कोरोना: महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस के मरीज़ मिलने के बाद पाबंदियां बढ़ीं
महाराष्ट्र के कुछ जिलों में 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों में कुछ नए बदलाव किए हैं.
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कोरोना: महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस के मरीज़ मिलने के बाद पाबंदियां बढ़ीं
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महाराष्ट्र के कुछ जिलों में 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के मरीज़ मिलने के बाद राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों में कुछ नए बदलाव किए हैं.
अब राज्य के सभी जिलों और नगर पालिकाओं को तीसरे समूह से ऊपर रखने का फैसला किया गया है.
पूर्व में घोषित नियमों के अनुसार जिलों और नगर निगमों को 5 समूहों में बांटा गया था.
सरकार ने नए आदेश में कहा है कि कोरोना का 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट चिंता का विषय है.
इस नए संस्करण में फैलने की अधिक संभावना है. ये फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित करते हैं. यह वायरस मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के प्रति प्रतिक्रिया में कमी का कारण बनता है.
नए आदेश के अनुसार जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि आर-टीपीसीआर टेस्ट से प्राप्त साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट को देखते हुए पाबंदियों को कितना बढ़ाया जाए, इस पर विचार किया जाए.
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राज्य सरकार ने ये भी कहा कि ज़िला प्रशासन को राज्य सरकार से आदेशों का इंतजार नहीं करना चाहिए. इसका मकसद ये है कि जिन जिलों में स्थिति खराब हुई है, वहां सीधे तौर पर पाबंदियां बढ़ाने का फैसला जिला प्रशासन ले सके.
आज जारी आदेशों के अनुसार जिले या नगर पालिका क्षेत्र में पाबंदियों में ढील देने से कोरोना के मामले न बढ़े, इसके लिए और उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत 70 प्रतिशत टीकाकरण पूरा करने पर जोर दिया जाएगा.
कोरोना के मामलों को कम करने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीटमेंट के तरीकों को अपनाया जाएगा. हवा से कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कार्यालय की जगह अच्छी तरह हवादार होनी चाहिए.
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बड़े पैमाने पर कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाएगा. कोरोना के नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है.
भीड़भाड़ वाले आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र में 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के अब तक 21 मरीज़ मिले हैं जिसमें से एक 80 वर्षीय मरीज़ की मौत हो गई है.
भारत और चीन ने लद्दाख में एलएसी की स्थिति पर खुलकर चर्चा कीः विदेश मंत्रालय
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भारत और चीन शुक्रवार को इस बात पर सहमत हो गए कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास विवाद वाली सभी जगहों से सैनिकों को पूरी तरह से हटाने का परस्पर रज़ामंदी वाला रास्ता खोजने के लिए बातचीत जारी रखी जाएगी ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दिशा में बढ़ा जा सके.
पिछले साल मई की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख में शुरू हुए विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच एक और दौर की कूटनीतिक वार्ता हुई.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी दी है कि दोनों पक्ष 12वें दौर की सैनिक स्तर की बातचीत थोड़ा पहले कराने पर तैयार हो गए हैं.
इसका मकसद मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और कूटनीतिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास विवाद वाली सभी जगहों से सेनाओं को पूरी तरह से हटाने का लक्ष्य हासिल करना है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों की स्थिति को लेकर खुलकर बातचीत हुई.
पाकिस्तान को FATF में झटका, ग्रे लिस्ट से छुट्टी नहीं, अध्यक्ष ने बताई ये वजह
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दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए नीति बनाने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) की प्लैनरी मीटिंग के ख़त्म होने के बाद पाकिस्तान को एक बार फिर ग्रे लिस्ट में बनाए रखने का फ़ैसला किया गया है.
एफ़एटीएफ़ के अध्यक्ष मार्कस प्लेयर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि "पाकिस्तान को जो सुझाव दिए गए थे उनमें उसने काफी प्रगति की है और 27 में से 26 शर्तों को पूरा किया है. लेकिन अभी उसे आतंकवादियों को ज़िम्मेदार ठहराने और उन्हें सज़ा देने की दिशा में काम करना बाक़ी है."
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी 'इन्क्रीज़्ड मॉनिटरिंग लिस्ट' में बना रहेगा. 'इन्क्रीज़्ड मॉनिटरिंग लिस्ट' को ही ग्रे लिस्ट कहा जाता है.
उन्होंने आतंकवाद पर अंकुश लगाने को लेकर पाकिस्तान सरकार की प्रतिबद्धता की तारीफ की और कहा कि चार महीनों बाद इसी साल अक्तूबर में वो एक बार फिर स्थिति की समीक्षा करेंगे.
ब्रिटनी स्पीयर्स: अमेरिकी पॉप सिंगर क्यों हैं चर्चा में
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अमेरिकी पॉप स्टार ब्रिटनी स्पीयर्स ने लॉस एंजेल्स की एक कोर्ट में कहा है कि उन्हें उनकी "ज़िंदगी वापस चाहिए." उन्होंने अदालत से कहा कि वो चाहती हैं कि उनके बिज़नेस और उनकी ज़िंदगी के 13 साल लंबे 'अपमानजनक प्रबंधन' को ख़त्म किया जाए.
बीते कई सालों से ब्रिटनी के लीगल गार्जियन (क़ानूनी तौर पर उनके अभिभावक) उनके करियर के फ़ैसले ले रहे हैं. साल 2008 में ब्रिटनी मानसिक स्वास्थ्य की परेशानी से जूझ रही थीं, उस दौरान कोर्ट ने कंज़र्वेटरशिप नाम की एक प्रक्रिया के तहत उनकी देखरेख के लिए कंज़र्वेटर यानी क़ानूनी अभिभावक नियुक्त किए थे.
कोर्ट ने अपने आदेश में ब्रिटनी की संपत्ति और उनकी ज़िंदगी के अहम फ़ैसले लेने का हक़ उनके पिता जेमी स्पीयर्स को दिया था. लेकिन बाद में ब्रिटनी ने अपने पिता को इस भूमिका से बाहर करने की गुज़ारिश की.
अब ब्रिटनी के फैन्स #FreeBritney नाम से एक अभियान शुरू कर उनके पिता को उनकी तरफ से फ़ैसले लेने के हक़ से बाहर करने की मांग कर रहे हैं.
पैन और आधार को लिंक कराने की डेडलाइन तीन महीने बढ़ी
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इनकम टैक्स से जुड़ी कई डेडलाइंस बढ़ा दी है.
साथ ही सरकार ने ये भी कहा है कि कोविड के इलाज के लिए कर्मचारियों को जो पैसा कंपनी देगी, उसमें भी टैक्स छूट दी जाएगी.
कमाने वाले सदस्य की कोविड से मौत की स्थिति में आश्रितों को जो पैसा कंपनी से मिलेगा, वो भी कर मुक्त होगा.
आयकर विभाग ने एक बयान में कहा कि विवाद से विश्वास तक स्कीम में भुगतान की डेडलाइन भी दो महीने बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है.
इस स्कीम में ब्याज की अतिरिक्त रकम के साथ टैक्स पेयर अब 31 अक्टूबर तक भुगतान कर सकेंगे.
पैन और आधार को लिंक कराने की डेडलाइन भी तीन महीने बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 कर दी गई है.
नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को फॉर्म-16 मुहैया कराने की डेडलाइन भी 15 जुलाई से बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 25 जून 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा से
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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 25 जून 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा से.
पीएम मोदी की कश्मीरी नेताओं से मुलाकात पर क्या बोला पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने शुक्रवार को कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत प्रशासित कश्मीर के सीनियर नेताओं की मुलाकात पब्लिक रिलेशंस एक्सरसाइज़ थी जिससे कुछ हासिल नहीं हुआ है.
प्रधानमंत्री मोदी और कश्मीर के नेताओं के बीच ये मुलाकात गुरुवार को हुई थी.
शाह महमूद क़ुरैशी इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि कश्मीर की स्वायत्ता खत्म करने से भारत और प्रधानमंत्री मोदी की छवि को जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धक्का लगा है, ये बातचीत उसी को बहाल करने की कोशिशों का हिस्सा है.
उन्होंने कहा, "कश्मीरी लोग अभी भी अपनी पहचान की तलाश कर रहे हैं. वे अपनी स्वायत्ता और अपनी आज़ादी मांग रहे हैं."
विदेश मंत्री क़ुरैशी का कहना है कि कश्मीरी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के दौरान सर्वसम्मति से 5 अगस्त, 2019 को लिए गए फैसले को वापस लेने की मांग की है.
UAPA क़ानून: चार साल की जेल, लेकिन हबीब को नहीं मालूम उन्हें गिरफ्तार क्यों किया?
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चार साल जेल में बिताने के बाद त्रिपुरा के अगरतला के एक ऑटो ड्राइवर इस बात पर आज भी इस बात से हैरान हैं कि उनपर आतंकवाद से जुड़ा आरोप क्यों लगा और वह भी जहां घटना हुई वहां से सैकड़ों मील दूर बेंगलुरु में.
मोहम्मद हबीब उर्फ़ हबीब मियां ने बीबीसी को बताया, "अदालत से बरी होने के बाद मैं घर तो लौट गया लेकिन आज भी मैं ये नहीं समझ पाया हूं कि मुझे पुलिस ने पकड़ कर जेल में क्यों डाला."
हबीब को पुलिस ने अगरतला से गिरफ्तार किया था. उन्हें बेंगलुरु में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस के जेएन टाटा ऑडिटोरियम में दिसंबर, 2005 में हुई गोलीबारी के 12 साल के बाद पकड़ा गया था. इस गोलीबारी में आईआईटी दिल्ली के प्रोफ़ेसर एमसी पुरी की मौत हो गई थी जबकि चार अन्य वैज्ञानिक और रिसर्चर घायल हुए थे.
दिलचस्प बात ये है कि हबीब को बेंगलुरु की विशेष एनआईए कोर्ट ने जिस दिन बरी किया उसके एक दिन बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने यूएपीए क़ानून के तहत गिरफ़्तार किए गए तीन युवाओं को ज़मानत दी.
रविशंकर प्रसाद का एकाउंट ट्विटर ने लॉक किया तो शशि थरूर बोले, हम जवाब माँगेंगे
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भारत सरकार के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि ट्विटर ने उनका एकाउंट कुछ समय के लिए लॉक कर दिया था.
उन्होंने बताया, "दोस्तों, आज बहुत अजीब बात हुई. ट्विटर ने तकरीबन घंटे भर के लिए इस कथित आधार पर कि अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन किया गया है, मेरा एकाउंट लॉक कर दिया. लेकिन बाद में उन्होंने मेरे एकाउंट को अनलॉक कर दिया."
इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी मामलों पर संसद की स्थाई समिति के चेयरमैन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि एक गाने के कॉपीराइट का मसला उठाकर ट्विटर ने उनके साथ भी ऐसा ही किया था.
उन्होंने कहा, "इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी मामलों पर संसद की स्थाई समिति के चेयरमैन की हैसियत से मैं ये कह सकता हूं कि हम ट्विटर से रविशंकर प्रसाद और मेरे एकाउंट को लॉक किए जाने और भारत में काम करने पर वे जिन नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, उसपर स्पष्टीकरण मांगेंगे."
अमेरिका के मयामी शहर में 40 साल पुरानी इमारत ढही, 99 लोग लापता
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अमेरिका के मयामी शहर में 12 मंज़िली एक रिहाइशी इमारत के ढह जाने के बाद मलबे से फंसे बचने वालों की तलाश लगातार जारी है.
अधिकारियों ने बताया कि कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है और 99 लोग अभी भी लापता है.
एक तरफ़ लोग अपने परिजनों की ख़बर का इंतज़ार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ़ तलाशी दल दिन रात एक करके काम कर रहा है.
ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि मलबे के नीचे से लोगों की आवाज़ें आ रही हैं.
40 साल पुरानी इमारत गुरुवार सुबह कैसे ढह गई, इसके कारण अभी तक साफ़ नहीं हो पाए हैं.
इस बारे में कोई पक्की जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है कि घटना के वक्त कितने लोग इमारत के भीतर थे.
दर्जनों लोगों को इमारत के मलबे से बाहर निकाल लिया गया है.
राष्ट्रपति जो बाइडन ने फ्लोरिडा में आपातकाल की घोषणा की है.
इसका मतलब ये हुआ कि फेडरल इमर्जेंसी मैनेजमेंट एजेंसी प्रांतीय सरकार की एजेंसियों की राहत कार्य में मदद करेगी.
पीएम मोदी से चिराग पासवान को क्यों और कितनी उम्मीदें हैं?
वीडियो कैप्शन, चिराग पासवान ने एलजेपी में घमासान और पीएम मोदी के बारे में क्या कहा?
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग़ पासवान का कहना है कि मुश्किल वक्त में प्रधानमंत्री और भाजपा की ओर से साथ नहीं मिलने से उन्हें निराशा हुई है, लेकिन हनुमान के तौर पर उनका पूरा भरोसा राम पर बना हुआ है.
उन्होंने ये भी कहा है कि अगर चाचा पशुपति पारस की कोई महत्वाकांक्षा थी तो वो बताते, उनके कहने पर वे अध्यक्ष पद भी छोड़ सकते थे, चिराग़ ने यह भी कहा है कि तेजस्वी यादव से उनकी बातचीत होती रहती है और इस दौर में भी हुई है.
उन्होंने कहा है कि वो बिहार की जनता के बीच जाएंगे और उनका भरोसा हासिल करेंगे. चिराग ने कहा कि अपने ही लोगों ने उनका साथ छोड़ा है तो वे क्या किसी से शिकायत रखेंगे?
ब्रेकिंग न्यूज़, रविशंकर प्रसाद का आरोप, ट्विटर पर घंटे भर लॉक रहा मेरा एकाउंट
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भारत सरकार के कानून मंत्री ने आरोप लगाया है कि ट्विटर ने उनका एकाउंट कुछ समय के लिए लॉक कर दिया था.
उन्होंने बताया, "दोस्तों, आज बहुत अजीब बात हुई. ट्विटर ने तकरीबन घंटे भर के लिए इस कथित आधार पर कि अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन किया गया है, मेरा एकाउंट लॉक कर दिया. लेकिन बाद में उन्होंने मेरे एकाउंट को अनलॉक कर दिया."
उन्होंने कहा, "ट्विटर की कार्रवाई इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी रूल्स, 2021 के नियम 4(8) का खुला उल्लंघन है. मेरे एकाउंट को एक्सेस करने से मुझे रोकने से पहले मुझे नोटिस देने में वे नाकाम रहे हैं."
"ऐसा लगता है कि ट्विटर की मनमानी और एकतरफ़ा हरकतों को लेकर मैंने जो बयान दिए, ख़ास तौर पर मेरे इंटरव्यू के क्लिप्स को टीवी चैनलों के साथ शेयर करने और उसके ज़ोरदार असर से, उन्हें तकलीफ़ हुई है."
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"अब ये साफ हो गया है कि ट्विटर क्यों इंटरमीडयरी गाइडलाइंस का पालन करने से इनकार कर रहा है क्यों कि अगर ट्विटर इसका पालन करता है तो वो एकतरफा तरीके से किसी व्यक्ति को अपना एकाउंट एक्सेस करने से रोक नहीं पाएगा. ये बात उनके एजेंडे को सूट नहीं करती है." "
ट्विटर की कार्रवाई से ये संकेत मिलता है कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अगुआ नहीं हैं जैसा कि वे दावा करते हैं. लेकिन उनकी दिलचस्पी केवल अपना एजेंडा चलाने में है... इसी धमकी के साथ कि अगर आपने उनकी बात नहीं मानी तो वे आपको एकतरफा तरीके से अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे."
"इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन सा प्लेटफॉर्म क्या करता है, उन्हें नए आईटी रूल्स मानने ही होंगे. इस बात पर कोई समझौता नहीं करना होगा."
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से ट्विटर भारत में विवादों के केंद्र में रहा है.
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विवाद की शुरुआत
भारत में डिजिटल दौर में लगातार लोकप्रिय होते जा रहे सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स को विनियमित करने के लिए भारत सरकार ने जो नए आईटी नियम बनाए हैं उन्हें अब क़ानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
नए नियमों का विरोध केवल अमरीकी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स ही नहीं कर रहे, भारत के अपने डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स ने भी इन्हें अदालत में चुनौती दी है.
पिछले कुछ महीनों से केंद्र सरकार की ओर से ट्विटर पर कथित सरकार विरोधी ट्वीट को हटाने का दबाव बढ़ा है जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच काफ़ी तनाव है.
लेकिन कई विशेषज्ञों के अनुसार इससे पहले बीजेपी, मोदी सरकार और उनके मंत्री ट्विटर से काफ़ी प्रभावित थे और अपनी बात और काम को आगे बढ़ाने के लिए ट्विटर का काफ़ी इस्तेमाल करते रहे हैं. स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के ट्विटर पर लगभग सात करोड़ लोग फ़ॉलो करते हैं.
भारत में सोशल मीडिया कंपनियों को डर है कि उनका हाल इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर जैसा हो सकता है जिन पर प्रशासन जब चाहे अंकुश लगाता रहता है. किसी शहर या राज्य में क़ानून-व्यवस्था के तहत उठाए गए क़दमों में इंटरनेट सुविधाएं बंद करा देना भी शामिल हो गया है.
भारत सरकार का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म के सामान्य यूज़र्स की शिकायतों की सुनवाई करने वाले ऑफ़िसर की मदद से उनकी शिकायत के निवारण और समय पर समाधान के लिए उसे सशक्त बनाना है.
बलूचिस्तान में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में पांच पाकिस्तानी सैनिकों की मौत
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पाकिस्तान की सेना ने शुक्रवार को बताया है कि बलूचिस्तान में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में फ्रंटियर कॉर्प्स के पांच सैनिकों की मौत हो गई है.
सेना के बयान के मुताबिक़ बलूचिस्तान के सिबी ज़िले के सांगन इलाके में एक गश्ती दल पर चरमपंथियों ने हमला किया. मुठभेड़ में भारी गोलाबारी हुई और चरमपंथियों को भी जानोमाल का भारी नुक़सान उठाना पड़ा है.
इलाके में चरमपंथियों की तलाशी के लिए अभियान चलाया जा रहा है. उनके बाहर निकलने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं.
इंटीरियर मिनिस्टर शेख रशीद अहमद ने इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि चरमपंथी इस तरह के कायराना हमलों से हमारा मनोबल कमजोर नहीं कर सकते हैं.
नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज़ शरीफ ने कहा है कि बलूचिस्तान में अशांति का बढ़ना ख़तरे की चेतावनी है.
इस महीने की शुरुआत में मार्गेट क्वेटा रोड पर ऐसे ही एक हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स, बलूचिस्तान के चार सैनिक मारे गए थे.
भारत की टिप्पणी पर चीन ने कठोरता से दिया जवाब
वीडियो कैप्शन, भारत की टिप्पणी पर चीन ने कठोरता से दिया जवाब
भारत और चीन के बीच सरहद पर जारी तनाव ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. मंगलवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव में दो सबसे अहम मुद्दे हैं.
पहला सीमा पर सेना की लगातार आमने-सामने तैनाती और दूसरा चीन बड़ी संख्या में सेना की तैनाती नहीं करने के लिखित वादे पर कायम रहेगा या नहीं. भारतीय विदेश मंत्री क़तर इकनॉमिक फोरम में बोल रहे थे.
वहीं उनसे चीन के साथ सीमा पर तनाव को लेकर सवाल पूछा गया था. एस जयशंकर की इसी टिप्पणी पर चीन के विदेश मंत्रालय से बुधवार को सवाल पूछा गया तो चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बहुत कठोरता से जवाब दिया.
बुधवार को ब्लूमबर्ग ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिआन से पूछा, ''भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत के साथ लगी विवादित सीमा पर चीनी सैनिकों की तैनाती और चीन सीमा पर सेना घटाने के वादे को पूरा करेगा या नहीं; ये दोनों मुद्दे दोनों देशों के रिश्तों में अभी सबसे बड़ी चुनौती हैं. इस पर चीन का क्या कहना है?''
इस सवाल के जवाब में चाओ लिजिआन ने कहा, ''भारत-चीन सीमा से लगे पश्चिमी क्षेत्र में चीनी सैनिकों की तैनाती सामान्य रक्षा व्यवस्था है. इसका लक्ष्य संबंधित देश के अतिक्रमण का जवाब देना और चीनी क्षेत्र पर किसी भी तरह के ख़तरों से निपटना है.'' '
'लंबे समय से भारत सरहद पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है और हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करता रहा है. भारत-चीन सीमा पर तनाव की असली वजह भी यही है. चीन हमेशा से सीमा विवाद को वार्ता के ज़रिए सुलझाने की वकालत करता रहा है और सीमा विवाद को द्विपक्षीय संबंधों से जोड़ने के भी हम ख़िलाफ़ रहे हैं.''
चीन ने कैसे उड़ाई अमेरिका और यूरोप की नींद?
वीडियो कैप्शन, चीन ने कैसे उड़ाई अमेरिका और यूरोप की नींद?
पिछले कुछ वर्षों में चीन बाल्कन में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरा है. वैसे बाल्कन एक ऐसा क्षेत्र हैं, जहाँ परंपरागत रूप से यूरोप और अमेरिका का प्रभाव रहा है.
अतीत में, इस पहाड़ी इलाक़े के ज़्यादातर देश पश्चिमी यूरोप के लिए चीन के नए सिल्क रोड के प्रवेश द्वार का काम कर रहे हैं. चीन का नया सिल्क रोड पाँच महाद्वीपों में फैला बुनियादी परियोजनाओं का एक महत्वाकांक्षी नेटवर्क है.
चीन ने इसे सीईईसी (चीन और मध्य-पूर्वी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग) का नाम दिया है. वर्ष 2012 में चीन ने ये सहयोग फ़ोरम बनाया था. इसे 17+1 भी कहा जाता है.
लेकिन हाल ही में 28 लाख की आबादी वाले लिथुआनिया ने चीन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए अपने को इस फ़ोरम से अलग कर लिया था. इस कारण अब ये 16+1 रह गया है.
लिथुआनिया के हटने के बाद अब इसमें अल्बानिया, बोस्निया एवं हर्जेगोविना, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, ग्रीस, हंगरी, लात्विया, नॉर्थ मेसिडोनिया, मॉन्टेनिग्रो, पोलैंड, रोमानिया, सर्बिया, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया शामिल हैं.
वर्ष 2012 में पोलैंड के वारसा में इसका गठन हुआ था. इसके बाद हर साल इसका शिखर सम्मेलन अलग-अलग देशों में होता है. इस फ़ोरम के गठन के बाद से पश्चिमी बाल्कन देशों में चीन का निवेश दोगुना हो गया है.
इस समय अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में ये निवेश हो रहा है. लेकिन इसने लाखों डॉलर के क़र्ज़ के साथ-साथ कई तरह की चिंताओं को भी जन्म दिया है.
गुरू: एपिसोड 4 - डर का साया
वीडियो कैप्शन, गुरू: एपिसोड 4 - डर का साया
बीबीसी हिन्दी की ख़ास पेशकश “गुरू ” – दुनिया के एक प्रतिष्ठित योग संस्थान की बीबीसी इन्वेस्टीगेशन.
इस पड़ताल के दौरान बीबीसी संवाददाता इशलीन कौर ने ऐसी कई महिलाओं से बात की जिन्होंने स्वीकार किया कि उनका भी शोषण हुआ.
जूली, ल्यूसील, पामेला, वेंडी ये वो नाम हैं, जिन्होंने शिवांनद आश्रम को छोड़ दिया.
लेकिन इस कहानी में अभी और भी नाम आने बाकी हैं.
गुरू के चौथे एपिसोड में सुनिए प्रेरणा की कहानी कि कैसे वो इस दलदल में फंस गईं.
राम मंदिर ट्रस्ट मामले पर शिव सेना बोली, ज़मीन सौदे की हो सीबीआई-ईडी जाँच
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शिवसेना के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा की गई ज़मीन की खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से कराए जाने लायक मामला है.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को एक प्रस्ताव पारित कर इस मामले की जांच इन एजेंसियों से कराने की मांग करनी चाहिए.
नागपुर और मुंबई में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़ी जगहों पर ईडी के छापों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में संजय राउत ने ये बात कही.
बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई ने एक प्रस्ताव पारित कर उप मुख्यमंत्री अजित पवार और शिवसेना के मंत्री अनिल परब की सीबीआई और ईडी से जांच कराए जाने की मांग की है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा, "क्या सीबीआई और ईडी आपकी (बीजेपी) पार्टी के कार्यकर्ता या फिर आईटी सेल के सदस्य हैं?"
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर सीबीआई और ईडी की अहमियत को कमज़ोर करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, "केंद्रीय जांच एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल करना अच्छी बात नहीं है. इसे रोक जाना चाहिए. ये बात समझ में आती है कि ये एजेंसियां राष्ट्रीय सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग, सरकारी धन के नुकसान की जांच करें. लेकिन आप इन एजेंसियों की छवि क्यों खराब कर रहे हैं."
ब्रेकिंग न्यूज़, नारदा स्टिंग मामले में हलफ़नामे पर ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
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नारदा स्टिंग मामले में कलकता हाई कोर्ट ने हलफ़नामा स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. कलकता हाई कोर्ट के फ़ैसले को ममता बनर्जी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के क़ानून मंत्री मलय घटक को निर्देश दिया है कि वे कलकता हाई कोर्ट में आवेदन देकर बताएं कि एफडेविट पहले क्यों नहीं जमा किया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जून तक आवेदन देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने हाई से कहा है कि पहले इन तीनों के आवेदन पर फ़ैसला किया जाए तब आगे की कार्यवाही शुरू हो.
चीन ने तिब्बत में शुरू की बुलेट ट्रेन, अरुणाचल के क़रीब से गुजरेगी
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चीन ने शुक्रवार को
तिब्बत में पहली बार बुलेट ट्रेन शुरू की है. यह बुलेट ट्रेन तिब्बत की राजधानी ल्हासा
और निंगची के बीच शुरू हुई है.
इसका रूट भारत के
अरुणाचल प्रदेश से लगा हुआ है. यह रूट 435.5 किलोमीटर का है. सिचुआन-तिब्बत रेलवे के तहत यह आता है. इसका
उद्घाटन तब किया गया है जब एक जुलाई को चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना
अपना शताब्दी वर्ष मनाने जा रही है.
चीन की सरकारी समाचार
एजेंसी शिन्हुआ ने लिखा है कि तिब्बत स्वायत्त इलाक़े में शुक्रवार को पहली बार बिजली
से संचालित बुलेट ट्रेन की शुरू की गई है. सिचुआन तिब्बत रेलवे तिब्बत के भीतर किंगाची-तिब्बत
रेलवे के बाद दूसरा होगा.
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नवंबर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में नई रेल परियोजना को लेकर निर्देश दिया था. कहा जा रहा है कि इस नई रेल लाइन की सीमा की सुरक्षा और स्थिरता में बड़ी भूमिका होगी. सिचुआन-तिब्बत रेलवे चेंगदु से शुरू होगा जो या'न होते हुए तिब्बत के कांदो में आएगा. इससे ल्हासा और चेंगदु के बीच की यात्रा 48 घंटे से कम होकर 13 घंटे हो गई है.
चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 3,488 किलोमीटर की सीमा पर भारत और चीन के बीच विवाद है.