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मैट हैनकॉक: सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने के कारण ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने दिया इस्तीफ़ा

मैट हैनकॉक और उनकी साथी की एक तस्वीर वायरल हो गई थी.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना: राजस्थान सरकार कोरोना के कारण विधवा हुई औरतों को देगी सहायता, अनाथ बच्चों के लिए घोषणाएं

    मोहर सिंह मीणा

    जयपुर से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    राजस्थान में कोरोना महामारी से पीड़ित परिवारों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना की घोषणा की है.

    एक मार्च 2020 के बाद कोरोना संक्रमण से हुई मृत्यु जिसे ज़िला कलेक्टर ने प्रमाणित किया है, उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा.

    इसके तहत विधवा महिलाओं, उनके बच्चों और अनाथ हो चुके बच्चों को सहायता दी जाएगी.

    राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव ओपी बुनकर ने योजना के विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. योजना में लाभ देने के लिए ज़िला कलेक्टर अपने अपने जिलों में कोरोना संक्रमण से विधवा हुई महिलाओं, उनके बच्चों और अनाथ बच्चों को चिन्हित करेंगे.

    विधवा महिलाओं और उनके बच्चों की सहायता राशि विधवा महिला के बैंक खाते और अनाथ बच्चों को उनके बैंक खाते में दी जाएगी.

    विधवा महिलाओं को मुख्यमंत्री कोरोना विधवा सहायता और विधवाओं के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री कोरोना पालनहार सहायता के तहत लाभ दिए जाएंगे. कोरोना संक्रमण से माता-पिता की मौत होने के बाद अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री कोरोना बाल सहायता के तहत आर्थिक और शिक्षा के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

    विधवा महिलाओं को मिलने वाली सहायता

    • विधवा महिला को एकमुश्त एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी. सभी आयु वर्ग की विधवा महिलाओं को आजीवन पंद्रह सौ रुपये महीना पेंशन दी जाएगी.
    • विधवा महिलाओं के बच्चों को 18 वर्ष की आयु होने तक अलग से हर महीने एक हज़ार रुपए दिए जाएंगे. इन बच्चों को स्कूल की किताबें और ड्रेस ख़रीदने के लिए सालाना दो हज़ार रुपये दिए जाएंगे.

    कोरोना संक्रमण से अनाथ हुए बच्चों के लिए लाभ:

    • योजना के तहत अनाथ बच्चों को तत्काल सहायता के लिए एकमुश्त एक लाख रुपये दिए जाएंगे. इन बच्चों को अठारह साल की उम्र तक हर महीने ढाई हज़ार रुपए मिलेंगे.
    • अठारह साल की उम्र पूरी होने के बाद इन बच्चों को पांच लाख रुपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी. बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई आवासीय विद्यालय या छात्रावास में निशुल्क प्रदान की जाएगी.
    • कॉलेज में पढ़ने वाली अनाथ छात्राओं को सरकारी छात्रावासों में प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को आवासीय सुविधा का लाभ दिया जाएगा, जिसमें इनकी पात्रता, जाति, आय या अन्य कोई शर्त लागू नहीं होगी.
    • युवा बेरोज़गारों को मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोज़गारी भत्ता दिए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी.

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कोरोना संक्रमण से अब तक 8,905 मृत्यु हो चुकी है. कोरोना संक्रमण से हुई मौत के आंकड़े छिपाए जाने के आरोप भी सरकार पर लगते रहे हैं, जिसके बाद राज्य सरकार राज्य में हुई मौतों का ऑडिट भी करा रही है.

  2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए लिया अयोध्या में विकास कार्यों का जायज़ा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में विकास कार्यों का जायज़ा लिया. उन्होंने वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से अयोध्या में चल रहे कार्यों की समीक्षा की.

    इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की इस समीक्षा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राम जन्म भूमि न्यास के महंत आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि यह बहुत ही अच्छी पहल है. जब तक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इससे नहीं जुड़ेंगे तब तक विकास कार्य ज़मीनी स्तर पर नज़र नहीं आएगा.

    एएनआई न्यूज़ एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस मौक़े पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को आधुनिकीकरण, सड़क, बुनियादी ढांचे, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और अन्य दूसरी लंबित परियोजनाओं समेत अयोध्या के विकास के लिए भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा से अवगत कराया.

  3. किसान आंदोलन के सात महीने पूरे, किसानों के मार्च के डर से दिल्ली मेट्रो ने बंद किये तीन स्टेशन

    मोदी सरकार द्वारा लाये गए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन के सात महीने शनिवार को पूरे हो गये हैं.

    इस अवसर पर कुछ किसान नेताओं ने दिल्ली की ओर मार्च करने की बात कही थी, जिसकी आशंका को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो ने येलो लाइन के तीन मुख्य स्टेशनों को चार घंटे के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है.

    डीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक़, शनिवार को येलो लाइन मेट्रो के विश्वविद्यालय, सिविल लाइंस और विधानसभा मेट्रो स्टेशन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है.

    दिल्ली और हरियाणा के सिंघू बॉर्डर के अलावा टीकरी और दिल्ली-यूपी के गाज़ीपुर बॉर्डर पर भी किसानों का आंदोलन जारी है.

    दिल्ली पुलिस ने किसानों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो को कुछ स्टेशन बंद रखने की सलाह दी थी.

    किसानों की क्या है योजना

    आंदोलन के सात महीने पूरे होने पर किसानों के संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी प्रदेशों के किसानों से अपील की है कि वो अपने राज्यों के गवर्नरों को अपनी माँगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे.

    इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली के उप-राज्यपाल के घर और दफ़्तर के बाहर सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिये गए हैं. साथ ही राजधानी दिल्ली के आईटीओ पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

    प्रेस से बात करते हुए, भारतीय किसान यूनियन के नेता डॉक्टर दर्शन पाल ने कहा कि “बीते सात महीने में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में भारत के किसानों ने विश्व के सबसे लंबे आंदोलन को चलाकर दिखाया है. देश भर से हज़ारों किसान इस आंदोलन में शामिल हुए हैं. हमें आने वाले वक़्त में इसे और मज़बूत आंदोलन बनाने वाले हैं.”

    किसानों के अलग-अलग संगठनों के अनुसार, सहारनपुर और सिसौली (यूपी) के हज़ारों किसान राकेश टिकैत के नेतृत्व में शनिवार सुबह ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पहुँचे. बताया गया है कि ये किसान शनिवार को एक ट्रैक्टर रैली आयोजित करने वाले हैं.

    पंजाब खेत मज़दूर यूनियन ने भी शुक्रवार को घोषणा की कि अगर 9 अगस्त तक खेतीहर मज़दूरों की परेशानियों को नहीं सुना गया, तो वो कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह ज़िले, पटियाला में तीन दिन का धरना आयोजित करेंगे.

  4. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, नशा अंधेरी गली में और तबाही की ओर ले जाता है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर ट्वीट किया है कि वो इसके ख़िलाफ़ ज़मीनी काम करने वाले लोगों की तारीफ़ करते हैं.

    उन्होंने कहा कि ज़िंदगी बचाने की उनकी कोशिशें बहुत महत्वपूर्ण हैं और ड्रग्स अंधेरा, तबाही और बर्बादी लाता है.

    उन्होंने इसके साथ अपने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम का एक डिजिटल वीडियो भी ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने नशे के ‘3-D’ दुष्परिणामों पर बात की है और कहा कि नशा अंधेरी गली में ले जाता है.

  5. अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने दो सहायकों को किया गिरफ़्तार

    प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनके निजी सहायक कुंदन शिंदे और निजी सचिव संजीव पलांडे को गिरफ़्तार किया है.

    प्रवर्तन निदेशालय ने 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों के सिलसिले में अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ दर्ज धन-शोधन के मामले में यह कार्रवाई की है.

    अधिकारियों ने बताया है कि धन-शोधन रोकथाम क़ानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत क़रीब नौ घंटे की पूछताछ के बाद देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे को गिरफ़्तार किया गया.

    उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जाँच एजेंसी के मुंबई में बलार्ड इस्टेट स्थित कार्यालय में हुई पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्ति सहयोग नहीं कर रहे थे.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल देशमुख को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए आज यानी शनिवार को अपने कार्यालय में समन किया है.

  6. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, अफ़ग़ान अपना भविष्य ख़ुद तय करें

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि “अफ़ग़ान लोगों को अपना भविष्य ख़ुद ही तय करना होगा.”

    अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी के व्हाइट हाउस दौरे के समय राष्ट्रपति जो बाइडन ने ये बात कही.

    उन्होंने राष्ट्रपति ग़नी और ख़ुद को ‘पुराने दोस्त’ बताया. उन्होंने वादा किया कि अमेरिका आगे भी अफ़ग़ानिस्तान का राजनैतिक और आर्थिक सहयोग करता रहेगा और अमेरिका-अफ़ग़ानिस्तान का संबंध कभी कमज़ोर नहीं होगा.

    हालांकि, अमेरिका और नेटों की सेनाएं 11 सितंबर तक अफ़ग़ानिस्तान से पूरी तरह निकल जायेंगी.

    ये सब ऐसे समय में हो रहा है, जब कट्टरपंथी तालिबान लड़ाकों ने अफ़ग़ानिस्तान के दर्जनों ज़िलों पर फिर से क़ब्ज़ा जमा लिया है और उनका आक्रामक सैन्य अभियान लगातार जारी है.

    तालिबान का बढ़ता वर्चस्व

    इसी सप्ताह की शुरुआत में, संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान के बढ़ते वर्चस्व को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी.

    राष्ट्रपति जो बाइडन और अशरफ़ ग़नी की मुलाक़ात से एक दिन पहले ही अमेरिका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा था कि वो अपने सैनिकों को पूरी तरह वापस बुलाने से पहले उन हज़ारों अफ़ग़ान लोगों को बाहर निकालने का काम करेंगे जिन्होंने क़रीब दो दशक तक अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम किया.

    बताया गया है कि ऐसे लोगों की संख्या 50 हज़ार तक हो सकती है जिन्होंने अमेरिकी सेना की किसी ना किसी तरह सहायता की.

    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक़, वर्षों तक अमेरिका के लिए काम करने वाले अफ़ग़ान दुभाषियों को तालिबान से जान का ख़तरा है.

    बताया गया है कि इसी डर से कम से कम 18,000 अफ़ग़ान लोगों ने अमेरिकी वीज़ा के लिए आवेदन किया है.

    'अफ़ग़ानिस्तान को समर्थन हमेशा रहेगा'

    अमेरिका और नेटो के अधिकारियों ने हाल ही में कहा कि तालिबान अब तक अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा कम करने और शांति कायम करने के अपने वादों को निभाने में नाकाम रहा है.

    शुक्रवार को ओवल ऑफ़िस में राष्ट्रपति ग़नी से मुलाक़ात के बाद जो बाइडन ने कहा कि “हमारे सैनिक ज़रूर अफ़ग़ानिस्तान छोड़ रहे हैं, लेकिन अफ़ग़ानिस्तान को हमारा समर्थन कभी ख़त्म नहीं होगा.”

    उन्होंने कहा कि “यह अफ़ग़ानिस्तान को ही चुनना है कि उसे किस रास्ते जाना है. लेकिन ये लगातार चलने वाली हिंसा रुकनी चाहिए, वरना भविष्य में बड़ी परेशानियाँ होंगी.”

    इस मुलाक़ात के दौरान राष्ट्रपति ग़नी ने कहा कि “वे अमेरिकी प्रशासन के अपनी सेनाएं वापस बुलाने के निर्णय का सम्मान करते हैं.”

    उन्होंने बताया कि अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने उन छह ज़िलों को फिर से अपने क़ब्ज़े में ले लिया है, जिन पर तालिबान ने क़ब्ज़ा जमाने की कोशिश की थी.

    उन्होंने कहा, “आप देखेंगे कि दृढ़ संकल्प के साथ, एकता के साथ और साझेदारी के साथ, हम सभी बाधाओं को पार कर लेंगे.”

    अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी के साथ सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुला अब्दुला भी दो दिवसीय अमेरिकी-यात्रा पर हैं. वहाँ दोनों ने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों, सीआईए के अधिकारियों और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाक़ात की.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना के देश में 48 हज़ार नए मामले, 1183 लोगों की मौत

    भारत में शनिवार को बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 48,698 नए मामले सामने आए हैं जो कि बीते दिन से 5.7% कम हैं.

    इसके अलावा इस दौरान 1,183 लोगों की मौत भी हुई है.

    देश में अब तक कुल संक्रमण के मामले 3 करोड़ से अधिक हो चुके हैं जबकि 3.94 लाख से अधिक लोग इसके कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.

    कोरोना से 24 घंटे के दौरान 64,818 लोग ठीक भी हुए हैं.

    वहीं, बीते 24 घंटों के दौरान 61,19,169 टीके लगे हैं जिसके बाद देश में 31,50,45,926 टीके अब तक लग चुके हैं.

  8. पेट्रोल-डीज़ल के दाम एक बार फिर बढ़ें, पटना में 100 के पार पेट्रोल

    तेल कंपनियों ने एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं.

    शनिवार को इसमें 35 पैसे की बढ़ोतरी की गई है जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल के दाम 98.11 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल के दाम 88.65 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गए हैं.

    वहीं, मुंबई में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर के दाम पर बिक रहा है. वहां पर अब नए दाम 104.22 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं और डीज़ल 96.16 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है.

    इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना में भी अब पेट्रोल के दाम 100.14 प्रति लीटर पहुंच गए हैं.

    चेन्नई में पेट्रोल 99.19 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में 97.97 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है.

  9. कोलंबिया के राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री को ले जा रहे हेलीकॉप्टर पर गोलियों की बौछार

    कोलंबिया के राष्ट्रपति को ले जा रहे हेलीकॉप्टर पर बंदूक़ से हमला किया गया है.

    जिस वक़्त वे वेनेज़ुएला की सीमा के पास से उड़ान भर रहे थे, तभी उनके हेलीकॉप्टर पर गोलियों की बौछार की गई.

    ये हमला जिस समय हुआ, तब राष्ट्रपति इवान ड्यूक, रक्षा मंत्री और अपनी सरकार में आंतरिक मामलों के मंत्री के साथ नॉर्टे डे सेंटाडेर प्रांत के लिए निकल रहे थे. उनके साथ इस प्रांत के गवर्नर भी थे.

    राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने बताया है कि इस हमले में किसी को चोट नहीं आई.

    राष्ट्रपति इवान ड्यूक ने इसे ‘कायराना हमला’ बताते हुए कहा कि वो हिंसा और ऐसे आतंकी हमलों से डरने वाले नहीं हैं.

    उन्होंने कहा कि कोलंबिया ऐसे हमलों का सामना करने के लिए बहुत शक्तिशाली है.

    उन्होंने कोलंबियाई सुरक्षा बलों को इस हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों का पता लगाने का आदेश दिया है.

    स्थानीय अख़बारों के अनुसार, हेलीकॉप्टर में बैठे लोगों को इंजन से किसी चीज़ के टकराने की आवाज़ सुनाई दी थी. तब हेलीकॉप्टर ज़मीन से थोड़ी ही ऊंचाई पर था.

    बताया गया है कि जिस क्षेत्र में कोलंबियाई राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर पर हमला हुआ, वहाँ वामपंथी विचारधारा वाली नेशनल लिब्रेशन आर्मी (ईएलएन) काफ़ी सक्रिय है.

    ईएलएन देश के सबसे बड़े विद्रोही समूहों में से एक है जिसे ना सिर्फ़ कोलंबिया की सरकार, बल्कि अमेरिका और यूरोपीय संघ भी एक चरमपंथी संगठन मानता है.

    1964 में इस विद्रोही समूह को बनाया गया था जिसका मक़सद देश में भूमि और धन के असमान वितरण के ख़िलाफ़ लड़ना था.

    इसी महीने की शुरुआत में ईएलएन ने इस क्षेत्र में हुए एक कार बम हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया था. इस कार बम हमले में 36 लोग घायल हुए थे जिनमें दो अमेरिकी सैन्य सलाहकार भी शामिल थे.

  10. नमस्कार!

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