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कश्मीर में सेना के ऑपरेशन का बीसवां दिन, चरमपंथियों का सुराग़ नहीं

पाकिस्तान की सीमा से लगे पुंछ और राज़ौरी ज़िलों के जंगलों में भारतीय सेना सघन तलाशी अभियान चला रहा है. यहां हुए दो अलग-अलग एनकाउंटर में नौ भारतीय सैनिकों की मौत हो चुकी है.

लाइव कवरेज

  1. पाकिस्तान में 8 रुपये प्रति लीटर की दर से बढ़ सकते हैं डीज़ल और पेट्रोल के दाम

    पाकिस्तान सरकार आने वाले 15 दिनों के लिए पेट्रोल और डीज़ल के दामों में 8 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ोतरी कर सकती है.

    पाकिस्तानी अख़बार द डॉन में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, अगर सरकार ने टैक्स रेट में अंतर नहीं किया तो पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है.

    पाकिस्तान के ही एक अन्य अख़बार डेलीटाइम्स ने भी अपनी ख़बर में बताया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल के दामों में 8 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से वृद्धि हो सकती है.

    फिलहाल पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल (प्रीमियम सुपर) की कीमत 137.48 रुपये है.

    वहीं, हाई स्पीड डीज़ल की कीमत 134.48 रुपये है. और लाइट डीज़ल ऑइल की कीमत 110.26 रुपये है.

    डॉन ने अपनी ख़बर में बताया है कि सूत्रों के मुताबिक़, सरकार अब तक इस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि वह ये बढ़ोतरी 1 नवंबर या 16 नवंबर से करेगी.

    पाकिस्तान की ऑइल एंड गैस नियामक प्राधिकरण और पेट्रोलियम डिविज़न ने मौजूदा टैक्स रेट, इम्पोर्ट पैरिटी प्राइस और एक्सचेंज रेट को ध्यान में रखकर पेट्रोल की कीमत में छह रुपये और डीज़ल की कीमत में 8 रुपये बढ़ाने का सुझाव दिया है.

  2. BSP के छह और बीजेपी से एक विधायक समाजवादी पार्टी में हुए शामिल

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए

    बहुजन समाज पार्टी के छह विधायकों ने शनिवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. इसके साथ ही सीतापुर से बीजेपी विधायक राजेश राठौड़ ने भी सपा की सदस्यता ली है.

    बसपा से सपा में जाने वाले विधायक असलम राइनी (भिनगा-श्रावस्ती), असलम अली चौधरी (धौलाना-हापुड़), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बिंद (हंडिया-प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर), और सुषमा पटेल (मुंगरा-बादशाहपुर) हैं.

    ये सभी विधायक साल 2020 में राज्यसभा सीटों के चुनाव में मायावती द्वारा बीजेपी कैंडिडेट को समर्थन देने की वजह से ख़फा थे. इसके बाद मायावती ने इन सभी को पार्टी से निलंबित कर दिया था.

    इससे पहले सोमवार को बसपा के दो और कद्दावर नेताओं कटेहरी के विधायक लालजी वर्मा और अकबरपुर के विधायक राम अचल राजभर ने भी अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया था.

    इन्होंने कहा है कि 7 नवंबर को वो अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में एक बड़ी रैली कर अपने कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी में शामिल होंगे.

    मायावती ने लालजी वर्मा और राम अचल राजभर को जून 2021 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताकर पार्टी से निलंबित कर दिया था.

    लालजी वर्मा बसपा के विधानमंडल दल के नेता थे और राम अचल राजभर बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं.

    18 अक्टूबर को हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपसभापति के चुनाव में इन आठों विधायकों ने सपा के प्रत्याशी नरेंद्र वर्मा का समर्थन किया था और उनके लिए क्रॉस वोटिंग की थी.

    इसके साथ विपक्षी पार्टियों के नेताओं का समाजवादी पार्टी से जुड़ने का सिलसिला जारी है.

    इसके अलावा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ने 28 अक्टूबर को पूर्वांचल के मऊ में पार्टी के उन्नीसवें स्थापना दिवस पर एक विशाल रैली कर अखिलेश यादव की मौजूदगी में 2022 के विधान सभा चुनावों में सपा का खुलकर समर्थन करने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनवाने का ऐलान किया था.

    ओम प्रकाश राजभर के भी तीन विधायकों ने विधानसभा के उप-सभापति के चुनाव में सपा के प्रत्याशी नरेंद्र वर्मा का समर्थन किया था.

  3. इटली में पीएम मोदी, अफ़ग़ानिस्तान पर बोले

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इटली में अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर कहा है कि दुनिया इस इलाक़े को अलग-थलग करके न देखे.

    उन्होंने कहा है कि इस युद्ध ग्रस्त देश से जुड़ी और यहां जन्म लेने वाली किसी भी तरह की धमकी और ख़तरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सचेत रहना चाहिए.

    ये पहला मौक़ा है जब पीएम मोदी और इतालवी पीएम मारियो ड्रेगी की मुलाक़ात होगी.

    विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने एक प्रेसवार्ता के दौरान इस मुलाक़ात के दौरान हुई वार्ताओं के बारे में संक्षेप में बताया.

    वह बताते हैं कि पीएम मोदी ने इस क्षेत्र की ओर ध्यान दिलाया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पैदा हुई समस्या के मूल कारणों को समझा जाना ज़रूरी है. ये मुख्य रूप से आतंकवाद, चरमपंथ एवं उग्रवाद हैं. और इसके परिणामों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए.

    पीएम मोदी इटालवी प्रधानमंत्री मारियो ड्रेगी के आमंत्रण पर इटली पहुंचे थे जहां उनका स्वागत स्वयं प्रधानमंत्री ड्रेगी ने किया.

    जी20 के साइडलाइन पर हुई ये बैठक इटली के पालाज़ो चिगि महल में मुलाक़ात हुई.

  4. उत्तराखंड में एक के बाद एक गाँव क्यों हो रहे हैं ख़ाली

  5. ऑर्थर रोड जेल से रिहा होकर अपने घर ‘मन्नत’ पहुंचे आर्यन ख़ान

    बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान शनिवार सुबह ऑर्थर रोड जेल से रिहा होकर अपने घर ‘मन्नत’ पहुंच गए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, मन्नत के बाहर भारी संख्या में शाहरुख के फैन मौजूद हैं.

  6. देश के 13 राज्यों में उपचुनाव के लिए मतदान आज, कुछ सीटें बेहद अहम

    आज देश में 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की तीन लोकसभा और 29 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है. वैसे तो ये सिर्फ़ कुछ सीटों पर होने वाले उपचुनाव हैं लेकिन इनका राजनीतिक असर बड़ा हो सकता है.

    हरियाणा में ऐलनाबाद में उपचुनाव होना है जो भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख ओम प्रकाशक चौटाला के लिए अहम होने वाला है.

    क़रीब एक दशक बाद जेल से रिहा होने और पोते दुष्यंत चौटाला के अलग पार्टी बनाने के बाद से ये उपचुनाव उनके लिए और महत्वपूर्ण हो जाता है.

    अभय चौटाला ने केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में इस विधानसभा सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    ये ना सिर्फ़ चौटाला परिवार में जाट वोटों की लड़ाई है बल्कि बीजेपी के लिए भी ये जांचने का मौका है कि किसान आंदोलन के चलते उसे कितना नुक़सान हुआ है.

    बीजेपी ने इस सीट से विवादित विधायक रहे गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा को मैदान में उतारा है.

    बिहार में भी दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. जदयू विधायक की मौत के बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है और ये सीट एनडीए सरकार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है.

    जिन राज्यों में उपचुनाव होने हैं उनमें मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मिजोरम, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र,आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं. दादर और नागर हवेली लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है.

  7. आर्यन ख़ान की रिहाई के लिए शाहरुख़ मन्नत से निकले

    क़रीब चार हफ़्ते बाद बॉलीवुड सुपर स्टार शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान मुंबई की एक जेल से अब कुछ देर में रिहा हो जाएंगे. गुरुवार को 23साल के आर्यन ख़ान को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक क्रूज़ में ड्रग मामले ज़मानत दे दी थी लेकिन एक रात और उन्हें जेल में गुज़ारनी पड़ी थी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आर्यन ख़ान आज 10 बजे तक जेल से बाहर आ जाएंगे.

    ज़मानत से जुड़े दस्तावेज़ समय पर नहीं मिल पाने के कारण ऐसा हुआ. शनिवार सुबह शाहरुख़ ख़ान अपने घर मन्नत से आर्थर रोड जेल के लिए निकले. शुक्रवार को आर्यन ख़ान के वकील 5.30बजे शाम तक बेल दस्तावेज़ नहीं सौंप पाए थे इसलिए आर्यन ख़ान शनिवार को रिहा होंगे.

    आर्यन ख़ान के लिए कोर्ट में दलील मोदी सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे मुकुल रोहतगी ने दी थी. अभिनेत्री जूही चावला ने एक लाख रुपए के बेल बॉन्ड पर हस्ताक्षर किया था. जूही चालवा शाहरुख़ की शुरुआती फ़िल्मों की सह-कलाकार रही हैं.

    आर्यन ख़ान को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी ने दो अक्टूबर को एक क्रूज़ शिप पार्टी से गिरफ़्तार किया था. इसमें 20 लोग गिरफ़्तार किए गए थे और आर्यन ख़ान अभियुक्त नंबर एक हैं. एनसीबी को आर्यन ख़ान के पास से ड्रग नहीं मिला था लेकिन कोर्ट में दावा किया है कि उनके वॉट्सऐप चैट पता चलता है कि वो अवैध ड्रग तस्करी में शामिल थे.

  8. मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी सूरत की अदालत में हुए पेश

    पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीते शुक्रवार को सूरत की एक अदालत में अपने ख़िलाफ़ दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि केस में बयान दर्ज कराया है.

    ये मामला साल 2019 में कर्नाटक के कोलर में दिए गए एक भाषण के दौरान मोदी उपनाम पर उनकी टिप्पणी से जुड़ा है.

    सूरत के बीजेपी विधायक पुर्नेश मोदी द्वारा दायर कराए गए इस मामले में राहुल गांधी अब तक तीन बार कोर्ट के सामने पेश हो चुके हैं.

    बीते 26 अक्टूबर को कोर्ट ने राहुल गांधी से 3 बजे से 6 बजे के बीच अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा था.

    अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू के अनुसार बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में राहुल गांधी ने अदालत द्वारा पूछे गए ज़्यादातर सवालों के जवाब में कहा कि उन्हें नहीं पता है.

    कोर्ट ने ये सवाल कोलर के तत्कालीन चुनाव अधिकारी और भारतीय चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए गए एक वीडियोग्राफ़र के बयान के आधार पर किए.

    जब चीफ़ ज़्युडिशियल मजिस्ट्रेट एएन दवे ने पूछा कि क्या उन्हें ये बात पता थी कि अरुण कुमार को चुनाव आयोग द्वारा रैली का वीडियो बनाने के लिए अधिकृत वीडियोग्राफ़र के रूप में नियुक्त किया गया है.

    इस सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है.

    इसके साथ ही राहुल गांधी ने कोर्ट द्वारा पूछे गए अन्य सवालों के जवाब भी ना में दिए.

    इससे पहले राहुल गांधी जून 2021 और अक्टूबर 2019 में कोर्ट के सामने पेश हुए थे और उन्होंने ख़ुद को निर्दोष बताया था.

    साल 2019 में संसदीय चुनावों के दौरान पुर्नेश मोदी ने अप्रैल में राहुल गांधी के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया था.

    उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 13 अप्रैल को एक चुनावी जनसभा संबोधित करते हुए गांधी ने कहा था,“सभी चोरों का सरनेम मोदी ही क्यों होता है?”

    पिछले महीने पुर्नेश मोदी को भूपेंद्र पटेल सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.

  9. मैक्रों के साथ बैठक में बोले बाइडन, ऑकस समझौते के दौरान बरती गई नासमझी

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को रोम में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक मुलाक़ात में कहा है कि अमेरिका ने ऑकस समझौते के दौरान नासमझी बरती.

    अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ऑकस सुरक्षा समझौते के बाद ये पहला मौक़ा था, जब दोनों देशों के राष्ट्रपति आमने-सामने थे.

    इस समझौते की वजह से फ्रांस को ऑस्ट्रेलिया के साथ हुई 37 बिलियन अमेरिकी डॉलर की डील से हाथ धोना पड़ा है.

    समझौते की ख़बर सार्वजनिक होने के बाद फ्रांस और अमेरिका के बीच रिश्तों में कड़वाहट देखी गई थी.

    ये मुलाक़ात रोम में होने वाले जी-20 और ग्लासगो में सीओपी26 समिट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति की दुनिया के तमाम नेताओं से होने वाली बैठकों में से एक थी.

    इस दौरान बाइडन ने कहा, “हमने जो किया वह नासमझी भरा था. मैं ये मानकर चल रहा था कि फ्रांस को इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी.''

    ऑकस समझौते में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई अन्य तकनीकें भी शामिल हैं. यह पिछले कई दशकों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े रक्षा समझौते में से एक है. इसके साथ ही इसे चीन से मुक़ाबला करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

    इस समझौते ने साल 2016 में फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए समझौते को ख़त्म कर दिया, जिसके तहत फ्रांस 12 पारंपरिक पनडुब्बियां बनाने जा रहा था.

    समझौते की ख़बर आने के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री ने इसे पीठ में खंजर मारने की संज्ञा दी थी. और फ्रांस ने तात्कालिक रूप से ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था.

    इस बैठक के बाद मैक्रों ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि, भरोसा प्यार की तरह होता है. इसमें वादे ठीक हैं लेकिन ठोस ज़मीन ज़्यादा बेहतर होती है.''

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