सर्च इंजन से ग़ायब हुई 'टैंक मैन' की तस्वीरें, माइक्रोसॉफ़्ट ने दी सफ़ाई

इमेज स्रोत, SM Viral Image
माइक्रोसॉफ़्ट ने अपने सर्च इंजन बिंग पर 'टैंक मैन' सर्च किये जाने पर कोई नतीजा ना दिखाए जाने को एक 'आकस्मिक मानवीय भूल' क़रार दिया है.
माइक्रोसॉफ़्ट का कहना है कि ये मामला 'एक आकस्मित मानवीय भूल का नतीजा था और हम इसे ठीक करने के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं.'
'टैंक मैन' नाम अकेले प्रदर्शन कर रहे उस व्यक्ति से जुड़ा रहा है, जो जून 1989 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान में चीन के थियानमेन चौक पर एक टैंक के सामने खड़ा हो गया था. लेकिन उसकी कभी पहचान नहीं हो पाई.
बाद में ये तस्वीर सरकार की उस कड़ी कार्रवाई की पहचान बन गई, जिसमें हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जाती है.
शुक्रवार को जब यूज़र्स ने बिंग पर 'टैंक मैन' सर्च किया, उन्होंने जवाब मिला कि 'टैंक मैन के लिए कोई रिज़ल्ट नहीं है'.
इसके बाद इस तस्वीर को सर्च से ग़ायब करने के लिए माइक्रोसॉफ़्ट की कइयों ने आलोचना की. इससे विरोध प्रदर्शन की बरसी पर संभावित सेंसरशिप के आरोपों को भी बल मिला है.
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लेकिन, शुक्रवार को इन विरोध प्रदर्शनों की 32वीं सालगिरह पर जब अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर के यूज़र्स ने बिंग पर इस तस्वीर को खोजने का प्रयास किया, तो ये मिली ही नहीं.
चीन थियानमेन चौक पर हुई कार्रवाई पर ऑनलाइन होने वाली किसी भी चर्चा को सेंसर करता है.
इस साल अधिकारियों द्वारा जुलूस पर पाबंदी लगाए जाने के बाद हॉन्ग कॉन्ग में इन विरोध प्रदर्शनों की याद में बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किए जा सके.
माना जाता है कि चीन अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सर्च इंजन पर दिखाई जाने वाली सामग्री को सेंसर करता है, लेकिन बाक़ी दुनिया में ये पाबंदियां बमुश्किल की लागू होती हैं.
वहीं ह्यूमन राइट वाच के डायरेक्टर केनेथ रॉथ ने कहा है कि उनके लिए ये मानना बहुत मुश्किल है कि ऐसा ग़लती से हुआ है.
इस मामले की पहली शिकायत आने के कई घंटों बाद बिंग में टैंक मैन की तस्वीरें फिर से दिखने लगी थीं.

















