प्रियंका गांधी सीतापुर में हिरासत में ली गईं, लखीमपुर खीरी में किसानों की प्रेस कॉन्फ़्रेंस
लखीमपुर जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को सीतापुर में हिरासत में लिया गया है. वहीं, किसानों ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके प्रशासन के सामने तीन मांगें रखी हैं.
लाइव कवरेज
इस्लामिक शासन चलाना हमसे सीखो: क़तर
वीडियो कैप्शन, इस्लामिक शासन चलाना हमसे सीखो: क़तर
तालिबान के साथ वार्ता शुरू कराने में क़तर की अहम भूमिका रही है. लेकिन अब क़तर ने अफ़ग़ानिस्तान की कमान संभालने के बाद तालिबान के रुख़ से गहरी नाराज़गी जताई है.
क़तर ने कहा कि लड़कियों पर तालिबान का फ़ैसला बेहद निराश करने वाला है. क़तर ने कहा कि यह पीछे ले जाने वाला फ़ैसला है.
क़तर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि तालिबान को क़तर में देखना चाहिए कि इस्लामिक शासन कैसे चलता है.
गर्भपात के हक़ समर्थन में अमेरिका की सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग
इमेज स्रोत, Getty Images
गर्भपात क़ानूनों के समर्थन में अमेरिका के सभी 50 राज्यों में हज़ारों लोगों ने रैली निकाली है.
टेक्सस में नए क़ानूनों के ख़िलाफ़ ये लोग इकट्ठा हुए थे, जिसके तहत राज्य में गर्भपात को सीमित कर दिया गया है.
इसके बाद गर्भपात के समर्थकों को डर है कि उनको मिले संवैधानिक अधिकारों को वापस लिया जा सकता है.
आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट रो वर्सेज़ वेड मामले को पलट सकती है. इस केस के आधार पर ही 1973 में देश भर में गर्भपात को क़ानूनी रूप से वैध बनाया गया था.
वॉशिंगटन डीसी में प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग तक मार्च किया. उनके हाथों में 'गर्भपात को क़ानूनी बनाओ' लिखे पोस्टर थे.
आर्यन खान: समंदर में ड्रग्स पार्टी? उस रात क्रूज पर वास्तव में क्या हुआ था?
इमेज स्रोत, Instagram
इमेज कैप्शन, शाहरुख ख़ान के साथ आर्यन ख़ान
अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जांच कर रही है.
एनसीबी ने शनिवार (2 अक्टूबर) आधी रात को मुंबई में एक क्रूज पर छापा मारा था.
एनसीबी मुंबई के निदेशक समीर वानखेड़े ने जानकारी दी है कि इस मामले में आर्यन खान की जांच की जा रही है.
एनसीबी ने मामले में आर्यन खान समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों के नाम आर्यन खान, अरबाज़ मर्चेंट, मूनमून धमेचा, नुपुर सारिका, इस्मित सिंह, मोहक जसवाल, विक्रांत चोकर और गोमित चोपड़ा हैं.
बोरिस जॉनसन ने कहा बिल्ड बैक बैटर, लेने होंगे बड़े और कठिन फैसले
इमेज स्रोत, EPA
ब्रिटेन की कंज़र्वेटिव पार्टी के वार्षिक
सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि उनकी पार्टी कोरोना महामारी
के बाद अर्थव्यवस्था में “बदलाव
और सुधार” करेगी.
उन्होंने अर्थव्यव्यस्था के पुननिर्माण के लिए बड़े और कठिन फ़ैसले
लेने की बात कही.
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम
कोविड से पहले की यथास्थिति में नहीं जाना चाहते. ‘बिल्ड बैक बैटर’ का मतलब है कि जैसे-जैसे हालत बेहतर
हो तो चीज़ें बदलें और सुधार हो.”
कंज़र्वेटिव पार्टी का चार दिवसीय वार्षिक
सम्मेलन तीन अक्टबूर से मैनचेस्टर में शुरू होने जा रहा है.
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था, पिछले दिनों
में हुई पेट्रोल-डीज़ल की कमी और ट्रक ड्राइवरों की किल्लत पर बात की.
इमेज स्रोत, PA MEDIA
प्रवासी कामगारों पर निर्भरता पर सवाल
बोरिस जॉनसन ने माल ढुलाई का काम करने वाले उद्योगों पर कम वेतन वाले प्रवासी कामगारों पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहने का आरोप लगाया.
ब्रिटेन में इस समय ट्रक ड्राइवरों की भारी कमी हो गई है, जिसके कारण पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीज़ल नहीं पहुँच पा रहा है. दूसरे सामानों की ढुलाई पर इसका असर पड़ा है.
ब्रिटेन में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी-लंबी क़तारें देखी गई हैं. लोग पेट्रोल ख़रीदने के लिए परेशान हो रहे हैं जबकि सरकार का कहना था कि पेट्रोल की कोई कमी नहीं है.
दरअसल, ब्रेग्ज़िट के बाद कई यूरोपीय देशों के ड्राइवर अपने देश लौट गए हैं. वहीं, कोविड-19 महामारी के कारण भी कई ड्राइवर अपने घर लौटे हैं और उनमें से कुछ ही वापस आ पाए हैं.
दूसरी ओर बुज़ुर्ग ड्राइवर रिटायर हुए हैं और उनकी जगह नए नहीं आए हैं और महामारी के कारण भारी संख्या में भारी वाहनों के लिएड्राइवर टेस्ट नहीं हो पाए हैं.
इमेज स्रोत, PA
सेना को दिया जिम्मा
ऐसे में प्रधानमंत्री जॉनसन ने बाहरी ड्राइवरों पर निर्भरता को इसका ज़िम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि ड्राइवर आयात करना कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं है.
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम ये नहीं चाहते कि हम उस स्थिति में वापस लौटें जब ढुलाई उद्योग कम वेतन वाले अप्रवासी कामगारों पर निर्भर रहे. इसके निर्भरता के कारण कम वेतन होने से इस क्षेत्र को कम आकर्षक और कम गुणवत्ता वाला बना दिया है.”
“"लोग ऐसा नहीं चाहते.वे चाहते हैं कि हमअच्छा भुगतान करें, कुशल, अत्यधिक उत्पादक अर्थव्यवस्था बनें और यही वह जगह है जहां हम जा रहे हैं.”
फिलहाल ब्रिटेन में सेना ने पेट्रोल पंपों तक पेट्रोल पहुंचाने का ज़िम्मा उठाने वाली है.
करीब 200 महिला और पुरुष सैन्यकर्मी इस काम में लगाए जाएंगे. इनमें से 100 ड्राइवर जो मौजूदा स्थिति में अस्थाई तौर पर सहयोग देंगे.
सरकार ने विदेशी लॉरी ड्राइवरों के लिए पांच हज़ार अस्थायी वीज़ा भी जारी किए हैं ताकि ड्राइवरो की कमी को पूरा किया जा सके.
ब्रेकिंग न्यूज़, भवानीपुर में ममता बनर्जी 28 हज़ार वोटों से आगे, बीजेपी काफ़ी पीछे
इमेज स्रोत, ANI
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री भवानीपुर सीट
पर 28 हज़ार से ज़्यादा वोटों से आगे बनी हुई हैं. अब तक नौवे राउंड की मतगणना हो
चुकी है.
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक ममता
बनर्जी को अब तक 37504वोट मिल
चुके हैं और बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरीवाल के खाते में 8679 मत ही आए हैं.
भवानीपुर सीट के अलावा जांगीपुर और
समसेरगंज सीट पर 30 सितंबर को मतदान हुए थे. लेकिन सबकी
निगाहें भवानीपुर सीट पर ही टिकी हुई हैं.
जांगीपुर सीट से टीएमसी के जाकिर हुसैन और
समसेरगंज से भी टीएमसी के अमिरुल इस्लाम आगे चल रहे हैं.
राज्य में गुलाब तूफ़ान के चलते मतदान
प्रतिशत में कमी आई थी, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता
पार्टी दोनों की ही चिंताएं बढ़ गई थीं. यहां केवल 57.09 प्रतिशत
वोटिंग ही हुई थी जबकि मार्च-अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 61.79 प्रतिशत मतदान हुआ था.
भवानीपुर में मतगणना के लिए त्रिस्तरीय
सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बलों की
तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों का उपयोग भी किया गया है.
इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC
ममता बनर्जी के लिए चुनौती क्यों थे उप-चुनाव
मार्च-अप्रैल में नंदीग्राम में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार के बाद भवानीपुर सीट का उप-चुनाव बेहद अहम हो गया है. मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए ममता बनर्जी का ये चुनाव जितना ज़रूरी है.
इस साल हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट पर टीएमसी के सोबनदेब चट्टोपाध्याय ने जीट हासिल की थी लेकिन ममता बनर्जी चुनाव लड़ने के कारण उन्होंने ये सीट छोड़ दी.
वैसे तो भवानीपुर ममात बनर्जी का गढ़ माना जाता है, यहां उनका घर भी है लेकिन फिर भी पार्टी ने उप-चुनाव में पूरा जोर लगा दिया था.
ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ती रही हैं लेकिन 2016 में उन्हें मिले वोटों में गिरावट आई थी. उनकी जीत का अंतर सोबनदेब चट्टोपाध्याय की इस साल चुनाव में हुई जीत के अंतर से भी कम रहा था. ये भी टीएमसी की चिंता का कारण बना हुआ था.
वहीं, विपक्षी पार्टी बीजेपी ने भी यहां से महिला उम्मीदवार को उतारा और कड़ी टक्कर देने की कोशिश की. ऐसे में ममता बनर्जी ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी.
भवानीपुर से सीपीएम के श्रीजीब बिस्वास भी चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें अब तक 875 वोट मिल चुके हैं.
मुंबई में क्रूज़ पर चल रही थी ड्रग पार्टी, NCB की छापेमारी में 8 लोग हिरासत में
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
जान्हवी मुले
बीबीसी संवाददाता
मुंबई में नारकोटिक्स
कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अधिकारियों ने शनिवार देर रात को एक क्रूज़ शिप पर छापेमारी की. उनका
कहना है कि इस शिप पर ड्रग पार्टी चल रही थी.
इस
छापेमारी के दौरान 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिसमें दो लड़कियां भी शामिल
हैं.
स्थानीय मीडिया
का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों में एक बॉलीवुड एक्टर का बेटा भी शामिल है
लेकिन NCB अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
NCB ने कहा है कि जांच
जारी है और वो जांच कर रहे हैं कि इस दौरान किस किस की क्या भूमिका थी.
मुंबई से गोवा जा रहा था जहाज़
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
NCB ने जो जानकारी साझा की
है उसमें बताया है कि पुलिस को कोर्डेलिया क्रूज़ पर ड्रग पार्टी की सूचना मिली
थी. यह जहाज़ मुंबई से गोवा जा रहा था और इसे सोमवार को वापस लौटना था.
NCB अधिकारी पर्यटकों के
रूप में क्रूज़ पर गए थे, जैसे ही जहाज़ चलने लगा तो सभी अभियुक्तों को रंगे हाथों
पकड़ा गया.
रविवार की
सुबह NCB के ज़ोनल डायरेक्टर
समीर वानखेड़े ने मीडिया से बातचीत में इस अभियान की जानकारी दी. उन्होंने हिरासत
में लिए गए लोगों की पहचान ज़ाहिर करने से इनकार कर दिया है.
कुछ मीडिया
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह क्रूज़ शिप सर्विस कुछ दिनों पहले ही शुरू
हुई थी और इस पर होने वाली पार्टी की टिकटें 80 हज़ार रुपये में मिल रही थीं.
इमरान ख़ान पाकिस्तानी तालिबान के आगे घुटने टेक रहे हैं?
ब्रेकिंग न्यूज़, ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर 12 हज़ार वोटों से आगे
इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उप-चुनावों
के बाद आज मतगणना जारी है.
भवानीपुर, जांगीपुर और समसेरगंज सीट पर 30 सितंबर को मतदान
हुए थे. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भबानीपुर सीट से उम्मीदवार हैं.
ममता बनर्जी बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल से 12
हज़ार से भी अधिक वोटों से आगे चल रही हैं. बाकी दो सीटों पर भी टीएमसी आगे चल रही
है.
वहीं, 30 सितंबर को ही ओडिशा की एक विधानसभा सीट पर उप
चुनाव हुआ था जिसके नतीजे आज ही आ रहे हैं.
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक़, ओडिशा की पिपिली सीट पर
बीजेडी के उम्मीदवार रुद्र प्रताप महारथी बीजेपी के उम्मीदवार अश्रित पटनायक से 5,000
वोटों से आगे चल रहे हैं.
किसानों के विरोध के बाद पंजाब-हरियाणा में धान की ख़रीद शुरू
इमेज स्रोत, GETTY IMAGES
किसानों के विरोध
प्रदर्शन के बाद पंजाब और हरियाणा में अब तीन अक्टूबर से धान सहित सभी खरीफ फसलों की ख़रीद शुरू की जाएगी.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से
मुलाक़ात के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने शनिवार को इस फ़ैसले की घोषणा की.
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री
अश्विनी चौबे ने कहा, “पंजाब और हरियाणा में तीन अक्टूबर से ख़रीद शुरू हो जाएगी.”
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा, “मॉनसून में देरी की वजह से केंद्र सरकार ने धान और बाजरे की खरीद को 11 अक्टूबर तक टाल दिया था. इसको जल्दी शुरू करने की मांग है. ख़रीद कल से ही शुरू हो जाएगी.''
इमेज स्रोत, ANI
जगह-जगह विरोध प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हरियाणा में फसल पहले ही मंडियों में पहुंच गई है. फसल उगाने वाले और उसे मंडियों तक वाले वाले किसानों के हित में केंद्रीय मंत्री से राज्य सरकार को ख़रीद शुरू करने की अनुमति देने को लेकर अनुरोध किया गया जिसे मान लिया गया है.”
“कई जगहों पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था. मुझे उम्मीद है कि किसान अब विरोध प्रदर्शन ख़त्म कर देंगे.”
धान की ख़रीद टाले जाने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे.
करनाल में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री खट्टर के घर के बाहर भी नारेबाजी की. इस घोषणा के बाद ही धरना ख़त्म किया गया.
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी तीन अक्टूबर से धान खरीदे जाने की घोषणा की है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस की पुलिस व्यवस्था से नाराज़गी का असर क्या होगा?
भवानीपुर मतगणना: ममता बनर्जी की कुर्सी का फ़ैसला
इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC
पश्चिम बंगाल में आज भवानीपुर विधानसभा सीट
पर उपचुनाव के नतीजे आने वाले हैं. वोटों की गिनती शुरू हो गई है और तृणमूल कांग्रेस
ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बड़े अंतर से जीत का दावा किया है.
राज्य में गुलाब तूफ़ान के चलते मतदान
प्रतिशत में कमी आई थी, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों की
ही चिंताएं बढ़ गई थीं. हालांकि, अब टीएमसी अपनी जीत का दावा कर रही है.
टीएमसी के नेताओं ने मतगणना से कुछ घंटों
पहले दावा किया है कि ममता बनर्जी भवानीपुर में विधानसभा चुनाव जीतने वाले सोभनदेब
चट्टोपाध्याय से भी ज़्यादा मतों से जीतेंगी.
भवानीपुर में 30 सितंबर को हुए मतदान में
केवल 57.09 प्रतिशत वोटिंग हुई थी जबकि मार्च-अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में इस
सीट पर 61.79 प्रतिशत मतदान हुआ था. सोभनदेब चट्टोपाध्याय ने 28,719 मतों से चुनाव
जीता था.
विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 294
में से 213 सीटें हासिल कर जीत दर्ज की थी लेकिन ममता बनर्जी नंदीग्राम से अपनी
सीट पर चुनाव हार गई थीं.
लेकिन, मुख्यमंत्री चुने जाने के लिए ममता
बनर्जी के लिए चुनाव जीतना अनिवार्य हो गया. सोभनदेब चट्टोपाध्याय ने भवानीपुर सीट
खाली कर दी जिस पर ममता बनर्जी ने उपचुनाव लड़ा.
इमेज स्रोत, @IMPRIYANKABJP
इमेज कैप्शन, भबानीपुर सीट पर बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरीवाल
प्रियंका टिबरीवाल से चुनौती
भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार प्रियंका टिबरीवाल ममता बनर्जी को चुनौती दे रही हैं. दोनों ही दल अपनी जीत के दावे कर रहे हैं.
ममता बनर्जी ने 2016 का विधानसभा चुनाव भवानीपुर से ही लड़ा था और कांग्रेस-वाम गठजोड़ की उम्मीदवार दीपा दासमुंशी को क़रीब 25 हज़ार वोटों के अंतर से हराया था. यहां ममता बनर्जी का घर भी है.
इस सीट पर जो 12 उम्मीदवार मैदान में हैं उनमें से पांच महिलाएं हैं. कांग्रेस ने यहां कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है, जबकि सीपीएम ने श्रीजीव विश्वास को अपना उम्मीदवार बनाया है. इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस सीट पर तीसरे नंबर पर रही थी.
भबानीपुर के साथ ही मुर्शीदाबाद ज़िले के शमशेरगंज और जंगीपुर में भी उपचुनाव हुए हैं. यहां दो उम्मीदवारों की मौत होने के कारण अप्रैल में मतदान नहीं हो पाया था.
हिन्दू-मुस्लिम प्रेम संबंध: कर्नाटक में रेलवे ट्रैक पर लड़के का मिला शव
अमेरिका आज नहीं तो कल तालिबान को मान्यता देगा ही: इमरान ख़ान
इमेज स्रोत, REUTERS/SAIYNA BASHIR
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने
कहा कि आज नहीं तो कल अमेरिकी सरकार को अफ़ग़ानिस्तान पर शासन कर रहे तालिबान को
मान्यता देनी होगी.
इमरान ख़ान ने तुर्की के टेलीविज़न चैनल टीआरटी वर्ल्ड को दिए साक्षात्कार में तालिबान को मान्यता देने के सवाल पर ये बात कही है.
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को तालिबान के
अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े के बाद अमेरिका सदमे और उलझन की स्थिति में है.
इमरान ख़ान ने ये भी कहा कि अमेरिकी जनता फ़िलहाल
एक बलि का बकरा ढूंढ रही है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को "ग़लत तरीके से
निशाना बना रही है."
उन्होंने अमेरिकी सरकार के अफ़ग़ानिस्तान को
फंड जारी करने पर भी ज़ोर दिया. उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान के फंड फिर से शुरू नहीं करता
है तो देश में अराजक स्थिति बन जाएगी और अमेरिका को इसका समाधान निकालना होगा.”
इमेज स्रोत, GETTY IMAGES
क्या पाकिस्तान देना मान्यता
अफ़ग़ानिस्तान का पड़ोसी देश होने के कारण पाकिस्तान की चिंता है कि वहाँ के बिगड़े हालातों का प्रभाव पाकिस्तान पर भी पड़ेगा. पाकिस्तान पहले से ही अफ़ग़ान शरणार्थियों की समस्या से जूझ रहा है.
पाकिस्तान के अफ़ग़ान तालिबान से नज़दीकी रिश्ते माने जाते हैं. अफ़ग़ान-तालिबान शांति वार्ता में भी पाकिस्तान की अहम भूमिका रही थी.
तालिबान समर्थक होने के सवाल पर इमरान ख़ान ने कहे हैं कि वह "सैन्य-विरोधी समाधान" के समर्थक हैं और अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष को हल करने का एकमात्र तरीका शांतिपूर्ण है.
उन्होंने ये भी कहा कि अकेले पाकिस्तान के तालिबान को समर्थन देने से कुछ नहीं होगा बल्कि क्षेत्रीय ताक़तों और पड़ोसियों को संयुक्त रूप से मान्यता देने पर बेहतर समाधान निकलेगा.
जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गए मोहन भागवत ने अनुच्छेद 370 को लेकर क्या कहा
इमेज स्रोत, ani
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने
कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को ख़त्म करने के बाद
इस क्षेत्र में एक व्यवस्थागत बदलाव आया है.
उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सिस्टम में हुआ
बदलाव ही क़रीब नहीं लाएगा बल्कि लोगों को भी अपनी इच्छित व्यवस्था के मुताबिक़ मानसिकता में बदलाव लाना होगा.
मोहन भागवत ने ये बातें शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय
में एक संबोधन के दौरान कहीं. वह अनुच्छेद
370 ख़त्म होने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं और चार दिनों के दौर पर
अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.
इमेज स्रोत, GETTY IMAGES
'बढ़ा रूढ़िवाद और अहंकार'
मोहन भागवत ने बढ़ती असहिष्णुता को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा, “क्योंकि लोग चरम पर जाते हैं इसलिए कोई संतुलन नहीं बनता है और ये संघर्ष की ओर ले जाता है. यह नुक़सान पहुँचा रहा है. रूढ़िवाद बढ़ गया है, अहंकार बढ़ गया है.”
उन्होंने कहा, “370 ही हटाया नहीं है, व्यवस्था में भी परिवर्तन हुआ है.”
आरएसएस प्रमुख का कहना था कि व्यवस्था अपने अंदर रहने वाले लोगों के उद्देश्य, स्थिति और प्रकृति को प्रतिबिंबित करेगी.
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने इसके ख़िलाफ़ संघर्ष किया क्योंकि उन्हें लगा कि यह उनके आदर्शों के अनुरूप नहीं है. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रजा परिषद आंदोलन के दौरान इसी उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर आए थे और उद्देश्य के लिए ही कई लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया.
मोहन भागवत ने कहा कि हमने उस उद्देश्य को प्राप्त होते देखा है (विशेष दर्जा ख़त्म करने के साथ) और आप लोग दिल से खुश दिखाई दे रहे हैं.
परमाणु वार्ता शुरू करने से पहले ईरान ने अमेरिका के आगे रखी ये शर्त
इमेज स्रोत, STR/AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री ने शनिवार को बताया कि
अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले महीने परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने के लिए उनसे बात
करने की कोशिश की लेकिन, उन्होंने शर्त रखी कि अमेरिका को पहले ईरान के ब्लॉक हो
चुके 10 अरब डॉलर को सद्भावना संकेत के तौर पर जारी करना होगा.
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की पेशकश
ख़ारिज कर दी है. 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने पर हो रही अप्रत्यक्ष
वार्ता को भी जून में रोक दिया गया था.
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक़ संयुक्त
राष्ट्र में पिछले महीने अमेरिका ने मध्यस्थों के ज़रिए ईरान के विदेश मंत्री से संपर्क करने की कोशिश की थी.
इमेज स्रोत, Getty Images
ईरान के बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्रों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उसके तेल और गैस निर्यात से मिले अरबों डॉलर विदेशी बैंकों में फंस गए हैं.
विदेश मंत्री ने कहा, “अमेरिकियों ने न्यूयॉर्क में (संयुक्त राष्ट्र महासभा में) अलग-अलग माध्यमों से हमसे संपर्क करने की कोशिश की और मैंने मध्यस्थों को बोल दिया कि अगर अमेरिका के इरादे गंभीर हैं तो उसके गंभीर संकेत मिलने चाहिए.... ब्लॉक हो चुके 10 अरब डॉलर को जारी करना.”
पश्चिमी देश ईरान से वार्ता शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम समझौते की निर्धारित सीमा से काफी आगे बढ़ गया है.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. हम यहाँ आपको दिन भर की बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 2 अक्टूबर, शनिवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिककर सकते हैं.