अफ़ग़ानिस्तानः काबुल में राष्ट्रपति भवन के पास ज़बरदस्त धमाका
शहर के व्यस्त इलाके में जिस जगह पर ये धमाका हुआ है, वहां पास में ही विदेशी राजनयिकों की रिहाइशी कॉलनी थी. इस हमले की अभी तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश, सिंधुवासिनी and अपूर्व कृष्ण
अफ़ग़ानिस्तानः काबुल में राष्ट्रपति भवन के पास ज़बरदस्त धमाका
इमेज स्रोत, Social Media
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल शहर के केंद्र में एक ज़बरदस्त धमाका हुआ है.
शहर के व्यस्त इलाके में जिस जगह पर ये धमाका हुआ है, वहां पास में ही कई सरकारी इमारतें और विदेशी राजनयिकों की रिहाइशी कॉलनी थी.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति भवन, कई दूतावास और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों और सहायता एजेंसियों के दफ़्तर भी उसी इलाके में हैं.
इस हमले की अभी तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है.
दूसरी तरफ़ अफ़ग़ानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में तालिबान और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष तेज़ होने की भी रिपोर्टें मिल रही हैं.
घटना के बारे में विस्तृत जानकारी का अभी इंतज़ार किया जा रहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
अफ़ग़ान न्यूज़ वेबसाइट टोलो न्यूज़ के मुताबिक़ ये धमाका काबुल के शिरपुर इलाके में अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्री के घर के पास हुआ है.
बीबीसी की पर्सियन सर्विस के अनुसार घटनास्थल के पास गोलियों और एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दे रही है. वहां, आसमान में धुएं का गुबार भी देखा गया है.
टीएमसी सांसद के ‘क़ानून...या पापड़ी चाट’ बयान पर नाराज़ हुए पीएम मोदी
इमेज स्रोत, ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टीएमसी
सांसद के `क़ानून बना रहे हैं या पापड़ी चाट’ के प्रति नाराजगी दिखाई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया है कि पीएम मोदी इस बयान पर बेहद दुखी हैं.
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “पीएम मोदी ने इस बयान को ‘उन लोगों के प्रति अपमानजनक माना है जिन्होंने सांसदों को चुनकर’ भेजा है.”
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोमवार को ट्वीट करके लिखा था कि “पहले दस दिनों में मोदी - शाह ने जल्दबाजी में 12 कानून
पास किए हैं जिनमें औसत समय सात मिनट से भी कम लगा है. कानून बना रहे हैं या
पापड़ी चाट!”
डेरेक ओ ब्रायन ने अपने ट्वीट के साथ एक चार्ट लगाया है. इसके मुताबिक़, किसी कानून को पास किए जाने में न्यूनतम एक मिनट लगा तो वहीं किसी कानून को पास करने में विचार विमर्श के लिए अधिकतम 14
मिनट का समय लिया गया.
इनमें से चार कानून राज्य सभा में तो आठ कानून लोकसभा में पास किए गए हैं. हालांकि, कानून पास करने के लगे समय में मंत्री द्वारा
दिए गए भाषण के समय को शामिल नहीं किया गया है.
टीएमसी सांसद के इसी ट्वीट पर बीजेपी की ओर से कड़ा
विरोध दर्ज कराया जा रहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
बीजेपी के केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा है उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नक़वी ने कहा, “बहुत दुर्भाग्य और शर्म की बात है कि टीएमसी के एक संसद सदस्य ने संसद की कार्रवाई और जो संसद में कामकाज हो रहा है उसे पापड़ी चाट बनाने से जोड़कर संसद की गरिमा का तो अपमान किया ही है, संसद सदस्यों का भी घोर अपमान किया है. उनसे माफी मंगवानी चाहिए.”
जज उत्तम आनंद केस की जांच सीबीआई फौरन शुरू करेः झारखंड हाई कोर्ट
इमेज स्रोत, ANI
झारखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई को धनबाद ज़िला जज उत्तम आनंद की मौत के मामले की जांच जल्द से जल्द शुरू करने का आदेश दिया.
हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो के वकील का जवाब सुनने के बाद ये आदेश दिया.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को जज उत्तम आनंद के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फ़ैसला किया था.
49 वर्षीय उत्तम आनंद 28 जुलाई की सुबह धनबाद में सुबह की सैर पर निकले थे तभी एक ऑटोरिक्शा से कथित तौर पर टक्कर के बाद उनकी मौत हो गई थी. उत्तम आनंद के परिजनों का कहना है कि उनकी हत्या कराई गई है.
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मंगलवार को हाई कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार की ओर से सीबीआई जांच की सिफारिश वाली चिट्ठी एजेंसी को सोमवार को मिल गई है. सीबीआई इस मामले में बुधवार को अपनी जांच की अधिसूचना जारी कर सकती है.
हालांकि सीबीआई वकील की बात सुनने के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने एजेंसी से कहा कि उसे तुरंत प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए.
इसके साथ ही हाई कोर्ट ने सभी दस्तावेज़ सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया.
लालू यादव ने कहा एलजेपी के नेता चिराग पासवान ही हैं...
इमेज स्रोत, Getty Images / ANI
लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को एलजेपी नेता चिराग पासवान का समर्थन करते हुए
कहा है कि कुछ भी हुआ हो, एलजेपी के नेता चिराग पासवान ही हैं.
इसके साथ ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि वह चाहते हैं कि चिराग पासवान
और तेजस्वी यादव एक साथ आ जाएं.
एक लंबे अरसे बाद दिल्ली आकर नेताओं से मिल रहे लालू यादव ने मंगलवार को पूर्व सांसद शरद यादव से मुलाक़ात की.
शरद यादव से
मुलाक़ात करते हुए लालू यादव ने कहा कि उनकी, शरद यादव और मुलायम सिंह यादव की
ग़ैर-मौजूदगी में संसद में आम लोगों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हुई है.
वहीं, पेगासस स्कैंडल पर लालू
यादव ने कहा कि इसकी जाँच होनी चाहिए और जो लोग शामिल हैं, उनके नाम सामने आने
चाहिए.
नीतीश कुमार पर बोला हमला
लालू प्रसाद यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर
मुलायम सिंह यादव और शरद यादव के साथ मुलाक़ात के बारे में बताया है.
लालू यादव ने
ट्वीट कर लिखा, “वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद भाई से
मुलाक़ात कर स्वास्थ्य लाभ संबंधित जानकारी प्राप्त की. सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और
राजनीतिक असमानता के विरुद्ध हमारा लंबा संघर्ष रहा है. हम समाजवादियों का संघर्ष
ही संस्कार है. सांप्रदायिकता और ग़ैर - बराबरी के ख़िलाफ अंतिम दम तक लड़ाई जारी
रहेगी.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
शरद यादव के साथ मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम तीनों, मैंने, शरद भाई, मुलायम सिंह ने कई मुद्दों पर संघर्ष किया है. कल मेरी मुलायम सिंह यादव से शिष्टाचार मुलाक़ात हुई.”
इस मीटिंग में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे.
नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए लालू यादव ने कहा, “हम बिहार में सरकार बनाने जा रहे थे. मैं जेल में था. लेकिन मेरे बेटे तेजस्वी ने उनका (एनडीए) का अकेले सामना किया. उन्होंने बेइमानी की और हमें 10 – 15 वोटों से हरा दिया.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
लालू के समर्थन पर क्या बोले चिराग
लोजपा विवाद में चिराग पासवान का समर्थन करते हुए कहा है कि वह चाहते हैं कि चिराग और तेजस्वी एक साथ आ जाएं.
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “लोक जनशक्ति पार्टी में कुछ भी हुआ हो, एलजेपी के नेता अभी भी चिराग़ पासवान ही हैं. और मैं ये चाहता हूं कि चिराग पासवान और तेजस्वी यादव एक साथ आ जाएं.”
लोक जनशक्ति पार्टी में फूट पड़ने के बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अब चिराग पासवान का राजनीतिक भविष्य किस करवट बैठेगा.
क्योंकि खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान को फूट के दौरान बीजेपी का समर्थन भी नहीं मिला.
इसके बाद चिराग पासवान के काफ़ी विरोध के बाद बीजेपी ने मंत्रीमंडल विस्तार में उनके चाचा को केंद्रीय मंत्री का पद दे दिया. इसके बाद से चिराग पासवान आर्शीवाद यात्रा पर निकले हुए हैं.
हालांकि, उनकी मुलाक़ात आरजेडी नेताओं से हो रही है.
पिछले महीने दिल्ली में राजद महासचिव श्याम रजक की मुलाक़ात चिराग पासवान से हुई है.
इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी चिराग पासवान से विपक्ष का दामन थामने का आग्रह किया था.
लेकिन अब लालू प्रसाद यादव की ओर से ये बयान आना काफ़ी अहम है.
हालांकि, इस बयान पर चिराग पासवान ने कहा है, “मैं उनकी (लालू प्रसाद यादव) की भावनाओं का सम्मान करता हूं. मैं आशीर्वाद यात्रा पर हूं. इस वक्त मेरा पूरा ध्यान आशीर्वाद यात्रा पर है.
मेरी प्राथमिकता अपनी पार्टी को मजबूत करना है. बिहार या यूपी में किसी भी तरह का गठबंधन चुनाव के समय किया जाए.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन, सुनिए संदीप सोनी से
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
पेगासम मामले की जाँच के लिए ए़़डिटर्स गिल्ड भी सुप्रीम कोर्ट पहुँचा
इमेज स्रोत, ANI
इसराइली स्पाईवेयर पेगासस के ज़रिये सरकार के कथित तौर पर पत्रकारों की जासूसी के मामले कीजाँच के लिए एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें माँग की गई है कि इसके लिए एक विशेष जाँच दल गठित किया जाए.
याचिका में कहा गया है कि पत्रकारों को ये ज़िम्मेदारी दी जाती है कि वो जनता को जानकारी देने के अधिकार को लागू करवाए.
इसमें कहा गया कि गिल्ड के सदस्यों और सभी पत्रकारों का ये दायित्व है कि वो सरकार के सभी विभागों से जानकारियाँ माँगकर उन्हें उनके काम या नाकामी के लिए उत्तरदायी बनाए.
याचिका में लिखा गया है कि इस भूमिका के लिए प्रेस की स्वतंत्रता की अवश्य रक्षा होनी चाहिए.
गिल्ड ने भारत सरकार के कथित तौर पर पेगासस के ज़रिये भारतीय नागरिकों और ख़ासतौर पर पत्रकारों की जासूसी करवाने के आरोप की जाँच के लिए अदालत की ओर से नियुक्त और उसकी निगरानी में जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल गठित करने की मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट में इससे पहले भी इसी मामले से जुड़ी पाँच याचिकाएँ दायर हो चुकी हैं.
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अगुआई में एक पीठ को 5 अगस्त को तीन अलग याचिकाओं की सुनवाई करनी है.
इनमें वरिष्ठ पत्रकारों एन राम और शशि कुमार की याचिका भी शामिल है जिसमें इस मामले की एक मौजूदा या रिटायर्ड जज से जाँच कराए जाने की मांग की गई है.
पेगासस मुद्दे पर भारत की संसद के भीतर और बाहर विपक्षी दल भी सरकार पर जाँच के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं.
विपक्ष पेगासस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच चाहता है.
मगर सरकार इस मामले को मनगढ़ंत बताकर इसे ख़ारिज कर चुकी है.
चीन ने ऑनलाइन गेमिंग को कहा "इलेक्ट्रॉनिक ड्रग्स", गिरे कंपनियों के शेयर
इमेज स्रोत, BERTHA WANG
चीन
के एक सरकारी मीडिया आउटलेट ने ऑनलाइन गेमिंग की आलोचना करते हुए उन्हें “इलेक्ट्रॉनिक ड्रग्स” की संज्ञा दी है.
इसके
बाद चीन की दो बड़ी गेमिंग कंपनियों टेनसेंट और नेटईज़ के शेयरों में दस फीसदी की
गिरावट दर्ज की गयी है.
पिछले
कुछ दिनों से जिस तरह सरकार ने तकनीक क्षेत्र की कंपनियों को आड़े हाथों लिया है,
उससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गयी हैं.
सरकार ने प्राइवेट ट्यूटर सेवा देने वाली शिक्षा एवं तकनीक क्षेत्र
की कंपनियों पर अपना शिकंजा कसने के लिए नए कदम उठाए हैं.
क्यों की गयी है आलोचना?
सरकार
द्वारा चलाए जाने वाले इकॉनोमिक इन्फॉर्मेशन डेली में छपे एक लेख में बताया गया
है कि बच्चे और किशोर ऑनलाइन गेमिंग के आदी हो
रहे हैं जो उन पर नकारात्मक असर डाल रहा है. ये न्यूज़ आउटलेट आधिकारिक न्यूज़
एजेंसी शिन्हुआ से जुड़ा हुआ है.
इस
आर्टिकल में टेनसेंट के लोकप्रिय खेल हॉनर ऑफ़ किंग्स का ज़िक्र करते हुए कहा गया
है कि छात्र इस गेम को एक दिन में आठ घंटे तक खेल रहे हैं.
इस लेख में ये बताते हुए इंडस्ट्री
पर नए प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की गयी थी.
इस आर्टिकल
में लिखा गया, “किसी भी उद्योग, किसी भी खेल को इस तरह विकसित होने
की अनुमति नहीं दी जा सकती है कि एक पूरी पीढ़ी ही ख़त्म कर दे.” इसके साथ ही इसे
अफीम की संज्ञा भी दी गयी.
इमेज स्रोत, Getty Images
बचाव की मुद्रा में आई कंपनी
टेनसेंट ने कहा है कि वह अपने गेम 'हॉनर ऑफ़ किंग्स' तक बच्चों की पहुंच और खेलने के समय में कटौती लाने के लिए कदम उठाएगी. कंपनी ने ये भी कहा है कि वह अपने सभी खेलों के लिए एक नीति बनाने जा रही है.
इकॉनोमिक इनफॉर्मेशन डेली द्वारा अपने वीचैट पेज़ से आर्टिकल हटाए जाने के बाद शेयर की कीमतों में रिकवरी देखने को मिली.
इससे एक हफ़्ते पहले भी टेनसेंट के शेयरों में भारी गिरावट देखी गयी थी जब सरकार ने टेनसेंट से दुनिया भर के रिकॉर्ड लेबल्स के साथ अपनी एक्सक्लूसिव म्यूजिक लाइसेंस डील तोड़ने के लिए कहा था.
इसका उद्देश्य चीन की ऑनलाइन म्यूजिक स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री में टेनसेंट के प्रभुत्व का सामना करना था.
साल 2016 में एक अधिग्रहण के बाद से टेनसेंट चीन के एक्सक्लूसिव म्यूजिक स्ट्रीमिंग राइट्स में से 80 फीसदी का नियंत्रण करती है.
चीनी सरकार पिछले कुछ समय से अपने देश की बड़ी कंपनियों पर शिकंजा कस रही है जिसके चलते टेनसेंट समेत कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है.
सरकार और विपक्ष मिलकर निकालें रास्ता, वेंकैया नायडू की संसद में हंगामे पर अपील
इमेज स्रोत, ANI
राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सरकार और विपक्ष से आग्रह किया है कि वो संसद के गतिरोध को दूर करने के लिए मिलकर हल निकालें.
समाचार एजेंसियों ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि नायडू ने राज्य सभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से आज सदन की कार्यवाही के पहली बार स्थगित होने के बाद चर्चा की.
सूत्रों के अनुसार नायडू ने गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी और सदन के नेता पीयूष गोयल से सोमवार शाम को बातचीत की थी.
सूत्रों ने बताया कि नायडू ने दोनों ही पक्षों से आग्रह किया कि वो साथ बैठें और अभी जारी गतिरोध को दूर करने का रास्ता निकालें.
संसद के दोनों सदनों में पिछले दो सप्ताह से कोई काम नहीं हो सका है. मॉनसून सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ था और इसके पहले ही दिन पेगासस मामले को लेकर हंगामा खड़ा हो गया.
विपक्ष पेगासस तथा किसानों के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहा है.
वो पेगासस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच भी चाहता है.
मगर सरकार इस मामले को मनगढ़ंत बताकर इसे ख़ारिज कर चुकी है.
झांसी स्टेशन का नाम लक्ष्मीबाई पर रखना चाहती है योगी सरकार, भेजा प्रस्ताव
इमेज स्रोत, PIB.NIC.IN
इमेज कैप्शन, झांसी की रानी
उत्तर प्रदेश सरकार झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर लक्ष्मीबाई पर रखना चाहती है. राज्य सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है कि स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन रखा जाए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद इस संबंध में संबद्ध एजेंसियों से राय ली जा रही है.
मंत्री ने एक लिखित उत्तर में बताया कि इन एजेंसियों की टिप्पणियों और विचार के आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी.
पीटीआई के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय किसी जगह या स्टेशन का बदलने को स्वीकृति रेल मंत्रालय, डाक विभाग तथा सर्वे ऑफ़ इंडिया से अनापत्ति हासिल करने के बाद देता है.
इन संस्थाओं को इस बात की पुष्टि करनी होती है कि उनके रिकॉर्ड में प्रस्तावित नाम का कोई गाँव या शहर नहीं है.
किसी गाँव, या शहर या स्टेशन का नाम कार्यपालिका से एक आदेश जारी होने के बाद बदल सकता है.
किसी प्रदेश का नाम बदलने के लिए संसद में सामान्य बहुमत से संविधान में संशोधन करना पड़ता है.
चीन के वुहान में फिर फैला कोरोना, सभी लोगों का होगा टेस्ट
इमेज स्रोत, Getty Images
चीन
के वुहान शहर में एक बार फिर कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं. इसके
बाद सरकार ने 1.1 करोड़ लोगों की आबादी वाले वुहान शहर में रहने वाले सभी लोगों की टेस्टिंग करने का फैसला किया है.
वुहान में एक साल से भी ज़्यादा समय के बाद पहली बार स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने की बात सामने आई है. दुनिया भर में कोरोना वायरस का पहला मामला वुहान शहर में साल 2019 में दर्ज किया गया था.
चीन कई महीनों बाद पहली बार इस स्तर पर संक्रमण की
मार झेल रहा है जब 10 दिनों में 300 मामले सामने आए हैं. इस समय चीन के लगभग 15 प्रांत कोरोना वायरस से
प्रभावित बताए जा रहे हैं.
इसके बाद सरकार ने लॉकडाउन से लेकर ज़्यादा से ज़्यादा
लोगों की टेस्टिंग करने जैसे कदम उठाने का फैसला किया है.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने शरीर का तापमान चेक करवाते हुए
‘डेल्टा वेरिएंट ज़िम्मेदार’
सरकारी संस्थाओं के मुताबिक़, इस बार जो संक्रमण फैल रहा है, उसके लिए बेहद तेजी से फैलने वाला डेल्टा वैरिएंट और पर्यटन का मौसम ज़िम्मेदार हैं.
वुहान में स्थानीय स्तर पर कोरोना वायरस फैलने की घोषणा एक ऐसे समय पर हुई है जब चीन में मंगलवार को ही कोरोना वायरस संक्रमण के 90 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने बताया है कि इनमें से 61 लोग स्थानीय स्तर पर कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. वहीं, इससे एक दिन पहले कुल 55 लोग स्थानीय स्तर पर कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं.
अपनी सीमाओं के भीतर चीन कोरोना वायरस को नियंत्रित करने में काफ़ी हद तक सफल रहा है.
लेकिन काफ़ी आवाजाही वाले नानजिंग एयरपोर्ट के कर्मचारियों में कोरोना वायरस फैलने के बाद चिंताएं बढ़ गई हैं.
इमेज स्रोत, Reuters
नानजिंग में फिर लॉकडाउन
सरकारी संस्थाओं ने नानजिंग में रहने वाले 92 लाख लोगों की तीन बार टेस्टिंग करने के बाद लॉकडाउन लगा दिया है.
लेकिन पिछले दो तीन दिनों में हुनान प्रांत के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल चांगजियाजी में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद ये जगह चर्चा में आ गयी है.
ऐसा माना जाता है कि नानजिंग के यात्रियों ने हाल ही में इस शहर की यात्रा की होगी.
स्वास्थ्यकर्मी ट्रेसिंग की प्रक्रिया में चांगजियाजी के एक थिएटर तक पहुंचे हैं और वहां आने वाले लगभग 5000 लोगों को ट्रैक कर रहे हैं जिन्होंने इस थिएटर में एक कार्यक्रम को देखा और उसके बाद अपने शहरों की ओर यात्रा की.
चीन के श्वसन रोग विशेषज्ञ ने बताया है कि “चीन में कोरोना संक्रमण का नया केंद्र अब चांगजियाजी बन गया है.”
इसके साथ ही कोरोना वायरस चीन की राजधानी बीजिंग तक भी पहुंच गया है जहां स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने के कई मामले सामने आ रहे हैं.
टोक्यो ओलंपिक: सिमोन बाइल्स ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
इमेज स्रोत, LAURENCE GRIFFITHS/GETTYIMAGES
इमेज कैप्शन, अब तक चार बार ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने वाली अमेरिकी जिमनास्ट सिमोन बाइल्स
अमेरिकी जिमनास्ट सिमोन बाइल्स ने टोक्यो ओलंपिक में मंगलवार को बैलेंस बीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है.
इस इवेंट में गोल्ड और सिल्वर मेडल चीनी
खिलाड़ियों ग्वाचेंचन और तेंग शिजिंग को मिला है.
ओलंपिक में चार बार गोल्ड मेडल जीतने वालीं 24 वर्षीय सिमोन बाइल्स हाल ही में जिमनास्टिक फाइनल से ये कहते हुए अलग हो गईं थीं कि उन्हें अब अपनी मानसिक सेहत पर ध्यान देना है.
उन्होंने कहा था, "मुझे अब अपनी मानसिक सेहत पर ध्यान देना है. मैंने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके बाद में आगे जारी नहीं रखना चाहती थी. मुझे अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना है. मुझे लगता है कि खेलों की दुनिया में इस समय मेंटल हेल्थ (की समस्या ज़्यादा) देखी जा रही है. हमें अपने ज़हन और शरीर दोनों की रक्षा करनी है. हमें बाहर जाकर बस वो सब नहीं करना है जो कि दुनिया चाहती है कि हम करें."
अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी कैंप लगे तो भारत पर पड़ेगा सीधा असरः सुरक्षा परिषद अध्यक्ष
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी दूत टीआर तिरुमूर्ति
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष टीएस तिरुमूर्ति ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति परिषद के सभी सदस्य देशों के लिए चिंता की बात है. उन्होंने कहा है कि परिषद वहाँ एक बार फिर "आतंकवादी शिविरों को नहीं लगने दे सकता" क्योंकि इसका भारत पर "सीधा असर" पड़ेगा.
भारत सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है और 2021-22 के लिए अगस्त में इसकी अध्यक्षता कर रहा है.
सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी दूत तिरुमूर्ति ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का ज़िक्र किया जिसमें कहा गया है कि मई-जून में वहाँ साल के पिछले महीनों की तुलना में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
भारत की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्प्ष्ट शब्दों में कहा है कि वो एक स्वतंत्र, शांतिपूर्ण, लोकतंत्र और स्थिर अफ़ग़ानिस्तान देखना चाहता है.
उन्होंने कहा, “हमें वहाँ हिंसा के बारे में ध्यान देना चाहिए. साथ ही अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को भी कम करना चाहिए. हम अफ़ग़ानिस्तान में फिर से आतंकवादी शिविरों को नहीं लगने दे सकते. और इसका भारत पर सीधा असर पड़ेगा.“
उन्होंने साथ ही कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति बनी रहना महत्वपूर्ण है क्योंकि वहाँ की सुरक्षा और स्थिरता का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा.
तिरुमूर्ति ने कहा, “अभी के समय, हमें उम्मीद है कि शांति वार्ताओं से हल निकलेगा, और हम आशा करते हैं कि इसका कोई सैन्य समाधान नहीं निकाला जाएगा.“
सीबीएसई के 10वीं के नतीजे घोषित, 99.04% छात्र सफल, लड़कियाँ आगे
इमेज स्रोत, Sunil Ghosh/Hindustan Times via Getty Images
सीबीएसई के दसवीं कक्षा के नतीजे
घोषित कर दिए गए हैं. महामारी से प्रभावित परीक्षा में इस साल 99.04 फ़ीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए हैं. लड़कियाँ 0.35 के अंतर से पास होने के मामले में लड़कों से आगे रहीं.
सीबीएसई के आँकड़ों के
अनुसार 57,824 छात्रों को 95 फ़ीसदी से ज़्यादा नंबर मिले
हैं और 2,00,962 छात्रों को 90-95 फ़ीसदी तक अंक मिले हैं.
केरल के त्रिवेंद्रम का
रिजल्ट सबसे अच्छा रहा. यहाँ 99.99 फ़ीसदी छात्र परीक्षा में सफल रहे. बेंगलुरु
में 99.96 फ़ीसदी और चेन्नई में 99.94 फ़ीसदी छात्र सफल रहे.
इस साल कोरोना महामारी के कारण दसवीं की बोर्ड परीक्षाएं
रद्द कर दी गई थीं.
छात्रों के लिए प्री बोर्ड और यूनिट टेस्ट के आधार पर 80 नंबर
और इंटर्नल असेसमेंट के आधार पर 20 नंबर का पूर्णांक तय किया गया था.
बीजेपी को घेरने के इरादे से 100 विपक्षी सांसद नाश्ते पर जुटे
इमेज स्रोत, @INCIndia
मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को एकजुट करने के इरादे से आज दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आमंत्रण पर विपक्ष के लगभग 100 सांसदों ने नाश्ते पर चर्चा की.
तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना, डीएमके, सीपीआई-एम, सीपीआई, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस, आईयूएमएल, आरएसपी, केसीएम और लोकतांत्रिक जनता दल के नेता इस बैठक के लिए पहुँचे.
राहुल गांधी ने बैठक के लिए 17 विपक्षी दलों को न्यौता भेजा था मगर बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी इसमें शामिल नहीं हुए.
राहुल गांधी ने वहाँ नेताओं से कहा, "इस निमंत्रण का एकमात्र उद्देश्य है कि हमें एक होना चाहिए. हमारी आवाज़ जितनी एकजुट होगी, ये उतनी ही ताक़तवर होते जाएँगे और बीजेपी तथा आरएसएस के इसे दबाना मुश्किल होता जाएगा."
उन्होंने कहा," देश के लोकतंत्र पर भाजपाई प्रहार के खिलाफ विपक्ष एकजुट है. यह देश बचाने की लड़ाई है."
इमेज स्रोत, @INCIndia
बैठक के बाद विपक्षी सांसदों ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से संसद तक तेल की ऊँची कीमतों के विरोध में साइकिल यात्रा की.
राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा है," ना हमारे चेहरे ज़रूरी हैं, ना हमारे नाम. बस ये ज़रूरी है कि हम जन प्रतिनिधि हैं- हर एक चेहरे में देश की जनता के करोड़ों चेहरे हैं जो महंगाई से परेशान हैं. यही हैं अच्छे दिन?"
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
विपक्षी सांसदों की ये बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद के मॉनसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच पेगासस मामले पर गतिरोध की स्थिति बन गई है.
विपक्ष पेगासस मामले पर चर्चा और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की जाँच की माँग कर रहा है.
लेकिन सरकार इस मामले को मनगढ़ंत बताकर ख़ारिज कर चुकी है.
राज्यसभा में नेता विपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "सरकार में कोई हमारी नहीं सुन रहा, इसलिए हमने एकजुट होने का फ़ैसला किया है."
इमेज स्रोत, @INCIndia
इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे
मोदी 'पापड़ी चाट' वाली टिप्पणी पर हुए नाराज़, विपक्ष पर जमकर बरसे
इमेज स्रोत, ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉनसून सत्र में जारी हंगामे को लेकर विपक्ष पर आरोप लगाया है कि वो अपने व्यवहार से विधायिका और संविधान का अपमान कर रहा है.
उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी संसदीय दल की बैठक में विपक्ष की आलोचना की. गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई पार्टी नेता इस बैठक में मौजूद थे.
बैठक में प्रधानमंत्री के भाषण की जानकारी देते हुए संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों के बर्ताव पर गहरी नाराज़गी प्रकट की.
मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद ने पेगासस मामले पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान फाड़ दिया था.
वहीं लोकसभा में भी कई विपक्षी सांसदों ने काग़ज़ों को फाड़कर हवा में और अध्यक्ष के आसन की ओर उछाला था.
पार्टी संसदीय समिति में प्रधानमंत्री के भाषण की जानकारी देते हुए प्रह्लाद जोशी और विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने तृणमूल सांसद डेरेक ओ'ब्रायन का नाम लिए बिना कहा कि तृणमूल नेता के एक ट्वीट पर भी मोदी ने नाराज़गी जताई.
डेरेक ओ'ब्रायन ने एक ट्वीट में लिखा था- "पिछले 10 दिनों मेंं मोदी-शाह ने सात मिनट प्रति विधेयक की औसत रफ़्तार से 12 विधेयक पारित कर दिए. ये विधेयक पास हो रहे हैं या पापड़ी चाट बन बन रहा है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
मुरलीधरन के अनुसार मोदी ने कहा कि ऐसे बयान संसदीय कार्यवाही और निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए "अपमानजनक" हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष का ऐसा व्यवहार संसद और संविधान का "अपमान" हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
प्रह्लाद जोशी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने आज कहा कि हम शुरू से कह रहे हैं कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं. एक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है कि बिल सरकार के हैं, ये गलत है बिल गरीब लोगों के कल्याण के लिए हैं. पीएम की इच्छा है कि सार्थक और समृद्ध चर्चा होनी चाहिए."
मॉनसून सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष पेगासस मामले पर चर्चा की माँग कर रहा है जिससे सदन का कार्य एक दिन भी सुचारू तरीक़े से नहीं चल सका है.
सरकार इस मामले को मनगढ़ंत बताकर ख़ारिज कर चुकी है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
ओलंपिक में हार पर कप्तान बोले- ये समय रोने का नहीं, कांस्य के लिए जी-जान लगा देना है
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह
ओलंपिक के सेमीफ़ाइनल में बेल्जियम से 2-5 से हारने से हुई निराशा के बावजूद भारतीय हॉकी टीम का मानना है कि ये वक़्त शोक मनाने का नहीं बल्कि गुरुवार को कांस्य पदक के लिए जी-जान लगा देने का है.
भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने मैच के बाद कहा है, "मेरे लिए ये वक़्त बड़ा कठिन है क्योंकि हम जीत के इरादे से आए थे, मगर दुर्भाग्य से हम नहीं जीत सके. पर अब हमारा सारा ध्यान कांस्य पदक के लिए मैच पर होना चाहिए, हमें मेहनत करनी है और वो मेडल लेना ही है."
उन्होंने कहा, "इतने लंबे समय के बाद सेमीफ़ाइनल तक पहुँचना हमारे लिए गर्व की बात है, मगर अब हमें एकाग्र होना है क्योंकि अगला मैच हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम देश के लिए कम-से-कम कांस्य पदक जीतना चाहते हैं."
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम ने पिछले पाँच साल में कठोर परिश्रम किया था और आज उनका नतीजा बेहतर होना चाहिए था.
टीम के पूर्व कप्तान और गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने भी कप्तान की बात से सहमति जताते हुए कहा कि हार की बात को भुलाकर अब ध्यान इस बात पर रखना है कि हम एक पदक के साथ देश लौट सकें.
श्रीजेश ने कहा, "निराशाजनक ज़रूर है, पर अब उसकी चिंता करने का समय नहीं है. हमें उसे भुलाना पड़ेगा और आगे के बारे में सोचना होगा. हमारे पास अभी भी पदक हासिल करने का मौक़ा है और हमारे लिए रोने की जगह वो ज़्यादा महत्वपूर्ण है."
टोक्यो ओलंपिक में भारत की हॉकी टीम के प्रदर्शन की काफ़ी सराहना हुई है.
8 बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारत ने टोक्यो में 41 वर्ष बाद ओलंपिक के सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई जिसके बाद ये आशा जगी कि भारत 1980 के बाद एक बार फिर स्वर्ण पद की रेस में उतर सकता है.
फ़लस्तीनियों ने ठुकराया इसराइली सुप्रीम कोर्ट का प्रस्ताव, शेख़ जर्रा में मांगा संपत्ति का अधिकार
इमेज स्रोत, ABBAS MOMANI/AFP via Getty Images
फ़लस्तीनियों ने शेख़ जर्रा में उनके घर खाली कराए जाने की धमकी और यहूदी बस्तियों को बसाने के मामले में इसराइली सुप्रीम कोर्ट के सुलह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.
इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने
पूर्वी येरुशलम के शेख़ जर्रा में रहने वाले फ़लस्तीनी लोगों और यहूदी लोगों के
बीच चली आर रही लंबी क़ानूनी लड़ाई को ख़त्म करने का प्रस्ताव दिया.
अदालत ने फ़लस्तीनी
परिवारों से कहा कि वो अगर यह स्वीकार कर लें कि शेख़ जर्रा की ज़मीन यहूदी कंपनी
की और वो घरों का किराया दें तो वो वहाँ रह सकते हैं. लेकिन फ़लस्तीनी पक्ष ने इससे इनकार कर दिया.
कोर्ट ने जो रास्ता सुझाया
था उसके तहत शेख जर्रा में रहने वाले दर्जनों परिवारों को ‘सुरक्षित किराएदार’ का दर्जा मिल
सकता था.
प्रस्ताव के मुताबिक़ फ़लस्तीनियों से निकट भविष्य में जबरन घर खाली नहीं कराए जा सकते थे जब तक कि वो
उस यहूदी कंपनी को किराया देते रहें, जिसकी यह ज़मीन मानी जाती है.
हालाँकि फ़लस्तीनियों ने
अदालत का यह सुझाव मानने से इनकार कर दिया और कहा कि वो संपत्ति का अधिकार चाहते
हैं.
इमेज स्रोत, AHMAD GHARABLI/AFP via Getty Images
इसी विवाद के कारण इसराइल और हमास में छिड़ी थी जंग
शेख़ जर्रा के इस मुद्दे
के कारण ही पिछले कुछ महीने इसराइली और फ़लस्तीनियों में भारी तनाव और हिंसा हुई
थी.
इस साल मई में पूर्वी यरुशलम
के शेख़ जर्रा इलाक़े से फ़लस्तीनी परिवारों को निकालने की धमकी के बाद इसराइली
पुलिस और फ़लस्तीनियों में हिंसा शुरू हो गई थी.
इस हिंसा की शुरुआत के
बाद फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठ हमास और इसराइल में जंग छिड़ गई थी जो करीब 11 दिनों
तक जारी रही.
इस इलाके को यहूदी अपनी ज़मीन
बताते हैं और वहाँ बसना चाहते हैं. हमास ने इसराइल पर शेख़ जर्रा में लोगों के ‘उत्पीड़न’ का आरोप लगाया था और रॉकेट दागे थे.
इसराइल और फ़लस्तीनियों
के बीच विवाद का यह मुद्दा दुनिया भर की नज़र में आ गया था.
संयुक्त राष्ट्र में
मानवाधिकार प्रमुख ने इसराइल से कहा था कि वो शेख़ जर्रा से लोगों को न निकाले
संयुक्त राष्ट्र
मानवाधिकार संस्था ने चेताया था कि अगर इसराइल ऐसा कुछ करता है तो अंतरराष्ट्रीय
क़ानून के तहत इसे ‘युद्ध अपराध’ माना जा सकता है.
इमेज स्रोत, Faiz Abu Rmeleh/Anadolu Agency via Getty Images
क्या है यरुशलम का पूरा विवाद?
1967 के मध्य पूर्व युद्ध
के बाद इसराइल ने पूर्वी यरुशलम को नियंत्रण में ले लिया था और वो पूरे शहर को अपनी
राजधानी मानता है.
हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका समर्थन नहीं करता. फ़लस्तीनी
पूर्वी यरुशलम को भविष्य के एक आज़ाद मुल्क़ की राजधानी के तौर पर देखते हैं.
पिछले कुछ महीने पढ़े इसी को लेकर फ़लस्तीनियों और इसराइल में तनाव बढ़ा था.
आरोप थे कि ज़मीन
के इस हिस्से पर हक़ जताने वाले यहूदी फलस्तीनियों को बेदख़ल करने की कोशिश कर रहे
हैं जिसे लेकर विवाद है.
अक्टूबर 2016 में संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक शाखा यूनेस्को की कार्यकारी
बोर्ड ने एक विवादित प्रस्ताव को पारित करते हुए कहा था कि यरुशलम में मौजूद ऐतिहासिक
अल-अक्सा मस्जिद पर यहूदियों का कोई दावा नहीं है.
यूनेस्को की कार्यकारी समिति ने यह प्रस्ताव पास किया था.
इस प्रस्ताव में कहा गया था कि अल-अक्सा मस्जिद पर मुसलमानों
का अधिकार है और यहूदियों से उसका कोई ऐतिहासिक संबंध नहीं है.
वहीं, यहूदी इसे टेंपल माउंट कहते रहे हैं और उनके लिए
यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता रहा है.
कोरोना: बीते 24 घंटे में 30 हज़ार से ज़्यादा मामले, 422 लोगों की मौत
इमेज स्रोत, Arvind Yadav/Hindustan Times via Getty Images
पिछले 24 घंटे में भारत
में कोरोन वायरस संक्रमण के कुल 30,549 नए मामले सामने आए हैं और 422 लोगों की मौत
हुई है.
इस दौरान इलाज के बाद ठीक
होने पर 38,887 लोगों को अस्पताल से छुट्टी भी दी गई.
इसी के साथ देश में
कोरोना संक्रमण के कुल 3,17,26,507 मामले हो गए हैं जिनमें 4,04,958 मामले एक्टिव
हैं.
अब तक कुल 4,25,195 लोगों ने कोविड-19 के कारण जान गँवाई है और 3,08,96,354 लोग इलाज के बाद
ठीक हुए हैं.
देश में अब तक कुल 47,85,44,114 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है.
लाइव: टोक्यो में पुरुष हॉकी टीम पर क्या कह रहे पंजाब के हॉकी खिलाड़ी?
टोक्यो ओलंपिक में भारत की पुरुष हॉकी टीम इतिहास बनाने से चूक गई है. इस मैच के बाद पंजाब के जालंधर में युवा हॉकी खिलाड़ियों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता सरबजीत सिंह धालीवाल.
टोक्यो ओलंपिक: इतिहास बनाने से चूका भारत, हॉकी सेमी फ़ाइनल में बेल्जियम से 5-2 से हारा
इमेज स्रोत, Lintao Zhang/Getty Images
भारत की पुरुष हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में इतिहास बनाने से चूक गई. सेमी फ़ाइनल मुकाबले में बेल्जियम की टीम ने 5-2 से हराया.
भारतीय टीम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर टीम को दिलासा दी.
उन्होंने लिखा, “हार और जीत ज़िंदगी का हिस्सा हैं. हमारी पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में
अपनी बेस्ट परफ़ॉर्मेंस दी और यही माने रखता है. उन्हें अगले मैच और भविष्य के लिए
शुभकामनाएं. भारत को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इमेज स्रोत, Lintao Zhang/Getty Images
अब ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए खेलेगा भारत
बेल्जियम के हाथों मिली हार के बाद अब भारत को टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए खेलना होगा.
भारत को अब ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना के बीच दूसरे सेमीफ़ाइनल में हारने वाली टीम के साथ खेलना होगा.
पाँच साल पहले रियो ओलंपिक के
क्वार्टर फ़ाइनल में बेल्जियम के हाथों 1-3 से हारकर ही भारत बाहर हुआ था.