रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने एक नया स्मार्टफ़ोन लाने की घोषणा की है. जियोफ़ोन नेक्स्ट 10 सितंबर को बाज़ार में आएगा.
उन्होंने कहा कि डिजिटल डिवाइड यानी तकनीक में अमीरी ग़रीबी की खाई को पाटने के लिए कंपनी ने जियो लांच किया था.
अब गूगल के साथ जियो मिलकर एक सस्ता स्मार्टफ़ोन फ़ोन लाने वाली है जिसका नाम होगा जियोफ़ोन नेक्स्ट. इस फ़ोन में गूगल और जियो से सभी ऐप्लीकेशन होंगे.
हालांकि ये फ़ोन एन्ड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगा लेकिन इसका ओएस ऑप्टिमाइज़्ड होगा जिसे जियो और गूगल मिलकर बना रहे हैं.
कंपनी ने कहा है कि ये बेहद सस्ता फ़ोन होगा ओर इसी साल 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन बाज़ार में उतारा जाएगा.
वहीं गूगल के कार्यकारी निदेशक सुंदर पिचाई ने एक ब्लॉग में लिखा है कि इस फ़ोन में कई भाषाओं का ऑप्शन होगा, साथ ही एक भाषा से दूसरे भाषा में ट्रांसलेशन का फीचर और बढ़िया कैमरा होगा.
गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के साथ उनकी कंपनी का सौदा इस साल के आख़िर तक पूरा हो जाएगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरधारकों की सालाना बैठक में मुकेश अंबानी ने इसकी घोषणा की. साथ ही उन्होंने कहा कि वो गूगल के साथ मिलकर जल्द ही एक सस्ता स्मार्टफ़ोन बाज़ार में लाने वाला है.
15 अरब डॉलर के इस सौदे के पूरा होने से पहले सऊदी अरामको के चेयरमैन और सऊदी अरब के पब्लिक इंवेस्टमेंन्ट फंड के गवर्नर यासिर ओटमन अल-रुमायन एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के बोर्ड में शामिल हो गए हैं.
उन्होंने कहा कि "उनके बोर्ड में शामिल होने को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का अंतरराष्ट्रीकरण समझा जा सकता है."
दो सालों पहले उन्होंने कहा था कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल यूनिट में 20 फीसदी हिस्सेदारी सऊदी अरामको को बेचने के लिए वो बातचीत कर रहे हैं.
शेयरधारकों की बैठक में मुकेश अंबानी ने कहा कि 51 साल के अल-रुमायन योगेंद्र पी यादव की जगह लेंगे जो 92 साल के हो चुके हैं. हाल में उन्होंने सेवानिवृत्त होने की मंशा जताई थी.
ऑयल-टू-केमिकल यूनिट में हिस्सेदारी बेचने के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ये सौदा इस साल पूरा हो जाएगा.
उन्होंने कहा, "बीते साल कोविट-19 के कारण कई रुकावटें आईं लेकिन इस दिशा में हमने बातचीत में अच्छा तरक्की की है. ऑयल-टू-केमिकल बिज़नेस में रणनीतिक पार्टनर के तौर पर हम सऊदी अरामको का स्वागत करते हैं."
वित्तवर्ष 2020 रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने अपने ऑयल-टू-केमिकलबिज़नेस को एक अलग यूनिट के तौर पर बनाया था और इसमें अहम विदेशी साझेदारों को शामिल करने की कोशिशें तेज़ कर दी थीं.
इस बिज़नेस में कच्चे तेल की रिफाइनिंग, रीटेल बिज़नेस, एविएशन फ्यूल और होलसेल मार्केटिंग शामिल है.