उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का निधन

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया.

लाइव कवरेज

मोहम्मद शाहिद and कमलेश मठेनी

  1. जम्मू कश्मीर: 370 ख़त्म किए जाने के बाद से घाटी में निशाने पर बीजेपी नेता

    विलाप करतीं बीजेपी नेता फ़िदा हुसैन की मां

    इमेज स्रोत, MAJID JAHANGIR/BBC

    इमेज कैप्शन, विलाप करतीं बीजेपी नेता फ़िदा हुसैन की मां

    केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में संदिग्ध चरमपंथियों ने बीते मंगलवार बीजेपी नेता जावीद अहमद डार की गोली मार कर हत्या कर दी. डार पर चरमपंथियों ने उस समय गोलियां चलाईं जब वह अपने घर के बाहर मौजूद थे.

    बीजेपी का कहना है कि बीते दो वर्षों में कश्मीर घाटी में बीजेपी के 23 नेता और कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं.

    बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक़, बीते एक वर्ष में सिर्फ़ कुलगाम ज़िले में ही सात बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है.

    बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने डार की हत्या पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि चरमपंथी मासूम लोगों को निशाना बना रहे हैं. उनका कहना था कि डार कुलगाम ज़िले में एक चुनावी क्षेत्र के इंचार्ज थे.

    हाल के दिनों में कश्मीर में बीजेपी नेताओं की हत्याओं को लेकर राजनीतिक दलों ने सख़्त निंदा की है. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने भी जावीद डार की हत्या की निंदा की. उन्होंने कहा है कि ऐसी हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है.

  2. तुर्की की सीमा पर अफ़ग़ान शरणार्थियों को रोकने के लिए ग्रीस ने खड़ी की दीवार

    ग्रीस

    इमेज स्रोत, Reuters

    तालिबान के डर से अफ़ग़ानस्तान छोड़ने वाले लोगों को आने से रोकने के लिए ग्रीस ने तुर्की से लगने वाली अपनी सीमा पर 40 किलोमीटर लंबी दीवार खड़ी की है. साथ उसने अपने बोर्डर पर सर्विलांस सिस्टम को भी तैनात किया है.

    ग्रीस ने ये फ़ैसला अफ़ग़ान शरणार्थियों के बड़े पैमाने पर आने की संभावनाओं को देखते हुए लिया है. ग्रीस के नागरिक सुरक्षा मंत्री मिकालिस क्रिसोकोइडिस शुक्रवार को एवरोस क्षेत्र के दौरे पर थे.

    वहां उन्होंने कहा, "हम संभावित असर का चुपचाप इंतज़ार नहीं कर सकते हैं. हमारी सीमाएं कोई लांघ नहीं सकता है."

    ग्रीस की तरफ़ से ये बयान ऐसे समय में आया है जब तुर्की ने यूरोपीय देशों से अफ़ग़ान शरणार्थियों की जिम्मेदारी उठाने की अपील की है.

    ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा कि "अफ़ग़ानिस्तान से पलायन करने वाले लोगों की संख्या का अचानक तेज़ी से बढ़ना सभी के लिए गंभीर चुनौती" है.

    राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा, "अगर अफ़ग़ानिस्तान और ईरान में ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए तो शरणार्थियों की नई बाढ़ को कोई नहीं रोक सकता है."

    अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का नियंत्रण स्थापित होने के बाद बहुत से लोग जान बचाने के लिए देश छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए वे किसी भी हद से गुजरने को तैयार हैं.

    ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की समस्या के कारण यूरोप के प्रवासी संकट की संभावना बढ़ गई है.

    ग्रीस साल 2015 के शरणार्थी संकट के केंद्र में रहा था. मध्य पूर्व में युद्ध और ग़रीबी से परेशान होकर दस लाख से ज़्यादा लोग तुर्की के रास्ते यूरोपीय संघ में दाखिल हो गए थे.

    इस बार ग्रीस ने कहा है कि अवैध रूप से उसके यहां आने वाले अफ़ग़ान लोगों को वापस भेजा जा सकता है.

  3. सोशल मीडिया पर तालिबान का समर्थन करने पर 14 लोग गिरफ़्तारः असम पुलिस

    असम

    इमेज स्रोत, ANI

    असम पुलिस ने शनिवार को बताया कि सोशल मीडिया पर अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण का समर्थन करने पर 14 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के एक सीनियर ऑफ़िसर के हवाले से रिपोर्ट दिया है कि ये गिरफ़्तारियां शुक्रवार रात को की गई हैं. गिरफ़्तार लोगों पर यूएपीए, आईटी ऐक्ट और सीआरपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    अधिकारी ने कहा, "हम अलर्ट हैं और सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियों पर नज़र रख रहे हैं."

    पुलिस ने बताया कि कामरूप मेट्रोपॉलिटन, बारपेटा, धुबरी और करीमगंज़ ज़िलों में से हरेक से दो लोगों की गिरफ़्तारी हुई है. इसके अलावा दरांग, चाचर, हैलाकांडी, दक्षिणी सलमारा, गोआलपारा और होजाइ ज़िलों से एक-एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

    पुलिस के डीआईजी वॉयलेट बरुआ ने बताया कि असम पुलिस सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुक़सानदेह तालिबान समर्थक कमेंट्स के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानूनी कार्रवाई कर रही है.

    उन्होंने कहा, "हम ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज कर रहे हैं. अगर आपकी नज़र में ऐसी कोई बात सामने आती है तो कृपया हमें इसके बारे में सूचित करें."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  4. तालिबान जवाबदेह होगा और उत्पीड़न के मामलों की जाँच करेगा: रिपोर्ट

    तालिबान

    इमेज स्रोत, Reuters

    तालिबान के एक अधिकारी ने कहा है कि तालिबान अपनी कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह होगा और उसके सदस्यों के बदला लेने और प्रताड़ित करने की रिपोर्टों की जांच करेगा.

    अधिकारी ने अपनी पहचान छुपाते हुए न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि तालिबान ने अगले कुछ हफ्तों के भीतर अफ़ग़ानिस्तान पर शासन करने के लिए एक नया मॉडल तैयार करने की योजना बनाई है.

    तालिबान ने कुछ ही दिनों के अंदर पूरे अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया था. अफ़ग़ानिस्तान के कई लोग और मानवाधिकार संगठनों ने बताया है कि तालिबान के लड़ाके पत्रकारों, सरकारी कर्मचारियों और विरोधियों की तलाशी में जुट गए हैं.

    तालिबान के अधिकारी ने कहा, “हमने उत्पीड़न और नागरिकों पर हमला करने के मामलों के बारे में सुना है. अगर तालिबान के सदस्य ऐसा कर रहे हैं तो उसकी जांच की जाएगी.”

    उन्होंने कहा, “हम लोगों की घबराहट और चिंता समझ सकते हैं. लोगों को लगता है कि हमारी कोई जवाबदेही नहीं है लेकिन ऐसा नहीं है.”

    तालिबान

    इमेज स्रोत, MARCUS YAM

    क़ब्ज़े के बाद तालिबान ने अपना एक उदारवादी चेहरा दिखाने की कोशिश की है. तालिबान ने 1996 से 2001 तक अफ़ग़ानिस्तान पर राज किया था लेकिन अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाली फ़ौजों ने उसे काबुल से भागने पर मजबूर कर दिया था.

    पूर्व अधिकारी तालिबान से छिपने की डरावनी कहानियां सुना रहे हैं, इस दौरान बंदूकधारी तालिबान घर-घर जाकर लोगों को ढूंढ रहे हैं.

    16 सदस्यों वाले एक परिवार ने बताया कि वो लोग बाथरूम में छिपे थे और उन्होंने अपने बच्चों के मुंह बंद कर लिए थे और लाइट बंद कर दी थी.

    तालिबान का कहना है कि देश का शासन पश्चिम की परिभाषा वाले लोकतंत्र के अनुसार नहीं बल्कि नए ढांचे के तहत चलेगा.

    उनका कहना है, “अगले कुछ हफ्तों में तालिबान के क़ानूनी, धार्मिक और विदेश नीति के विशेषज्ञ शासन के नए ढांचे को पेश करेंगे.”

  5. वीडियो: तालिबान के आने के बाद महिला पत्रकार के साथ क्या हुआ?

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

    अफ़ग़ानिस्तान की महिला पत्रकार शबनम डवरान का वीडियो वायरल हो गया है.

    इस वीडियो में वो बता रही हैं कि उन्हें दफ़्तर में प्रवेश नहीं करने दिया गया.

    शबनम ने दुनिया के बाकी मुल्कों से अपील की है कि वो उनकी मदद करें.

  6. तालिबान नेता बरादर काबुल पहुँचे, सरकार बनाने के लिए करेंगे बातचीत: रिपोर्ट

    मुल्ला बरादर

    इमेज स्रोत, SEFA KARACAN/ANADOLU AGENCY VIA GETTY IMAGES

    अफ़गानिस्तान में नई सरकार के गठन के मक़सद से तालिबान के सह संस्थापक मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर काबुल पहुँच गए हैं.

    काबुल में वो तालिबान के अन्य सदस्यों और नेताओं से बात करेंगे.

    तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, “वो एक समावेशी सरकार की स्थापना के लिए काबुल में जिहादी नेताओं और अन्य लोगों से मिलेंगे.”

    मुल्ला ग़नी बरादर को साल 2010 में पाकिस्तान से गिरफ़्तार किया गया था. साल 2018 में उन्हें क़तर भेज दिया गया था.

    बरादर को दोहा में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तालिबान के राजनीतिक कार्यालय का प्रमुख नियुक्त किया गया था.

    मुल्ला ग़नी बरादर मंगलवार को क़तर से अफ़गानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर पहुँचे थे, जिसे तालिबान की जन्मस्थली भी माना जाता है.

    तालिबान ने काबुल पर क़ब्ज़ा करने के महज कुछ ही घंटों बाद ऐलान किया था इस बार उनका शासन ‘अलग’ होगा.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  7. तालिबान अफ़ग़ानिस्तान में सड़कें बनाने के काम को क्यों दिखा रहा है?

    सड़क निर्माण

    इमेज स्रोत, TALIBAN

    अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़े के बाद तालिबान यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि मुल्क में अब हालात सामान्य हो रहे हैं.

    इसी कड़ी में उसने सोशल मीडिया पर सड़क निर्माण और कंस्ट्रक्शन के काम के दोबारा शुरू होने की तस्वीरें शेयर की हैं.

    तालिबान के अरबी भाषा के ट्विटर अकाउंट ने 19 अगस्त को एक वीडियो पब्लिश किया है जिसमें कई लोग साथ खड़े हैं और सार्वजनिक घोषणा की जा रही है.

    ट्विटर पोस्ट में लिखा है कि तालिबान के ‘लोक निर्माण मंत्रालय’ ने एक कंपनी के साथ ज़ाबुल प्रांत के क़लात और मैदान वार्दक प्रांत के मैदान शहर के बीच सड़क निर्माण के लिए समझौता किया है.

    ट्वीट में कंपनी का नाम ग्लो गैलेक्सी कंस्ट्रक्शन बताया गया है और कहा है कि परियोजना तीन महीने में पूरी हो जाएगी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    इससे एक दिन पहले एक वीडियो पर कमेंट करते हुए तालिबान के ट्विटर अकाउंट ने कहा था कि लोक निर्माण मंत्रालय देशभर में सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए ‘दोगुने प्रयास’ कर रहा है.

    इसमें कहा गया था कि कंधार और हेरात के बीच तेज़ी से सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है.

    इससे पहले इन दोनों वीडियो को एक अन्य ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया गया था जिसमें उसने ख़ुद को तालिबान के लोक निर्माण मंत्रालय का आधिकारिक अकाउंट घोषित किया हुआ है.

    तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर 15 अगस्त को क़ब्ज़ा कर लिया था लेकिन उसने अभी तक अपनी सरकार की घोषणा नहीं की है.

    ख़ुद को मंत्रालय का आधिकारिक अकाउंट बताने वाले ट्विटर हैंडल को तालिबान का अरबी भाषा का अकाउंट और उसके प्रवक्ता मोहम्मद नईम का अकाउंट भी फॉलो करता है.

    सड़क निर्माण

    इमेज स्रोत, TALIBAN

    हाल के दिनों में इस अकाउंट से अफ़ग़ानिस्तान में पुनर्निर्माण से जुड़ीं कई सारी पोस्ट की गई हैं जिनमें से कई को नईम ने शेयर भी किया है.

    इन पोस्ट में अफ़ग़ान के कई प्रांतों और इलाक़ों जैसे कि लोगार, मैदान वार्दक, ज़ाबुल में सड़कों के निर्माण की तस्वीरें हैं.

    यह ट्विटर अकाउंट पहली बार दिसंबर 2014 में बनाया गया था. हालांकि, इस पर पहली पोस्ट इस साल 9 जुलाई की दिख रही है. इसी दौरान तालिबान ने देश को क़ब्ज़े में लेने के लिए दोबारा अपना उग्रवादी अभियान शुरू किया था.

  8. वीडियो: अब भी तालिबान के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं अफ़गान लोग

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

    अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में यह समूह अफ़ग़ान झंडे के साथ रैली निकाल रहा है.

    साल 1919 में अफ़ग़ानिस्तान को ब्रिटेन से मिली आज़ादी के सालाना जलसे पर ये कई मीटर लंबा झंडा लेकर प्रदर्शन किया गया. यहां एक व्यक्ति गिर गया तो लोग उसकी मदद कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी यहां नारा लगा रहे हैं, ‘हमारा झंडा, हमारी पहचान’. महिलाओं ने यहां झंडे लपेट रखे हैं और अफ़ग़ान झंडों के साथ रैली निकाल रही हैं.

    यहां एक महिला प्रदर्शनकारी कह रही है. ‘अगर वो वाक़ई अपने देश से प्यार करते हैं तो हमसे नहीं डरेंगे. ये देश हमारा है और इसे बचाने के लिए हम कुछ भी करेंगे.’

    तालिबान ने राजधानी काबुल पर क़ब्ज़ा कर लिया है. इसके बावजूद अफ़ग़ानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह के प्रदर्शन किए गए.

    इसी तरह का विरोध-प्रदर्शन ग्रीस में भी किया गया, जहां अफ़ग़ानों ने अपने रिश्तेदारों की सुरक्षा को लेकर डर जताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उनके देश को अधर में ना छोड़ने की अपील की बेल्जियम में रहने वाले अफ़ग़ानों ने भी तालिबान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. यूरोपीय संघ के दफ़्तर के बाहर पाकिस्तानी झंडा जलाया गया.

  9. कोरोना: बीते 24 घंटे में 34,457 नए मामले, 375 लोगों की मौत

    कोरोना संक्रमण

    इमेज स्रोत, PARANJPE/AFP via Getty Images

    पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 34,457 नए मामले सामने आए हैं और 375 लोगों की मौत हुई है.

    इस समय देश में कोविड-19 के एक्टिव मामले 3,61,340 हैं जो पिछले 151 दिन में सबसे कम हैं.

    आईसीएमआर के आँकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 17,21,205 सैंपल्स का कोरोना के लिए टेस्ट किया गया है.

    कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अब तक चार लाख 33 हज़ार से ज़्यादा लोग जान गँवा चुके हैं.

    अब तक 57 करोड़ 61 लाख से ज़्यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है.

    कोरोना
  10. तालिबान को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने दी बधाई, कहा- यह भविष्य तय करेगा

    तालिबान

    इमेज स्रोत, EPA

    तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद उसके नेताओं, अफ़ग़ान जिहादियों और मुजाहिदीनों को बधाई दी है.

    तहरीक-ए-तालिबान के प्रमुख मुफ़्ती नूर वली महसूद (अबू मंसूर आसिम) के नाम से यह बयान जारी किया गया है.

    क़ुरान की एक आयत से बयान की शुरुआत करते हुए लिखा गया है, “जैसा कि मुसलमानों का विश्वास है कि दुनिया की ज़िंदगी परीक्षा और कठिनाइयों की ज़िंदगी है और हक़ीक़त ऐसी ही है कि ये दुनियावी ज़िंदगी इसके बाद आने वाली ज़िंदगी की तैयारी है, जैसा कि अल्लाह फ़रमाते हैं.”

    इसके बाद बयान में क़ुरान की एक आयत का फिर ज़िक्र किया गया है और उसके बाद लिखा है, “ये हक़ीक़त है कि शरीयत के दायरे में इस्लामी शासन लागू करना बहुत बड़ी चुनौती है. हालांकि, इन चुनौतियों में सफल होना भी अल्लाह के रहम से है.”

    बयान

    इमेज स्रोत, UMAR MEDIA

    ‘पूरी इस्लामिक उम्मत की जीत’

    इसके बाद बयान में तालिबान के प्रमुख हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा, सिराजुद्दीन हक़्क़ानी, मौलवी मुहम्मद याक़ूब और राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला बरादर को बधाई दी गई है.

    तहरीक-ए-तालिबान ने इस जीत को ‘पूरी इस्लामिक उम्मत की जीत’ बताते हुए कहा है कि इस पर भविष्य निर्भर करता है.

    पिछले बयान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने तालिबान के शीर्ष नेताओं में शामिल सिराजुद्दीन हक़्क़ानी का उल्लेख नहीं किया था लेकिन इस बार उनका नाम भी शामिल किया है.

  11. ग्वादर में चीनी क़ाफ़िले पर आत्मघाती हमला हुआ: पाकिस्तान विदेश मंत्रालय

    सुरक्षाबल

    इमेज स्रोत, AFP

    पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान के तटीय शहर ग्वादर में हुए एक बम धमाके में कम से कम दो बच्चों की मौत हुई है और दो लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

    शुक्रवार को हुए इस धमाके में चीनी इंजीनियरों और कर्मचारियों के क़ाफ़िले को निशाना बनाया गया था.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, यह एक आत्मघाती हमला था जिसमें एक चीन का नागरिक ज़ख़्मी हुआ है.

    ग्वादर प्रशासन के एक अधिकारी ने फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि धमाका नगौरी वार्ड के इलाक़े में निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे पर हुआ.

    ग्वादर के पूर्वी तट पर ये रोड बीते तीन साल से निर्माणाधीन है.

    ग्वादर

    इमेज स्रोत, AFP

    विदेश मंत्रालय की एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, शुक्रवार की शाम तीन गाड़ियों में चीनी नागरिकों को फ़ौज और पुलिस की निगरानी में ले जाया जा रहा था.

    जब चीन के नागरिकों का क़ाफ़िला ईस्ट बे एक्सप्रेस वे पर मछुआरों की कॉलोनी के क़रीब पहुंचा तो वहां से एक लड़का निकला और चीनी नागरिकों की गाड़ियों को निशाना बनाने के लिए भागा.

    इसको देखकर सादे कपड़ों में मौजूद सेना के जवान हमलावर को रोकने के लिए बढ़े तो हमलावर ने अपने आप को क़ाफ़िले से 15 से 20 मीटर की दूरी पर ख़ुद को उड़ा लिया.

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, धमाके में एक चीनी नागरिक भी ज़ख़्मी हुआ है जिसे ग्वादर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वो ख़तरे से बाहर है.

    पाकिस्तान में चीनी अधिकारियों के साथ हुआ यह कोई पहला मामला नहीं है.

    इससे पहले पिछले महीने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में एक 'बस हादसे' में कम से कम 13 लोग मारे गए थे जिनमें 9 चीनी नागरिक शामिल थे. ये डासू बांध परियोजना पर काम कर रहे थे.

    चीन ने इस हादसे को बम धमाका बताया था जबकि पाकिस्तान ने इसे गैस लीकेज की वजह से हुआ धमाका कहा था.

  12. बाइडन ने फिर तोड़ी चुप्पी, कहा- काबुल एयरलिफ़्ट में जा सकती हैं जानें

    बाइडन

    इमेज स्रोत, Reuters

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान के हालात पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए माना है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकियों की वापसी जान जाने के ख़तरे के बिनानहीं हो सकती.

    व्हाइट हाउस में बोलते हुए बाइडन ने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान से अब तक 13 हज़ार लोगों को निकाला है जो कि ‘इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे मुश्किल एयरलिफ़्ट है.’

    बाइडन ने वादा किया है कि सभी अमेरिकियों समेत अमेरिकी फ़ौजों की मदद करने वाले 50-65 हज़ार अफ़ग़ान लोगों को भी निकाला जाएगा.

    तालिबान के तेज़ी से देश पर क़ब्ज़े के बाद अमेरिका की लगातार आलोचना हो रही है.

    बाइडन ने कहा, “कोई भी अमेरिकी जो अपने घर आना चाहते हैं, हम उन्हें घर लाएँगे.’

    पत्रकारों से सवाल लेते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि अमेरिकी फ़ौज देश छोड़ने की उम्मीद को लेकर अफ़ग़ान सहयोगियों से भी ‘यही वादा’ करती है.

    हालांकि, उन्होंने बाद में यह भी जोड़ा कि अमेरिकी नागरिकों को निकालना ‘प्राथमिकता’ होगी.

    काबुल

    इमेज स्रोत, EPA

    ‘यह मिशन ख़तरनाक है’

    बाइडन ने कहा, “कोई ग़लती नहीं करनी है, निकालने का यह मिशन ख़तरनाक है. हमारे सुरक्षाबलों पर ख़तरा इसमें शामिल है और यह कठिन परिस्थितियों में किया जा रहा है.”

    “मैं वादा नहीं कर सकता हूँ कि अंतिम परिणाम बिना किसी नुक़सान के या नुक़सान के साथ आएगा. लेकिन कमांडर इन चीफ़ होने के नाते मैं आपको भरोसा दिलाता हूँ कि मैं हर ज़रूरी संसाधन को जुटाऊँगा.”

    उन्होंने यह भी कहा कि काबुल में फँसे अमेरिकियों को निकालने के लिए अमेरिकी फ़ौजों को भेजने की ज़रूरत नहीं होगी क्योंकि अमेरिकी पासपोर्ट वाले किसी भी शख़्स को तालिबान एयरपोर्ट पर एंट्री की अनुमति दे रहा है.

    हालाँकि, कई ऐसी रिपोर्ट भी आई हैं जिसमें बताया गया है कि काबुल में अमेरिकी नागरिकों को एयरपोर्ट पहुंचने में समस्या हो रही है.

    पोलिटिको की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने शुक्रवार को नेताओं को बताया था कि अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने की कोशिश कर रहे अमेरिकियों को तालिबान लड़ाकों ने पीटा है.

  13. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज पर आपका स्वागत है.

    हम यहाँ आपको दिनभर की बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. शुक्रवार, 20 अगस्त के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.