तालिबान के एक प्रवक्ता ने रविवार को समाचार चैनल अल जज़ीरा से कहा है कि ‘अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध समाप्त हो गया है’.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने कहा कि संगठन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते रखना चाहता है और 'उनके साथ किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है.'
अल जज़ीरा ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति भवन में तालिबान के लड़ाकों का वीडियो भी जारी किया है.
मोहम्मद नईम ने कहा कि तालिबान अलग-थलग हो कर नहीं रहना चाहता. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में किस तरह की शासन व्यवस्था होगी इसके बारे में जल्द स्पष्ट हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि संगठन शरिया क़ानून के तहत महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है.
मोहम्मद नईम ने कहा कि तालिबान किसी के मामले में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाएगा बशर्ते कोई अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप न करे.
उन्होंने कहा, “20 साल के इंतज़ार के बाद हम उस मुक़ाम तक पहुंच गए हैं जहां हम पहुंचना चाहते थे. हम अपने देश की स्वतंत्रता और अपने लोगों की स्वतंत्रता चाहते थे. न हम किसी पर निशाना साधने के लिए अपनी सरज़मीन का इस्तेमाल होने देंगे और न ही किसी को नुक़सान पहुंचाना चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि तालिबान नहीं सोचता है कि विदेशी सेनाएं "अफ़ग़ानिस्तान में अपने नाकाम अनुभव को दोहराएंगी."
रॉयटर्स के अनुसार रविवार को तालिबान के राजधानी काबुल में प्रवेश करने के बाद राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी देश छोड़ कर भाग गए हैं.
उन्होंने कहा कि रक्तपात न हो इसलिए उन्होंने ये फ़ैसला लिया है.
मोहम्मद नईम ने इंटरव्यू में कहा कि अशरफ़ ग़नी के देश छोड़ने की उम्मीद "उनके क़रीबी लोगों ने भी नहीं की थी."
वहीं, रविवार को दिन में अल जज़ीरा ने तस्वीरें जारी की थीं जिनमें तालिबान राष्ट्रपति भवन के अंदर नज़र आए थे.
तालिबान का दावा है कि उन्होंने राजधानी के 11 ज़िला केंद्रों का नियंत्रण संभाल लिया है.
तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि राजधानी में उन्होंने किसी दूतावास या किसी मुख्यालय को निशाना नहीं बनाया है. जो राजनयिक या आम नागरिक यहां से जाना चाहते हैं तालिबान उन्हें सुरक्षित बाहर जाने का रास्ता देगा.