अफ़ग़ानिस्तान में इस साल रिकॉर्ड संख्या में आम लोगों की मौतः यूएन

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संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस साल के शुरू के आधे हिस्से में अफ़ग़ानिस्तान में रिकॉर्ड संख्या में आम लोगों की जान गई है.
संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार 2021 में अभी तक 1,600 से ज़्यादा आम लोग मारे गए हैं. पिछळे वर्ष की तुलना में ये 47% ज़्यादा है.
यूएन ने साथ ही चेतावनी दी है कि ये संख्या और बढ़ सकती है.
मई और जून में 2009 के बाद से पहली बार सबसे ज़्यादा लोग मारे गए. यूएन ने 2009 से आम लोगों की मौतों का आँकड़ा जुटाना शुरू किया था.
अफ़ग़ानिस्तान से अधिकतर विदेशी सैनिक लगभग 20 साल के बाद वापस लौट चुके हैं.
इसके सात ही वहाँ अफ़ग़ान सुरक्षाबलों और तालिबान के बीच संघर्ष तेज़ हो गया है जिसकी चपेट में आम लोग आ रहे हैं.
यूएन की रिपोर्ट के अनुसार मारे गए आम लोगों में से 64% लोगों की मौत के लिए सरकार-विरोधी शक्तियाँ ज़िम्मेदार थीं. ॉ
25% लोग सरकार-समर्थक शक्तियों की वजह से मारे गए. 11% लोग दोनों पक्षों की गोलीबारी की चपेट में आ गए.
मारे गए लोगों में से 32% बच्चे थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एलान किया था कि अमेरिकी सेना सितंबर तक पूरी तरह से लौट जाएगी.
हालाँकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर जनरल केनेथ मैकेंज़ी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैन्यबलों की वापसी के बाद भी अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान को रोकने के लिए हवाई हमले करता रहेगा.
अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह तालिबान के विरूद्ध हवाई हमले शुरू किए थे जब वो कंधार की ओर बढ़ रहे थे.



















