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महाराष्ट्र में लॉकडाउन अब 15 जून तक, उद्धव बोले- तीसरी लहर की चपेट में आ सकते हैं बच्चे
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए लोगों से बातचीत की. उद्धव ने कहा कि अगले एक पखवाड़े के लिए लॉकडाउन बढ़ाया जा रहा है.
लाइव कवरेज
ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र में लॉकडाउन अब 15 जून तक, उद्धव बोले- तीसरी लहर की चपेट में आ सकते हैं बच्चे

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महाराष्ट्र में लॉकडाउन 15 और दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है. अब ये 15 जून तक लागू रहेगा.
राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, "ज़िलों में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कुछ छूट और पाबंदियों को लागू किया जाएगा."
उन्होंने कहा, "राज्य में कुछ ज़िले ऐसे भी हैं जहां मरीज़ों की संख्या थोड़ी बढ़ती दिख रही है. शहरी क्षेत्रों में गिरावट देखने को मिल रही है. ग्रामीण इलाकों में मरीज़ों की संख्या बढ़ती दिख रही है. इसलिए, भले ही सख्त तालाबंदी न हो, प्रतिबंध बने रहेंगे."
कोरोना महामारी की तीसरी लहर की संभावना पर उन्होंने कहा, "तीसरी लहर की चपेट में बच्चे आ सकते हैं. लेकिन परेशान होने की बात नहीं है क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है. लेकिन अगर वे संक्रमित हुए तो हमारे ज़रिए होगा. इसलिए हमें इसका ख्याल रखना है. इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञों की एक टास्क फोर्स बनाई गई है. हम सभी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं."
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से बातचीत की. उद्धव ने कहा कि अगले एक पखवाड़े के लिए लॉकडाउन बढ़ाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हम कुछ जिलों में प्रतिबंधों को और सख्त करेंगे. "हमारा राज्य सुरक्षित रहे, ग़रीबों को नुकसान न हो इसलिए प्रतिबंध लगाने होंगे. ये बुरी बात है. हमें अपने ही लोगों पर प्रतिबंध लगाने जैसे बुरे काम करने पड़ते हैं."
केंद्र से मिल रही मदद के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "मैंने हाल ही में प्राकृतिक आपदा के समय मुहैया कराई जाने वाली राहत सहायता में बदलाव की ज़रूरत के सिलसिले में प्रधानमंत्री से बात की थी. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स को और मदद दी जानी चाहिए. मैं उम्मीद करता हूं कि केंद्र इस संबंध में मदद करेगा."
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केरल में तीन जून से होगी मॉनसून की शुरुआत

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भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि केरल में दक्षिण पश्चिमी मॉनसून के दो दिन देर से पहुंचने की संभावना है और अब ये तीन जून को केरल में दस्तक देगा.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक एम महापात्र ने बताया कि कर्नाटक तट के पास चक्रवातीय गतिविधियां हो रही हैं जिसकी वजह से दक्षिण पश्चिमी मॉनसून में रुकावट आ रही है.
आईएमडी ने कहा, "दक्षिण पश्चिमी हवाएं एक जून से जोर पकड़ेंगी. इसका नतीजा होगा कि केरल में बारिश तेज हो सकती है. इसलिए केरल में तीन जून से मॉनसून की शुरुआत हो सकती है."
हालांकि प्राइवेट एजेंसी 'स्काईमेट वेदर' का कहना है कि मॉनसून पहले ही केरल पहुंच चुका है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ 'स्काईमेट वेदर' ने पहले ये कहा था कि केरल में 30 मई को मॉनसून की शुरुआत होगी.
मैरी कॉम एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फ़ाइनल में हारीं

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छह बार की विश्व चैंपियन रही एमसी मैरी कॉम दुबई में चल रहे 2021 एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फ़ाइनल में हार गई हैं.
रविवार को 51 किलोग्राम भार वर्ग के फ़ाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन नाज़िम कज़ाइबे ने उन्हें 3-2 से हराया.
इस हार के साथ ही एशियाई चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छह स्वर्ण पदक जीतने का मैरी कॉम का सपना फिलहाल पूरा नहीं हो सका है.
यह सातवीं बार था जब मैरी कॉम ने एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है. इनमें से अब तक वे पाँच बार स्वर्ण और दो बार रजत जीती हैं.
मैरी कॉम के साथ ही लैशराम सरिता देवी ने भी एशियाई चैम्पियनशिप में पाँच बार स्वर्ण पदक जीते हैं.
मैरी कॉम ने 2003, 2005, 2010, 2012 और 2017 में स्वर्ण जीते हैं जबकि 2008 और इस वर्ष उनके हिस्से में रजत पदक आया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान और भारत की बातचीत को लेकर इमरान ख़ान ने रखी शर्त

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनका देश भारत से तभी बात करेगा जब जम्मू और कश्मीर में पांच अगस्त, 2019 से पहले वाली स्थिति बहाल कर दी जाएगी.
भारत ने पांच अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर को दिया गया विशेष संवैधानिक दर्जा खत्म कर दिया था और इसे दो केंद्र शासित प्रदेश में बांट दिया था.
प्रधानमंत्री इमरान खान एक कार्यक्रम में लोगों के सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान भारत के साथ अपने संबंध बहाल कर लेता है और भारत कश्मीर में पहले वाली स्थिति नहीं लाता तो ये कश्मीरियों को पीठ दिखाने जैसा होगा."
उन्होंने कहा कि अगर भारत पांच अगस्त को उठाया गया कदम वापस लिया तो "हम निश्चित रूप से बात कर सकते हैं."
हालांकि इमरान खान ने ये बात मानी कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत के साथ रिश्ते सुधरने की सूरत में बहुत फायदे होंगे.
उन्होंने यूरोपीय संघ का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका फायदा सभी सदस्य देशों को हुआ था.
उन्होंने कहा, "सत्ता में आने के पहले दिन से हमारी कोशिश रही है कि हम भारत के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाएं और कश्मीर का मुद्दा बातचीत के जरिये हल किया जाए. लेकिन जो हालात अभी हैं, अगर हमने भारत के साथ संबंध सुधारे तो ये कश्मीर की आवाम के साथ धोखा होगा."
"इसमें कोई शक नहीं कि हमारा कारोबार बढ़ेगा लेकिन उनकी शहादत बर्बाद हो जाएगी. इसलिए उनके ख़ून की कीमत पर हमारे बीच व्यापार की स्थिति नहीं सुधारी जा सकती है."
भारत ने बार-बार ये कहा है कि जम्मू और कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और वो अपनी समस्याओं का समाधान करने में खुद ही सक्षम है.
भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वो उसके साथ सामान्य पड़ोसी वाले रिश्ते रखना चाहता है और इसके लिए आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल चाहिए.
भारत ने कहा है कि ये माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है.
भारत में अरबों डॉलर के निवेश का विज्ञापन, दफ़्तर का पता नहीं

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आर्थिक मामलों पर जानकारी देने वाले भारत के सबसे बड़े अख़बार 'द इकोनॉमिक टाइम्स' और जानेमाने अख़बार 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' में पिछले सोमवार को पहले पन्ने पर छपा एक ग़ैर-मामूली इश्तेहार कई तरह से सनसनीखेज़ और चौंकाने वाला था.
विज्ञापन सीधे देश के प्रधानमंत्री को संबोधित था जिसमें विज्ञापन देने वाली कंपनी ने कहा कि वह भारत में 500 अरब डॉलर का निवेश करना चाहती है. 500 अरब डॉलर यानी तक़रीबन 36 लाख करोड़ रुपए.
यह रकम कितनी बड़ी है इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि भारत में पिछले साल अमेरिका से कुल पूंजी निवेश सात अरब डॉलर था, यानी अकेली कंपनी जिसका नाम पहले कभी नहीं सुना गया वह भारत में कुल अमेरिकी निवेश से 71 गुना अधिक इनवेस्टमेंट अकेले करने की बात कर रही थी.
पहले पन्ने पर लाखों रुपए ख़र्च करके विज्ञापन देने वाली कंपनी का नाम था--लैंडमस रिएलिटी वेंचर इंक. इस विज्ञापन के साथ लैंडमस ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप कुमार एस का नाम दिया गया था.
यहां पर अविवाहितों की बढ़ रही है संख्या, लड़कियाँ नहीं चाहतीं बच्चे

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चीन में जनसंख्या वृद्धि दर को लेकर विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं. उनकी यह चिंता हाल ही में जारी हुए जनसंख्या के आंकड़ों के बाद और बढ़ गई है जिनसे पता चला है कि चीन में पिछले साल जनसंख्या वृद्धि की दर 1960 के दशक के बाद सबसे कम रही.
जनसंख्या वृद्धि दर से जुड़ी चिंताओं के कारण ही चीन की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए दशकों पहले बनाई 'वन चाइल्ड पॉलिसी' को 2016 में समाप्त कर दिया था. लेकिन चीन में कुछ लोगों का मानना है कि इस स्थिति के लिए सिर्फ़ सरकार की नीति ही ज़िम्मेदार हो, ऐसा नहीं है.
बीजिंग में रहने वाली 31 वर्षीय लिली चेंग, अपनी माँ के बार-बार कहने के बावजूद, बच्चा नहीं चाहती हैं.
उनकी शादी को तीन साल हो चुके हैं और फ़िलहाल बच्चे के लिए उनकी कोई योजना नहीं है. उन्हीं के शब्दों में कहें तो वे 'बच्चा पालने की ज़िम्मेदारियों और चिंताओं के बिना अपना जीवन जीना' चाहती हैं.
गांवों में कोरोना फैलने की एक वजह किसान आंदोलन भीः हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा कि किसान आंदोलन भी एक कारण है, जिसकी वजह से गांवों में कोरोना महामारी फैली.
खट्टर एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "किसान आंदोलन से जुड़े लोग या फिर धरना स्थलों से आने-जाने वाले लोग कोरोना संक्रमण को गांवों तक लेकर गए. इनमें से कुछ गांवों में सामान्य से अधिक मृत्यु दर देखी गई."
"इन गांवों में पिछले साल की तुलना में मृत्यु दर से छह से दस गुना तक ज्यादा दर्ज की गई है. विरोध प्रदर्शन एक फैक्टर है जिसके कारण गांवों में संक्रमण फैला. हज़ारों लोग एक जगह पर इकट्ठा हुए, एक दूसरे मिले-जुले और कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया."
इसराइल के विदेश मंत्री का तेरह साल में पहली बार मिस्र का दौरा
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इसराइल के विदेश मंत्री गाबी एश्केनाज़ी मिस्र के दौरे पर हैं. हमास के साथ संघर्ष विराम के समझौते पर उनकी मिस्र से बातचीत होनी है.
मिस्र की मदद से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम का समझौता हुआ है. इसराइल के किसी विदेश मंत्री की तेरह सालों में ये पहली मिस्र यात्रा है.
विदेश मंत्री गाबी एश्केनाज़ी ने मिस्र पहुंचते ही ये ट्वीट किया कि वे हमास के साथ स्थाई संघर्ष विराम पर बातचीत करेंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि ग़ज़ा के पुननिर्माण और वहां किस तरह से मानवीय सहायता पहुंचाई जाए, इस पर बातचीत होगी. ग़ज़ा इसराइली हमले में बुरी तरह से बर्बाद हो चुका है.
ठीक इसी वक्त मिस्र के खुफिया विभाग के प्रमुख गज़ा में हमास के साथ बातचीत कर रहे हैं.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर, सुनिए संदीप सोनी के साथ.
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सीरम इंस्टिट्यूट का दावा, जून तक कोविशील्ड वैक्सीन की 9 से 10 करोड़ खुराक की सप्लाई होगी

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सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो जून के महीने में कोविशील्ड वैक्सीन की नौ से दस करोड़ खुराक की आपूर्ति कर सकेगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ये रिपोर्ट दी है. कंपनी की तरफ़ से ये जानकारी ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकारें वैक्सीन की आपूर्ति में कमी की शिकायतें कर रही थीं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी में सीरम इंस्टिट्यूट ने कहा है कि उसके कर्मचारी महामारी की चुनौतियों के बावजूद दिन-रात मेहनत कर रहे हैं.
कंपनी के गवर्नमेंट एंड रेग्युलेटरी अफेयर्स मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने इस चिट्ठी में लिखा है, "हमें ये जानकारी देते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जून के महीने में हम वैक्सीन की नौ से दस करोड़ खुराक का उत्पादन और इसकी सप्लाई कर सकेंगे."
उन्होंने ये भी कहा है कि मई के महीने तक कंपनी की उत्पादन क्षमता 6.5 करोड़ खुराक तैयार करने की ही थी.
जयशंकर के पांच दिन के अमेरिका दौरे से भारत को क्या हासिल हुआ?

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भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर का पांच दिन का अमेरिकी दौरा समाप्त हो गया है.
24 से 28 मई के इस दौरे पर जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलिवान, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन समेत कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों से मुलाक़ात की.
दौरे से पहले विशेषज्ञों का अनुमान था कि कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति और भारत-प्रशांत क्षेत्र में नीतियों के लिहाज़ से ये दौरा अहम है.
वहीं, राजनीतिक हलकों में इसे यूं भी अहम माना जा रहा था कि जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद ये किसी शीर्ष भारतीय मंत्री का पहला अमेरिकी दौरा है.
भारत को इस दौरे से क्या हासिल हुआ, इस पर बात करने से पहले आपको बताते हैं कि जयशंकर के अमेरिकी दौरे पर क्या-क्या हुआ.
ऑस्ट्रिया के 'इस्लाम मैप' पर तुर्की ने कहा, ये नामंज़ूर है

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ऑस्ट्रिया की सरकार को 'इस्लाम मैप' वेबसाइट के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस वेबसाइट में देश भर के 600 से ज़्यादा मस्जिदों और मुस्लिम संगठनों का पता दिखलाया गया है.
ऑस्ट्रिया के इंटीग्रेशन मंत्री सुजैन राब ने गुरुवार को कहा था कि इस नक़्शे का मक़सद राजनीतिक विचारधारा से लड़ना है न कि किसी धर्म से.
लेकिन आलोचकों को आशंका है कि इससे हेट क्राइम के मामले बढ़ सकते हैं और मुस्लिम समाज को ये लगेगा कि उन्हें दरकिनार किया जा रहा है.
तुर्की ने शुक्रवार को ऑस्ट्रिया सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की. तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि ये अस्वीकार्य है.
तुर्की ने ऑस्ट्रिया से अपील की है कि वो मुसलमानों का रजिस्टर इस तरह से न रखे बल्कि उसे एक जिम्मेदार नीति पर अमल करना चाहिए.
ऑस्ट्रिया सरकार की इस वेबसाइट का नाम है, 'नेशनल मैप ऑफ़ इस्लाम.' इसे यूनिवर्सिटी ऑफ़ विएना और डॉक्युमेंटेशन सेंटर ऑफ़ पॉलिटिकल इस्लाम ने मिलकर तैयार किया है.
कोरोना: बच्चों को हो रही ‘नई बीमारी’ एमआईएस-सी क्या है?

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चार साल के अमन को आनन-फ़ानन में ग़ाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश) के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. डॉक्टरों का कहना था कि "बिना वक़्त ख़राब किये, उसे इलाज के लिए बच्चों के आईसीयू में भर्ती करना होगा."
डॉक्टरों को अमन की रिपोर्ट्स में कुछ असामान्य गड़बड़ियाँ दिखाई दी थीं जिन्हें लेकर वो चिंतित थे.
अमन की माँ, पूजा बताती हैं कि "उनके बेटे को क़रीब दो सप्ताह से हल्का बुखार (लगभग 99 डिग्री) था, आँखों में खुजली की शिक़ायत थी और अस्पताल पहुँचने से पहले उसने पेट में दर्द की शिक़ायत शुरू कर दी थी. इनके अलावा उसकी बाकी गतिविधियाँ सामान्य थीं और शारीरिक रूप से कोई अन्य परेशानी नहीं दिख रही थी."
लेकिन जब अस्पताल में अमन के पिता सूरज को डॉक्टरों ने बताया कि 'एक संक्रमण की वजह से उनके बेटे के हृदय के एक भाग में सूजन (इनफ़्लामेशन) आ गई है' तो वो हैरान रह गये.
कोरोना संक्रमित होने पर डायबिटीज़ होने का कितना ख़तरा है

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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे विशेषज्ञ इन दिनों संक्रमित लोगों में डायबिटीज़ के मामले देख रहे हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि उन लोगों में भी डायबिटीज़ देखने को मिला है जिनमें यह पहले से नहीं था. चिकित्सक इसे कोविड-19 से हुई डायबिटीज़ कह रहे हैं.
मुंबई के केईएम हॉस्पिटल के डायबिटीज़ विशेषज्ञ डॉ. वेंकटेश शिवाने ने बताया, "कोरोना संक्रमितों में डायबिटीज़ के मामले 10 प्रतिशत से भी कम मरीज़ों में दिखे हैं, इसके बाद भी यह चिंता का विषय तो है ही."
दुनिया भर में कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने के बाद हुए डायबिटीज़ को लेकर अध्ययन चल रहा है. जिन मरीज़ों में डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर होता है उनमें कोरोना संक्रमण होने का ख़तरा ज़्यादा होता है.
प्रवासी मज़दूरों के लिए ना घर में काम, ना बाहर, जाएं तो जाएं कहाँ

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जोगिंदर हमाली अहमदाबाद शहर में वर्षों तक खुले में अपने ठेलेगाड़ी पर सोते रहे. उन्हें ज़िंदगी की नाइंसाफ़ी पर हैरानी होती थी. पिछले साल लॉकडाउन से पहले तक वह अहमदाबाद में दिहाड़ी कर रहे थे. लेकिन काम छूट गया तो वो गाँव लौट गए.
कुछ महीनों पहले काम की तलाश में हमाली फिर अहमदाबाद लौटे, लेकिन इस साल अप्रैल में जब लॉकडाउन लगा तो एक बार फिर उन्हें मजबूर होकर गाँव का रास्ता पकड़ना पड़ा. उन्हें पता था कि बग़ैर काम और पैसे के शहर में टिके रहना मुश्किल होगा.
हमाली यूपी के रहने वाले हैं. गांव में उनके पास एक बीघा से भी कम ज़मीन है. पूरे परिवार में दस लोग हैं.
फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमें मुश्किल से कभी राशन मिलता है. ग़रीबों को अक्सर इससे महरूम रखा जाता है. पिछली बार एक दफ़ा तीन लोगों के लिए 25 किलो राशन मिला था. लेकिन परिवार में और भी तो लोग हैं. हमने शिकायत भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई."
हमाली इस देश के उन लाखों प्रवासी मज़दूरों में शामिल हैं, जो कोरोना की पहली और दूसरी लहर में बेरोज़गार हो गए और ग़रीबी में धकेल दिए गए.
वियतनाम में मिले नए कोरोना वैरिएंट पर WHO का क्या है कहना

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वियतनाम में कोरोना वायरस का एक भिन्न रूप (वैरिएंट) पाया गया है जो भारत और ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस का मिला-जुला रूप है लिहाज़ा इसे हाइब्रिड स्ट्रेन कहा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ये वैरिएंट हवा में तेज़ी से फैलता है.
वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्री विएन थान लॉन्ग ने शनिवार को कहा कि कोरोना का ये नया वैरिएंट बहुत ही ख़तरनाक है.
जनवरी 2020 में कोविड-19 के वायरस की पहचान के बाद से अब तक इसके कई म्यूटेशन्स की पहचान की जा चुकी है.
हवा में तेज़ी से फ़ैलता है ये वैरिएंट
वायरस हमेशा अपना रूप बदलता रहता है, यानी म्यूटेट करता है. ज़्यादातर वैरिएंट्स का असर निष्प्रभावी हो जाता है लेकिन कुछ म्यूटेशन के बाद बने वायरस के वैरिएंट और अधिक संक्रामक हो जाते हैं.
यूपी: 600 से कम सक्रिय मामलों वाले ज़िलों में 1 जून से लॉकडाउन में ढील

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उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को घोषणा की है कि जिन ज़िलों में 600 से कम सक्रिय कोरोना के मामले होंगे वहां पर 1 जून से लॉकडाउन में ढील दी जाएगी.
यूपी में इस समय 20 ज़िले ऐसे हैं जहां पर 600 से अधिक सक्रिय मामले हैं इसलिए वहां पर प्रतिबंधों में ढील नहीं दी जाएगी. इनमें लखनऊ, नोएडा और ग़ाज़ियाबाद जैसे शहर शामिल हैं.
सरकार ने जो दिशानिर्देश जारी किए हैं इसमें कहा गया है कि 600 से कम सक्रिय मामलों वाले ज़िलों में दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुल सकेंगी.
इसके अलावा शहरी और ग्रामीण इलाक़ों में वीकेंड कर्फ्यू जारी रहेगा ताकि बाज़ार के सैनिटाइज़ेशन का काम हो सके.
क़तर और संयुक्त अरब अमीरातः दुश्मनी के बाद दोस्ती की राह पर

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इमेज कैप्शन, संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम (फ़ाइल फोटो) क़तर के विदेश मंत्री ने कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात और क़तर के बीच कई दौर की बातचीत हुई है और मतभेदों को भुलाने को लेकर दोनों देशों के बीच 'सकारात्मक माहौल' है.
अरब देशों के आपसी विवाद को ख़त्म करने पर हुए समझौते के बाद क़तर और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ये बातचीत हो रही है. साल 2017 में सऊदी अरब, संयुक्त अरम अमीरात, बहरीन और मिस्र ने क़तर के साथ अपने सभी संबंध खत्म कर लिए थे.
इन देशों का कहना था कि क़तर इस्लामी चरमपंथ को बढ़ावा दे रहा था. क़तर ने इन आरोपों से इनकार किया था. लेकिन इसी साल जनवरी में सऊदी अरब ने इस विवाद को ख़त्म करने के लिए समझौते की घोषणा की.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कूटनयिकों और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से कहा है कि सऊदी अरब और मिस्र, यूएई और बहरीन की तुलना में कहीं तेजी क़तर के साथ अपने रिश्ते सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
क़तर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि अलग-अलग देशों के साथ बातचीत अलग-अलग रफ्तार से चल रही है.
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और मिस्र से क़तर आर्थिक सहयोग के मुद्दे पर बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा, "संयुक्त अरब अमीरात के साथ कई दौर की बातचीत हुई है और हमें ऐसा महसूस हुआ है कि मतभेदों को दरकिनार करने के लिए सकारात्मक माहौल बन रहा है. मुश्किल दौर के खत्म होने में कुछ वक्त लग सकता है."
इस्लामी संगठनों खासकर मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रति क़तर के समर्थन का यूएई और मिस्र विरोध करते हैं. यूएई, मिस्र, सऊदी अरब और बहरीन ने मुस्लिम ब्रदरहुड पर प्रतिबंध लगा रखा है.
ये पूछे जाने पर कि क्या मिस्र के साथ बातचीत में मुस्लिम ब्रदरहुड का मुद्दा उठा था, क़तर के विदेश मंत्री ने कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, इस मु्द्दे पर चर्चा नहीं हुई है.
