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सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को CAA विरोधी नोटिसों पर कार्रवाई से रोका

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने कहा है कि “पहले भेजे गए नोटिस के आधार पर कार्रवाई न की जाए."

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, भूमिका राय, पवन सिंह अतुल and अपूर्व कृष्ण

  1. भारतीय मूल की अमेरिकी मीना शेषमणि बनीं यूएस सेंटर फ़ॉर मेडिकेयर में निदेशक

    बाइडेन-हैरिस ट्रांजिशन हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज़ (एचएचएस) एजेंसी रिव्यू टीम के नेतृत्व में काम करने वाली भारतीय-अमेरिकी हेल्थ-पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ. मीना शेषमणि को यूएस सेंटर फ़ॉर मेडिकेयर का निदेशक नियुक्त किया गया है.

    43 वर्षीय मीना शेषमणि 65 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए, विकलांगों के लिए और मेडिकेयर कवरेज पर निर्भर लोगों के लिए बने सेंटर का नेतृत्व करेंगी.

    सेंटर फ़ॉर मेडिकेयर की डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर और निदेशक के तौर पर उनकी ज़िम्मेदारी छह जुलाई से शुरू हुई है.

    सेंटर फ़ॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज़ के एडमिनिस्ट्रेटर चिक्विटा ब्रूक्स लासुर ने कहा कि डॉ. मीना की नियुक्ति से सेंटर को बहुआयामी लाभ होगा क्योंकि वो बतौर हेल्थ केयर एक्ज़ीक्यूटिव, हेल्थ इकोनॉमिस्ट, फ़ीज़िशियन और हेल्थ पॉलिसी एक्सपर्ट काम कर चुकी हैं और अब उनके इस अनुभव का सेंटर को फ़ायदा होगा.

    डॉ. मीना ने ब्राउन यूनिवर्सिटी से बिज़नेस इकोनॉमिक्स में ऑनर्स किया है. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिलवेनिया स्कूल ऑफ़ मेडिसीन से एमडी की है. और यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफ़र्ड से उन्होंने अपनी पीएचडी की है, जिसमें उसका विषय हेल्थ-इकोनॉमिक्स था.

    उन्होंने जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ मेडिसीन से ओटोलरींगोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी में अपनी रेज़िडेंसी ट्रेनिंग पूरी की है.

    वह सैन फ्रांसिस्को के कैसर परमानेंते मे सिर और गर्दन की सर्जन के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.

  2. सभी अमेरिकी सैनिक 31 अगस्त तक छोड़ देंगे अफ़ग़ानिस्तान

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के अपने फ़ैसले का बचाव करते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी अभियान 31 अगस्त तक समाप्त हो जाएगा.

    जिस गति से अमेरिकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से वापसी कर रहे हैं, जो बाइडेन ने उसका भी बचाव किया है. उन्होंने कहा कि इस क़दम ने लोगों की जान बचायी.

    राष्ट्रपति जो बाइडेन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तालिबान अफ़ग़ानिस्तान में कई इलाक़ों में कामयाबी हासिल कर रहा है. 11 सितंबर 2001 के चरमपंथी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने लगभग 20 सालों तक अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई लड़ी है.

    इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी के लिए 11 सितंबर 2021 तक की मियाद तय की थी.

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2021 तक अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के लिए तालिबान के साथ सहमति दी थी लेकिन जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद जो बाइडेन ने उसे आगे बढ़ा दिया था.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस से अपने एक संबोधन में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में एक और साल रहकर लड़ाई लड़ने से कोई समाधान नहीं निकलेगा बल्कि यह अनिश्चिकाल तक लड़ाई के जारी रहने का नुस्खा ज़रूर है.

    उन्होंने अपने संबोधन में इस बात से इनक़ार किया कि तालिबान का कब्ज़ा करना ‘तय’ है. उन्होंने अपने इस बयान के पक्ष में कहा कि तालिबान की फ़ौज में क़रीब 75 हज़ार लड़ाके हैं, जबकि अफ़ग़ान आर्मी में तीन लाख सैनिक हैं.

    पूरी तरह से हटने के बाद भी अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी दूतावास, काबुल हवाई अड्डे और अन्य प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए 650 से 1,000 सैनिकों को वहां रखने की उम्मीद है.

    अमेरिका में हाल में हुए चुनाव में सैनिकों की वापसी के मुद्दे को लोगों का भारी समर्थन मिला था.

  3. नमस्कार,

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