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कोरोना: महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस के मरीज़ मिलने के बाद पाबंदियां बढ़ीं

महाराष्ट्र के कुछ जिलों में 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों में कुछ नए बदलाव किए हैं.

लाइव कवरेज

  1. आप ने कहा - SC में ऑक्सीजन पर कोई रिपोर्ट नहीं पेश हुई, झूठ बोल रहे हैं बीजेपी के नेता

    भारतीय मीडिया में ऐसी ख़बरें हैं कि भारत की सर्वोच्च अदालत द्वारा गठित एक ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ‘केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ज़रूरत से चार गुना ज़्यादा ऑक्सीजन की माँग की.’

    लेकिन आम आदमी पार्टी ने ऐसी किसी रिपोर्ट के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए हैं.

    अख़बारों मे छपी ख़बरों के मुताबिक , दिल्ली सरकार को असल में क़रीब 289 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की दरकार थी, लेकिन उनके द्वारा क़रीब 1,200 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की माँग की गई.

    आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के पेनल की नहीं, बल्कि एक सब-पेनल की है जो मुख्य पेनल को भेजी गई है और ये सब-पेनल दरअसल केंद्र सरकार का ही है.

    आम आदमी पार्टी का जवाब

    आम आदमी पार्टी ने इस ख़बर का पुरजोर खंडन किया है. पार्टी के नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं.

    मनीष सिसोदिया ने कहा, "सच ये है कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं. बीजेपी झूठ बोल रही है. सुप्रीम ने एक ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी बनाई है. हमने इसके कई सदस्यों से बात की है.उनका कहना है कि उन्होंने तो रिपोर्ट साइन ही नहीं की है. अगर रिपोर्ट अप्रूव नहीं है, तो ये रिपोर्ट है कहां? मैं चुनौती देता हूं कि रिपोर्ट लाइए जो अप्रूव की गई हो. झूठ की इंतहा होती है."

    मीडिया में छपी ख़बरों कहा गया था कि केजरीवाल सरकार की ज़रुरत से अधिक माँग का असर उन 12 राज्यों पर देखा गया जहाँ ऑक्सीजन की कमी से कई मरीज़ों को अपनी जान गँवानी पड़ी.

    भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत देखने को मिली थी. कई बार ऐसी ख़बरें आयीं थी कि ऑक्सीजन की कमी के चलते रातोंरात कई मरीज़ों की मौत हो गई.

    उस दौर में केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन की माँग की थी.

    लेकिन इस रिपोर्ट के बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार कटघरे में आ गई है.

    इस रिपोर्ट के आधार पर भारतीय जनता पार्टी के कई नेता अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेर रहे हैं.

    दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट किया है कि “अरविंद केजरीवाल, अगर ज़रा भी शर्म बची है तो देश से माफ़ी माँगो.”

    रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा है कि “इस रिपोर्ट के आने के बाद, उम्मीद है कि इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदारी भी तय की जायेगी.”

    बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने लिखा है कि “आख़िर सच बाहर आ ही गया. यानी केजरीवाल लगातार झूठ बोल रहे थे.”

  2. बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना का अपडेट

  3. ब्रितानी शोधकर्ताओं ने बताया, चीन में कब हुआ था पहला कोरोना संक्रमण

    ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने एक अध्य्यन के ज़रिये यह अनुमान लगाया है कि चीन में कोरोना संक्रमण का सबसे पहला मामला अक्तूबर 2019 में आया होगा.

    ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ़ केंट के शोधकर्ताओं ने एक मेडिकल जर्नल में अपनी ये रिपोर्ट प्रकाशित की है.

    इसमें कहा गया है कि कंज़र्वेशन साइंस के तरीक़ों का इस्तेमाल कर शोधकर्ताओं ने पाया कि सार्स-कोविड-2 का पहला मामला अक्तूबर से मध्य नवंबर, 2019 के बीच आया होगा.

    हालांकि, चीन प्रशासन के मुताबिक़ कोविड-19 का पहला मामला दिसंबर 2019 में दर्ज किया गया जिसे वुहान के सीफ़ूड मार्केट से जोड़कर देखा जाता है.

    लेकिन ब्रितानी शोधकर्ताओं का कहना है कि “बहुत बड़ी संभावना है कि कोरोना वायरस ने सबसे पहले 17 नवंबर को किसी इंसान को संक्रमित किया हो जिसके बाद यह जनवरी 2020 तक दुनिया के कई देशों में फैल गया.” लिहाज़ा, इस वायरस की उत्पत्ति का वुहान के सीफ़ूड मार्केट से शायद कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह पहले ही फैल रहा था.

    इसी साल, मार्च महीने के अंत में चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रकाशित एक संयुक्त अध्य्यन रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया था कि वुहान में कोरोना वायरस के भारी प्रकोप से पहले ही यह संक्रमण शायद छिटपुट तरीक़े से इंसानों में फैल रहा था.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, चीन: मार्शल आर्ट्स स्कूल में आग लगने से कम से कम 18 लोगों की मौत

    चीन के एक मार्शल आर्ट्स स्कूल में आग लगने की वजह से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और क़रीब 16 लोग घायल बताये जा रहे हैं.

    यह दुर्घटना चीन के हेनान प्रांत में स्थित झेचेंग शहर में शुक्रवार सुबह हुई. हालांकि, आग लगने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पायी है.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है. हालांकि, घटनास्थल पर अब भी दमकल की कई गाड़ियाँ मौजूद हैं. पुलिस ने स्कूल के मालिक को हिरासत में ले लिया है और स्थानीय प्रशासन आग लगने के कारण की पड़ताल कर रहा है.

  5. तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की सुनवाई; अमेरिकी अदालत ने और क़ाग़ज़ात माँगे, कहा राणा अभी अमेरिकी हिरासत में ही रहेंगे

    पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा के व्यक्तिगत प्रत्यर्पण के मामले में अमेरिका की एक अदालत ने कुछ और क़ाग़ज़ात माँगे हैं और कहा है कि तब तक तहव्वुर राणा अमेरिका की हिरासत में ही रहेंगे.

    भारत में 2008 के मुंबई चरमपंथी हमले में संलिप्तता की वजह से तहव्वुर राणा वांछित हैं.

    गुरुवार को लॉस एंजिलिस (अमेरिका) की एक संघीय अदालत में उनके मामले की सुनवाई हुई जिसमें मजिस्ट्रेट जैकलिन चूलजियान ने बचाव पक्ष के वकील और अभियोजकों से 15 जुलाई तक इस मामले से संबंधित कुछ और दस्तावेज़ जमा कराने को कहा. साथ ही अपने आदेश में मजिस्ट्रेट ने लिखा कि राणा अंतिम निर्णय आने तक अमेरिका की हिरासत में ही रहेंगे.

    राणा गुरुवार को जब सुनवाई के लिए आये, तो उन्होंने सफ़ेद जम्पसूट पहना हुआ था और काला चश्मा लगा रखा था. उनके पाँव में बेड़ियाँ थीं और पास ही राणा की दो बेटियाँ खड़ी हुई थीं जिन्होंने प्रेस के सामने कोई भी टिप्पणी करने से साफ़ इनकार कर दिया.

    भारत सरकार के अनुरोध पर प्रत्यर्पण की यह सुनवाई तय की गई थी. अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने इसी सप्ताह दो बार अदालत के समक्ष सीलबंद भारतीय दस्तावेज़ सौंपे थे. सरकार के अनुरोध पर ही इन दस्तावेज़ों की सामग्री को सीलबंद किया गया था.

    भारत में तहव्वुर राणा के ख़िलाफ़ अगस्त 2018 में गिरफ़्तारी का वॉरंट जारी किया गया था.

    भारत सरकार का दावा है कि तहव्वुर राणा लश्करे-तैय्यबा के चरमपंथी डेविड कोलमैन हेडली के बचपन के दोस्त हैं. हालांकि, गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनके वकील ने यह दलील दी कि उन्हें हेडली की योजना के बारे में कुछ भी नहीं पता था, वो सिर्फ़ मुंबई में एक ऑफ़िस सेटअप करने में हेडली की मदद कर रहे थे.

    भारत के अनुरोध पर राणा को मुंबई आतंकवादी हमले में संलिप्तता के आरोप में लॉस एंजिलिस में 10 जून, 2020 को फिर से गिरफ़्तार किया गया था.

    साल 2008 के मुंबई हमले में छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गये थे. भारत ने तहव्वुर राणा को भगोड़ा घोषित किया हुआ है.

    भारतीय जाँच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तानी मूल का 60 वर्षीय अमेरिकी नागरिक हेडली 2008 के मुंबई हमलों की साज़िश रचने में शामिल था.

    बाद में हेडली उस मामले में गवाह बन गया था और हमले में अपनी भूमिका के लिए वर्तमान में अमेरिका में 35 साल जेल की सज़ा काट रहा है.

    अमेरिका का कहना है कि 59 वर्षीय राणा का भारत में प्रत्यर्पण भारत और अमेरिका के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के अनुरूप है.

    भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक़, भारत सरकार ने राणा के औपचारिक प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है और अमेरिका ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

    अमेरिका की सरकार ने दलील दी है कि भारत प्रत्यर्पण के लिए राणा सभी मापदंडों को पूरा करता है.

    अमेरिका ने कहा कि वो राणा को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए प्रमाणन का अनुरोध करता है और प्रत्यर्पण अनुरोध में संभावित कारण स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और राणा ने भारत के अनुरोध को ख़ारिज करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है.

  6. नमस्कार!

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