फ़ेसबुक ने ट्रंप के अकाउंट को दो सालों के लिए निलंबित किया
ट्रंप पर प्रतिबंध सात जनवरी से माना जाएगा और सात जनवरी 2023 तक रहेगा. ट्रंप के फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर इससे पहले जनवरी महीने में अनिश्चितकालीन पाबंदी लगाई गई थी.
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COVER STORY: अमीर और ग़रीब देशों में वैक्सीन सप्लाई की बढ़ती खाई
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इस वक्त संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएं और वैज्ञानिक G7 देशों से अपील कर रहे हैं कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए दवाईयों और वैक्सीन के लिए ग़रीब देशों की मदद करें...
बीबीसी की स्वास्थ्य संवाददाता ट्यूलिप मज़ूमदार की ये रिपोर्ट देखिए जिसकी शुरूआत विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक चेतावनी से शुरू होती है.
मानवाधिकार आयोग: जस्टिस अरुण मिश्रा का विरोध क्यों?
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आपातकाल के बाद हुए चुनाव में सत्ता गँवाने के बाद इंदिरा गांधी ने ज़ोरदार वापसी की थी और एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. अगले दिन 15 जनवरी, 1980 को इंदिरा गांधी को गर्मजोशी से भरे तमाम संदेश मिल रहे थे.
इंदिरा गांधी को सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रफ़ुल्लचंद्र नटवरलाल भगवती का भी संदेश था.
उन्होंने लिखा था, "मैं चुनावों में शानदार जीत और प्रधानमंत्री के तौर पर आपकी सफल वापसी के लिए आपको हार्दिक बधाई देता हूँ. मुझे यक़ीन है कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदृष्टि, प्रशासनिक क्षमता और कमज़ोरों की तकलीफ़ समझने वाले हृदय के साथ आप इस राष्ट्र को अपने लक्ष्य तक ले जाएँगी."
जस्टिस भगवती के इस संदेश पर सवाल उठे और कहा गया कि ऐसी चिट्ठी से जनता का न्यायपालिका से भरोसा उठ जाएगा.
इस घटना के 40 साल बाद जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की, तो उन्हें भी जस्टिस पीएन भगवती की तरह आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.
'जहां बेटे को जन्म दिया, उसी घर में मरना है बेटा'
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कोरोना से जंग में लाखों लोगों ने अपनी जान गँवाई है. कोरोना से सीधी जंग में मरीज़ों के बाद कोई रहा है तो वो हैं डॉक्टर.
दूसरों की मौत से जंग लड़ने का काम डॉक्टरों के लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा?
किस तरह के अनुभव रहे और कैसे अंजान लोगों की ज़िंदगी या मौत एक डॉक्टर को प्रभावित करती है?
ये समझने के लिए बीबीसी आपके लिए पेश करता है नई सिरीज़ - ICU DIARY
#ICUdiary में आप एक से पाँच जून तक पढ़ेंगे कोविड आईसीयू वॉर्ड में ड्यूटी करने वाली डॉ दीपशिखा घोष के लिखे अनुभव.
मिल्खा सिंह एक बार फिर अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने किया फोन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'उड़न सिख' मिल्खा सिंह की सेहत हाल जानने के लिए शुक्रवार को उनसे बात की.
मोदी ने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही अस्पताल से लौटेंगे और तोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आशीर्वाद और प्रेरणा देंगे.
मिल्खा सिंह को मोदी के फोन करने की पुष्टि करते हुए उनके बेटे जीव मिल्खा सिंह ने कहा, "इतनी व्यस्तताओं के बीच मेरे पिता को फोन करने और उनकी सेहत का हालचाल लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया. डैड को कल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत स्थिर है."
गुरुवार को उन्हें ऑक्सीजन लेवल गिरने के कारण चंडीगढ़ के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था.
91 वर्षीय मिल्खा सिंह की हालत फिलहाल स्थिर है.
पिछले दिनों वे कोरोना से संक्रमित हो गए थे. उन्हें बीते रविवार को ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था.
दुनियाभर में बढ़ रहीं खाने की क़ीमतें, अर्थव्यवस्था के लिए वैश्विक मंदी की आहट
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संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ वैश्विक खाद्य क़ीमतों की मासिक बढ़ोतरी दर में बीते एक दशक में सबसे तेज़ उछाल आया है.
एक व्यापक पैमाने के आधार पर संयुक्त राष्ट्र वैश्विक खाद्य क़ीमतों को मापता है, जो बीते 12 महीनों में लगातार बढ़ी हैं.
महामारी के दौरान आपूर्तिकर्ताओं को उत्पादन, मज़दूरी और परिवहन को लेकर दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा है. ऐसे में व्यापक मंदी की चिंता बढ़ती जा रही है.
एक मसला ये भी है कि खाने-पीने की चीज़ों की ज़्यादा क़ीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था की बेहतरी पर क्या असर डालेंगी.
संयुक्त राष्ट्र के फ़ूड ऐंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइज़ेशन का फ़ूड प्राइस इंडेक्स दुनियाभर में अनाज, डेयरी उत्पादों, शक्कर और मांस की क़ीमतों की निगरानी करता है.
इंडेक्स के मुताबिक़ सालाना हिसाब-किताब के मुताबिक़ मई में खाद्य कीमतें 39.7 फ़ीसदी बढ़ गई थीं, जो अक्टूबर 2010 के बाद एक महीने में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है.
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वनस्पति तेलों, अनाज और शक्कर की कीमतों में हुई वृद्धि से खाद्य पदार्थों की कीमतें सितंबर 2011 के बाद से सबसे ज़्यादा हो गई हैं.
ये वृद्धि कुछ देशों में खाद्य पदार्थों की मांग में आए बदलाव और पिछले कुछ वक़्त से कम उत्पादन का नतीजा है.
आवाजाही पर पाबंदियों की वजह से बाज़ार और आपूर्ति में व्यवधान पैदा हुआ, जिससे स्थानीय स्तर पर माल में कमी और क़ीमतों में बढ़ोतरी हुई है.
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ज़्यादा कम और कम उत्पादन की वजह से लॉकडाउन से बाहर आती अर्थव्यवस्था के बीच मंदी को बढ़ावा मिलेगा.
SDG सूचकांक में केरल अव्वल, बिहार सबसे निचले स्तर पर
नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्य यानी SDG सूचकांक के तहत राज्यों की रैंकिंग जारी की.
सबसे तेज़ तरक्की करने वाले राज्यों में केरल टॉप रहा और बिहार सबसे निचले पायदान पर रहा.
आरबीआई गवर्नर ने कहा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हो रहा है सुधार, निर्यात पर ध्यान देने की ज़रूरत
भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुधार होता दिखाई दे रहा है जिसे देखते निर्यात क्षेत्र को और मदद देनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि विदेशों में माँग बढ़ रही है और इसमें और सुधार होना तय है क्योंकि विकसित देशों में अर्थव्यवस्थाओं को वित्तीय मदद देने के लिए पैकेजों की घोषणा के साथ-साथ टीकाकरण में भी तेज़ी आ रही है.
शक्तिकांत दास ने आरबीआई की ताज़ा मौद्रिक नीति का ऐलान करते हुए ये बातें कहीं जिनमें दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में एक बार फिर रेपो रेट को 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट को 3.35 फीसदी पर बनाए रखने का फ़ैसला किया गया.
ये लगातार छठी बार है जब आरबीआई ने दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फ़ैसला किया है.
शक्तिकांत दास का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण देश के सामने नई चुनौतियां आई हैं और इसका असर अर्थव्यवस्था पड़ा है.
ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने के लिए और अर्थव्यवस्था में जारी रखने के लिए आरबीआई ने दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फ़ैसला किया है.
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बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास का अनुमान भी 9.5 कर दिया है. इससे पहले आरबीआई ने इसके 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमान लगाया था.
साथ ही शक्तिकांत दास ने कहा कि खुदरा महंगाई दर में हाल में थोड़ी कमी आई है. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में इसके 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है.
उन्होंने कहा है कि 31 मार्च 2026 तक महंगाई दर को 4 फीसदी से कम करने का लक्ष्य रखा गया है.
साथ ही उन्होंने कहा कि इस साल मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान है इससे अर्थव्यवस्था के फिर से पटरी में आने मदद मिल सकती है.
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आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोना महामारी से जूझ रही अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए आरबीआई जून में 40 हजार करोड़ रुपए की सरकारी सिक्योरिटीज़ खरीदेगा.
इसके बाद दूसरी तिमाही में बैंक 1.20 लाख करोड़ रुपए की जी-सिक्योरिटीज खरीदी जाएंगी.
कोरोना वैक्सीन के लिए नेपाल ने ब्रिटेन से लगाई गुहार
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कोरोना वैक्सीन के लिए नेपाल ने ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से मदद की गुहार लगाई है.
कोरोना महामारी की दूसरी लहर झेल रहे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने ब्रितानी प्रधानमंत्री से वैक्सीन की आपात मदद मांगी है.
केपी शर्मा ओली ने बीबीसी को बताया कि नेपाल के साथ ब्रिटेन के क़रीबी संबंध हैं, ऐसे में उसे वैक्सीन देने की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए.
इससे पहले नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री ने बात से इनकार किया था कि देश में वायरस का कोई नया वेरिएंट पाया गया है. इस तरह की रिपोर्टों को उन्होंने निराधार बताया था.
काठमांडू से बीबीसी दक्षिण एशिया संवाददाता रजनी वैद्यनाथन ने बताया है कि भारत की तरह उसका पड़ोसी नेपाल भी कोरोना की घातक लहर से जूझ रहा है.
बीते एक महीने में यहां कोरोना से चार हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है.
वो बताती हैं कि राजधानी में कोरोना का पीक अब जाता दिख रहा है लेकिन पहाड़ी इलाक़ों में अभी भी पॉज़िटिविटी दर अधिक बनी हुई है.
देश में जिन लोगों को अब तक कोरोना की वैक्सीन की डोज़ मिली है उनकी संख्या तीन फीसदी से भी कम है. ऐसे में प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन से जल्द वैक्सीन देने की गुज़ारिश की है.
केपी शर्मा ओली ने कहा कि ब्रिटेन के लिए नेपाल के गोरखा सैनिकों ने शहादत दी है, ये शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए.
उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच दोस्ताना रिश्ते हैं और कूटनीतिक संबंध भी हैं. यूके के लिए गोरखाओं ने अपनी जान जोखिम में डाली है. अब ब्रिटेन की ये ज़िम्मेदारी है कि वो नेपाल की मदद करे."
ब्रिटेन ने नेपाल के लिए ज़रूरी वेन्टिलेटर और पीपीई किट भेजे हैं लेकिन बीबीसी से इंटरव्यू में केपी शर्मा ओली ने कहा कि उन्हें फिलहाल अगर किसी चीज़ की सबसे अधिक ज़रूरत है तो वो कोरोना वैक्सीन है.
उन्होंने ब्रिटेन के अलावा दुनिया के और देशों से भी मदद की गुहार लगाई और कहा कि नेपाल को और मदद की ज़रूरत है और नेपाल अब वैक्सीन खरीदना चाहता है.
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इधर अमेरिका के कई देशों को कोरोना वैक्सीन देने के फ़ैसले का नेपाल ने स्वागत किया है.
केपी शर्मा ओली ने ट्वीट कर अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया और लिखा कि हमारी अपील सुन कर जीवन बचाने वाली वैक्सीन देने की फ़ैसला लेने के लिए शुक्रिया.
गुरुवार को अमेरिका ने कहा था कि वो कोरोना वैक्सीन की आठ करोड़ डोज़ ज़रूरतमंद देशों देगा. इन देशों की लिस्ट में नेपाल भी शामिल है.
व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, मालदीव, मलेशिया, फ़िलीपीन्स, थाईलैंड, लाओस, पपुआ न्यू गिनी, ताइवान और पेसिफ़िक द्वीपों को वैक्सीन की 70 लाख डोज़ देगा.
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कोरोना: 24 घंटे में 1,32,364 मामले और 2,713 लोगों की मौत
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पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,32,364 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 2,713 लोगों की
मौत हुई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में 2,07,071
लोगों को बीमारी से ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी भी मिली है.
आईसीएमआर के अनुसार, इस दौरान 20,75,428 सैंपल्स का कोरोना
टेस्ट किया गया.
इसी के साथ देश में अब कोविड-19 के कुल 2,85,74,350 मामले हैं
जिनमें से 16,35,993 मामले एक्टिव हैं.
संक्रमण की चपेट में आकर अब तक कुल 3,40,702 लोगों ने जान
गँवाई है और 2,65,97,655 लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं.
देश में अब तक कुल 2,65,97,655 लोगों को कोरोना की वैक्सीन
लगाई जा चुकी है.क
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: ट्रंप बोले, "अब दुश्मन भी मान रहे कि लैब लीक थ्योरी पर मैं सही था''
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर
कोरोना वायरस को लेकर चीन पर निशाना साधा है.
कोरोना वायरस की लैब लीक थ्योरी पर बढ़ती चर्चा के बीच ट्रंप ने
कहा, “अब हर कोई, यहाँ तक कि ‘तथाकथित दुश्मन’ भी मानने लगे
हैं कि ट्रंप चाइना वायरस के वुहान लैब से लीक होने को लेकर सही थे.”
ट्रंप ने कहा कि चीन ने अमेरिका और
दुनिया भर में जो तबाही मचाई है उसके लिए उसे 10 ट्रिलियन डॉलर का मुआवज़ा देना
चाहिए.
उन्होंने अपने बयान में कहा, “डॉक्टर फ़ाउची और चीन के बीच जो बातचीत हुई है, उसे किसी के लिए भी नज़अंदाज
करना नामुमकिन है.”
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
कोरोना वायरस को 'चीनी वायरस'और 'वुहान वायरस' कहा करते थे. चीन ने इस पर कड़ी आपत्ति ज़ाहिर की थी और इसे नस्लभेदी बताया
था.
इस साल की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य
संगठन की एक टीम महामारी से जुड़े तथ्यों का पता लगाने के लिए वुहान गई थी.
हालाँकि मार्च में अपनी रिपोर्ट
जारी कर डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त तथ्य नहीं है कि कोरोना
वायरस वुहान की लैब से दुनिया भर में फैला.
चीन पर जाँच में विश्व स्वास्थ्य संगठन
की टीम को पूरा सहयोग न देने और वुहान लैब से जुड़ी जानकारियाँ छिपाने के आरोप भी लगते
रहे हैं.
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अमेरिका और ब्रिटेन की ताज़ा ख़ुफ़िया रिपोर्ट
कुछ दिनों पहले अमेरिका की एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट में दावा
किया गया था कि नवंबर 2019 में कोरोना महामारी फैलने के कुछ समय पहले वुहान लैब के
तीन शोधकर्ता बीमार पड़ गए थे और उनके लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते थे.
चीन ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह ‘झूठ’ करार दिया था और
कहा था कि वुहान लैब का कोई भी स्टाफ़ आज तक कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है.
रिपोर्ट आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ख़ुफ़िया
टीमों को 90 दिनों के भीतर कोरोना वायरस के स्रोत को लेकर एक रिपोर्ट सौंपने का
आदेश दिया था.
अमेरिका के बाद ब्रिटेन की भी एक रिपोर्ट में कहा गया कि यह
संभव है कि कोरोना वायरस वुहान लैब से लीक हुआ हो.
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इमेज कैप्शन, डॉक्टर एंथनी फ़ाउची
डॉक्टर फ़ाउची के निजी ईमेल
हाल ही में अमेरिका के मशहूर संक्रामक रोग
विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची के कुछ निजी मेल सामने आए, जिन्होंने लैब लीक थ्योरी
को बल दिया.
जनवरी 2020 में एक ईमेल जो डॉक्टर फ़ाउची को अमेरिका की सबसे
बड़ी बायोमेडिकल रिसर्च टीम के डायरेक्टर ने भेजा था, उसमें कहा गया कि
इस वायरस के कुछ फ़ीचर असामान्य हैं और ऐसा लगता है कि इसे तैयार किया गया है. इसके
जवाब में डॉक्टर फ़ाउची ने लिखा कि वे फ़ोन पर उनसे इस बारे में बात करेंगे.
अप्रैल 2020 में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ के
डायरेक्टर फ्रांसिस कॉलिन्स ने भी इसी बारे में डॉक्टर फ़ाउची को एक ईमेल लिखा. उनके
ईमेल का विषय था: 'वुहान वाली षड्यंत्र
की थ्योरी को बल मिल रहा है.'
इस पर डॉक्टर फ़ाउची का जवाब नहीं मिल पाया.
इसी साल मई में, डॉक्टर फ़ाउची ने कहा कि वो इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि ये
वायरस क़ुदरती तौर पर पैदा हुआ और उन्होंने कहा कि इसकी गंभीरता से जाँच होनी चाहिए.
डॉक्टर फ़ाउची के निजी ईमेल्स से जुड़ी पूरी ख़बर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.
चार देशों ने ईरान के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शुरू की, यात्री विमान गिराने का मामला
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पिछले साल एक यूक्रेन का एक यात्री
विमान को गिराने के मामले में अब चार देशों ने ईरान के ख़िलाफ़ क़ानूनी
कार्रवाई शुरू कर दी है.
क़ानूनी कार्रवाई करने वालों में
यूक्रेन, ब्रिटेन, स्वीडन और कनाडा शामिल थे. जिस विमान को गिराया गया उसमें इन चारों देशों के
यात्री सवार थे.
इन चारों देशों ने अब माँग की है
विमान गिराने के लिए ईरान आधिकारिक तौर पर ज़िम्मेदारी ले. इसके अलावा हादसे
में जान गँवाने वाले 170 से ज़्यादा लोगों के परिजनों के लिए आर्थिक मुआवज़े की
माँग भी की गई है.
इस हादसे पर ईरान ने जो आख़िरी
रिपोर्ट सौंपी थी, उसकी चौतरफ़ा आलोचना हुई थी.
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन का हादसाग्रस्त विमान
पिछले साल क्या हुआ था?
पिछले साल जनवरी में ईरान की सेना ने यूक्रेन के एक यात्री
विमान को तेहरान के बाहरी इलाके में गिरा दिया था.
बोइंग 737 फ्लाइट यूक्रेनियन इंटरनेशनल एयरलाइंस की थी और
इसमें अलग-अलग देशों के 176 यात्री सवार थे. विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो
गई थी.
ईरान के सरकारी टीवी की रिपोर्ट के अनुसार सेना ने शनिवार को
कहा कि 'ग़लती' से यूक्रेन के यात्री
विमान को उसने ही गिरा दिया था.
हादसे के बाद ईरान की
सेना ने कहा था कि उसने ‘ग़लती’ से इस विमान को गिराया था. ईरान की तरफ़ से आए बयान में
इसे ‘मानवीय भूल’ कहा गया था.
बाद में ईरान के
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ट्वीट करके इसके लिए माफ़ी माँगी थी और दोषियों के
ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.
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ब्रिटेन में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट मामलों की भरमार, सबसे पहले भारत में मिला था
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जिम रीड
बीबीसी स्वास्थ्य संवाददाता
ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा पब्लिक हेल्थ इंग्लैड (पीएचई) ने कहा है कि भारत में सबसे पहले पाया गया कोरोना वायरस का वेरिएंट अब ब्रिटेन में हो रहे संक्रमण के अधिकतर मामलों में देखा जा रहा है.
टेस्टिंग लैब्स ने इस बात की पुष्टि की है कि बीते एक सप्ताह में ब्रिटेन में इस वेरिएंट के संक्रमण के मामले 79% बढ़ कर 12,431 हो गए हैं.
वैज्ञानिकों का मानना है कि केंट इलाक़े में अधिकतर मामलों में अल्फ़ा वेरिएंट का संक्रमण पाया जा रहा था, लेकिन अब यहां अधिकांश मामलों का कारण वायरस का डेल्टा वेरिएंट है.
विशेषज्ञों के मुताबिक़ डेल्टा वेरिएंट के कारण अस्पतालों में कोविड-19 मरीज़ों की संख्या अचानक बढ़ सकती है.
हालाँकि पीएचई ने कहा है कि फ़िलहाल जो जानकारी मिली है वो शुरूआती तथ्य हैं और इस बारे में अभी और जानकारी जुटाना ज़रूरी है.
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी की मुख्य अधिकारी डॉक्टर जेनी हैरिस ने कहा, "यूके में अब संक्रमण के नए मामलों में ये नया वेरिएंट मिल रहा है. इसलिए यह ज़रूरी है कि हम जिसनी हो सके सावधानी बरतें. कोरोना वायरस के वेरिएंट न बने इसके लिए ज़रूरी है कि इसके फैलने को पूरी तरह से रोका जाए."
पीएचई ने कहा है कि फ़िलहाल कोरोना के कारण जो इलाक़े सबसे अधिक प्रभावित हैं उसमें उत्तर पश्चिमी इंग्लैंड शामिल है.
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने हाल ही में कोरोना वायरस के वेरिएंट के नामकरण के लिए एक नए सिस्टम का ऐलान किया था.
इसके तहत भारत, ब्रिटेन, दक्षिण अफ़्रीका समेत दूसरे देशों में पाये जाने वाले कोरोना वेरिएंट का नाम रखने के लिए ग्रीक भाषा के अक्षरों का इस्तेमाल किया जाना है.
भारत में सबसे पहले पाये गए B.1.617.1 वैरिएंट को कप्पा और B.1.617.2 वेरिएंट को डेल्टा कहा जाएगा.
साथ ही ब्रिटेन में पाये गए वेरिएंट को अल्फ़ा और दक्षिण अफ़्रीका में पाये गए वेरिएंट को बीटा नाम दिया गया है.
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मेहुल चोकसी की वापसी पर भारत सरकार ने पहली बार दी जानकारी
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भारत सरकार ने पीएनबी घोटाले में अभियुक्त भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की डोमिनिका में नाटकीय गिरफ़्तारी के संबंध में भारत सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को बताया कि चोकसी अभी डोमिनिकन अधिकारियों की हिरासत में हैं और वहाँ अभी कुछ क़ानूनी प्रक्रियाएँ चल रही हैं.
एक ऑनलाइन पत्रकार वार्ता में बागची ने कहा, ''हम सारे प्रयास जारी रखेंगे ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि उन्हें भारत वापस लाया जा सके.''
हालाँकि इस बारे में उनसे और भी कई प्रश्न पूछे गए मगर प्रवक्ता ने ये कहते हुए और ब्यौरा देने से इनकार कर दिया कि ये मामला गृह मंत्रालय के तहत आता है.
उन्होंने साथ ही कहा कि भारत देश से फ़रार हुए सभी लोगों को वापस लाने के लिए संकल्पबद्ध है.
बागची ने कहा, "मैं ज़ोर देकर कहना चाहता हूँ कि भारत फ़रार लोगों की वापसी सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों को लेकर गंभीर है ताकि उन्हें क़ानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके "
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इमेज कैप्शन, अदालत में पेशी के दिन मेहुल चोकसी
रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे चोकसी
मेहुल चोकसी की भारत को 13,500 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में तलाश है.
चोकसी भारत से फ़रार होकर 2018 से कैरीबियाई देश एंटीगा एंड बारबूडा में रह रहे हैं. उन्होंने वहाँ की नागरिकता हासिल कर ली है.
पिछले महीने 23 मई को वो वहाँ से रहस्यमय तौर पर लापता हो गए.
बाद में उन्हें पड़ोसी देश डोमिनिका में अवैध रूप से प्रवेश के आरोप में हिरासत में ले लिया गया.
उनके वकील ने आरोप लगाया है कि उन्हें एंटीगा में ही कुछ पुलिसवालों ने अग़वा कर लिया जो एंटीगन और भारतीय लग रहे थे और उन्हें बोट से डोमिनिका ले जाया गया.
फ़िलहाल चोकसी डोमिनिका की जेल में बंद हैं डोमिनिका की एक निचली अदालत ने गुरुवार को उनकी ज़मानत अर्ज़ी ख़ारिज कर दी थी.
इससे पहले उनकी जेल में बंद दो तस्वीरें सामने आई थीं जिनमें उनकी आखों में सूजन और हाथ में चोट नज़र आ रही थी.
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