कोरोना: सिर्फ मई में 88 लाख संक्रमित हुए और एक लाख से ज्यादा लोग मरे
भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान केवल मई के महीने में कोरोना संक्रमण के 88.82 लाख मामले रिपोर्ट हुए हैं. अब तक देश में संक्रमण के दर्ज हुए 2.8 करोड़ मामलों का ये 31.67 फीसदी है.
लाइव कवरेज
बिहार में लॉकडाउन 8 जून तक बढ़ा
कोरोना के
मामलों को देखते हुए बिहार में लॉकडाउन 8 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है. बिहार के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मे इसकी जानकारी दी.
नीतीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा,“कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन को एक सप्ताह अर्थात 8 जून, 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया
गया है. परंतु व्यापार के लिए अतिरिक्त छूट दी जा रही है.सभी लोग मास्क पहनें और सामाजिक दूरी बनाए रखें.”
बिहार में 5 मई से लॉकडाउन लगा हुआ है. रविवार को बिहार में 1475 कोरोना के
नए मामले दर्ज किए गए थे. कुल सक्रिय मामलों की संख्या 20 हज़ार से कम हो चुकी
है.
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एमपी हनीट्रैप मामला: विशेष जाँच दल ने कमलनाथ से पेनड्राइव सौंपने को कहा
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मध्य प्रदेश के साल 2019 ‘हनीट्रैप’ मामले की जाँच कर रहे
विशेष जाँच दल ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ से उनके पास
रखी एक पेन ड्राइव सौंपने को कहा है.
एसआईटी ने इसे ‘बेहद अहम सबूत’ बताया है.
सितंबर, 2019 में मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में पाँच महिलाओं और एक पुरुष को
नेताओं और बड़े अधिकारियों को ‘हनीट्रैप’ करने और आपत्तिजनक वीडियो के जरिए उन्हें
ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
अब एसआईटी ने कमलनाथ पर सीआरपीसी की
प्रासंगिक धाराएं लगाते हुए उन्हें नोटिस भेजा है.
जाँच दल ने 21 मई को एक ऑनलाइन
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह भी कहा था कि कमलनाथ के पास हनीट्रैप मामले से जुड़ी हुई
पेन ड्राइव या सीडी है.
कमलनाथ ने कहा,"मेरे पास नहीं है पेन ड्राइव'
कमलनाथ को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि हनीट्रैप मामले में हुई एफ़आईआर में यह पेनड्राइव एक ‘बेहद महत्वपूर्ण सबूत’ है.
नोटिस में कहा गया है कि इससे जाँच और प्रभावी हो जाएगी.
एसआईटी के भेजे नोटिस में यह भी कहा गया है कि कमलनाथ को दो जून को भोपाल स्थित अपने आवास पर अपना बयान दर्ज कराने के लिए मौजूद रहना होगी और जाँच दल को पेन ड्राइव सौंपना होगा.
इस मामले पर कांग्रेस नेता ने कहा कि वो नोटिस का जवाब देंगे लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पेनड्राइव उनके पास नहीं बल्कि कई पत्रकारों के पास है और इसे मध्य प्रदेश में जगह-जगह सर्कुलेट किया जा रहा है.
कमलनाथ ने कहा कि पुलिस ने उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी इसले दी थी क्योंकि वो उस समय राज्य में मुख्यमंत्री थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, ममता ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा - नहीं भेज सकते चीफ़ सेक्रेटरी को
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख कह दिया है कि वो राज्य के मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को दिल्ली नहीं भेज सकती.
ममता बनर्जी ने चिट्ठी में लिखा है - "इस महत्वपूर्ण वक़्त में पश्चिम बंगाल सरकार अपने मुख्य सचिव को रिलीज़ नहीं कर सकती और नहीं कर रही है."
उन्होंने साथ ही प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वो इस आदेश को वापस लें और इस फ़ैसले पर दोबारा विचार करेंगे.
मोदी सरकार और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के बीच ये मुद्दा टकराव की ओर बढ़ता जा रहा है.
पिछले दिनों यास चक्रवाती तूफ़ान के बाद हालात का जायज़ा लेने पहुँचे प्रधानमंत्री की बैठक से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय नदारद रहे थे.
इसके बाद ही केंद्र की ओर से आलापन बंद्योपाध्याय को प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली आने का आदेश दिया गया जिसका ममता बनर्जी और बीजेपी कीे विरोधी पार्टियाँ आलोचना कर रही हैं.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी सरकार को परेशान कर रही है.
उन्होंने प्रधानमंत्री की मीटिंग में नही जाने के फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा कि ये बैठक मुख्यमंत्री के साथ होनी थी मगर इसमें राज्यपाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को बुलाकर इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया.
ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ बग़ावत करने वाले अधिकारी ने चुनाव में नंदीग्राम सीट से एक नज़दीकी मुक़ाबले में जीत हासिल की थी. बीजेपी ने बाद में उन्हेें सदन में अपना नेता बनाया.
क्या है ये मामला, इस पर विस्तार से पढ़ने के लिए क्लिक करें -
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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: ब्रिटेन की ख़ुफ़िया एजेंसी ने माना, वायरस का लैब से लीक होना 'संभव'
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अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन की
ख़ुफ़िया एजेंसी ने भी माना है कि यह ‘संभव’ है कि कोरोना महामारी की शुरुआत चीन की
प्रयोगशाला से वायरस लीक होने के बाद हुई हो.
ब्रितानी अख़बार संडे टाइम्स में यह ख़बर सूत्रों के हवाले
से छपने के बाद ब्रिटेन के वैक्सीन मंत्री नदीम ज़हावी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से
कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए पूरी जाँच की माँग की है.
ज़हावी ने कहा, “यह ज़रूरी है कि डब्लूएचओ को अपनी
जाँच पूरी करने दिया जाए ताकि कोरोना वायरस के स्रोत का पता लग सके. हमें इसमें
कोई कसर बाकी नहीं रहने देना चाहिए.”
कंज़र्वेटिव सांसद टॉम टुगेंडट ने
भी इस रिपोर्ट पर बिना देरी किए प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा, “वुहान की चुप्पी परेशान करने वाली है. हम भविष्य में ख़ुद को बचा सकें और जान
सकें कि असल में हुआ क्या, इसके लिए परतें खोलना ज़रूरी है.”
टुगेंडट ने कहा, “इसका मतलब यह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया भर के सहयोगी मिलकर जाँच
शुरू करें.”
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अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी ने भी कही थी कुछ ऐसी ही बात
अभी कुछ ही दिनों पहले अमेरिका की
एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि महामारी फैलने से पहले वुहान लैब के
तीन शोधकर्ता बीमार पड़ गए थे और उनके लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते थे.
यह रिपोर्ट सामने आने के बाद
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ख़ुफ़िया एजेंसियों को आदेश दिया था कि वो 90
दिनों के भीतर पता लगाएं कि कोरोना वायरस इंसानों में कैसे फैला.
हालाँकि चीन ने इस रिपोर्ट को 'पूरी तरह झूठ' करार दिया था और कहा था कि वुहान लैब का एक भी स्टाफ़ आज तक कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है.
महामारी की शुरुआत से ही कोरोना वायरस के स्रोत को लेकर बहस होती रही है.
कुछ वैज्ञानिकों और नेताओं ने शुरू में ही आशंका जताई थी कि यह वायरस शायद चीन के वुहान स्थित लैब से निकला होगा.
वुहान का इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरॉलजी उस सीफ़ूड मार्केट के पास है जो साल 2019 के आख़िर में कोरोना संक्रमण का पहला केंद्र बना था.
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डब्लूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा था?
कोरोना वायरस की उत्पत्ति की लैब
लीक थ्योरी पर शुरू से ही विवाद रहा है और चीन ने इसे हमेशा ख़ारिज़ किया है.
चीन
पर वायरस से जुड़ी जाँच में सहयोग न करने के आरोप भी लगते रहे हैं.
इस साल की शुरुआत में विश्व
स्वास्थ्य संगठन की एक टीम ने वुहान जाकर इसकी जाँच करने की कोशिश की थी.
हालाँकि
डब्लूएचओ की टीम ने वुहान से लौटने के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यह साबित
करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि कोरोना वायरस चीन की लैब से लीक हुआ.
इसराइल और हमास में होगा स्थायी युद्धविराम? मिस्र कर रहा है कोशिश
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इमेज कैप्शन, काहिरा में मिस्र और इसराइल के मंत्रियों की बैठक
इसराइल और हमास के बीच करीब 11
दिनों तक चले हिंसक संघर्ष के बाद हुए युद्धविराम समझौते को बनाए रखने की कोशिशें
तेज़ हो गई हैं.
इसी क्रम में मिस्र के विदेश
मंत्री सामेह शाक्राई और इसराइली विदेश मंत्री जाबी एश्केनाज़ ने रविवार को काहिरा में मुलाकात की.
इस बैठक में शाक्राई ने ज़ोर देकर
कहा कि इसराइल और हमास के बीच स्थायी युद्धविराम की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को
वो सभी काम तुरंत रोक देने चाहिए जिससे किसी भी तरह का उकसावा होता है या तनाव
बढ़ता है.
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इसराइल की 'शर्त'
काहिरा दौरे पर निकलने से पहले एश्केनाज़ ने ट्वीट करके कहा था कि वो हमास के साथ स्थायी युद्धविराम और गज़ा में पुनर्निमाण और मानवीय मदद की प्रमुखता से चर्चा करेंगे.
यह 13 वर्षों बाद पहला मौका है जब इसराइली विदेश मंत्री मिस्र दौरे पर गए हैं.
इसराइल और हमास में करीब 11 दिन के
बाद हुए युद्धविराम में मिस्र की अहम भूमिका रही थी. अब मिस्र कोशिश कर रहा है यह
युद्धविराम बना रहे. .
लंदन से प्रकाशित होने वाले अरब
देशों के अख़बार अल-अरबी अल-जदीद की रिपोर्ट के मुताबिक़ मिस्र ने हमास से कहा था
कि इसराइल लंबे समय तक चलने वाले किसी भी समझौते के लिए दोनों पक्षों के बीच क़ैदियों की अदला-बदली वाले
प्रवाधान को अनिवार्य रूप से रखना चाहता है.
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मिस्र के ख़ुफ़िया प्रमुख से मिले नेतन्याहू
दूसरी तरफ़, रविवार को ही इसराइली
प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने यरुशलम में मिस्र के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख
अब्बास कमाल से मुलाकात की.
इसराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय
ने बताया कि दोनों ने ‘आपसी सहयोग को और मज़बूत’ करने पर चर्चा की.
तकरीबन दो हफ़्तों तक चली हिंसा के
बाद 21 मई को इसराइल और हमास के बीच संघर्षविराम हो गया था. दोनों ने ही
संघर्षविराम को अपनी जीत बताया था.
हालाँकि संघर्षविराम के बाद भी
हमास और इसराइल ने ही भड़काऊ बयान दिए थे.
हमास ने कहा था कि अब भी उसके हाथ' ट्रिगर से नहीं हटे हैं'. वहीं, नेतन्याहू ने कहा था कि अब हमास को इसराइल पर रॉकेट
दागने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए.
युद्धविराम प्रभाव में आने के बाद नेतन्याहू ने अपने एक भाषण में कहा था, "अगर हमास को लगता है कि हम भविष्य में रॉकेट की बौछार सह लेंगे तो वो ग़लत हैं."
इमेज स्रोत, SEBASTIAN SCHEINER/POOL/AFP VIA GETTY IMAGE
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