कोरोना: महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस के मरीज़ मिलने के बाद पाबंदियां बढ़ीं
महाराष्ट्र के कुछ जिलों में 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के मरीज़ मिलने के बाद राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों में कुछ नए बदलाव किए हैं. अब राज्य के सभी जिलों और नगर पालिकाओं को तीसरे समूह से ऊपर रखने का फैसला किया गया है.
पूर्व में घोषित नियमों के अनुसार जिलों और नगर निगमों को 5 समूहों में बांटा गया था. सरकार ने नए आदेश में कहा है कि कोरोना का 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट चिंता का विषय है.
इस नए संस्करण में फैलने की अधिक संभावना है. ये फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित करते हैं. यह वायरस मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के प्रति प्रतिक्रिया में कमी का कारण बनता है.
नए आदेश के अनुसार जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि आर-टीपीसीआर टेस्ट से प्राप्त साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट को देखते हुए पाबंदियों को कितना बढ़ाया जाए, इस पर विचार किया जाए.
राज्य सरकार ने ये भी कहा कि ज़िला प्रशासन को राज्य सरकार से आदेशों का इंतजार नहीं करना चाहिए. इसका मकसद ये है कि जिन जिलों में स्थिति खराब हुई है, वहां सीधे तौर पर पाबंदियां बढ़ाने का फैसला जिला प्रशासन ले सके.
आज जारी आदेशों के अनुसार जिले या नगर पालिका क्षेत्र में पाबंदियों में ढील देने से कोरोना के मामले न बढ़े, इसके लिए और उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत 70 प्रतिशत टीकाकरण पूरा करने पर जोर दिया जाएगा.
कोरोना के मामलों को कम करने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीटमेंट के तरीकों को अपनाया जाएगा. हवा से कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कार्यालय की जगह अच्छी तरह हवादार होनी चाहिए.
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बड़े पैमाने पर कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाएगा. कोरोना के नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है.
भीड़भाड़ वाले आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र में 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के अब तक 21 मरीज़ मिले हैं जिसमें से एक 80 वर्षीय मरीज़ की मौत हो गई है.