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वैक्सीन पर पीएम मोदी और कमला हैरिस की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमला हैरिस से बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी.
लाइव कवरेज
वैक्सीन पर भारत के पीएम मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच बातचीत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अमेरिका ने भारत के साथ वैक्सीन साझा करने का वादा किया है.
उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से बात करने के बाद इसकी जानकारी दी.
पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा, "कुछ समय पहले उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से बात की. दुनिया के साथ वैक्सीन साझा करने की अमेरिकी नीति के तहत भारत को भी वैक्सीन सप्लाई करने का भरोसा दिलाना सराहनीय है. अमेरिकी सरकार, वहां के कारोबारों और भारतीय मूल के लोगों से मिले समर्थन और साथ के लिए भी मैंने उन्हें शुक्रिया कहा."
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पीएम मोदी ने एक और ट्वीट में लिखा है, "हमने वैक्सीन को लेकर अमेरिका और भारत के सहयोग को और मज़बूत करने पर चर्चा की. कोविड के बाद दुनिया के स्वास्थ्य को लेकर और आर्थिक संकट से दुनिया को उबारने में हमारा कितना योगदान हो सकता है, इस पर भी विमर्श किया गया."
पीएम मोदी ने 12वीं के छात्रों से पूछा- परीक्षा रद्द होने पर कैसा लगा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सीबीएसई के छात्रों और उनके माता-पिता से ऑनलाइन संवाद किया और पूछा कि 12वीं की परीक्षाएं रद्द होने पर वे कैसा महसूस कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि परीक्षाएं रद्द करने का फ़ैसला छात्रों के हित में लिया गया है. पीएम ने छात्रों को सलाह दी कि परीक्षाओं को लेकर कभी भी तनाव न लें.
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने छात्रों से यह भी पूछा कि वे शारीरिक रूप से फ़िट रहने के लिए क्या करते हैं.
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इस दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि वे परीक्षाएं रद्द होने के कारण मिले समय का सदुपयोग करें और ओलंपिक खेलों मे भाग लेने जा रहे भारतीय खिलाड़ियों के बारे में पढ़ें.
मध्य प्रदेश में तीन हज़ार जूनियर डॉक्टरों ने किया इस्तीफ़े का एलान
शुरैह नियाज़ी
भोपाल से बीबीसी हिंदी के लिए
मध्य प्रदेश में तीन हज़ार जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफ़ा देने का एलान किया है. डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी, इसलिए उन्हें मजबूरन यह क़दम उठाना पड़ा है.
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है और इसके साथ ही डॉक्टरों को 24 घंटे के अंदर काम पर लौटने का आदेश दिया है.
वहीं, सरकार ने पांच मेडिकल कॉलेजों के 468 फ़ाइनल इयर के छात्रों को बर्ख़ास्त कर दिया. इन पांचों मेडिकल कॉलेजों का संबंध जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी से है. इसके बाद तीन हज़ार जूनियर डॉक्टर्स ने इस्तीफ़ा देने का एलान कर दिया है.
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार ने जूनियर डॉक्टर्स की मांगें न मानकर केवल आश्वासन दिया गया, इसलिए उन्होंने यह क़दम उठाया है. एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, वो आंदोलन जारी रखेंगे.
मेडिकल टीचर संघ ने भी जूडा को अपना समर्थन दिया है. जूनियर डॉक्टर्स 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 31 मई से हड़ताल पर है. उनका आरोप है कि सरकार ने पहले उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में वो पीछे हट गई.
पाकिस्तान ने विदेशी सिख जत्थों के आने पर लगाई रोक
पाकिस्तान ने कोरोना के मामलों में उछाल का हवाला देते हुए विदेशी सिख जत्थों के जून में होने वाले दौरे को रद्द करने का फ़ैसला किया है.
अब भारतीय सिख जत्था भी पाकिस्तान नहीं जा पाएगा. सिखों का यह जत्था ‘गुरु अर्जन देव के शहादत दिवस’ और ‘महाराजा रणजीत सिंह की बरसी’ पर पाकिस्तान जाने वाला था.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन के मुताबिक़, इसकी पुष्टि करते हुए विस्थापित ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर अमीर अहमद ने कहा, “दुनिया भर में कोविड-19 के मामलों में उछाल को देखते हुए विदेशी जत्थों को जून में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.”
दुनिया को अब भारत से 'ट्रैवल बैन' हटा लेना चाहिए: भारत सरकार

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इमेज कैप्शन, अरिंदम बागची, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भारत सरकार का कहना है कि जिन देशों ने भारत पर ट्रैवल बैन लगाया है, उन्हें अब इसे हटा लेना चाहिए.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरिंदम बागची ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सामान्य होते हालात के बीच दुनिया भारतीयों के आने पर लगाई पाबंदियों को नरम करेगी."
उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने पाबंदियां हटाना शुरू कर दिया है, औरों को भी ऐसा करना चाहिए.
भारत में कोरोना वायरस की सेकेंड वेव के दौरान हालात बेहत ख़राब होने के कारण कई देशों ने भारत आने-जाने पर रोक लगा दी थी.
अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे पश्चिमी देशों के अलावा नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों ने भी भारत आने-जाने को लेकर सख़्ती कर दी थी.
'विदेशी टीके ख़रीदने की कोशिश जारी'
अरिंदम ने यह भी कहा कि भारत सरकार कोविड के टीके ख़रीदने के लिए अमेरिकी कंपनियों से बात कर रही है.
उन्होंने कहा, "भारत कोविड की वैक्सीन के लिए अमेरिकी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के संपर्क में है और भारत में बन रहे टीकों के लिए ज़रूरी कच्चे माल को लेकर अलग से अमेरिकी प्रशासन से बात की जा रही है."
बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’
नेतन्याहू की सांसदों से अपील- 'ख़तरनाक गठबंधन' को सत्ता में न आने दें

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प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इसराइल में बने नए राजनीतिक गठबंधन पर निशाना साधा है.
यह लगभग तय माना जा रहा है कि नया गठबंधन 12 साल से प्रधानमंत्री पद पर बने नेतन्याहू को हटाकर सत्ता में आने जा रहा है.
नेतन्याहू में दक्षिणपंथी सांसदों से अपील की है कि वो नए गठबंधन को सत्ता में न आने दें
बुधवार शाम को इसराइल की आठ विपक्षी पार्टियों में मिलकर नई सरकार बनाने पर सहमति बनी थी. मगर अलग-अलग विचारधाराओं वाली इन पार्टियों को सत्ता संभालने के लिए संसद में बहुमत साबित करना होगा.
गठबंधन बनने का एलान होने के बाद अपने पहले बयान में नेतन्याहू ने कहा, “दक्षिणपंथी मतदाताओं के वोटों से चुने गए सांसदों से अपील है कि वो इस गठबंधन के विरोध में मतदान करें.”
अपने ट्वीट में उन्होंने नए गठबंधन को ‘लेफ़्ट विंग’ और ‘ख़तरनाक’ क़रार दिया.
इससे पहले जब गठबंधन बनाने की कोशिश चल रही थी, तब उन्होंने इसे ‘सदी का सबसे बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा’ बताते हुए कहा था कि इससे देश और यहां के लोगों को ख़तरा है.
मार्च में हुए चुनावों में सबसे ज़्यादा सीटें जीतने के बावजूद नेतन्याहू की लिकुड पार्टी बहुमत से दूर रह गई थी और उसके बाद गठबंधन करने में भी असफल रही थी.
विश्लेषकों का कहना है कि अब नेतन्याहू कोशिश करेंगे कि नया गठबंधन संसद में बहुमत साबित न कर पाए.
मुकुल रॉय की टीएमसी में वापसी की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने किया फोन

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प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
कभी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के सबसे क़रीबी रहे बीजेपी नेता मुकुल रॉय की घर वापसी की लगातार तेज़ होती अटकलों के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको फोन कर उनकी पत्नी कृष्णा रॉय के स्वास्थ्य की जानकारी ली.
दिलचस्प बात यह है कि मुकुल रॉय की पत्नी कोरोना संक्रमित होने के बाद बीती 11 मई से ही कोलकाता के एक निजी अस्पताल में दाखिल हैं. लेकिन अब तक केंद्र या राज्य के किसी नेता ने उनकी खोज-खबर नहीं ली थी.
मुकुल और उनके पुत्र ने इस पर अपने क़रीबियों से नाराज़गी भी जताई थी. अब दो दिन पहले ममता के भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी उनको देखने अस्पताल गए थे. वहां मुकुल के पुत्र शुभ्रांशु से उनकी बातचीत हुई थी. उसके बाद बीजेपी नेता सक्रिय हुए. अगले ही दिन प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने अस्पताल जाकर हाल-चाल लिया और अब खुद प्रधानमंत्री ने मुकुल रॉय को फोन किया है.
वैसे, टीएमसी से बीजेपी में गए नेताओं में चुनावी नतीजों के बाद से ही जिस तरह घर वापसी की होड़ मची है, उस वजह से बीजेपी नेतृत्व मुकुल रॉय जैसे कद्दावर नेता के मामले में कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहता.
इससे पहले बीते महीने मुकुल की घर वापसी की चर्चा तेज़ होने पर उनको बाक़ायदा एक ट्वीट के जरिए सफ़ाई देनी पड़ी थी कि वे बीजेपी में थे, हैं और रहेंगे. लेकिन बीते सप्ताह मुकुल के पुत्र और बीजेपी नेता शुभ्रांशु नेता ने केंद्र और राज्य के बीच लगातार तेज़ होती तनातनी पर नाराज़गी जताई थी. इससे पिता-पुत्र के टीएमसी में शामिल होने के कयास जोर पकड़ने लगे थे.
इस बीच, टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा है कि टीएमसी छोड़ कर जाने वाले नेताओं की वापसी के बारे में अभी कोई नीतिगत फैसला नहीं हुआ है. पूर्व विधायक सोनाली गुहा समेत बीजेपी में जाने वाले कई नेता हाल में ममता बनर्जी से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगकर पार्टी में वापस लेने की गुहार लगा चुके हैं.
कोरोनिल किट: डीएमए की याचिका पर योगगुरु रामदेव को हाई कोर्ट का समन

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दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) की याचिका पर योगगुरु रामदेव और अन्य को समन भेजकर जवाब मांगा है.
डीएमए ने हाई कोर्ट से अपील की है कि 'रामदेव को कोरोनिल किट को लेकर झूठी जानकारी देने से रोका जाए.' डीएमए का कहना है कि योगगुरु रामदेव का पतंजलि की कोरोनिल किट को कोविड-19 का इलाज बताना ग़लत है.
क़ानूनी मामलों को कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुचित्र मोहंती के अनुसार, जस्टिस सी. हरि शंकर की अगुवाई वाली बेंच ने रामदेव के अलावा ट्विटर जैसी कई सोशल मीडिया कंपनियों और मीडिया चैनलों से भी जवाब मांगा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हाई कोर्ट ने रामदेव की ओर से पेश हुए वकील को मौखिक तौर पर कहा कि वह रामदेव को कहें कि सुनवाई की अगली तारीख़ तक किसी भी तरह का उकसाने वाला बयान न दें.
इस मामले में कोर्ट में अगली सनवाई 13 जुलाई को होगी.
'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता'
डीएमए ने अपने वकील राजीव दत्ता के ज़रिये अदालत से कहा कि रामदेव के बयान विज्ञान और डॉक्टरों की छवि को नुक़सान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा, "ये मुक़दमा डॉक्टरों से नागरिक अधिकारों को लेकर है."
हाई कोर्ट ने कहा कि किसी विज्ञान को झूठा बताना लोगों की राय हो सकती है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत आता है. हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि एलोपैथी इतनी कमज़ोर नहीं कि 'स्वामी रामदेव' के बयानों से उस पर असर पड़ जाए.
याचिका में डीएमए ने अपने सदस्य डॉक्टरों की ओर से कहा है कि रामदेव का यह बयान भ्रामक है कि दवाएं कोविड-19 का इलाज नहीं कर सकतीं.
इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी बाबा रामदेव के बयानों पर आपत्ति जताई थी.
दरअसल, पिछले दिनों रामदेव ने कहा था कि एलोपैथिक दवाएँ खाने से लाखों लोगों की मौत हुई है. उन्होंने एलोपैथी को 'स्टुपिड और दिवालिया साइंस' भी कहा था.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की आपत्ति भरी चिट्टी मिलने के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था मगर उन्होंने एलोपैथी पर सवाल उठाना जारी रखा था.
भारतीय शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद
गुरुवार को एक बार फिर भारतीय शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए.
सेंसेक्स आज 382.95 अंकों की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 52,232.43 पर बंद हुआ.
वहीं निफ़्टी भी आज तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंकर बंद हुआ. दिन का कारोबार बंद होने पर यह 114.15 अंकों की बढ़त के साथ 15,690.35 पर था.
भारत से भरोसा क़ायम करने की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान की: जरनल नरवणे

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भारत के सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच टूटे भरोसे को बहाल करने की ज़िम्मेदारी पूरी तरह पाकिस्तान की है.
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत के बीच दशकों से बना अविश्वास रातोरात दूर नहीं हो सकता. अगर वे संघर्षविराम का सम्मान करना जारी रखेंगे और भारत में आतंकवादियों भेजना भेजना बंद करेंगे तो इन क़दमों से भरोसा बढ़ेगा. इस मामले में ज़िम्मेदारी पूरी तरह पाकिस्तान की है.”
जनरल नरवणे नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा इंतज़ामों का जायज़ा लेने के लिए दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौर पर थे.
इस दौरान उन्होंने हालात की समीक्षा की. यहां पर तैनात सैन्य कमांडरों ने उन्हें सुरक्षा के इंतज़ामों की जानकारी दी और बताया कि सीमापार से किसी भी तरह की घुसपैठ रोकने के लिए क्या क़दम उठाए जा रहे हैं.
बुधवार को आर्मी चीफ़ ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाक़ात की थी.
गौतम गंभीर फ़ाउंडेशन कोरोना की दवाओं की जमाखोरी के दोषी: ड्रग कंट्रोलर
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गौतम गंभीर फ़ाउंडेशन को अवैध रूप से दवाओं की जमाखोरी और कोविड-19 के मरीज़ों में फैबी-फ्लू नामक दवा बाँटने का दोषी पाया गया है.
ड्रग कंट्रोलर ऑफ़ इंडिया ने दिल्ली हाई कोर्ट को इसकी सूचना दी है.
उन्होंने अदालत से कहा है कि बिना देरी किये गंभीर फ़ाउंडेशन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जायेगी. साथ ही उन सभी डीलरों और विक्रेताओं के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जायेगी, जिनके बारे में ऐसी शिकायतें मिली हैं.
कोरोना महामारी के दौरान कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को अनधिकृत तरीके से बड़ी मात्रा में हासिल करने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर द्वारा लिये गए एक्शन पर सवाल उठाये थे.
सुनवाई के दौरान ड्रग कंट्रोलर ने माना कि गौतम गंभीर फ़ाउंडेशन ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किया.
पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर को क्लीन चिट दिये जाने पर नाराज़गी जताई.
अदालत ने कहा कि “हमने देखा है कि गंभीर ने इन दवाओं को खरीदने के लिए काफ़ी पैसा ख़र्च किया, लेकिन आपके अनधिकृत रूप से इतनी बड़ी मात्रा में दवा जमा करने से दूसरों को उस वक़्त यह दवा नहीं मिल सकी.”
ब्रेकिंग न्यूज़, 12वीं के नतीजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश; उत्तर प्रदेश में भी परीक्षा रद्द

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड को निर्देश दिया है कि वो दो हफ़्तों के भीतर उस मापदंड की जानकारी दे जिनके आधार पर छात्रों के प्रदर्शन की जाँच कर परिणाम जारी किए जाएँगे.
जस्टिस एएम खानविलकर और दिनेश महेश्वरी की पीठ ने महाधिवक्ता केके वेणुगोपाल और आईसीएससी के वकील जेके दास को निर्देश देते हुए कहा कि वो इससे ज़्यादा समय नहीं दे सकते क्योंकि कई छात्रों को भारत और विदेशों के कॉलेजों में दाख़िला लेना है.
न्यायालय ने कहा, "हमें खुश़ी है कि सरकार ने 12वीं की परीक्षा रद्द करने का फ़ैसला किया है मगर हम चाहते हैं कि नंबर देने के बारे में एक निष्पक्ष मानदंड तय किया जाए और हमारे समक्ष प्रस्तुत किया जाए."
इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 12वीं की परीक्षाएँ रद्द करने का फ़ैसला किया है.
कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को सीबीएसई की 12वीं की परीक्षाएँ रद्द करने का फ़ैसला किया था जिसके बाद आईसीएसई (आईएससी) बोर्ड और कई अन्य राज्यों ने भी 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी हैं.
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टोक्यो ओलंपिक प्रमुख को खेल होने का "100%" भरोसा, पर साथ में चिंता भी

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इमेज कैप्शन, सेइको हाशिमोतो टोक्यो 2020 की अध्यक्ष सेइको हाशिमोतो ने कहा है कि उन्हें "100%" यकीन है कि खेल होंगे, मगर उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोरोना महामारी फैली तो हो सकता है आयोजन दर्शकों के बिना ही करवाना पड़ेगा.
सेइको हाशिमोतो ने बीबीसी स्पोर्ट्स से कहा, मेरा विश्वास है कि इन खेलों के होने की संभावना 100% है और हम ये करेंगे."
दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन के शुरू होने में अब 50 दिन रह गए हैं. ओलंपिक 23 जुलाई से शुरू होना है.
मगर इससे पहले जापान में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल आने से चिंता बढ़ गई है. वहाँ एक बड़े हिस्से में हालात को देख इमर्जेंसी लगा दी गई है.
सेइको हाशिमो ने बीबीसी संवाददाता लॉरा स्कॉट से कहा कि अभी सबसे बड़ा सवाल है कि कैसे सुरक्षित वातावरण में खेल करवाए जा सकें.
उन्होंने कहा, "जापानवासी अभी बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और शायद वो हमें लेकर क्षोभ में भी हैं कि हम ऐसे समय में ओलंपिक की बात कर रहे हैं."
"हमारी सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कैसे लोगों की संंख्या को नियंत्रित करें. अगर खेलों के दौरान महामारी अनियंत्रित होती है तो मुझे लगता है हमें खेलों के बिना दर्शकों के होने के लिए तैयार रहना चाहिए."
टोक्यो में ओलंपिक खेल पिछले साल होने थे मगर कोरोना महामारी की वजह से खेल को अंतिम महीनों में स्थगित कर दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद दुआ के ख़िलाफ़ बीजेपी नेता के राजद्रोह का मामला ख़ारिज किया

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सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के ख़िलाफ़ बीजेपी के एक नेता की ओर से दायर राजद्रोह के मामले को रद्द कर दिया है.
हिमाचल प्रदेश में बीजेपी के एक स्थानीय नेता ने दुआ के यूट्यूब शो को लेकर उनके ख़िलाफ़ राजद्रोह व अन्य आरोपों में मामला दर्ज करवाया था.
हालाँकि न्यायाधीश यूयू ललित और विनीत शरण ने विनोद दुआ के इस आग्रह को भी नामंज़ूर कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि 10 साल से ज़्यादा अनुभव वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर तब तक दर्ज नहीं होनी चाहिए जब तक कि उसे एक समिति पास ना कर दे.
अदालत ने पिछले वर्ष 20 जुलाई को इस मामले में उनके ख़िलाफ़ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होने के लिए ली गई सुरक्षा को को अगले आदेश तक बढ़ा दिया था.
अदालत ने कहा था कि उन्हें हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से भेजे गए किसी भी अन्य प्रश्न का जवाब देने की आवश्यकता नहीं है.
विनोद दुआ के ख़िलाफ़ पिछले वर्ष 6 मई को हिमाचल प्रदेश के एक स्थानीय नेता श्याम ने शिमला ज़िले के कुमारसेन थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी.
उन्होंने शिकायत की थी कि दुआ ने अपने यूट्यूब कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ कुछ आरोप लगाए थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में कोरोना के 1.34 लाख नए मामले दर्ज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के कुल 1,34,154 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
इस दौरान 2,887 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है.
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मंत्रालय का कहना है कि बीते चौबीस घंटों में देश में एक्टिव मामलों का आंकड़े में और 80,232 तक की कमी आई है.
अभी देश में कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों की संख्या 17,13,413 है.
कोरोना के कारण अब तक कुल 3,37,989 लोगों की मौत हो चुकी है.
मंत्रालय ने कहा है कि बीते 10 दिनों से लगातार पॉज़िटिविटी रेट 10 फीसदी से कम रही है. बीते दिन में पॉज़िटिविटी रेट 6.21 फीसदी रही.
2022 तक बेरोज़गारों की संख्या 20.5 करोड़ हो जाएगी- ILO
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर नौकरियों का जो संकट आया है उससे उबरने में अभी लंबा वक्त लगेगा.
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन आईएलओ ने कहा है कि पूरी दुनिया में महामारी के कारण लाखों नौकरियां गई हैं और लाखों नई नौकरियां जो बननी थीं, नहीं बन पाई हैं. ऐसे में इस साल महामारी के कारण गई नौकरियों का आंकड़ा क़रीब 7.5 करोड़ हो गया है.
आईएलओ के निदेशक गाय राइड ने कहा है, "हमारा आकलन है कि साल 2022 तक पूरी दुनिया में बेरोज़गारी का आंकड़ा 20.5 करोड़ तक पहुंच सकता है. अगर महामारी के शुरू होने से पहले के वक्त से इसकी तुलना की जाए तो साल 2019 में ये आंकड़ा 18.7 करोड़ था. इसका मतलब है कि हमारे पास साल 2019 में जहां बेरोज़गारों की संख्या 18.7 करोड़ था वहीं साल 2022 तक ये संख्या 20.5 करोड़ हो जाएगी."
उन्होंने कहा कि स्थिति सभी देशों में समान नहीं होगी क्योंकि इस तरह की स्थिति से धनी देश बेहतर निपट सकेंगे जबकि ग़रीब देशों में पहले से मौजूद असमानताओं के कारण महिलाओं और युवाओं की नौकरियों पर अधिक असर पड़ेगा.
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गाय राइडर ने कहा, "हमें डर है कि कम आय वाले देशों में बेरोज़गारी की स्थिति बुरी हो सकती है. वैक्सीन तक पहुंच और मज़बूत आर्थिक नीतियों की मदद से अधिक आय वाले देश इस तरह की स्थिति से निपट सकेंगे. "
उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में लाखों लोगों के पास नौकरी नहीं रहने के कारण परिवारों में ग़रीबी बढ़ी है और उनकी सामाजिक सुरक्षा भी कम हुई है.
गाय राइडर ने कहा, "आकलन के अनुसार साल 2019 की तुलना में 3.1 करोड़ कामकाजी लोगों को बेहद ग़रीब कहा जा सकता है. ये वो लोग हैं जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 1.90 डॉलर प्रति दिन की अंतरराष्ट्रीय ग़रीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं."
उन्होंने कहा कि ग़रीबी हटाने के लिए अब तक जो कम किया गया है महामारी ने उस काम को पांच साल पीछे धकेल दिया है.
वीडियो कैप्शन, कोरोना वैक्सीन की कमी प्राइवेट अस्पतालों में क्यों नहीं है? जम्मू-कश्मीरः बीजेपी पार्षद राकेश पंडिता की हत्या, पुलवामा में चरमपंथियों ने गोली मारी

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जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के एक पार्षद राकेश पंडिता की चरमपंथियों ने हत्या कर दी है. राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समेत सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना की निंदा की है.
कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने बताया है कि पुलवामा में बुधवार देर शाम बीजेपी नेता राकेश सोमनाथ पंडिता की गोली मार कर हत्या कर दी गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस प्रवक्ता के हवाले से जानकारी दी है कि बुधवार देर शाम जम्मू और कश्मीर से बीजेपी काउंसिलर राकेश पंडिता पुलवामा के त्राल इलाक़े में अपने मित्र से मुलाक़ात कर पहुंचे थे.
रात क़रीब 10.15 बजे तीन अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर गोलियां चलाईं.इस हमले में राकेश पंडिता बुरी तरह घायल हुए. बाद में अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई.
हमले में उनके मित्र की बेटी को भी गोलियां लगी हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
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पुलिस प्रवक्ता के अनुसार "पंडिता को पुलिस सुरक्षा मुहैय्या कराई गई थी. उनके साथ हमेशा दो निजी सुरक्षा अधिकारी रहा करते थे. साथ ही श्रीनगर में रहने के लिए उन्हें एक सुरक्षित आवास भी दिया गया था."
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त पंडिता सुरक्षा प्रक्रिया का उल्लंघन कर बिना निजी सुरक्षा अधिकारियों के अपने दक्षिण कश्मीर में बसे अपने पुश्तैनी गांव गए थे.
इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और छानबीन में जुट गई है. प्रवक्ता का कहना है कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हमले के वक्त उनसे साथ निजी सुरक्षा अधिकारी क्यों नहीं थे.
बीते एक साल में जम्मू कश्मीर में पांच बीजेपी नेताओं की हत्या हुई है. राकेश पंडिता की हत्या के बाद नेताओं की दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुनर्विचार किया जा रहा है. यहां अधिकतर नेताओं के लिए श्रीनगर में सुरक्षित आवास की व्यवस्था की गई है.
जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस नेता सज्जाद लोन समेत कई पार्टियों के नेताओं ने हमले की कड़ी आलोचना की है.
उप-राज्यपाल ने कहा, "पुलवामा के त्राल में काउंसिलर राकेश पंडिता पर हुए चरमपंथी हमले की ख़बर से मुझे दुख पहुंचा है. मैं हमले की निंदा करता हूं. मुश्किल के इस वक्त में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ है."
उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दी जाएगी और "चरमपंथी अपने बुरे इरादों में कभी कामयाब नहीं होंगे"
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वहीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने हादसे पर दुख जताया है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "बीजेपी नेता राकेश पंडिता की आतंकवादियों द्वारा गोली मारकर हत्या की ख़बर से मैं हैरान हूं. इस तरह की हिंसा की घटनाओं ने जम्मू-कश्मीर को केवल दुख पहुंचाया है."
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जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस नेता सज्जाद लोन ने कहा है कि बंदूक एक तरह का अभिशाप है जिसे जम्मू कश्मीर के लोगों ने झेला है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "बंदूकधारियों ने एक बार फिर एक बेकसूर व्यक्ति पर गोलियां चलाईं. ये बंदूक एक अभिशाप है. एक बार सोचिए कि जब से ये कश्मीर में आया है तब से हमने यहां क्या-क्या देखा है. क्या ये बंदूकधारी वहां लौट कर नहीं जा सकते जहां से आए हैं? हम काफी कुछ देख चुके हैं."
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जम्मू कश्मीर की बीजेपी शाखा के महासचिव अशोक कौल ने हत्या की इस घटना को "बर्बर" करार दिया है.
उन्हों इसे कायराना हरकत बताया और कहा कि इस तरह की घटनाओं से चरमपंथी ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे बीजेपी नेताओं का मनोबल कम नहीं कर सकेंगे.
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