जम्मू और कश्मीर में अगले साल हो सकते हैं विधानसभा चुनाव: भाजपा नेता
जम्मू और कश्मीर में भाजपा की प्रांतीय इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने शनिवार को कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.
लाइव कवरेज
मोदी और योगी के ख़िलाफ़ 'अभद्र वीडियो' पोस्ट करने पर यूपी में दो गिरफ़्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर से एक आपत्तिजनक वीडियो डालने के आरोप में शनिवार को दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया है कि शुक्रवार को इस सिलसिले में बलिया जिले के बांसडीह रोड थाना के प्रभारी मंटू राम की शिकायत पर शेर (बड़की सेरिया) नामक गांव के प्रकाश वर्मा और रमेश यादव को पुलिस हिरासत में लिया गया है.
उन पर आरोप लगाया गया है कि इन दोनों ने गुरुवार को ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी सोशल साइटों पर प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा के प्रयोग वाला एक वीडियो डाला था.
राहुल गांधी से सचिन पायलट की दोबारा मुलाक़ात, लेकिन क्यों?
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राजस्थान कांग्रेस के नेता
सचिन पायलट ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से
मुलाक़ात की. बीते दस दिनों में सचिन पायलट की राहुल गांधी से ये दूसरी मुलाक़ात है.
लगातार इतनी मुलाक़ातों से राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कयास लगने लगे हैं.
सचिन पायलट को चर्चा के
लिए बुलाया गया था. इस चर्चा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थे.
राजस्थान की गहलोत सरकार में कुछ बदलाव किये जाने हैं, जो काफी वक्त से लंबित चल
रहे हैं.
इससे पहले दोनों नेताओं
की 17 सितंबर को मुलाक़ात हुई थी. तब दोनों नेताओं के बीच राज्य की राजनीतिक स्थिति
पर चर्चा हुई थी.
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पायलट जुलाई 2020 तक उप-मुख्यमंत्री और राजस्थान राज्य इकाई के अध्यक्ष थे लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ अनबन के बाद उन्होंने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया था.
लगातार हो रही बैठकों से यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले साल पायलट के नेतृत्व को लेकर किये गए विद्रोह को भुला दिया है और भविष्य को महत्व दिया है.
इससे यह भी अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि क्या पायलट को पहले की तरह कुछ ज़िम्मेदारियां वापस दी जा सकती हैं.
इमरान ख़ान को स्नेहा दुबे से मिले वे जवाब, जिनकी हो रही चर्चा
चीन में बंद दो कनाडाई नागरिक रिहा हुए
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चीन में नज़रबंद
दो कनाडाई नागरिकों को रिहा कर दिया गया है.
कनाडा के
प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने इसकी घोषणा की और कहा कि रिहा किए गए नागरिक कनाडा
के लिए उड़ान भर रहे हैं.
माइकल स्पैवर और माइकल
कोवरिग पर साल 2018 में जासूसी का आरोप
लगाया गया था.
इसके पूर्व ही कनाडा की पुलिस ने
अमेरिकी वॉरंट पर एक शीर्ष चीनी तकनीकी कार्यकारी को गिरफ्तार किया था. ख़्वावे के एक्गेक्युटिव मेंग वानझोउ ने अमेरिकी अभियोजकों के साथ एक समझौते के बाद शुक्रवार को कनाडा छोड़
दिया था.
कनाडा के इन
नागरिकों की नज़रबंदी का असर चीन और कनाडा के राजनयिक रिश्तों पर भी पड़ा.
आलोचकों ने चीन पर
मेंग की गिरफ़्तारी के बाद प्रतिशोध के तहत कनाडाई नागरिकों को हिरासत में लेने
का आरोप लगाया था. ताकि वह उन्हें राजनीतिक सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल कर सके.
हालांकि बीजिंग ने इसका खंडन किया है.
दोनों कनाडाई
नागरिक हमेशा खुद को बेगुनाह बताते रहे थे. एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रूडो ने कहा
कि वे एक बेहद मुश्किल दौर से गुज़रे हैं.
उन्होंने कहा,
"यह हम सभी के लिए अच्छी ख़बर
है कि वे अपने परिवारों के पास लौट रहे हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा
कि दोनों व्यक्ति शनिवार की सुबह कनाडा पहुंचेंगे. उनके साथ चीन में
कनाडा के राजदूत डॉमिनिक बार्टन भी जा हैं.
क्वॉड समिट के बाद साझे बयान ने सबको चौंकाया
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पहली बार क्वॉड देशों के नेता
समिट में आमने-सामने अमेरिका के व्हाइट हाउस में मिले. क्वॉड गुट में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान हैं.
इस गुट को इंडो-पैसिफिक में
चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की रणनीति के तौर पर देखा जाता है. हालांकि रूस, पाकिस्तान और ख़ुद चीन भी
इसे चीन विरोधी गुट कहता है.
शुक्रवार को जब क्वॉड के बैनर
तले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा,
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन मिले तो उम्मीद की जा रही थी कि समिट के बाद
साझे बयान में चीन को लेकर कोई आशंका या संकल्प जैसी बात होगी. लेकिन व्हाइट हाउस की
वेबसाइट पर जो साझा बयान पोस्ट किया गया है, उसमें चीन का नाम तक नहीं है.
चीन का ज़िक्र नहीं होने पर
इंडो-पैसिफिक के रक्षा विश्लेषक डेरेक जे. ग्रॉसमैन ने ट्वीट कर कहा है, ''साझे बयान में चीन
के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है. मुझे लगता है कि क्वॉड देशों के नेताओं ने फ़ैसला
किया होगा कि चीन को ऐसा कोई मौक़ा नहीं देना है, जिससे वो कहने लगे कि क्वॉड का गठन उसके ख़िलाफ़
किया गया है. हालांकि हम सब जानते हैं कि क्या हो रहा है.''
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
ने कहा कि यह समूह लोकतांत्रिक साझेदारों का है, जो भविष्य को लेकर एक तरह की सोच रखते हैं. बाइडन
ने कहा, ''कोविड, जलवायु परिवर्तन और उभरती
नई टेक्नॉलजी की चुनौतियों से निपटने के लिए हम एकजुट हुए हैं. जब हम छह महीने पहले
मिले थे तो इंडो-पैसिफिक में मुक्त आवाजाही को लेकर प्रतिबद्धता ज़ाहिर की थी. मैं
अब कह सकता हूँ कि इसे लेकर हमने काफ़ी प्रगति की है.''
ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत के प्रधानमंत्रियों
ने भी यही मिलती जुलती बातें कहीं लेकिन किसी ने चीन का नाम नहीं लिया.
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ब्रेकिंग न्यूज़, यूएन महासभा में भारत पर बरसे इमरान, भारत ने कहा- ओसामा को शहीद बताने वाले क्या बोलेंगे
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
इमरान ख़ान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र की 76वीं आम सभा को संबोधित करते हुए भारत को जमकर
निशाने पर लिया.
इमरान ख़ान ने कश्मीर का मुद्दा
उठाते हुए आरोप लगाया कि भारत ने पाँच अगस्त 2019के बाद से कई अवैध और एकतरफ़ा क़दम उठाए हैं.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने
कहा कि भारत ने कश्मीर में नौ लाख सैनिकों की तैनाती कर रखी है और कश्मीरी नेताओं को
जेल में बंद कर दिया है. उन्होंने कहा कि मीडिया और इंटरनेट पर पाबंदी है.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने
अपने संबोधन में कहा कि भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी
बलपूर्वक रोक दिया जा रहा है. ख़ान ने भारत पर 13हज़ार कश्मीरी युवाओं के अगवा और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.
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इमरान ख़ान ने कहा, ''भारत अपने फ़ैसलों
और कार्रवाई से जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन
कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है
कि विवादित इलाक़े का समाधान यूएन की निगरानी में निष्पक्ष जनमत संग्रह से होगा. भारत
कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का भी उल्लंघन कर रहा है. मुझे खेद है
कि कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर दुनिया का रुख़ भेदभावपूर्ण है.''
इमरान ख़ान ने कश्मीरी अलगाववादी
नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत का भी ज़िक्र किया और भारत पर आरोप लगाया कि गिलानी
के परिवार वालों को इस्लामिक रिवाज से अंत्येष्टि तक नहीं करने दी गई. इमरान ख़ान ने
कहा कि यह भारत की बर्बरता का हालिया उदाहरण है.
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इमरान ख़ान ने कहा कि वो भारत
के साथ शांति चाहते हैं लेकिन बिना जम्मू-कश्मीर समस्या के समाधान के दक्षिण एशिया
में शांति कायम नहीं हो सकती. इमरान ख़ान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर समस्या का समधान संयुक्त
राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत होना चाहिए.
इमरान ख़ान के आरोपों का जवाब
भारत ने भी दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत ने इमरान ख़ान के भाषण का जवाब देते हुए कहा, ''पाकिस्तान को वैश्विक
स्तर पर आतंकवादियों को समर्थन देने के मामले में चिह्नित किया जा चुका है. जिन्हें
संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी घोषित कर रखा है, उन्हें भी पाकिस्तान अपने यहां आश्रय देता है. ओसामा
बिन-लादेन को पाकिस्तान ने शरण दे रखी थी. यहाँ तक आज भी पाकिस्तान ओसामा को शहीद बताता
है.''
''पाकिस्तान आतंकवादियों का पालन-पोषण करता है. हम सुनते रहे हैं कि पाकिस्तान ख़ुद
आतंकवाद का शिकार है. दरअसल, पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो अग्निशामक बनकर आग लगाता है. पाकिस्तान
के लिए बहुलतावाद समझना बहुत मुश्किल है क्योंकि यहाँ अल्पसंख्यकों के लिए शीर्ष तक
पहुँचने पर पाबंदी है. पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा
रहेगा.''
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क्वॉड सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कुछ कहा?
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अमेरिकी राष्ट्रपति
जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में
पहली बार व्यक्तिगत तौर पर क्वाड शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की.
24 सितंबर को हुए
इस शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया और जापान
के समकक्षों के साथ भाग लिया.
अपने संबोधन के
दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि चार लोकतंत्रों का समूह एक
"ताक़त के रूप में कार्य करेगा" और “हिंद-प्रशांत क्षेत्र
के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति और समृद्धि सुनिश्चित” करेगा.
साल 2017 नवंबर
में भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने
चीन की बढ़ती ताक़त के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को
चीन के प्रभाव से मुक्त रखने के लिए एक नई रणनीति विकसित करने के लिए क्वॉड की स्थापना
की थी. यह एक लंबित प्रस्ताव था, जिसे 2017 नवंबर में अमल में लाया गया.
क्वॉड शिखर
सम्मेलन की मेज़बानी कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के आमंत्रण पर भारत के पीएम मोदी,
ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन और जापान के पीएम योशीहिदे सुगा पहली बार व्यक्तिगत रूप
से इस शिखर सम्मेलन के लिए व्हाइट हाउस में मिले.
राष्ट्रपति बाइडन
ने इससे पहले मार्च महीने में चारों नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की थी.
शिखर सम्मेलन का उद्घाटन
करते हुए बाइडन ने कहा कि चार लोकतंत्र कोविड महामारी से लेकर जलवायु समस्या से
जुड़ी आम चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ, एक मंच पर आए हैं.
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चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
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उन्होंने कहा, "इस समूह में लोकतांत्रिक देश साझेदार हैं जो विश्व-विचार साझा करते हैं और भविष्य के लिए समान दृष्टि रखते हैं."
उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि चीज़ों को कैसे करना है और हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं.
एक संक्षिप्त और स्पष्ट भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि "क्वॉड में हमारी भागीदारी हिंद-प्रशांत के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करेगी."
उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि हमारा सहयोग विश्व और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि स्थापित करेगा. क्वॉड वैश्विक भलाई के लिए एक शक्ति के रूप में कार्य करेगा.”
उन्होंने कहा कि आज दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है. हम क्वाड के रूप में मानवता के लिए साथ आए हैं. हमारी क्वॉड वैक्सीन पहल से हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों को बहुत मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, “हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वॉड ने सकारात्मक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है.”
इस मौक़े पर ऑस्ट्रेलिया के पीएम मॉरिसन ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त किया जाना चाहिए और विवादों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुसार हल किया जाना चाहिए.
जापान के प्रधानमंत्री सुगा ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हम एक सार्थक शिखर सम्मेलन आयोजित करने में कामयाब हैं."
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