कही थी.

    अब पूरे विवाद पर पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा कि कोई भी खिलाड़ी खेल से बड़ा नहीं है.

    अज़हरुद्दीन ने ट्वीट कर कहा था, ''विराट कोहली ने कहा है कि वो वनडे सिरीज़ के लिए उपलब्ध नहीं हैं. रोहित शर्मा आगामी टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे. खेल से ब्रेक लेना कोई नुकसान वाली बात नहीं है लेकिन फ़ैसले का वक़्त बेहतर होना चाहिए. इससे मतभेदों की ख़बरों को और हवा मिलेगी.''

    अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा, 'खेल बड़ा है और खेल से बड़ा कोई नहीं होता है. किसी खेल में और किस खिलाड़ी के बीच क्या चल रहा है, इस पर मुझे जानकारी नहीं है. इसके बारे में संबंधित असोसिएशन ही बताएंगे.''

    अनुराग ठाकुर ने यह बात बुधवार को दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेलो इंडिया महिला हॉकी लीग के उद्घाटन के मौक़े पर कही. मंगलवार को पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद ने कहा था कि रोहित और विराट साथ नहीं खेल रहे हैं.

    भारतीय क्रिकेट टीम के दक्षिण अफ़्रीका दौरे से पहले टीम के दो सुपरस्टार खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच संबंधों को लेकर पूर्व क्रिकेटर और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान अज़हरुद्दीन के ट्वीट से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

  5. तालिबान ने विदेशी मुद्रा के इस्तेमाल पर पाबंदी क्यों लगाई?

    अफ़ग़ानिस्तान की कमान तालिबान के हाथ में आने के बाद से वहाँ की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से संकट में घिरी हुई है.

    अफ़ग़ानिस्तान की मुद्रा अफ़ग़ानी लगातार कमज़ोर हो रही है और वहाँ की सरकार को इसे रोकने का कोई उपाय नज़र नहीं आ रहा है. इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के उप-प्रधानमंत्री अब्दुल सलमान हनाफ़ी ने मंगलवार को काबुल में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी मुद्रा के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की घोषणा की.

    हनाफ़ी ने कहा कि लोग अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय मुद्रा अफ़ग़ानी इस्तेमाल करें.

    हनाफ़ी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, ''हमने अधिकारियों और सुरक्षा बलों को विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल बंद करने के लिए कहा है. अगर किसी को विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल करते पाया गया तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.''

    तालिबान के आने के बाद से कई तरह की विदेशी मदद बंद होने और अमेरिका की ओर से उसकी संपत्तियों को जब्त करने के कारण अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट की स्थिति पैदा हो गई है.

    अफ़ग़ानिस्तान के एक और उपप्रधानमंत्री मुल्ला बरादर ने कहा है कि अमेरिका ने जो पैसे जब्त किए हैं वो अशरफ़ ग़नी के नहीं हैं बल्कि इस मुल्क में रहने वाले नागरिकों के हैं.

    रविवार को एक डॉलर की क़ीमत 110 अफ़ग़ानी थी. अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था पर नज़र रखने वालों का कहना है कि डॉलर की कमी के कारण उसकी क़ीमत लगातार बढ़ रही है और अफ़ग़ानी कमज़ोर हो रही है. डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है लेकिन उस हिसाब से मार्केट में आपूर्ति नहीं है. सोमवार को एक डॉलर की क़ीमत 130 अफ़ग़ानी हो गई थी. एक हफ़्ते पहले एक डॉलर की क़ीमत 100 अफ़ग़ानी से भी कम थी.

  6. सऊदी क्राउन प्रिंस की GCC की बैठक में ईरान पर दो टूक

    सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान ने मंगलवार को रियाद में आयोजित गल्फ़ समिट में कहा कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर गंभीर और प्रभावी रुख़ अपनाने की ज़रूरत है.

    क्राउन प्रिंस को ही सऊदी अरब का असली शासक माना जाता है और गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल यानी जीसीसी की बैठक में अपने मुल्क का प्रतिनिधित्व वही कर रहे थे. जीसीसी के सदस्य देश सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, कुवैत, ओमान और क़तर हैं. क्राउन प्रिंस के पिता और सऊदी अरब के किंग सलमान इस बैठक में शामिल नहीं हुए.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्राम को लेकर हमें प्रभावी और गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है. पिछले महीने अमेरिका और जीसीसी के देशों ने ईरान पर आरोप लगाया था कि उसकी परमाणु नीति के कारण मध्य-पूर्व अस्थिरता के दौर से गुज़र रहा है. इन मुल्कों ने ईरान से आग्रह किया था कि वियना वार्ता में उसे 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने का जो मौक़ा मिला है, उसे ना गँवाए.

    2018 में अमेरिका के तत्तकालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को एकतरफ़ा फ़ैसला लेते हुए रद्द कर दिया था. इस परमाणु समझौते के कारण ईरान को प्रतिबंधों से राहत मिली हुई थी. लेकिन ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था.

    ट्रंप सरकार का आरोप था कि ईरान परमाणु समझौते की आड़ में प्रतिबंध से बच जा रहा है लेकिन परमाणु कार्यक्रम को सीमित नहीं कर रहा है. अमेरिका में ट्रंप के जाने और बाइडन के आने से परमाणु समझौता बहाल करने के लिए वियना में बैठक हो रही है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है.

    जीसीसी की बैठक के बाद जो साझा बयान जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि खाड़ी के लोगों के हितों की रक्षा के लिए एकीकृत और प्रभावी विदेश नीति की ज़रूरत है. इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि जीसीसी के देशों को अपनी अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल से कम करने की ज़रूरत है.

    क़तर से यूएई, सऊदी अरब, बहरीन और मिस्र के रिश्ते बहाल होने के एक साल बाद जीसीसी की बैठक हुई है. 2017 में सऊदी ने क़तर से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे. इस मामले में सऊदी अरब को यूएई, बहरीन और मिस्र का भी साथ मिला था. सऊदी समेत इन देशों का आरोप था कि क़तर की ईरान से क़रीबी है और अतिवादी इस्लामिक समूहों को मदद करता है. हालाँकि क़तर इन आरोपों का ख़ारिज करता रहा है.

    शिया बहुल देश ईरान और सुन्नी बहुत देश सऊदी अरब के बीच इस साल के अप्रैल महीने से कई चरणों में वार्ता हुई है. दोनों देशों में 2016 से ही सभी तरह के द्विपक्षीय संबंध ख़त्म हैं. पिछले हफ़्ते सऊदी के क्राउन प्रिंस ने क़तर समेत सभी जीसीसी देशों का दौरा किया था.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन-फ़रहान ने कहा है कि सऊदी अरब ईरान से स्वाभाविक संबंध चाहता है लेकिन यह परमाणु समझौते पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि खाड़ी के देशों की नज़र वियना वार्ता पर बनी हुई और इसमें गल्फ़ के देशों की चिंताओं को भी शामिल करना चाहिए. जीसीसी के बयान में ईरान की यमन में हूती विद्रोहियों को मदद करने के मामले में आलोचना की गई है.

  7. सीबीआई और ईडी के निदेशकों का कार्यकाल 5 साल तक बढ़ा, संसद में पास हुआ बिल

    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशकों का कार्यकाल दो साल से बढ़ा कर पांच कर दिया गया है, संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को ये विधेयक पारित किया गया.

    इसके अनुसार, दोनों निदेशकों की नियुक्ति के लिए गठित समितियों की मंज़ूरी मिलने के बाद उनके कार्यकाल को तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है.

    केंद्र सरकार ने इसके लिए नवंबर में केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) अध्यादेश और दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) अध्यादेश, 2021 जारी किया था.

    अब इसे संसद में पारित किया गया है. ईडी निदेशक की नियुक्ति के लिए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी), राजस्व विभाग, कार्मिक विभाग और गृह मंत्रालय के सचिवों की एक समिति होती है.

    वहीं सीबीआई निदेशक की नियुक्ति का निर्णय प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और देश के मुख्य न्यायाधीश मिलकर लेते हैं.

    हालांकि सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना होती रही है. माना जाता है कि ये निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के उलट हैं. सुप्रीम कोर्ट पहले कह चुकी है कि रिटायर होने के ठीक पहले अधिकारियों के कार्यकाल केवल दुर्लभ और असाधारण परिस्थितियों में ही बढ़ाए जाने चाहिए, वो भी छोटी अवधि के लिए. सर्वोच्च न्यायालय ने ये बात ईडी के प्रमुख एसके मिश्र को 2020 में मिले सेवा विस्तार के मामले में कही थी.

  8. जस्टिस रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ राज्यसभा में कई पार्टियां लामबंद

    शिवसेना और यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई के खिलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.

    इससे पहले टीएमसी, कांग्रेस, सीपीआईएम ने भी रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया था.

    ये प्रस्ताव उनके सदन में भाग लेने को लेकर की गई टिप्पणी के ख़िलाफ़ किया गया है.

    जस्टिस रंजन गोगोई ने एक इंटरव्यू के दौरान राज्यसभा में उनकी बेहद कम उपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा था, ‘’ मुझे जब मन होगा तब मैं राज्यसभा जाऊंगा. मैं मनोनित सदस्य हूं और कोई पार्टी मुझे राज्यसभा जाने के लिए विवश नहीं कर सकती.’’

    विपक्षी पार्टियों ने इस टिप्पणी पर एक नोटिस जारी करते हुए कहा कि जस्टिस गोगोई का बयान राज्यसभा की अवमानना है और यह उच्च सदन की प्रतिष्ठा का महत्व कम करने वाला है.उन पर विशेषाधिकारों के हनन का मामला बनता है.

    अपनी किताब जस्टिस फ़ॉर द जज को लेकर दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था,‘’कोरोना के कारण मैं राज्यसभा में बैठने की व्यवस्था को लेकर सहज नहीं था. मैं राज्यसभा जाता हूं,जब मेरा मन करता है,जब मुझे लगता है कि ये महत्वपूर्ण विषय है,जिस पर मुझे अपनी बात रखनी चाहिए तो मै जाता हूं.''

    ''मैं मनोनित सदस्य हूं,मैं किसी पार्टी व्हिप से बंधा हुआ नहीं हूं. लिहाजा जब भी पार्टी सदस्यों को सदन में उपस्थित होने के लिए कहती हैं, तो वह मुझ पर लागू नहीं होता. कोई पार्टी मुझे सदन आने को मजबूर नहीं कर सकती.''

  9. पाकिस्तान: कराची में दिनदहाड़े महिला सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या

    पाकिस्तान के शहर कराची में एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, पुलिस का कहना है कि महिला का एक पड़ोसी जिसे नशे की लत है, वह हमले में शामिल था.

    ये घटना मंगलवार को न्यू कराची में हुई. पुलिस के मुताबिक़ 24 वर्षीय सबा असलम अपने घर से कहीं जाने के लिए बाहर निकली थीं जब उन पर यह हमला हुआ.

    समाजसेवी संस्था छीपा वेलफेयर की एंबुलेंस से उन्हें अब्बासी शहीद अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां उन्हें डॉक्टरों से मृत घोषित कर दिया.

    छीपा वेलफेयर के एक कार्यकर्ता ने बताया कि मंगलवर की दोपहर के 12.30 जब एंबुलेंस घटना स्थल पर पहुंची तो देखा कि सबा असलम ज़मीन पर पड़ी हुई थीं.

    स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही सबा असलम घर से बाहर निकलीं, मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोशों ने उनकी पीठ पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हुई.

    इस मामले में सबा असलम के परिवार की ओर से एफ़आईआर दर्ज नहीं कराई गई लिहाज़ा हत्या के इस मामले में राज्य सरकार ने खुद एफ़आईआर दर्ज की है.

    न्यू कराची की रहने वाली सबा असलम ने पांच साल पहले अनीसा असलम वेलफेयर नाम से एक संस्था की स्थापना की थी, ये संस्था ज़्यादातर बाल श्रम और विधवाओं के लिए काम करती है. असलम की संस्था की ओर से कई चिकित्सा शिविर लगाए जाते रहे हैं.

  10. प्रियंका गांधी ने पूछा- प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह क्यों गृहराज्य मंत्री को बचा रहे हैं?

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है कि आख़िर वह गृह राज्यमंत्री को क्यों बचा रहे हैं?

    लखीमपुर हिंसा के दो महीने बाद जाँच कर रही एसआईटी का कहना है कि यह हिंसा “आपराधिक कृत्य लापरवाही एवं उपेक्षा से नहीं, बल्कि जान-बूझकर पूर्व नियोजित योजना के तहत किया गया था.“

    हिंसा के मुख्य अभियुक्तों में से एक केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा हैं जो इस वक़्त जेल में हैं.

    इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘’ इस मामले में किसानों ने शुरुआत से ही ये बात कही कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साज़िश करके इस घटना को अंजाम दिया. उच्चतम न्यायालय ने भी घटना की “निष्पक्ष और गहन जाँच” सुनिश्चित कराने को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी और जाँच की “धीमी गति एवं जाँच के तरीक़े” पर नाख़ुशी ज़ाहिर की थी.

    ‘’अब एसआईटी ने माना है कि लखीमपुर किसान नरसंहार ‘सुनियोजित योजना के साथ किया गया’ फिर गृह राज्यमंत्री को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री क्यों बचा रहे हैं?‘’

    ‘’ पीड़ित परिवार और हम सत्याग्रह कर रहे लोग पहले दिन से मांग कर रहे हैं कि गृह राज्यमंत्री की बर्ख़ास्तगी हो क्योंकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों एवं पीड़ित परिवारों का साफ़-साफ़ कहना था कि पूरी साज़िश करके हिंसा की गई और किसानों को कुचला गया. ’ हालाँकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी किसान विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करते हुए गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के साथ मंच साझा किया और उनको सरंक्षण दिया.

    ''वो अभी तक अपने पद पर बने हुए हैं और उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जबकि इन्हीं अजय मिश्रा टेनी ने हत्याकांड से कुछ दिन पहले किसानों को मंच से धमकी देते हुए सबक सिखाने की बात कही थी.''

  11. कोरोना: दुनिया में अभूतपूर्व रफ़्तार से फैल रहा ओमिक्रॉन वायरस-WHO

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन संभवत: दुनिया भर के अधिकांश देशों में पहले से मौजूद है और तेज़ी से फैल रहा है.

    दुनिया के77देशों में इस बेहद म्यूटेडेट वेरिएंट के मामलों की पुष्टि की गई है.

    लेकिन डब्ल्यूएचओ के प्रमुख डॉक्टर टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस ने कहा कि यह शायद पहले से लोगों में है जिन्हें इसका पता नहीं है और यह एक अभूतपूर्व रफ़्तार से फैल रहा है.

    डॉक्टर टेड्रोस ने कहा कि वह चिंतित हैं कि ओमिक्रॉन के प्रभाव को कम आंका जा रहा है.

    उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से अब तक देखा गया है कि हम इस वायरस के जोख़िम को कम आंक रहे हैं. भले ही ओमिक्रॉन से मरीज़ गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ रहे हैं,लेकिन तेज़ी से बढ़ते मामले एक बार फिर हमारी कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रभावित कर सकते हैं."

    ओमिक्रॉन का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में नवंबर में सामने आया था,और तब से दुनिया के कई देशों में इसका संक्रमण बढ़ता जा रहा है.

    कई देशों ने ओमिक्रॉन के कारण दक्षिण अफ्रीका और उसके पड़ोसी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया,लेकिन यह इसे दुनिया भर में फैलने से रोकने में विफल रहा है.

    डॉक्टर टेड्रोस ने संवाददाताओं से कहा कि ओमिक्रॉन "पिछले किसी भी वेरिएंट से ज़्यादा तेज़ी से फैल रहा है.’’

    मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में,डॉक्टर टेड्रोस ने वैक्सीन की असमानता के बारे में अपनी चिंताओं को दोहराया.

    उन्होंने कहा कि कोविड -19के प्रसार को रोकने में बूस्टर "महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं",लेकिन यह "प्राथमिकता का सवाल" है.

    ‘’जिन्हें वायरस से मौत का जोख़िम कम है या गंभीर बीमारी का ख़तरा कम है उन्हें बूस्टर देना,उन लोगों के जीवन को जोख़िम में डाल रहा है जिन पर ख़तरा काफ़ी ज़्यादा है,लेकिन जो अभी भी आपूर्ति की कमी के कारण अपनी पहली ख़ुराक का इंतज़ार कर रहे हैं.‘’

    दुनिया के कई ग़रीब देशों में,कुछ लोगों को अभी तक वैक्सीन की एक भी ख़ुराक नहीं मिली है. वहीं अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश अपने नागरिकों को बूस्टर डोज़ दे रहे हैं.

    भारत में 50 से अधिक मामले ओमिक्रॉन संक्रमण के सामने आ चुके हैं. मंगलवार को महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन वेरिएंट के12नए मामले सामने आये हैं जिनमें से सात मामले अकेले मुंबई के हैं. चार नए केस दिल्ली में सामने आए हैं.

  12. नमस्कार!

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