कोरोना: स्कूल फिर से खोलने के लिए बच्चों को टीका देना कोई शर्त नहीं: डॉ. वीके पॉल

डॉ. वीके पॉल ने कहा कि बच्चों के लिए टीकाकरण के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कोई सिफारिश नहीं है.

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मानसी दाश, अपूर्व कृष्ण and कमलेश मठेनी

  1. चीन अफ़ग़ानिस्तान को देगा दो अरब से ज़्यादा की मदद

    चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग

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    चीन ने अफ़ग़ानिस्तान को 200 मिलियन युआन (लगभग दो अरब रुपये) की सहायता देने का वादा किया है. इसमें खाद्य आपूर्ति और कोरोना वायरस का टीके देने की मदद भी शामिल है.

    चीन ये पहले ही ज़ाहिर कर चुका है कि वो तालिबान सरकार के साथ संपर्क बनाए रखने का इच्छुक है.

    चीन ने ये भी कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में नई अंतरिम सरकार का गठन क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़रूरी क़दम था.

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है और देश को 'इस्लामिक अमीरात' घोषित कर दिया गया है.

    जहां एक तरफ़ अमेरिका ने कहा है कि वो अफ़ग़ानिस्तान की नई अंतरिम सरकार को मान्यता देने की जल्दी में नहीं है वहीं, चीन ने जल्द ही सहायता की पेशकश कर दी है.

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी

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    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान के कई पड़ोसी देशों पाकिस्तान, ईरान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के अपने समकक्षों के साथ एक बैठक में अफ़ग़ानिस्तान को दी जा रही मदद की घोषणा की.

    उन्होंने इन देशों से अफ़ग़ानिस्तान की मदद करने में सहयोग करने का आह्वान किया. साथ ही कहा कि चीन देश को कोरोना वैक्सीन की 30 लाख ख़ुराक़ भी उपलब्ध कराएगा.

    चीन ने अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका की वापसी की खुले तौर पर आलोचना की है. चीन ने कहा था कि अमेरिकी सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान में ‘तबाही’ मचाई थी.

    तालिबान के अधिकारी भी चीन को अफ़ग़ानिस्तान का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हैं. साथ ही युद्ध से ग्रसित देश के पुनर्निर्माण के लिए चीन से निवेश और मदद की उम्मीद भी रखते हैं. वहीं, चीन ने भी तालिबान के साथ अच्छे संबंध की पूरी कोशिशें की हैं.

  2. तालिबान को मान्यता देने की जल्दी में नहीं अमेरिका: व्हाइट हाउस

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन

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    व्हाइट हाउस की ओर बुधवार को कहा गया कि अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में नई अंतरिम सरकार को मान्यता देने की जल्दी में नहीं है. अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकालने के लिए तालिबान के साथ बातचीत कर रहा है.

    व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “इस प्रशासन में ना तो राष्ट्रपति और ना ही राष्ट्रीय सुरक्षा टीम में कोई और, कोई भी ये नहीं मानता कि तालिबान वैश्विक समुदाय के सम्मानित और मूल्यवान सदस्य हैं. उन्होंने ये दर्जा हासिल नहीं किया है और हमने कभी इसका आकलन नहीं किया है. ये एक कार्यवाहक कैबिनेट है जिसमें तालिबान के चार पूर्व क़ैदी और लड़ाके शामिल हैं.”

    उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इसे मान्यता नहीं दी है.

    जेन साकी

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    जेन साकी ने कहा, “हमने ये नहीं कहा है कि हम इसे मान्यता देने जा रहे हैं और हम इसकी जल्दी में भी नहीं है. उन्हें इससे पहले बहुत कुछ करने की ज़रूरत है. हम फ़िलहाल अमेरिकी नागरिकों को वहां से निकालने के लिए उनके साथ बातचीत कर रहे हैं क्योंकि इस समय अफ़ग़ानिस्तान पर उनका नियंत्रण है.”

    उन्होंने कहा, “उनके कार्यवाहक गृह मंत्री हक्क़ानी नेटवर्क के आतंकी है. छह लोगों की हत्या के मामले में उनकी तलाश है जिसमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है. माना जाता है कि वो अमेरिकी सैनिकों के ख़िलाफ़ सीमा पार हमलों में शामिल थे. उनके सिर पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम है. हम उनसे बातचीत क्यों कर रहे हैं?”

    उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय देख रहा है.

    जेन साकी ने जोर देकर कहा, “अमेरिका देख रहा है. वो लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से निकलने देते हैं या नहीं, वो अपने दावे के मुताबिक़ महिलाओं के साथ व्यवहार करते हैं कि नहीं और वो कैसा व्यवहार और काम करते हैं. इसलिए हम मान्यता देने की तरफ़ नहीं बढ़ रहे हैं.”

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

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    अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा

    वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी बुधवार को अपने बयान से इसी तरह के संकेत दिए.

    उन्होंने कहा कि नई अफ़ग़ान सरकार "निश्चित रूप से सबको प्रतिनिधित्व देने की कसौटी पर खरी नहीं उतरी है और इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनका बहुत ही ख़तरनाक ट्रैक रिकॉर्ड रहा है."

    उन्होंने कहा कि तालिबान को वैधता और अंतरराष्ट्रीय समर्थन ख़ुद हासिल करना होगा. अमेरिका की तालिबान के साथ बातचीत केवल क़ानून सम्मत तरीक़े से हमारे और हमारे सहयोगियों के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से होगी.

    एंटनी ब्लिंकन ने ये बातें नाटो, यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र सहित 22 देशों के अधिकारियों से एक वर्चुअल बैठक के दौरान कहीं.

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा कर दी है. हक्क़ानी समूह के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्क़ानी को इस सरकार में गृह मंत्री बनाया गया है जिनकी एफबीआई को तलाश है.

  3. 13वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आज, पीएम मोदी करेंगे अध्यक्षता

    पीएम नरेंद्र मोदी

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    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पांच देशों के समूह ब्रिक्स के 13वें शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे. ये बैठक डिजिटल तरीक़े से आयोजित होगी.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करके इसके जानकारी दी है.

    इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफ़ोसा और ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ायर बोल्सनारो भी शामिल होंगे.

    ब्रिक्स दुनिया की पांच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है जिसमें ब्राज़ील, रुस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल हैं.

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    यह दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले हैं. इससे पहले 2016 में उन्होंने गोवा सम्मेलन की अध्यक्षता की थी. भारत तीसरी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है.

    इस साल ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ है. इस बार शिखर सम्मेलन का विषय है, ‘ब्रिक्स @15: निरंतरता, समेकन और आम सहमति के लिए अंतर-ब्रिक्स सहयोग.’

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए प्राथमिकता वाले चार क्षेत्र तय किए हैं. इनमें बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार, आतंकवाद से मुक़ाबला, सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए डिजिटल और तकनीकी उपायों का उपयोग और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना शामिल है.

    इनके अलावा ब्रिक्स नेता कोरोना महामारी और अन्य वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों के प्रभाव पर भी बात करेंगे.

    इस बैठक में अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है.

  4. नमस्कार!

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