संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए कहा, "अफ़ग़ानिस्तान के पड़ोसी और अफ़ग़ान लोगों के दोस्त के तौर पर वहां जो हालात हैं, उसे लेकर भारत बेहद फिक्रमंद है. अफ़ग़ान पुरुष, महिलाएं और बच्चे लगातार डर के साये में जी रहे हैं."
उन्होंने कहा, "काबुल एयरपोर्ट पर हमने परेशान लोगों को देखा है. हम अफ़ग़ानिस्तान में एक नाटकीय बदलाव देख रहे हैं."
उन्होंने इस बात की उम्मीद जताई कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात जल्द ही स्थिर होंगे.
टीएस तिरुमूर्ति ने ये भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात चुनौतीपूर्ण हैं.
उन्होंने ये बात ज़ोर देकर कही कि हमें ये सुनिश्चित करना चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन से किसी देश पर हमला न हो.
उन्होंने कहा, "भारत ने हाल के सालों में अफ़ग़ानिस्तान की मदद के लिए बहुत कुछ किया है. हमें अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के मिशन को अपना समर्थन जारी रखना होगा."
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस की तालिबान से अपील
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने सोमवार को तालिबान से लोगों के जानोमाल की खातिर संयम बरतने की अपील की.
उन्होंने मानवाधिकार ख़ासकर महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों के संरक्षण का भी मुद्दा उठाया.
उन्होंने अन्य देशों से अफ़ग़ान शरणार्थियों को पनाह देने की भी अपील की.
एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि बाक़ी देशों को अफ़ग़ान शरणार्थियों को वापस लौटाने से परहेज करना चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "इस संघर्ष ने हज़ारों लोगों को अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है."
सुरक्षा परिषद में भारत की अध्यक्षता के अंतर्गत ये दूसरी बैठक थी.