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अमेरिकाः मयामी में बहुंज़िला इमारत गिरी, एक की मौत, दर्जनों लापता

फ़्लोरिडा के गवर्नर ने चेतावनी दी है कि 'जिस तरह की तबाही हुई है, उसे देखते हुए हमें बुरी ख़बर के लिए तैयार रहना चाहिए.'

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिकाः मयामी में बहुंज़िला इमारत गिरी, एक की मौत, 50 से ज़्यादा लापता

    अमेरिका के फ़्लोरिडा राज्य के मयामी शहर के पास में अधिकारियों के अनुसार एक 12-मंज़िला इमारत गिर गई है जिससे अब तक कम-से-कम एक व्यक्ति की मौत हुई है और 50 से ज़्यादा लोग लापता हैं.

    अभी ये स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय इमारत में कितने लोग मौजूद थे.

    मयामी के उत्तर में सर्फ़साइड कस्बे में ये इमारत 1980 में बनी थी. इसमें 230 फ़्लैट थे जिनमें से आधों पर असर पड़ा है.

    फ़्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैन्टिस ने चेतावनी दी है कि "जिस तरह की तबाही हुई है, उसे देखते हुए हमें बुरी ख़बर के लिए तैयार रहना चाहिए."

    एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीबीएस मयामी चैनल से कहा, "हमने ज़ोर की आवाज़ सुनी, हमें लगा कोई मोटरसाइकिfल है, मगर सिर घुमाकर देखा तो हमारे पीछे धूल का बड़ा ग़ुबार चला आ रहा था."

    एक और व्यक्ति ने कहा कि वहाँ का नज़ारा 9/11 के हमले जैसा था जब 2001 में न्यूयॉर्क में ट्विन टावर्स को चरमपंथी हमलों में ध्वस्त कर दिया गया था.

  2. नीरव मोदी को भारत लाने सभी कोशिशें कर रही सरकार- विदेश मंत्रालय

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भारत लाने के लिए सभी कोशिशें जारी रखेगा.

    हाल में यूके एक अदालत में नीरव मोदी प्रत्यर्णपण की अपील का मामला हार गए थे. यूके हाई कोर्ट का फ़ैसला देश की गृह मंत्री प्रीति पटेल की उन्हें पंजाब नेशनल बैंक घाटेला मामले में भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश के बाद दो महीने आया है.

    गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा "प्रत्यर्पण मामले में आदेश को चुनौती देने वाली नीरव मोदी की अपील के मामले में यूके हाई कोर्ट के कल आए फ़ैसले का हम स्वागत करते हैं. हम अपनी पूरी कोशिशें जारी रखेंगें ताकि उन्हें जल्द से जल्द भारत लाया जा सके और यहां उन पर मामला चलाया जा सके."

    हाई कोर्ट के एक अधिकारी ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की थी कि अपील की इजाज़त को "रिजेक्ट" कर दिया गया था जिसके बाद नीरव मोदी के वकीलों को अपनी दलील ओरल हीयरिंग के तौर पर पेश करने का मौक़ा मिला जिसमें उन्होंने अदालत से गुज़ारिश की कि कोर्ट इस मामले में अपील की सुनवाई करें.

    मेहुल चोकसी के सवाल पर अरिंदम बागची ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ चल रहे क़ानूनी मामले में भारत लगातार डोमिनिका के अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं.

    हालांकि उन्होंने कहा कि "अभी तुरंत में उनके पास बताने को कुछ नहीं है."

    बीते सप्ताह डोमिनिका के स्थानीय अख़बारों में आई ख़बरों के अनुसार चोकसी के अवैध तरीके से देश आने के मामले में 25 जून को सुनवाई होनी है.

    पीएनबी बैंक घोटाले में सरकार को मेहुल चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी की तलाश है. दोनों जनवरी 2018 को घोटाले के सामने आने से पहले देश छोड़ कर भाग गए थे.

  3. शबाना आज़मी ने कहा- मेरे साथ हुई साइबर ठगी

    जानीमानी अभिनेत्री शबाना आज़मी ने अपने साथ साइबर ठगी होने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने पहले दावा किया था कि उन्होंने शराब की डिलीवरी करने वाली एक कंपनी लिविंग लिक्विड्ज़ को सामान खरीदने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन उन्हें कभी सामान मिला ही नहीं.

    हालांकि उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने कितने की खरीदारी की थी.

    लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि ये एक साइबर गिरोह था जिसका असल कंपनी से कोई लेना-देना नहीं था.

    गुरुवार को शबाना आज़मी ने ट्विटर पर पैसों के लेनदेन की जानकारी पोस्ट की और लिखा, "सावधान रहें. इन्होंने मुझे ठगा है. मैंने लिविंग लिक्विड्ज़ पर सामान खरीदा और पैसे दिए लेकिन मुझे सामान डिलिवर नहीं हुआ. उन्होंने अब मेरा फ़ोन लेना भी बंद कर दिया है. "

    बाद में शबाना ने एक और ट्वीट कर कहा कि उन्होंने लिविंग लिक्विड्ज़ के मालिकों से संपर्क किया है और उन्हें पता चला है कि उन्होंने जिसको ऑर्डर दिया था वो ठग थे और उनका कंपनी से कोई लेना देना नहीं है.

    उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए मुंबई पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट से मामले का संज्ञान लेने की गुज़ारिश की है.

  4. कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाए ओपेक, कीमतें भी 'कम' करे- भारत की गुज़ारिश

    देश में पेट्रोल-डीज़ल की लगातार बढ़ती क़ीमतों के बीच भारत ने पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक से 'उचित बैंड में' कच्चे तेल की 'सस्ती क़ीमतों' की गुज़ारिश की है और कहा कि कच्चे तेल में उत्पादन में की जा रही कटौती को चरणबद्ध तरीके से ख़त्म किया जाना चाहिए.

    भारत के पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक वर्चुअल बैठक में ओपेक के महासचिव मोहम्मद सानुसी बारकिन्डो से बात की और तेल की क़ीमतों को लेकर चिंताओं को दोहराया.

    पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि "मंत्री ने स्मार्ट इकोनॉमिक रिकवरी के दौरान कच्चे तेल की ऊंची क़ीमतों के असर के बारे में चिंता जताई और कहा कि कच्चे तेल की ऊंची दरों का सीधा असर मंहगाई पर होगा."

    "साथ ही उन्होंने उत्पादन में की जा रही कटौती को चरणबद्ध तरीक़े ख़त्म करने की बात की और कहा कि उपभोक्ता और उत्पादक दोनों के हित में यही है कि तेल की क़ीमतें उचित बैंड में हों. इससे कंज़प्शन बढ़ेगा और रिकवरी प्रक्रिया में मदद होगी."

    हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती क़ीमतों के बीच देश में भी पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें अपने उच्चतम स्तर पर हैं. अप्रैल 2019 के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें 75 बैरल प्रति डॉलर हो गई हैं.

    इस कारण देश में पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए, जहां पेट्रोल कई जगहों पर सौ रूपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गया वहीं राजस्थान और ओडिशा में डीज़ल भी सौ के आंकड़े के ऊपर है.

    ओपेक की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि "भारतीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि देश में तेल की खपत अधिक है और वो कच्चे तेल का बड़ा आयातक है. उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सस्ती दर पर और नियमित तेल सप्लाई ज़रूरी है."

    हाल के दिनों में ओपेक और उसके सहयोगी देश ओपेक प्लस, कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की भारत की गुज़ारिश को नज़रअंदाज़ करते रहे हैं. इस बीच दुनिया का तीसरे सबसे बड़े तेल निर्यातक भारत ने कच्चे तेल के लिए नए रास्ते तलाशने शुरू किए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इसका नतीजा ये हुआ कि मई के महीने में ओपेक देशों से भारत का तेल निर्यात 60 फीसदी तक गिर गया.

    बीते साल भारत ने ईराक़ से सबसे अधिक तेल आयात किया था, इसके बाद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात था. लेकिन अब इस सूची में भारत के लिए नाइजीरिया तीसरा बड़ा तेल निर्यातक देश बन गया है.

    ओपेक देशों में शामिल सऊदी अरब पारंपरिक तौर पर कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए भारत के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल रहा है.

    लेकिन इसी साल जब धर्मेंद्र प्रधान ने सऊदी अरब से कच्चे तेल की क़ीमतें कम करने की अपील की थी उस वक्त सऊदी अरब के तेल मंत्री अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान ने कहा था कि भारत अपने उस स्ट्रैटेजिक तेल रिज़र्व का इस्तेमाल करे, जो उसने पिछले साल तेल के गिरती क़ीमत के बीच ख़रीद कर जमा किया था.

    बाद में धर्मेंद्र प्रधान ने उनके इस बयान को "मित्र राष्ट्र की ओर से दिया गया अकूटनीतिक प्रतिक्रिया" करार दिया था. इसके बाद सरकार ने भारतीय कंपनियों से कहा था कि कच्चे तेल के लिए मध्यपूर्व से बाहर दूसरे मुल्कों के साथ बातचीत करें.

  5. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’

    बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 24 जून 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ.

  6. चरमपंथी कर रहे हैं ड्रोन, डार्क वेब, एआई का इस्तेमाल, बोले अजित डोभाल

    भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा है कि चरमपंथी अब हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही डार्क वेब, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और ब्लॉकचेन (पैसों के लिए क्रिप्टोकरेंसी) का इस्तेमाल भी कर रहे हैं जो चिंता का विषय है.

    सरकारी प्रसारक दूरदर्शन की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा चाबहार, क्षेत्रीय एयर कॉरिडोर, इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (आईएनएसटीसी) जैसी योजनाओं से आर्थिक प्रगति होती है और आपसी भरोसा बढ़ता है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि एक-दूसरे देश को जोड़ने की कोशिश में देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.

    अजित डोभाल ताजिकिस्तान में हुई शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की दो दिनों की बैठक में शामिल होने दुशाम्बे पहुंचे थे. बैठक में सभी देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शामिल हुए थे.

    इस बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कोरोना महामारी के बाद अलग तरह के सामाजिक और आर्थिक हालात पैदा हुए हैं जिस कारण आतंकवाद, चरमपंथ, नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध का ख़तरा बढ़ गया है.

    बैठक में डोभाल ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में बीते दो दशकों में जो बढ़त मिली है उसे बचाया जाना और लोगों की बेहतरी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर भारत पूरी तरह एससीओ का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि ये संगठन इस मामले में अधिक एक्टिव भूमिका निभाएगा.

    बैठक में अजित डोभाल ने रूसी सुरक्षा सलाहाकार निकोलाई पत्रोशेव से मुलाक़ात कर दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दोनों में अफ़ग़ानिस्तान और एशिया प्रशांत में बदल रहे हालातों पर विस्तृत चर्चा हुई.

    हाल में अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना पूरी तरह हटाने का फ़ैसला किया था जिसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के हमले बढ़े हैं.

    पीटीआई ने निकोलाई पत्रोशेव के दफ्तर के हवाले से लिखा है कि डोभाल और उनके बीच "रूस और भारत के बीच सुरक्षा क्षेत्र सहयोग बढ़ाने की योजनाओं, सुरक्षा और एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई."

    साल 2001 में बना एससीओ क्षेत्रीय संगठन है जिसमें भारत समेत चीन, काज़िकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान शामिल हैं. साल 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके स्थायी सदस्य बने थे.

    एससीओ में क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी स्ट्रक्चर भी है जिसके तहत डिफेन्स और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाती है.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, रिलायंस लाएगा सस्ता स्मार्टफ़ोन, गूगल से मिलाया हाथ

    रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने एक नया स्मार्टफ़ोन लाने की घोषणा की है. जियोफ़ोन नेक्स्ट 10 सितंबर को बाज़ार में आएगा.

    उन्होंने कहा कि डिजिटल डिवाइड यानी तकनीक में अमीरी ग़रीबी की खाई को पाटने के लिए कंपनी ने जियो लांच किया था.

    अब गूगल के साथ जियो मिलकर एक सस्ता स्मार्टफ़ोन फ़ोन लाने वाली है जिसका नाम होगा जियोफ़ोन नेक्स्ट. इस फ़ोन में गूगल और जियो से सभी ऐप्लीकेशन होंगे.

    हालांकि ये फ़ोन एन्ड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगा लेकिन इसका ओएस ऑप्टिमाइज़्ड होगा जिसे जियो और गूगल मिलकर बना रहे हैं.

    कंपनी ने कहा है कि ये बेहद सस्ता फ़ोन होगा ओर इसी साल 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन बाज़ार में उतारा जाएगा.

    वहीं गूगल के कार्यकारी निदेशक सुंदर पिचाई ने एक ब्लॉग में लिखा है कि इस फ़ोन में कई भाषाओं का ऑप्शन होगा, साथ ही एक भाषा से दूसरे भाषा में ट्रांसलेशन का फीचर और बढ़िया कैमरा होगा.

    गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के साथ उनकी कंपनी का सौदा इस साल के आख़िर तक पूरा हो जाएगा.

    रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरधारकों की सालाना बैठक में मुकेश अंबानी ने इसकी घोषणा की. साथ ही उन्होंने कहा कि वो गूगल के साथ मिलकर जल्द ही एक सस्ता स्मार्टफ़ोन बाज़ार में लाने वाला है.

    15 अरब डॉलर के इस सौदे के पूरा होने से पहले सऊदी अरामको के चेयरमैन और सऊदी अरब के पब्लिक इंवेस्टमेंन्ट फंड के गवर्नर यासिर ओटमन अल-रुमायन एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के बोर्ड में शामिल हो गए हैं.

    उन्होंने कहा कि "उनके बोर्ड में शामिल होने को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का अंतरराष्ट्रीकरण समझा जा सकता है."

    दो सालों पहले उन्होंने कहा था कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल यूनिट में 20 फीसदी हिस्सेदारी सऊदी अरामको को बेचने के लिए वो बातचीत कर रहे हैं.

    शेयरधारकों की बैठक में मुकेश अंबानी ने कहा कि 51 साल के अल-रुमायन योगेंद्र पी यादव की जगह लेंगे जो 92 साल के हो चुके हैं. हाल में उन्होंने सेवानिवृत्त होने की मंशा जताई थी.

    ऑयल-टू-केमिकल यूनिट में हिस्सेदारी बेचने के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ये सौदा इस साल पूरा हो जाएगा.

    उन्होंने कहा, "बीते साल कोविट-19 के कारण कई रुकावटें आईं लेकिन इस दिशा में हमने बातचीत में अच्छा तरक्की की है. ऑयल-टू-केमिकल बिज़नेस में रणनीतिक पार्टनर के तौर पर हम सऊदी अरामको का स्वागत करते हैं."

    वित्तवर्ष 2020 रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने अपने ऑयल-टू-केमिकलबिज़नेस को एक अलग यूनिट के तौर पर बनाया था और इसमें अहम विदेशी साझेदारों को शामिल करने की कोशिशें तेज़ कर दी थीं.

    इस बिज़नेस में कच्चे तेल की रिफाइनिंग, रीटेल बिज़नेस, एविएशन फ्यूल और होलसेल मार्केटिंग शामिल है.

  8. मोदी समाज की अवमानना के मामले में राहुल गांधी अदालत में हुए हाज़िर

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानहानि के एक मामले में गुरुवार को गुजरात के सूरत की एक अदालत में पेश हुए.

    वहाँ उन्होंने अदालत से कहा कि 'मोदी' सरनेम वाले लोगों के ख़िलाफ़ उन्होंने कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है.

    मोदी सरनेम वालों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी के गुजरात में एक विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के ख़िलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत करते हुए अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सूरत में चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जस्टिस एएन दवे के सामने दिए बयान में राहुल गांधी ने साल 2019 लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के कोलार में हुई एक रैली में मोदी समाज के लोगों के ख़िलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से इनकार किया है.

    अदालत में जब मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक व्यवसायी को 30 करोड़ रुपये दिए थे, तो राहुल गांधी ने कहा कि वो एक राष्ट्रीय नेता हैं और लगातार भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राष्ट्रहित में इस तरह के मुद्दों को उठाना उनका अधिकार है.

    कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्होंने कहा था कि 'सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों है', तो राहुल गांधी ने कभी भी इस तरह का बयान देने से इनकार किया. इसके अलावा सबूतों और बयानों के बारे में अदालत में पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा कि "उन्हें कोई जानकारी नहीं है."

    इस मामले में अगली सुनवाई अब 12 जुलाई को होने वाली है. इससे पहले अक्तूबर 2019 में राहुल गांधी अदालत में पेश हुए थे और उस वक्त भी उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया था.

    अप्रैल 2019 में पुर्णेश मोदी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और धारा 500 के तहत राहुल गांधी पर अमपानजनक टिप्पणी करने का मामला दायर किया था.

    सप्ताह भर पहले जस्टिस एएन दवे ने राहुल को 24 जुलाई को ख़ुद कोर्ट में हाज़िर रहने और बयान दर्ज कराने को कहा था.

    अपनी शिकायत में विधायक पूर्णेश मोदी ने कहा था कि साल 2019 में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने ये कह कर मोदी समाज के लोगों का अपमान किया था कि 'सभी चोरों के नाम के पीछे मोदी क्यों है?'

    ये चुनावी सभा 13 अप्रैल 2019 को कोलार में आयोजित हुई थी जिसमें राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था, "नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी... इन सभी के नाम के पीछे मोदी सरनेम क्यों है? सभी चोरों के नाम के पीछे मोदी सरनेम क्यों है?"

    जिस वक्त ये बयान दिए जाने की बात की जा रही है उस वक्त राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थे.

    पूर्णेश मोदी ने जिला कलेक्टर और राहुल गांधी का भाषण रिकॉर्ड करने वाले वीडियोग्राफ़र को गवाह के तौर पर अदालत में पेश करने के लिए गुजरात हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी है. हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई सोमवार को होनी है.

  9. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की हार पर सचिन तेंदुलकर बोले, ‘मैंने पहले ही कहा था...’

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने पर न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम को पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने बधाई दी है.

    न्यूज़ीलैंड की टीम ने भारत के ख़िलाफ़ साउथेम्पटन में छह दिन चले फ़ाइनल मुक़ाबले में हर मोर्चे पर दबदबा साबित किया और आठ विकेट से दमदार जीत हासिल की.

    इस फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत की हार पर सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया कि भारतीय टीम अपने प्रदर्शन से ज़रूर निराश होगी.

    उन्होंने लिखा, “जैसा मैंने पहले ही कहा था कि खेल के आख़िरी दिन पहले दस ओवर बहुत महत्वपूर्ण होंगे, पर उन्हीं में कोहली और पुजारा, दोनों के विकेट गिरे, वो भी महज़ दस बॉल के अंतर पर जिसने पूरी टीम को दबाव में डाल दिया.”

    सचिन तेंदुलकर ने बुधवार सुबह एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि “खेल के आख़िरी दिन, पहले दस ओवर बहुत अहम होंगे और खेल का पहला सेशन ही तय करेगा कि मैच किस तरफ जायेगा. भारतीय टीम को चाहिए कि वो अपना दिन प्लान करे और शुरुआत से ही क़रीब 2.3 रन प्रति ओवर के रेट से धीरे धीरे खेलती रहे. हमें दोनों तरफ से ही आज कुछ नई तरकीबें देखने को मिल सकती हैं.”

    सोशल मीडिया पर भारतीय खेल प्रशंसक भी न्यूज़ीलैंड टीम के खेल की तारीफ़ कर रहे हैं और उन्हें टेस्ट क्रिकेट में ‘विश्व विजेता कहलाने लायक’ बता रहे हैं.

    बारिश से प्रभावित, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल मैच के छठे दिन गेंदबाज़ों के कमाल के बाद कप्तान केन विलियमसन और रॉस टेलर ने उम्दा बल्लेबाज़ी की और आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया.

    जीत के हीरो रहे कप्तान विलियमसन ने इस मैच में हाफ़ सेंचुरी जमाई. वे 89 गेंद पर 52 रन बनाकर नाबाद रहे थे.

  10. मैकफ़ी एंटी-वायरस बनाने वाले जॉन मैकफ़ी जेल में मृत पाये गए

    एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर मैकफ़ी को बनाने वाले उद्यमी जॉन मैकफ़ी बार्सिलोना की एक जेल में मृत पाये गए हैं.

    मौत से कुछ घंटे पहले उन्हें स्पेन की एक अदालत ने टेक्स चोरी के एक मामले के अभियोग में अमेरिका वापस भेजने का फ़ैसला सुनाया था.

    स्थानीय जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि 75 साल के मैकफ़ी को बचाने की काफ़ी कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

    अधिकारियों ने कहा है कि सारे संकेत मैकफ़ी के ख़ुद ही अपनी जान लेने की ओर इशारा कर रहे हैं.

    विवादित शख़्सियत

    टेक वर्ल्ड में मैकफ़ी एक विवादित व्यक्तित्व थे. उनकी कंपनी ने पहला कॉमर्शियल एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर लाँच किया था.

    उस लाँच ने दुनिया में ख़रबों डॉलर की एक नई इंडस्ट्री खड़ी करने में मदद की.

    बाद में मैकफ़ी ने ये साफ़्टवेयर टेक कंपनी इंटेल को बेच दिया था.

    अक्तूबर 2020 में जॉन मैकफ़ी को स्पेन से तुर्की की फ़्लाइट पकड़ते समय टेक्स फ़ाइल ना करने की वजह से गिरफ़्तार किया गया था.

    जॉन मैकफ़ी ने कंसलटेंट और पब्लिक स्पीकर की हैसियत से भी अच्छी कमाई की थी, लेकिन उन्होंने चार साल से टेक्स रिटर्न फ़ाइल नहीं किये थे.

    आमदनी छिपाने का आरोप

    अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट का आरोप था कि मैकफ़ी अपनी आमदनी को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज में अपने नॉमिनीज़ के नाम पर छिपाते थे.

    उनपर यॉट और रियल इस्टेट प्रॉपर्टीज़ की बेनामी मल्कियत का भी आरोप था.

    बुधवार सुबह ही स्पेन की अदालत ने उन्हें अमेरिका भेजने के फ़ैसले पर मुहर लगाई थी.

    मैकफ़ी का जन्म इंग्लैंड में हुआ था और 1980 के दशक में मैकफ़ी वायरसस्कैन लाँच करने के बाद काफ़ी मशहूर हुए थे.

    कंप्यूटर सिक्योरिटी की ओर सबसे पहले उन्हीं का ध्यान गया और उसके बाद इस क्षेत्र में एक बड़ी इंडस्ट्री खड़ी हो गई.

    लेकिन बीबीसी से एक इंटरव्यू में मैकफ़ी ने कहा था कि उन्होंने अपने कंप्यूटर पर कभी किसी एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल नहीं किया.

  11. बीते 24 घंटे का कोरोना अपडेट

  12. ब्राज़ील में भारत की कोवैक्सीन के सौदे पर सवाल, घिरे राष्ट्रपति

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो को आगाह किया था कि भारत में बनी कोवैक्सीन ख़रीदने का दबाव था.

    रॉयटर्स से ये बात उस बैठक में शामिल हुए एक सांसद ने बताई है. एक सीनेट पैनल ब्राज़ील में कोविड महामारी से निपटने में सरकार कितनी कारगर रही, इसे लेकर जाँच कर रही है. बुधवार को इस पैनल ने लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट अधिकारी लुइस रिकार्डो मिरांडा को पूछताछ के लिए बुलाया था.

    सीनेट कमिटी और प्रॉसिक्युटर्स इस बात की जाँच कर रहे हैं कि सरकार क्यों भारत से महंगी वैक्सीन का सौदा चाहती थी और पिछले साल फ़ाइज़र की पेशकश को क्यों ठुकरा दिया था.

    मिरांडा ने कमिटी के सामने कहा है कि उन पर राष्ट्रपति बोलसोनारो के क़रीबी सहयोगी पू्र्व स्वास्थ्य मंत्री एडवर्डो पाज़ुएलो के नज़दीकी एलेक्स लिआल मारिन्हो का दबाव था. पूछताछ के दस्तावेज़ों का रॉयटर्स ने देखा है.

    मिरांडा का बयान सबसे पहले ओ ग्लोबो अख़बार में बुधवार को छपा था. इसमें कहा गया है कि मिरांडा 20 मार्च को अपनी चिंता के साथ राष्ट्रपति बोलसोनारो के पास गए थे. मिरांडा का कहना है कि उनके पास दस्तावेज़ भी थे.

    मिरांडा ने कहा कि उनसे बोलसोनारो ने कहा था कि वे इस पर फेडरल पुलिस से बात करेंगे. मिरांडा के सांसद भाई लुइस मिरांडा ने इस बैठक की रॉयटर्स से पुष्टि की है. हालांकि अभी तक ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर कुछ नहीं कहा है.

    मिरांडा ने कहा है, ''यह लोगों के पैसे की बर्बादी की खुलेआम कोशिश है.'' हालांकि बुधवार को राष्ट्रपति बोलसोनारो के सचिव ओनिक्स लोरेंज़ोनी ने कहा कि ये आरोप फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों पर आधारित हैं.

    यह जाँच राष्ट्रपति बोलसोनारो के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है. ये पूछा जा सकता है कि राष्ट्रपति के पास इस बात की शिकायत गई तो उन्होंने इसे कैसे हैंडल किया. इसके साथ ही आपराधिक जाँच का सामना कर रहे पाज़ुएलो के लिए भी मुश्किलें बढ़ेंगी.

    ब्राज़ील में कोविड से अमेरिका के बाद सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं. पाँच लाख से ज़्यादा लोग कोविड की चपेट में आए हैं. ब्राज़ील के संघीय अभियोजकों ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की दो करोड़ डोज़ के लिए 32 करोड़ डॉलर के सौदे की जाँच शुरू कर दी है.

    जाँचकर्ताओं को लग रहा है कि ज़्यादा क़ीमत ली गई है. भारत बायोटेक का कहना है कि विदेशी सरकारों के लिए कोवैक्सीन की प्रति डोज़ की क़ीमत 15-20 डॉलर है और इसमें कोई बदलाव नहीं आया है.

    इसी क़ीमत में ब्राज़ील के साथ समझौत हुआ है. ब्राज़ील ने भारत बायोटेक के साथ फ़रवरी में ही सौदे पर हस्ताक्षर किया था लेकिन भारत बायोटेक के अनुसार ख़रीदारी ऑर्डर को मंज़ूरी नहीं मिलने के कारण कोई खेप अभी नहीं गई है.

  13. मोदी की कश्मीरी नेताओं के साथ बैठक से पाकिस्तान में हलचल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जम्मू-कश्मीर के नेताओं की आज बैठक होने जा रही है. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह, महबूबा मुफ़्ती और ग़ुलाम नबी आज़ाद भी शामिल हो रहे हैं.

    इसके अलावा भी कई नेता शामिल हैं. पाँच अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किया था तो महबूबा मुफ़्ती और फ़ारूक़ अब्दुल्लाह जैसे कई नेताओं को महीनों तक घरों में बंद रखा गया था.

    अब क़रीब दो साल बाद मोदी सरकार उन्हीं नेताओं को बुलाकर बातचीत करने जा रही है. मोदी सरकार की इस पहल की चर्चा पाकिस्तानी मीडिया में भी है.

    पाकिस्तान के अहम अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है. डॉन की रिपोर्ट में लिखा गया है कि यह पहल मोदी की हार्डलाइन नीति के उलट है.

    अख़बार ने लिखा है, ''भारतीय प्रधानमंत्री भारत समर्थक कश्मीरी नेताओं से मिलने जा रहे हैं ताकि कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो सके. लेकिन इस क़दम से कश्मीर के लोगों को शायद ही कुछ हासिल होगा.'' डॉन ने लिखा है कि इस बैठक में हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस को नहीं बुलाया गया है.

    प्रधानमंत्री मोदी की इस बैठक पर पाकिस्तान की भी नज़र है. पाकिस्तानी मीडिया में कहा जा रहा है कि मोदी पाँच अगस्त के अपने फ़ैसले को स्वीकार्य बनाने की रणनीति पर चल रहे हैं और यह बैठक उसी की हिस्सा है.

    डॉन ने लिखा है, ''यह सहमति बनाने की कोशिश है लेकिन इससे कश्मीरियों को कोई राहत नहीं मिलने जा रही. पाकिस्तान में माना जा रहा है कि इससे भारत समर्थक कश्मीरी नेताओं को फ़ायदा हो सकता है.''

    डॉन ने लिखा है, ''इस बैठक का कोई एजेंडा नहीं है लेकिन कहा जा रहा है कि इसमें जम्मू-कश्मीर में चुनाव विधानसभा चुनाव पर बात होगी. इस बैठक में परिसीमन पर भी बात हो सकती है. बीजेपी चाहती है कि हिन्दू बहुल जम्मू में सात और विधानसभा सीटें बढाई जाएं. जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा भी दिया जा सकता है लेकिन क्या इससे पाकिस्तान संतुष्ट हो जाएगा? पाकिस्तान की तरफ़ से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है लेकिन बिना अनुच्छेद 370 को लागू किए पूर्ण राज्य के दर्जा बहाल करने के क़दम को पाकिस्तान स्वीकार नहीं करेगा.''

    पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार बुधवार को सीनेट में एक प्रस्साव पास किया गया, जिसमें भारत से जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को वापस करने की मांग की गई है. इस प्रस्ताव को सीनेट में पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पीटीआई के सीनेटर डॉ ज़र्क़ा तैमूर ने पेश किया था. इस प्रस्ताव की कॉपी को पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन ने सभी दूतावासों को भेजने के लिए कहा है.

    उधर पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ मोईद यूसुफ़ ने शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन के सदस्य देशों के एएनएसए की 16वीं बैठक को तजिकिस्तान में संबोधित किया है. इस बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी गए हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार मोईद और अजीत डोभाल में कोई मुलाक़ात नहीं हुई है.

  14. जम्मू-कश्मीर: क्या है परिसीमन आयोग की योजना?, गुपकार नेताओं के दिल्ली आने से पहले जम्मू-कश्मीर में हुई परिसीमन आयोग की बैठक

    परिसीमन आयोग ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सभी उपायुक्तों के साथ मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन और सात नयी सीटें बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया.

    बताया गया है कि इस वर्चुअल मीटिंग में जम्मू-कश्मीर के सभी 20 उपायुक्तों ने भाग लिया, जिसमें विधानसभा सीटों को भौगोलिक रूप से अधिक सुगठित बनाने के तरीक़े के बारे में जानकारी एकत्र की गई.

    जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रियाओं को तेज़ करने के केंद्र के प्रयासों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है.

    परिसीमन आयोग की यह वर्चुअल मीटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बृहस्पतिवार को तय बैठक से पहले हुई, जिसमें वे जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं के एक चुनिंदा समूह के साथ बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं.

    जानकारों के अनुसार, इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि परिसीमन प्रक्रिया के तहत जम्मू-कश्मीर में कुछ विधानसभा सीटों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाना है. परिसीमन की कवायद के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी.

    विधानसभा की चौबीस सीटें पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (पीओके) में पड़ने के कारण खाली रहती हैं.

    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परिसीमन आयोग ने हाल ही में मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों के संबंध में भूगोल और उपलब्ध सुविधाओं सहित अन्य जानकारी माँगी थी और उन्हें भौगोलिक रूप से सुगठित बनाने के लिए उपायुक्तों से उनके सुझाव माँगे थे.

    आँकड़े और सुझाव प्राप्त करने के बाद, परिसीमन आयोग ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए उपायुक्तों के साथ एक आनलाइन बैठक करने का निर्णय लिया था.

    जम्मू-कश्मीर नवंबर 2018 से केंद्र के शासन में है और 5 अगस्त2019 को केंद्र सरकार ने इसके विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त कर दिया था जिसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दो अलग केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिये गए थे.

    पिछले साल मार्च में गठित परिसीमन आयोग को जम्मू-कश्मीर के निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से तैयार करने की ज़िम्मेदारी दी गई है जो वर्तमान में केंद्रीय शासन के अधीन है.

    इस साल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग को अपना काम पूरा करने के लिए एक साल का विस्तार (एक्सटेंशन) दिया गया था.

  15. नमस्कार!

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