पेंग शुआई मामले पर चीन ने कहा- मामले को ग़लत भावना से उठाया गया
चीन की टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई के मामले पर चीन ने मंगलवार को पहली बार जवाब दिया. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये "राजनयिक मामला नहीं" है. चीन से साफ़ साफ़ कहा कि "इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें."
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अफ़ग़ानिस्तान: तालिबान के 100 दिन और बेशुमार चुनौतियां
पेंग शुआई मामले पर चीन ने कहा: मामले को ग़लत भावना से उठाया गया

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चीन की टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई के मामले पर चीन ने मंगलवार को पहली बार जवाब दिया. उसने कहा कि इस मामले को "ग़लत भावना से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है."
मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये "राजनयिक मामला नहीं" है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने पत्रकारों से कहा, "मेरा मानना है कि आप सभी ने देखा कि उन्होंने हाल में कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों और एक वीडियो कॉल में भी भागीदारी की."
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कुछ लोगों को जान-बूझकर और ग़लत भावना के साथ इस मुद्दे को उठाना बंद कर देना चाहिए. इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें."

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इमेज कैप्शन, पेंग शुआई क्या है पूरा मामला?
पेंग शुआई ने इस महीने के शुरू में चीन की सोशल मीडिया साइट वीबो पर 1,600 शब्दों के एक पोस्ट में देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री झांग गाओली (75 साल) पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे.
उन्होंने कहा था कि झांग ने उन्हें अपने साथ यौन संबंध बनाने को "मजबूर" किया था.
उन्होंने ये भी लिखा, "भले ये पत्थर को कंकड़ मारने वाली बात हो या आग पर कीड़े के हमले जैसा, लेकिन मैं आपको सच बताऊंगी."
उसके बाद वो क़रीब तीन सप्ताह तक लोगों की नज़रों से गायब हो गई थीं. इससे उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी दुनिया में काफ़ी चिंता जताई जाने लगी.
हालांकि रविवार को वो सामने आईं और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बैश से 30 मिनट तक बात की.
आईओसी ने उनके बारे में बताया कि पेंग शुआई ने कहा है कि वो पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं. हालांकि उनकी सुरक्षा पर अब भी सवाल बने हुए हैं.
परमबीर सिंह के घर के बाहर लगाया गया उन्हें फ़रार बताने वाला आदेश

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इमेज कैप्शन, परमबीर सिंह के फ्लैट के बाहर लगाया गया नोटिस मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को फ़रार घोषित करने वाले वहां की एक अदालत के आदेश को मंगलवार को परमबीर सिंह के घर के बाहर चिपका दिया गया. उनका फ़्लैट मुंबई के जुहू इलाक़े में है.
अदालत के इस आदेश में कहा गया है कि आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अदालत में एक मामला दर्ज किया गया. इसमें जबरन वसूली और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं.
अदालत ने कहा है कि वो इन आरोपों से संतुष्ट हैं कि अभियुक्त परमबीर सिंह वारंट की तामील होने से बचने के लिए फ़रार हो गए हैं या ख़ुद को छिपा लिया है.
अदालत के आदेश में कहा गया है, ''सिंह को 30 दिनों के भीतर एडिशनल चीफ़ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट, एस्पलेनैड, मुंबई या जांच अधिकारी के सामने पेश होना है ताकि उन पर लगाए आरोपों के बारे में पूछताछ हो सके.''

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मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वो देश में ही हैं और फ़रार नहीं है. जस्टिस किशन कौल के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की एक खंडपीठ ने उन्हें गिरफ़्तार करने से छूट दे दी और कहा कि वे जांच प्रक्रिया में शामिल हों. साथ ही उनकी याचिका पर राज्य सरकार और सीबीआई दोनों को नोटिस जारी किया.
सुप्रीम कोर्ट ने उसके बाद मामले की सुनवाई की अगली तारीख़ 6 दिसंबर तय कर दी. मालूम हो कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ करप्शन और ग़लत व्यवहार का आरोप लगाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था.
इसके बाद, सिंह के ख़िलाफ़ जबरन वसूली और करप्शन के छह मामले दर्ज किए गए. परमबीर सिंह 1988 बैच के आईपीएस अफ़सर हैं. बाद में 17 मार्च को उनके पद से हटा दिया गया.
पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल

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अगले लोकसभा चुनाव के पहले तृणमूल कांग्रेस के उत्साह को बढ़ाते हुए कांग्रेस नेता कीर्ति आज़ाद और अशोक तंवर मंगलवार को नई दिल्ली में पार्टी में शामिल हो गए. इनके साथ ही जदयू में रह चुके पूर्व आईएफ़एस अधिकारी पवन वर्मा भी टीएमसी में शामिल हो गए.
ये नेता मंगलवार को टीएमसी में तब शामिल हुए, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी में भी रह चुके कीर्ति आज़ाद ने कहा, ''मुझे ये कहते हुए खुशी हो रही है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में मैं देश के विकास के लिए काम करूंगा. आज देश को उनके जैसे व्यक्तित्व की ज़रूरत है जो देश को सही दिशा में ले जा सके.''
टीएमसी में कीर्ति आज़ाद के शामिल होने पर पार्टी ने ट्विटर पर लिखा, ''क्रिकेटर से नेता बने श्री कीर्ति आज़ाद हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी और हमारे राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस के परिवार में शामिल हुए. हम उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं और इस नई यात्रा में उनके साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं.''
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कीर्ति आज़ाद तीन बार बिहार के दरभंगा से लोकसभा सांसद रहे हैं. साल 2014 का चुनाव उन्होंने बीजेपी के टिकट पर ही लड़ा था. वो 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य थे.
उन्होंने दिल्ली और दिल्ली क्रिकेट संघ यानी डीडीसीए में कथित अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर कुछ आरोप लगाए थे. उसके बाद उन्हें दिसंबर 2015 में बीजेपी से निकाल दिया गया था. उसके बाद वो 2018 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को रखेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार यानी 25 नवंबर को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर ज़िले के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनआईए) की आधारशिला रखेंगे. यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को दी.
इस एयरपोर्ट के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण पर लगभग 34 से 35 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश होगा. उन्होंने दावा किया कि इस एयरपोर्ट में 1 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार मिलेगा.
यह राज्य का 5वां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा. इसके 2024 से काम करना शुरू होने की उम्मीद है.
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा. उन्होंने ये भी बताया कि ये देश का पहला प्रदूषण रहित एयरपोर्ट बनेगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के नजदीक फ़िल्म सिटी बनाने की कार्रवाई भी की जा रही है. उसका काम भी अब अंतिम चरण में है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनज़र मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर में तैयारियों का जायज़ा लिया.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 23 नवंबर 2021, सुनिए सुशीला सिंह से
मनीष तिवारी की किताब राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस की विफलता का कबूलनामा: भाजपा

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इमेज कैप्शन, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी की किताब का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यूपीए की तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर किस तरह से उदासीन थी.
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पत्रकारों से कहा, "मनीष तिवारी जी ने जो बात अपनी पुस्तक में कही, जिसको हम सभी ने मीडिया में देखा है. ये कहना गलत नहीं होगा कि जो तथ्य सामने आए हैं, इसको कांग्रेस की विफलता का कबूलनामा कहना ही उपयुक्त होगा."
"इस पुस्तक का सारांश है कि संयम शक्ति की निशानी नहीं है, 26/11 के मुंबई हमले के समय संयम कमजोरी माना जा सकता है. भारत को उस समय कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी. जब कांग्रेस की विफलताओं का ये कबूलनामा पढ़ा तो हर भारतीय की तरह हमें भी बड़ी पीड़ा हुई."
उन्होंने कहा, "इस तथ्य के बाद आज स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस की जो सरकार थी वो निठल्ली, निकम्मी थी, लेकिन राष्ट्र सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भारत की अखंडता की भी उनको चिंता नहीं थी. राष्ट्र सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भारत की अखंडता की भी उन्हें चिंता नहीं थी. हर भारतीय ये बात कहता था, भाजपा भी यही बात कह रही थी. आज कांग्रेस शासन में मंत्री रहे मनीष तिवारी जी ने स्वीकारा है कि उनकी सरकार ने राष्ट्र सुरक्षा को दांव पर लगा दिया था."
"कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी क्या आज अपनी चुप्पी तोड़ेंगे? सोनिया गांधी जी हमारा प्रश्न है कि भारत की वीर सेना को उस समय अनुमति और खुली छूट क्यों नहीं दी गयी? हमारी वीर सेना पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी से अनुमति मांग रही थी कि हम पाकिस्तान को सबक सिखाएंगे. लेकिन सोनिया गांधी जी ऐसा क्यों हुआ कि हमारी वीर सेना को ये अनुमति क्यों नहीं दी गई?"
आज का कार्टून: कौन जा सकता है ब्रिटेन?

कोविड-19 वैक्सीन को लेकर ब्रिटेन के एलान पर आज का कार्टून
अमेज़न-फ़्यूचर रिटेल केस में बहुत अधिक दस्तावेज़ जमा करने से सुप्रीम कोर्ट नाराज़

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अमेज़न-फ़्यूचर रिटेल मुक़दमे में पक्षकारों की ओर से बहुत अधिक दस्तावेज़ दाख़िल करने पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को नाराज़ हो गया. शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों से पूछा कि क्या ऐसा करने का उद्देश्य इस मामले को घसीटना है या "जजों को परेशान करना" है.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से अदालत को एक कॉमन और संक्षिप्त दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना के साथ जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की खंडपीठ ने सभी पक्षों के वक़ीलों से कहा कि वे उसे दस्तावेज़ों के छोटे वॉल्यूम मुहैया कराएं ताकि मामले को निपटाया जा सके.
उसके बाद खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख़ 8 दिसंबर तय की.
चीफ़ जस्टिस रमन्ना ने दस्तावेज़ों के बारे में कहा, ''मैं आप सभी से बहुत दुखी हूं. दस्तावेज़ों के 22-23 वॉल्यूम दाख़िल करने में क्या मज़ा आया? दोनों पक्षों ने कितने दस्तावेज़ों के कई वॉल्यूम जमा किए और इसका उद्देश्य क्या मामले को लटकाना है या जजों को परेशान करना?''
फ़्यूचर ग्रुप का पक्ष रख रहे हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसा करना पूरी तरह ग़ैरज़रूरी है. उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों पक्ष आपस में विचार विमर्श करके संक्षिप्त नोट्स के साथ एक कॉमन दस्तावेज़ जमा कराएं.
पीठ ने कहा कि ''वॉल्यूम का पता लगाने में समस्या आ रही है. हमें कुछ समय दें. एक काम करें. क्या आप जिन दस्तावेज़ों पर भरोसा करते हैं उन्हें आप छोटा कर सकते हैं? इन दस्तावेज़ों को कल जमा किया गया."
त्रिपुरा में कोई क़ानून-व्यवस्था नहीं, राज्य में गुंडागर्दी का माहौल: बीजेपी विधायक
....में - Author, पिनाकी दास
- पदनाम, अगरतला से, बीबीसी हिंदी के लिए

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इमेज कैप्शन, भाजपा विधायक सुदीप रॉय बर्मन और आशीष साहा त्रिपुरा के निकाय चुनाव के ठीक दो दिन पहले भाजपा के विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने खुलेआम एक बयान देकर अपनी पार्टी को अजीब सी स्थिति में डाल दिया है.
उन्होंने मंगलवार को कहा कि "त्रिपुरा में कोई क़ानून-व्यवस्था नहीं है और लोगों की जान-माल की रक्षा करने में पुलिस पूरी तरह से विफल रही है."
उन्होंने लोगों से "अपने मताधिकार का प्रयोग करके त्रिपुरा में चल रही गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ इस अघोषित लड़ाई" में खड़े होने की अपील की.
भाजपा के एक अन्य विधायक आशीष साहा के साथ यहां के एमएलए हॉस्टल में बुलाए गए एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब का बिना नाम लिए उन पर आरोप लगाए.
सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि 'पैराशूट से उतरने वाले' एक 'बचकाना' नेता के चलते कभी त्योहारों की तरह होने वाले चुनाव अब नकारात्मकता से भरे 'युद्ध के मैदान' में बदल गया है.
उन्होंने कहा कि इससे भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों की बदनामी हो रही है. उन्होंने बिना सीएम का नाम लिए उन पर ये भी आरोप लगाया कि वो भाजपा के केंद्रीय नेताओं के सामने अपनी लोकप्रियता साबित करने में लगे हैं.

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इमेज कैप्शन, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब बर्मन ने कहा, “मैंने कई सरकारों और सीएम को देखा है. पहले एक राजनीतिक व्याकरण हुआ करता था लेकिन अब ऐसा नहीं है. इससे हमारे राज्य की संस्कृति और विरासत बर्बाद हो रही है लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए लड़वाया जा रहा है. इससे भाजपा और प्रधानमंत्री की बदनामी हो रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अब कोई क़ानून-व्यवस्था नहीं है. पुलिस लोगों और उनकी संपत्तियों की रक्षा करने में पूरी तरह से विफल रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन अब कम्युनिस्टों के दुलार लोगों के नियंत्रण में नहीं है तो वे साजिश कर रहे हैं.
वो चाहते हैं कि ऐसा होने से भाजपा के ख़िलाफ़ जनता का गुस्सा बढ़े और सत्ता विरोधी लहर और मज़बूत हो ताकि वामपंथी सत्ता में वापस आ सकें. सुदीप रॉय बर्मन ने आगे कहा, ''आज मैं राज्य के सभी लोगों से अपील करता हूं कि यह गुंडों और आम लोगों के बीच की एक अघोषित लड़ाई है. लोग सभी ख़तरों और भय के ख़िलाफ़ खड़े हों और मतदान करें.ये आपका हक़ है."
मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं, उन पर निशाना साधते हुए सुदीप रॉय बर्मन ने कहा, “गृह मंत्री अपने बारे में क्या सोचते हैं? अभी वक़्त अच्छा गुज़र रहा है लेकिन आने वाले दिन बहुत ख़तरनाक होंगे. मैं आपसे कह सकता हूं कि अब उनके दिन गिने-चुने हैं.''
सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि उन्होंने केवल दो दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष के साथ असम के सीएम और एनईडीए के अध्यक्ष हिमंत बिस्व सरमा को त्रिपुरा में जो चल रहा है, उससे अवगत कराया है.
योगी, नड्डा ने बोला CAA और जिन्ना के ज़रिए ओवैसी और विरोधियों पर हमला

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) का ज़िक्र करते हुए समाजवादी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी पर हमला किया है.
योगी आदित्यनाथ ने इसी दौरान प्रदेश की राजनीति में बीते कुछ महीनों के दौरान चर्चा में आए 'अब्बाजान' और 'चचाजान' के संबोधनों के ज़रिए भी विरोधियों पर निशाना साधा.
योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बीजेपी के बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के मंच से अपने विरोधियों पर निशाना साधा. कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे.
नड्डा ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का ज़िक्र किया और उनके निशाने पर भी समाजवादी पार्टी और बाकी विरोधी थे. जिन्ना का ज़िक्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीते कुछ वक्त से लगातार हो रहा है.
ओडिशा में एक स्कूल की 53 लड़कियां और 22 मेडिकल स्टूडेंट्स कोरोना संक्रमित

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ओडिशा के सुंदरगढ़ ज़िले के एक सरकारी सहायता प्राप्त हाई स्कूल की 53 लड़कियां और संबलपुर के वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (वीआईएमएसआर) के एमबीबीएस कोर्स के 22 छात्र पिछले तीन दिनों में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को ओडिशा में कोरोना संक्रमण के 212 नए मामले सामने आए हैं जिनमें 70 बच्चे हैं. दो लोगों की कोरोना के कारण मौत भी हुई है.
राज्य में कोरोना वायरस से अब तक 10,47,386 लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 8396 लोगों की मौत हुई है.
सेंट मेरी गर्ल्स स्कूल की हेडमिस्ट्रेस सिस्टर पेट्रिसिया ने बताया कि लड़कियों को आइसोलेशन में रखा गया है और उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. उनकी सेहत सामान्य है और स्कूल को हफ़्ते भर के लिए बंद कर दिया गया है.

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कोरोना से संक्रमित होने वाली ये लड़कियां 8वीं, नौवीं और दसवीं कक्षा की छात्राएं हैं. उनमें सर्दी और कफ के लक्षण देखे गए थे जिसके बाद उनका कोविड टेस्ट कराया गया.
सिस्टर पेट्रिसिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और ज़िला प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई है.
उधर, संबलपुर के वीआईएमएसआर के 22 मेडिकल स्टूडेंट्स को कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों को संदेह है कि संस्थान के वार्षिक समारोह से संक्रमण फैला हो सकता है.
अमेरिकी दबाव के बावजूद ओपेक और उसके सहयोगी उत्पादन बढ़ाने में नाकाम

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उत्पादन बढ़ाने और क़ीमतें क़ाबू में रखने के लिए अमेरिकी दबाव ने तेल उत्पादक देशों के संगठन और उनके सहयोगी देशों (ओपेक प्लस) के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओपेक+ यदि तेज़ी से उत्पादन बढ़ाना भी चाहें तो वे अभी ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि तेज़ी से उत्पादन बढ़ाने की ज़रूरी क्षमता उनके पास नहीं है.
तेल उत्पादक देशों के संगठन और उनके सहयोगी देशों को ओपेक प्लस के नाम से जाना जाता है. ओपेक प्लस में रूस भी शामिल है जबकि वो ओपेक का सदस्य नहीं है.
अमेरिका चाहता है कि कच्चे तेल का उत्पादन तेज़ी से बढ़े ताकि तीन साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुके इसके दामों में कमी हो सके. 2020 में कोरोना के चलते मांग के काफ़ी गिर जाने के बाद ओपेक प्लस ने कच्चे तेल के उत्पादन में रिकॉर्ड कमी कर दी थी.

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अब ओपेक+ ने फिर से उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है लेकिन उस गति से नहीं जैसा कि अमेरिका चाहता है. उत्पादन बढ़ाने की ओपेक प्लस की योजना का इसके एक सदस्य रूस ने ये कहकर विरोध किया कि इससे 2022 में कच्चे तेल की भरमार हो जाएगी.
और रूस ने कहा कि वो अगस्त से धीरे-धीरे हर महीने 4 लाख बैरल प्रतिदिन का ही उत्पादन बढ़ाएगा. हालांकि ओपेक प्लस ने अपने उन लक्ष्यों को भी अब तक हासिल भी किया है.
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के अनुसार, सितंबर और अक्टूबर में ओपेक प्लस का उत्पादन उसके तय लक्ष्यों से 7 लाख बैरल प्रतिदिन कम था. इससे बाजार में कच्चे तेल की कमी के बने रहने और तेल के महंगे रहने की आशंका बढ़ गई है.

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पहले माना जा रहा था कि सस्ता तेल के चलते पैसे की तंगी से जूझने पर ओपेक के अफ़्रीका के छोटे उत्पादक और अरब के बड़े उत्पादक भी, ओपेक के तय कोटे से अधिक उत्पादन कर सकते हैं.
लेकिन कोरोना महामारी और पर्यावरण के दबाव के कारण उत्पादन बढ़ाने के लिए होने वाला निवेश घट गया. ख़ासकर ओपेक के ग़रीब देशों में ऐसा हुआ. इससे ये हुआ कि ओपेक के केवल तीन देशों सउदी अरब, यूएई और इराक़ के पास तेज़ी से उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है.
कंसल्टेंसी संस्था 'इनर्जी आस्पेक्ट्स' ने बताया कि हाल के आंकड़े हमारी उस अनुमान का समर्थन करते हैं कि क्षमता बढ़ाने में नाकाम रहने वाले देशों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
बिहार: चारा घोटाले से जुड़े केस में लालू यादव की सीबीआई कोर्ट में पेशी

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राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव मंगलवार को चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में पटना की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में मंगलवार को पेश हुए.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल सीबीआई जज प्रजेश कुमार ने पिछले हफ़्ते बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री को खुद अदालत में हाजिर होने के लिए कहा था.
मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने अगली तारीख 30 नवंबर तय की है.
लालू यादव के वकील सुधीर सिन्हा ने बताया, "अगली तारीख़ पर अदालत में गवाहों का परीक्षण होगा. अगली तारीख़ पर लालू यादव को हाजिर होने के लिए नहीं कहा गया है. अदालत जब भी कहेगी, वे कोर्ट में पेश होंगे."
मंगलवार को जिस मामले की सुनवाई थी, वो बांका ज़िले के कोषागार से कथित रूप से अवैध तरीके से एक करोड़ की निकासी जुड़ा हुआ है.
लालू यादव झारखंड के अन्य ज़िलों में ऐसे ही मामलों में कसूरवार ठहराए गए हैं. इस वक़्त ज़मानत पर रिहा लालू यादव फिलहाल दिल्ली में अपनी बड़ी बेटी मीसा के साथ रह रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के तीन नेता वैश्विक आतंकवादी, अमेरिका ने किया एलान

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इस्लामिक स्टेट की अफ़ग़ानिस्तान शाखा इस्लामिक स्टेट ख़ुरासान (IS-K) से जुड़े तीन नेताओं पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया है. इनके अलावा एक और व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाया गया है, उस पर आरोप हैं कि वो इस समूह के आर्थिक सहायक के तौर पर काम कर रहा था.
अमेरिका ने यह क़दम ऐसे समय पर उठाया है जब काबुल में सिलसिलेवार जानलेवा हमले हुए हैं और इसकी ज़िम्मेदारी IS-K ने ली है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा कि उसने इस संगठन के अमीर (प्रमुख) सनाउल्लाह ग़फ़्फ़ारी, प्रवक्ता सुल्तान अज़ीज़ आज़म और काबुल प्रांत के नेता मौलाव रजब को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डाल दिया है.
इसकी जानकारी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बयान जारी करते हुए दी.
साबरमती के गांधी आश्रम से LIVE: स्थानीय लोगों को क्यों सता रहा है आशियाना उजड़ने का डर?
साबरमती के गांधी आश्रम से LIVE: स्थानीय लोगों को क्यों सता रहा है आशियाना उजड़ने का डर? ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के तेजस वैद्य
ख़राब क्वॉलिटी के प्रेशर कुकर बेचने पर फ़्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील, शॉपक्लूज़ और पेटीएम को नोटिस

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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर सेंट्रल कंज़्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) ने ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) के नियमों पर खरे नहीं उतरने वाले प्रेशर कुकर बचने के लिए पांच ईकॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 18 नवंबर को ये नोटिस अमेज़न, फ़्लिपकार्ट, स्नैपडील, शॉपक्लूज़ और पेटीएममॉल के अलावा कई अन्य विक्रेताओं को भी भेजा गया है.
सरकार ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि क्वॉलिटी कंट्रोल ऑर्डर का उल्लंघन करके नकली और संदिग्ध सामान की बिक्री को रोकने के लिए देश भर में सीसीपीए देश भर में अभियान चला रही है.
सीसीपीए का ये अभियान स्वाधीनता के 75 साल पूरे होने पर शुरू किए गए 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' कैम्पेन का हिस्सा है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "ईकॉमर्स कंपनियों के साथ विक्रेताओं को भी इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रेशर कुकर बेचने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं."
इस सिलसिले में सीसीपीए ने ज़िलाधिकारियों को भी निर्देश जारी किया है कि ऐसे सामानों के उत्पादन और बिक्री से जुड़े अनुचित व्यापार व्यवहार और उपभोक्ता अधिकार के हनन के मामलों की जांच करें.
अधिकारी का कहना है कि ये पहली बार है कि सीसीपीए ने ईकॉमर्स कंपनियों को ये नोटिस जारी किया है.
उन्होंने बताया, "ईकॉमर्स कंपनियां और विक्रेता उनके प्लेटफॉर्म पर ख़राब गुणवत्ता वाले उत्पाद कैसे बेच सकते हैं. ईक़ॉमर्स कंपनियों को पूरी तरह से जांच परख के बाद ही विक्रेताओं को अपने प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की इजाजत देनी चाहिए क्योंकि वे विक्रेताओं से इसके लिए अच्छा कमीशन लेते हैं. उन्हें अपना कारोबार ज़िम्मेदारी से चलाना चाहिए."
भारत अपने रिज़र्व भंडार से निकालेगा 50 लाख बैरल कच्चा तेल

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भारत तेल के दाम घटाने के लिए अपने आपातकालीन भंडार से 50 लाख बैरल कच्चा तेल निकालने की योजना बना रहा है.
इससे पहले अमेरिका, जापान और दूसरे बड़े देश भी ऐसा कर चुके हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई ने मंगलवार को एक सरकारी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है.
मालूम हो कि भारत के पास 3.8 करोड़ कच्चे तेल का आपातकालीन भंडार है.
देश के पूर्वी और पश्चिमी तटों के किनारे आपातकाल के दौरान इस्तेमाल करने के लिए तीन जगहों पर कच्चे तेल के भूमिगत रणनीतिक भंडार बनाए गए हैं.
इन्हीं भंडारों से ये तेल निकाले जाएंगे. सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगले 7 से 10 दिनों में इन भंडारों से तेल को निकाला जाने लगेगा.
उन्होंने ये भी बताया कि बाद में इन भंडारों से और तेल भी निकाले जा सकते हैं.
कच्चे तेल को मंगलोर रिफ़ाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड यानी एमआरपीएल के साथ हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एचपीसीएल को बेचा जाएगा. ये दोनों कंपनियां इन भंडारों से पाइप के जरिए जुड़े हुए हैं.
रिज़र्व बैंक ने दिया PMC और USF बैंक के विलय का प्रस्ताव, कैसे वापस मिलेगा ग्राहकों का पैसा?

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भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक (पीएमसी) के यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (यूएसएफबी) के साथ विलय का प्रस्ताव रखा है.
सोमवार को जारी मसौदे के मुताबिक, पीएमसी बैंक की संपत्ति और देनदारियों को यूएसएफबी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. मसौदे में पीएमसी बैंक के ग्राहकों का रिफंड भी शामिल है.
आरबीआई ने इस ड्राफ्ट पर 10 दिसंबर तक सुझाव मांगे हैं. इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा.
यूएसएफबी 1,100 करोड़ रुपये की पूंजी जुटा रहr है, जबकि नियमों के अनुसार, एक छोटे बैंक के लिए केवल 200 करोड़ रुपये की ज़रूरत होती है.
यूनिटी स्मॉल फिनांस बैंक लिमिटेड सेंट्रम ग्रुप और भारतपे का साझा उपक्रम है और एक लघु बैंक के रूप में ये 1 नवंबर, 2021 को ही अस्तित्व में आया है.
इस प्रस्ताव से उन ग्राहकों के लिए अपने पैसे की वापसी की उम्मीद जगाई है जो पीएमसी बैंक में फंसा हुआ है.
ग्राहकों को उनका पैसा अगले तीन से दस साल में वापस मिलने की बात कही गई है. मसौदे के मुताबिक़, यूएसएफबी जमाकर्ताओं को 5 लाख रुपये की गारंटी प्रदान देगा.
इसके बाद बैंक दो साल में 50,000 रुपये, तीन साल में 1 लाख रुपये, चार साल में 3 लाख रुपये, पांच साल में 5.5 लाख रुपये और दस साल में पूरी राशि का भुगतान करेगा.
