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मोदी 2024 में पीएम बनें इसके लिए यूपी में योगी का सीएम बनना ज़रूरी- अमित शाह

अमित शाह ने लखनऊ में कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी का लक्ष्य 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करना है.

लाइव कवरेज

पवन सिंह अतुल, अनंत प्रकाश, कीर्ति दुबे and मानसी दाश

  1. बीबीसी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह लाइव पेज अब यहीं बंद हो रहा है.शनिवार, 30 अक्टूबर के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं.

  2. मोदी 2024 में पीएम बनें इसके लिए यूपी में योगी का सीएम बनना ज़रूरी- अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अगर नरेंद्र मोदी को साल 2024 में एक बार फिर प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करना है तो 2022 में योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना होगा.

    इसके साथ ही अमित शाह ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी का सीएम चेहरे को लेकर चल रहे कयासों पर लगाम लगी दी है.

    उन्होंने कहा, "जब प्रधानमंत्री के पद पर मोदी जी हैं तो वो उत्तर प्रदेश की ज़रूरतों को पूरा करते हैं. अगर मोदी जी के नेतृत्व में 2024 का लोकसभा चुनाव जीतना है तो उसकी नींव 2022 के विधानसभा चुनावों से पड़ेगी."

    "मोदी जी को 2024 में प्रधानमंत्री बनना है और उसके लिए 2022 में योगी आदित्यनाथ को 2022 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना होगा."

    अमित शाह ने शुक्रवार को ये बात लखनऊ में डिफेन्स एक्स्पो ग्राउंड में अवध इलाक़े के बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये बात कही.

    समारोह में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के सदस्यता अभियान को भी हरी झंडी दिखाई.

    अमित शाह ने कहा कि दिवाली के बाद चुनाव प्रचार में तेज़ी आएगी और पार्टी के कार्यकर्ता इसके लिए जी-जान लगाकर काम करेंगे.

    उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में बीजेपी का लक्ष्य 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करना है.

    उन्होंने कहा, "जब बीजेपी के लोग कमल के फूल वाला झंडा लेकर चलते हैं तो विपक्षी पार्टियों को डर लगता है."

    उन्होंने विपक्षी पार्टियों, ख़ास कर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि, "जब चुनाव का बिगुल बज जाता है, जो लोग घरों में बैठे हैं वो तैयार हो कर आते हैं और दिखावा करते हैं कि उनकी सरकार बनने वाली है. मैं उनसे सवाल करता हूं कि पांच सालों में वो कितने दिन विदेश में रहें इसका ब्योरा दें."

    अमित शाह ने कहा कि 2014, 2017 और 2019 में लोगों ने बीजेपी का मज़ाक उड़ाया था और कहा था 'मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तिथि नहीं बताएंगे', लेकिन अभी की सरकार में अयोध्या में राम मंदिर का काम तेज़ी से चल रहा है.

  3. तालिबान ने पाकिस्तान के लिए नियुक्त किया 'कार्यवाहक राजदूत'

    बीबीसी मॉनिटरिंग

    अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अपने दूतावास और वहाँ के दूसरे प्रमुख शहरों में अपने वाणिज्यिक दूतावासों या कॉन्सुलेट्स के लिए नए कार्यवाहक दूत और अन्य अधिकारी नियुक्त किए हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान के निजी टेलिविज़न चैनल एरियाना न्यूज़ ने 28 अक्तूबर को ये जानकारी दी है.

    वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि तालिबान सरकार ने दूतावास के प्रथम सचिव या चार्ज डी'अफ़ेयर्स के रूप में नियुक्त किए गए मोहम्मद शोकेब को कार्यवाहक दूत बनाया है.

    अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े के कुछ वक्त पहले जुलाई में सरकार ने कथित तौर पर राजदूत के बेटी की अगवा होने के बाद पाकिस्तान में मौजूद अपने राजदूत को वापस बुला लिया था.

    मीडिया को जो दस्तावेज़ मिले हैं उसके अनुसार तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तकी ने मानव संसाधन विभाग को आदेश दिया है कि वो इस्लामाबाद में मौजूद दूतावास के प्रथम सचिव सरदार मोहम्मद शोकेब को कार्यवाहक दूत नियुक्त करें.

    इसके अलावा पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में मौजूद चार और डिप्लोमैटिक मिशन के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया गया है.

    पूर्व अफ़ग़ान दूतों का कहना है कि तालिबान ने कराची, क्वेटा और पेशावर में मौजूद राजनयिक मिशनों के लिए नए अधिकारियों को भेजा है.

    पाकिस्तान आधिकारिक रूप से तालिबान सरकार को मान्यता नहीं देता, इस कारण मोहम्मद शोकेब को राजदूत का औपचारिक पद नहीं दिया जाएगा, हालांकि कार्यवाहक के रूप में दूतावास में ये ज़िम्मेदारी वही निभाएंगे.

    राजनीतिक जानकार अब्दुल बशीर रांजबर के अनुसार, "इसे ऐसे नहीं देखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान तालिबान सरकार को मान्यता दे रहा है. बल्कि मान्यता न मिलने तक दोनों देशों के बीच कामकाज चालू रहे इसके लिए इस्लामिक अमीरात (अफ़ग़ानिस्तान) ने ये कदम उठाया है."

    पत्रकार ताहिर ख़ान कहते हैं, "पाकिस्तान को इसकी जानकारी है. क़ाबुल में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास ने ही वीज़ा जारी किए हैं. ये दोनों देशों के बीच आपसी समझदारी पर आधारित हो सकता है. पाकिस्तान ने इसकी इजाज़त दी है और इसका मतलब है कि वो ये चाहते थे."

    वहीं इस्लामाबाद में मौजूद अफ़ग़ान दूतावास के एक प्रवक्ता हादी बहार ने कहा कि उन्हें नए अधिकारियों के आने की सूचना मिली है.

    इस ख़बर पर अब तक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है.

    अफ़ग़ानिस्तान मे तालिबान को सत्ता पर काबिज़ हुए दो महीने हो गए हैं, लेकिन अब तक पाकिस्तान समेत किसी देश ने उसकी सरकार को मान्यता नहीं दी है.

  4. पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं, ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं- सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि इस साल दिवाली पर पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी नहीं है, लेकिन बेरियम साल्ट या रसायन वाले पटाखों पर प्रतिबंध है. यानी इस बार ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

    कोर्ट ने शुक्रवार को बेरियम वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के अपने आदेशों का सख्ती से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं.

    न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि "यदि यह पाया जाता है कि प्रतिबंधित पटाखों का निर्माण, बिक्री और उपयोग किसी विशेष क्षेत्र में किया जाता है तो संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव, सचिव (गृह), राज्य पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और संबंधित पुलिस स्टेशन के प्रभारी एसएचओ या पुलिस अधिकारी इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे."

    इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पटाखों पर रोक लगाना किसी समुदाय या किसी समूह विशेष के खिलाफ़ नहीं है.

    कोर्ट ने कहा था "खुशी मनाने की आड़ में नागरिकों के अधिकारों के उल्लंघन की इजाज़त नहीं दी जा सकती. हम कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि हम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए यहां पर हैं."

    न्यायालय ने कहा कि उन अधिकारियों को कुछ ज़िम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए जिन्हें आदेश को ज़मीनी स्तर पर लागू करने का अधिकार दिया गया है. पीठ ने कहा कि पटाखे बाज़ार में खुलेआम मिल रहे हैं जो चिंता का विषय है.

  5. एक रात और जेल में बिताएंगे आर्यन ख़ान, जेलर ने बताई वजह

    अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन ख़ान शुक्रवार को आर्थर रोड जेल से रिहा नहीं होंगे.

    बीबीसी मराठी से बात करते हुए जेल अधीक्षक ने कहा, ''आर्यन ख़ान का ज़मानत आदेश शाम 5.30 बजे तक नहीं मिला. इसलिए आज उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा. सभी के लिए जेल के एक ही नियम हैं जो आर्यन ख़ान पर भी लागू होंगे.''

    गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में आर्यन सहित अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को ज़मानत दी थी.

    मंगलवार से आर्यन ख़ान की ज़मानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी और तीन दिन तक चली बहस के बाद कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दी गई.

    बीते तीन सप्ताह से आर्यन एनसीबी की रिमांड पर और फिर जेल में में बंद थे. दो बार उनकी ज़मानत की अर्ज़ी निचली अदालत में ख़ारिज की जा चुकी थी.

    बॉम्बे हाईकोर्ट में पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने आर्यन ख़ान की पैरवी की.

    इस ज़मानत के साथ 14 शर्तें रखी गई हैं,जिनका उल्लंघन होने पर ये ज़मानत रद्द हो जाएगी.

    1.हर अभियुक्त को एक लाख रूपये का मुचलका भरना होगा.

    2.अभियुक्त इस बात का ख्याल रखें कि इस तरह के किसी मामले में दोबारा शामिल ना हों.

    3.अभियुक्त किसी भी सह-अभियुक्त से संपर्क नहीं करेंगे,या इस मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति से किसी भी तरीक़े से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे.

    4.ये मामला जब तक एनडीपीएस की स्पेशल कोर्ट के पास है तब तक अभियुक्त ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे इस केस पर प्रभाव पड़े.

    5.अभियुक्त सीधे या किसी के ज़रिए गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे.

    6.सभी अभियुक्तों को अपना पासपोर्ट स्पेशल कोर्ट में जमा करना होगा.

    7.अभियुक्त इस केस को लेकर टेलीविजन,प्रिंट या सोशल मीडिया पर भी कोई बयान या टिप्पणी नहीं देंगे.

    8.एनडीपीएस के स्पेशल जज की अनुमति के बिना अभियुक्त देश से बाहर नहीं जाएंगे.

    9.मुंबई से बाहर जाने के लिए अभियुक्तों को जांच अधिकारी को सूचित करना होगा और उन्हें ज़रूरत की जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी.

    10.अभियुक्तों को हर शुक्रवार11बजे से दोपहर दो बजे के बीच एनसीबी के दफ़्तर जा कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.

    11.कोर्ट की हर तारीख पर अभियुक्तों को उपस्थित होने होगा,जब तक कि उन्हें किसी कारणवश रोका ना जाए.

    12.एक बार जब केस का ट्रायल शुरू हो जाए तो अभिययुक्त किसी भी तरह ट्रायल में देरी का कारण नहीं बनेंगे.

    13.जब भी जांच के लिए एनसीबी अभियुक्तों को बुलाएगी,उन्हें उपस्थित होना होगा.

    14.इन शर्तों का उल्लंधन होने पर ये ज़मानत रद्द हो जाएगी.

    आर्यन ख़ान को एक क्रूज़ पर हुई कथित रेव पार्टी के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था.

    आर्यन ख़ान के पास से कोई ड्रग्स बरामद नहीं हुई लेकिन उनके दोस्त अरबाज़ मर्चेंट के पास प्रतिबंधित पदार्थ थे. अरबाज़ मर्चेंट से छह ग्राम चरस की बरामदगी हुई थी.

    आर्यन ख़ान और अन्य अभियुक्तों पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा8 (सी) के साथ20बी (खरीद),27 (खपत),28 (अपराध करने का प्रयास),29 (उकसाना और साज़िश) और35 (दोषपूर्ण मानसिक स्थिति का अनुमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

  6. LIVE: आर्यन ख़ान एक रात और आर्थर रोड जेल के गुजारेंगे. अधिक जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता दीपाली जगताप

  7. फ़िटनेस के दीवाने, कन्नड़ सिनेमा के 'पॉवर स्टार' पुनीत की हार्ट अटैक से मौत

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

    कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार का 46 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया. बेंगलूरू के अस्पताल ने बताया है कि राजकुमार का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ.

    अस्पताल से जारी एक बयान में कहा गया है, “ उन्हें आज सुबह 11.40 पर अस्पताल लाया गया था. उपचार के दौरान वे कोई रेस्पांस नहीं दे रहे थे.”

    कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक ने कहा है कि पुनीत के पार्थिव शरीर को कांतिवीरा स्टेडियम में रखा जाएगा ताकि उनके फ़ैन, उन्हें अलविदा कह सकें.

    पुनीत का परिवार अब विदेश से उनकी बेटी के आने का इंतज़ार कर रहा है. पुनीत की पत्नी अश्विनी हैं और उनकी दो बेटियां हैं.

    ‘यूथ आइकॉन’ का फ़िल्मी सफर

    पुनीत राजकुमार कर्नाटक में एक यूथ आइकॉन की तरह थे. पुनीत को बाल कलाकार रुप में नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है. उन्हें कन्नड़ फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी फ़िटनेस के लिए भी जाना जाता था.

    पुनीत ने 29 फ़िल्मों में कान किया और उन्हें प्यार से अप्पू बुलाया जाता था. ये उनकी पहली फ़िल्म में उनके किरदार का नाम था. उस दौरान उनके डांस की भी आलोचकों ने ख़ूब तारीफ़ की थी.

    फ़िल्म निर्देशक केएम चैतन्य ने बीबीसी हिंदी को बताया, “उम्र के हिसाब से वो बहुत ही फिट व्यक्ति थे. वे आराम समरसॉल्ट कर लेते थे और डांसर तो कमाल के थे. वे फ़िटनेस के मामले में आदर्श थे.”

    पुनीत अपने पिता राजकुमार की तरह सिर्फ़ एक्टर ही नहीं प्लेबैक सिंगर भी थे.

    उनके पिता राजकुमार तब सुर्ख़ियों में आए थे जब उन्हें चंदन के तस्कर वीरप्पन ने सत्यमंगलम के जंगलों में अग़वा कर लिया था.

    पुनीत ने अपने पिता के साथ 1985 में बेट्टाडू हूवु नाम फ़िल्म में दस साल की उम्र में अभिनय किया था. इस रोल के लिए उन्हें बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.

    कौन बनेगा करोड़पति के होस्ट

    एक दशक बाद पुनीत अप्पू में नज़र आए और साल 2017 में उनकी आख़िरी फ़िल्म राजकुमारा तक बॉक्स ऑफ़िस पर उनका जादू चलता रहा.

    पुनीत कौन बनेगा करोड़पति के कन्नड़ संस्करण के होस्ट भी थे.

    जैसे ही उनकी मौत की ख़बर फैली मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और उनके कई मंत्रियों ने अस्पताल का रुख़ किया. कई दफ़्तर, स्कूल और कॉलेज आनन फ़ानन में बंद कर दिए गए.

    बोम्मई ने पत्रकारों को बताया कि पुनीत सुबह जिम गए थे और घर आकर परिवार को थकान के बारे में बताया. जिसके बाद उन्हें फ़ैमिली डॉक्टर के पास ले जाया गया. डॉक्टर की सलाह पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.

    पुनीत के बड़े भाई और फ़िल्म इंडस्ट्री के दिग्गज राघवेंद्र राजकुमार ने कहा, “हम अब भी स्तब्ध हैं. लेकिन मैं सबसे अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें. पुनीत मुझे दो बार अस्पताल लेकर गया था. उसी ने मुझे पेसमेकर लगवाया था. दुर्भाग्य मैं उसे अस्पताल नहीं ले जा पाया.”

    शांति की अपील इस लिए की जा रही है क्योंकि जब पुनीत के पिता राजकुमार का निधन हुआ था तो उनके फ़ैन काफ़ी उत्तेजित हो गए थे. उस समय सात लोगों की जान गई थी.

    कर्नाटक के एडीजीपी आलोक कुमार ने ट्वीट कर कहा है, “पॉवर स्टार पुनीत राजकुमार नहीं रहे. उन्हें उनके कई फ़ैन्स और चाहने वाले मिस करेंगे. फ़िटनेस के दीवानों को केयरफ़ुल रहना चाहिए. ज़िंदगी अनिश्चितताओं से भरी हुई है.”

  8. कन्नड़ एक्टर पुनीत राजकुमार का हार्ट अटैक से निधन

    कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार का 46 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बेंगलूरू के अस्पताल ने बताया है कि राजकुमार का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुनीत राकुमार की मौत पर शोक जताते हुए ट्विट किया है,‘’ भाग्य के एक क्रूर मोड़ ने हमसे प्रतिभाशाली अभिनेता पुनीत राजकुमार को छीन लिया है, उनके जाने की कोई उम्र नहीं थी.''

    ''आने वाली पीढ़ियां उन्हें उनके कार्यों और अद्भुत व्यक्तित्व के लिए याद करेंगी. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. शांति. ‘’

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अभिनेता के निधन पर ट्विट किया है,‘’कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार के परिवार,दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना’’

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोमई ने ट्विट कर अभिनेता के निधन पर शोक जताते हुए लिखा,‘’मुझे गहरा सदमा लगा है कि कन्नड़ सिनेमा के जाने-माने अभिनेता पुनीत राजकुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.''

    ''उनके निधन से कन्नड़ सिनेमा और कर्नाटक को भारी क्षति हुई है,और मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उनकी आत्मा पर को शांति दे और उनके प्रशंसकों को इस दर्द को सहने की शक्ति दें.‘’

    कई राजनीतिक और मनोरंजन जगत की हस्तियों ने पुनीत के निधन पर शोक व्यक्त किया है. बैंगलोर में उनके निवास में कई फ़ैन्स जमा हो रहे हैं.

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वरिष्ठ खिलाड़ा अनिल कुंबले लिखते हैं, "मैं पुनीत के अचानक हुई निधन से हैरान हूँ. फ़िल्म इंडस्ट्री ने एक हीरा खो दिया है. वे कमाल का शख़्स थे. बहुत ही विनम्र और ऊर्जा से भरपूर. परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसको को संवेदनाएं."

    तमिलनाडू के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, "मैं पॉवर स्टार पुनीत राजकुमार के अचानक हुए निधन से स्तब्ध हूँ. वे विख्यात कन्नड़ एक्टर राजकुमार के पुत्र थे. हम दोनों परिवारों में दशकों से बहुत ही मधुर संबंध रहे हैं. इसलिए ये मेरे लिए निजी दुख की घड़ी है."

    क्रिकेटर वासिम जाफ़र, वीवीएस लक्ष्मण, हरभजन सिंह से लेकर फ़िल्म सुनील शेट्टी और राना डुग्गुबती तक मात्र 46 साल की उम्र में हुए पुनीत निधन पर स्तब्ध हैं.

    सभी ने ट्वीट कर के अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

  9. पंजाब में BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने पर अकाली दल ने किया विरोध प्रदर्शन

      • Author, रवींद्र सिंह रॉबिन, बीबीसी हिंदी के लिए

    पंजाब में राजनीतिक दल केंद्र सरकार के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके तहत 'बॉर्डर सिक्यूरिटी फ़ोर्स' (BSF) के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया है.

    भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग 553 किलोमीटर लंबी सीमारेखा पंजाब के अंतर्गत आती है. इस आदेश के बाद BSF को अपने कार्यक्षेत्र में विस्तार करना पड़ेगा.

    अधिकार क्षेत्र में वृद्धि के साथ BSF 50 किलोमीटर के अन्दर कहीं भी छापा मार सकती है या तलाशी अभियान चला सकती है और अभियुक्त को गिरफ्तार करके मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर सकती है.

    शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने इस फ़ैसले का विरोध करते हुए शुक्रवार को अटारी वाघा बॉर्डर से लेकर अमृतसर के पास गोल्डन गेट तक मोटरसाइकिलों पर मार्च निकाला है.

    शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल और पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया इस रैली की अगुवाई कर रहे हैं.

    अकाली दल का आरोप है कि भारत सरकार पंजाब के अधिकारों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है.

    बता दें कि पिछले दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और इस मामले पर असेंबली में चर्चा के लिए 8 नवंबर को एक विशेष सत्र बुलाया गया है.

    बीजेपी को छोड़कर पंजाब के लगभग दल केंद्र के फ़ैसले का विरोध कर चुके हैं.

  10. टीकरी बॉर्डर से LIVE: पुलिस बैरिकेटिंग हटाने के फैसले के बाद किसान आंदोलन अब किस हाल में है? ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के सरबजीत धालीवाल

  11. सरकार का कौन सा फ़ैसला पड़ा IRCTC पर भारी, धड़ाम से गिरे शेयर

    भारत सरकार ने आईआरसीटीसी पर टिकट बुक करने पर लगने वाले सुविधा शुल्क का 50 फीसदी हिस्सा लेने का फैसला किया था.

    इसके बाद कंपनी के शेयर की कीमतों में 25 फीसदी गिरावट देखी गयी. इसके बाद सरकार ने अपना फ़ैसला वापस ले लिया है. लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था. समझिए हमारे इस कार्ड के ज़रिए

  12. टेनिस स्टार लिएंडर पेस हुए टीएमसी में शामिल

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    मशहूर टेनिस सितारे और ओलंपिक पदक विजेता लिएंडर पेस को टीएमसी में शामिल हो गए हैं. ममता ने लिएंडर को अपना छोटा भाई बताते हुए उनके पार्टी में शामिल होने पर खुशी जताई.

    इससे पहले साल 2004 के लोकसभा चुनाव में दक्षिण कोलकाता सीट पर ममता के खिलाफ़ कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरीं नफ़ीसा अली के टीएमसी में शामिल होने के क़यास पहले से ही लगाए जा रहे हैं.

    गुरुवार शाम को गोवा पहुंचीं ममता ने शुक्रवार को राजधानी पणजी में पत्रकारों से बातचीत की.

    इसी प्रेस कांफ्रेंस में पेस ने टीएमसी मं शामिल हो कर अपनी राजनीतिक पारी का आगाज़ किया. इस मौके पर टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन भी मौजूद थे.

    लिएंडर कोलकाता के ही रहने वाले हैं. उनका जन्म और पढ़ाई-लिखाई इसी महानगर में हुई है. वे बांग्ला के जाने-माने कवि माइकल मधुसूदन दत्त के परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं.

    लिएंडर पेस देश के सबसे सफ़ल खिलाड़ियों में से एक हैं. वर्ष 1996-97 में उनको खेल जगत के सबसे बड़े राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा गया.

    अर्जुन पुरस्कार के अलावा लिएंडर को वर्ष 2009 में पद्मश्री और 2014 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था.

    वर्ष 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों में एकल श्रेणी में कांस्य पदक जीतने वाले लिएंडर युगल मुकाबले में आठ और मिश्रित युगल में 10 ग्रैंड स्लैम जीत चुके हैं.

  13. यूपी पुलिस ने 'पाक समर्थित नारे' लगाने वालों के ख़िलाफ़ लगाया राजद्रोह का केस

    उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को बताया है कि ईद मिलाद उन नबी के ज़ुलूस के दौरान पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने वाले तीन लोगों के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुकदमा लगाया गया है.

    अधिकारियों ने बताया है कि इन लोगों को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के आधार पर गिरफ़्तार किया गया था जिसमें वे कथित तौर पर 20 अक्टूबर के जुलूस के दौरान नारे लगाते दिख रहे थे.

    बीते गुरुवार कई दक्षिणपंथी एक्टिविस्टों ने नोएडा के सेक्टर 20 पुलिस थाने के बाहर धरना प्रदर्शन करके इन लोगों के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुकदमा लगाने की मांग की.

    इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद ज़फर, समीर अली और अली रज़ा के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुकदमा लगाया है.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है, “आरोपियों पर पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 153A लगाई गई थी. और 124A (राजद्रोह) की धारा गुरुवार को लगाई गई.”

    इस अधिकारी ने ये भी बताया कि “इस समय तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.”

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुरुवार को कहा है कि यूपी में पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने वालों के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुकदमा लगाया जाएगा.

  14. पाकिस्तान के सिंध में हिंदू मंदिर से गहने और क़ीमती सामान चोरी

    पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कोटरी इलाक़े में चोरों ने एक हिंदू मंदिर से कुछ क़ीमती सामान और कैश चुरा लिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.

    पाकिस्तान नेशनल असेंबली के सदस्य लाल मल्ही ने बीबीसी संवाददाता हुदा इकरम को बताया, "ये एक चोरी या डकैती का मामला लगता है लेकिन जब इस तरह के वाक़यात लगातार हों तो यक़ीनी तौर पर आम लोग ये सोचना शुरू करते हैं कि ये प्रायोजित ढंग से किया जा रहा है."

    लाल मल्ही ने बीबीसी को बताया कि जब लगातार ऐसी घटनाएं होती हैं तो अल्पसंख्यकों में डर और असुरक्षा की भावना घर कर जाती है.

    हाल के महीनों में पाकिस्तान में मंदिरो पर हमले और तोड़फोड़ पर वहां का सुप्रीम कोर्ट काफ़ी सक्रिय रहा है. पंजाब और ख़ैबर पख़्तून-ख़्वाह में मंदिरों में तोड़फोड़ के बाद अदालत ने उन्हें दोबारा रिपेयर करने के आदेश भी दिए हैं.

    लाल मल्ही ने इस घटना पर ट्वीट भी किया, “मंदिरों की पवित्रता का लगातार हनन हो रहा है. एक और घटना में चोरों ने सिंधू नदी के किनारे स्थित कोटड़ी के देवी माता मंदिर से सोना, कैश और कई क़ीमती सामान चुरा लिए हैं.”

    पाकिस्तानी अख़बार द डॉन में छपी ख़बर के मुताबिक़, “पुलिस ने मंदिर के कार्यवाहक भगवानदास की शिकायत पर अज्ञात चोरों के ख़िलाफ़ पीपीसी की धारा 457, 380, 295 और 297 तहत मामला दर्ज किया है."

    अख़बार लिखता है कि चोरों ने कोटरी में देवी माता मंदिर के ताले तोड़े और देवताओं के गले में पहने चांदी के तीन हार और मंदिर की दान पेटी से लगभग 25,000 रुपये नकद ले गए. कार्यवाहक ने बताया है कि इस हार का वजन 10 तोले था.

    जमशोरो के एसएसपी जावेद बलूच ने चोरी के दौरान संदिग्धों द्वारा देवताओं या मंदिर को अपवित्र करने की खबरों से इंकार किया

  15. नेटफ़्लिक्स के स्क्विड गेम की क्रिप्टोकरेंसी में आया 2300% का उछाल

    नेटफ़्लिक्स की लोकप्रिय टीवी सिरीज़ स्क्विड गेम की क्रिप्टोकरेंसी में कुछ दिनों के अंदर ही तगड़ा उछाल देखने को मिला है.

    बीते मंगलवार तक लगभग 1 सेंट पर खरीदी-बेची जा रही ये क्रिप्टोकरेंसी शुक्रवार को 2.34 अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच गयी है.

    इस क्रिप्टोकरेंसी की कुल मार्केट पूंजी लगभग 184 मिलियन अमेरिकी डॉलर है.

    पिछले कुछ हफ़्तों से दुनिया भर में वायरल हो रही इस टीवी सिरीज़ में कुछ लोगों को पैसों के लिए बच्चों के खेल खेलने के लिए विवश किया जाता है.

    स्क्विड को 'प्ले टू अर्न' क्रिप्टोकरेंसी के रूप में जाना जाता है जिसे लोग ऑनलाइन गेम्स खेलने के लिए खरीदते हैं.

    ऑनलाइन गेम्स खेलते हुए और स्क्विड हासिल किए जा सकते हैं जिन्हें अन्य क्रिप्टोकरेंसी या फिएट मनी में तब्दील किया जा सकता है.

    स्क्विड के मामले में कई ख़रीदार ऐसे होंगे जो कि गेमर होंगे और नवंबर में शुरू होने वाले ऑनलाइन स्क्विड गेम में हिस्सा लेंगे.

  16. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 समिट के लिए रोम पहुँचे

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20समिट में शामिल होने रोम पहुँच गए हैं. रोम पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''जी-20समिट के लिए रोम आ गया हूँ. वैश्विक मुद्दों पर बात करने के लिए जी-20एक अहम मंच है. मेरे रोम दौरे में अन्य कार्यक्रम भी शामिल हैं.''

    जी-20 में इस बार वैश्विक अर्थव्यवस्था, कोविड-19, टिकाऊ विकास और जलवायु परिवर्तन का मुद्दा छाया रह सकता है.

    प्रधानमंत्री के रोम पहुँचने पर इटली सरकार के सीनियर अधिकारियों और रोम में भारत के राजदूत ने उनका स्वागत किया.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर तक पीएम मोदी रोम और वेटिकन सिटी में रहेंगे. इसके बाद एक और दो नवंबर को वो ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में रहेंगे, जहाँ वैश्विक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

  17. शक्तिकांत दास अब साल 2024 तक रहेंगे रिज़र्व बैंक के गवर्नर

    रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल मोदी सरकार ने तीन और साल के लिए बढ़ा दिया है.

    शक्तिकांत दास अब दिसंबर 2024तक आरबीआई के गवर्नर रहेंगे. दास को 2018 में 11 दिसंबर को आरबीआई का 25वां गवर्नर नियुक्त किया गया था.

    तब वो तीन साल के लिए नियुक्त किए गए थे. शक्तिकांत दास की तीन और साल की कार्यावधि बढ़ाने का फ़ैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली अपॉइंटमेंट कमिटी ऑफ कैबिनेट ने लिया है.

    शक्तिकांत दास 2015 से 2017 तक आर्थिक मामलों के सचिव रहे थे और 2017 में ही इस पद से रिटायर हुए थे.

    नवंबर 2016 में की गई नोटबंदी की योजना तैयार करने वाली टीम में उनकी भूमिका अहम बताई जाती है.

    शक्तिकांत दास ने 2018 दिसंबर में उर्जित पटेल की जगह ली थी.

    उर्जित पटेल ने गवर्नर पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. तब पटेल के कार्यकाल में नौ महीने शेष थे. पटेल ने इस्तीफ़े के पीछे निजी वजह बताई थी.

  18. सांप्रदायिक हिंसा में हिंदुओं की मौत पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री का बयान

    बांग्लादेश में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए लोगों की धार्मिक पहचान से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर देश के विदेश मंत्री डॉक्टर एके अब्दुल मोमिन ने बयान जारी किया है.

    सांप्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों पर गुरुवार को जारी किए गए इस बयान में विदेश मंत्री ने कहा, "प्रोपेगैंडा के उलट हालिया हुई हिंसा में केवल 6 लोग मारे गए थे जिनमें चार मुसलमान थे. इनकी मौत सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हुई. दो हिंदुओं की मौत हुई है जिनमें एक की सामान्य मौत हुई है और एक दूसरे व्यक्ति की मौत तालाब में कूदने से हुई है."

    "किसी के साथ बलात्कार नहीं हुआ है और एक भी मंदिर को नुक़सान नहीं पहुंचा है. हालांकि देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को ज़रूर नुक़सान पहुंचाया गया था. ये हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण थी और ऐसा नहीं होना चाहिए था. सरकार ने फौरन कार्रवाई की. हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ़्तार किया गया और वे अब पुलिस की हिरासत में हैं. लगभग 20 घरों को जला दिया गया. उनका पुनर्निमाण किया जा रहा है और हर किसी को इसका मुआवजा मिलेगा. और मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है."

    "ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ उत्साही लोगों और मीडिया आउटलेट्स ने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए प्रतिबद्ध रही सरकार को शर्मिंदा करने के लिए हिंसा की घटनाओं को लेकर कहानियां गढ़ीं. गौरतलब है कि बांग्लादेश के हर कोने में हाल के सालों में पूजा मंडपों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हैं. सरकार पूजा मंडप के लिए अनुदान भी देती है."

    "एक ड्रग एडिक्ट व्यक्ति ने कथित रूप से पवित्र कुरान की एक प्रति मूर्ति के चरणों के पास रख दी थीं. उस वक्त पूजा मंडप के पास कोई श्रद्धालु या आयोजक मौजूद नहीं था और एक दूसरे व्यक्ति ने इसकी तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया. क़ानून लागू करने वाली एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं. सरकार ग़लती करने वाले हरेक व्यक्ति को इंसाफ़ के कटघरे में खड़ा करने और हरेक नागरिक चाहे वो किसी भी धर्म का हो, उसकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है."

  19. Live: गोवा में चुनाव और ममता बनर्जी की मौजूदगी, क्या हैं इसके मायने?

    Live: गोवा में चुनाव और ममता बनर्जी की मौजूदगी, क्या हैं इसके मायने?

    बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता मयूरेश कोण्णूर.

  20. सऊदी अरब में सज़ा-ए-मौत पाने वाले युवक को जेल से रिहा किया गया

    सऊदी अरब में मौत की सजा पाने वाले एक युवक को जेल से रिहा कर दिया गया है.

    अली अल-निम्र नाम के इस युवक को कुछ साल पहले सऊदी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

    सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान जब साल 2012 में वे हिरासत में लिए गए थे, तो उनकी उम्र उस वक्त 17 साल ही थी.

    ये विरोध प्रदर्शन सऊदी अरब के शिया अल्पसंख्यकों ने किया था. अली अल-निम्र को सऊदी अदालत ने सार्वजनिक रूप से सिर कलम करने की सजा सुनाई थी.

    सऊदी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ दुनिया भर में आवाजें उठीं. अली अल-निम्र शिया नेता शेख बाकिर अल-निम्र के भतीजे हैं, जिन्हें राष्ट्रीय एकता को कम करने के लिए 2016 में मौत की सजा सुनाई गई थी.

    अली अल-निम्र अपनी गिरफ्तारी के बाद से लगभग 10 साल से जेल में थे.

    सऊदी अरब दुनिया के उन देशों में से एक है जहां सबसे ज्यादा मृत्युदंड की सज़ा दी जाती है.