हरियाणा: संपत्ति क्षति-वसूली विधेयक-2021 को राज्यपाल की मंज़ूरी

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लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, सरकार के नए नियमों के ख़िलाफ़ व्हाट्सऐप ने खटखटाया कोर्ट का दरवाज़ा

    व्हाट्सऐप

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    सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के लिए आईटी नियमों के तहत भारत सरकार की नई गाइडलाइन्स के ख़िलाफ़ मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख़ किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने कंपनी के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि नई गाइडलाइन्स के अनुसार व्हाट्सऐप को 'चैट' को ट्रेस कर पता लगाना होगा कि कोई संदेश सबसे पहले किसने पोस्ट किया है.

    व्हाट्सऐप का कहना है कि ''लोगों की चैट' को ट्रेस करने का काम न केवल असंवैधानिक है बल्कि ये लोगों की निजता के अधिकार का हनन भी है.

    मंगलवार को कोर्ट में दी गई याचिका के बारे में व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा, "मैसेजिंग ऐप को लोगों की चैट ट्रेस करने के लिए कहना व्हाट्सऐप के ज़रिए भेजे जाने वाले सभी संदेश के बारे में जानकारी इकट्ठा करना है, इससे न केवल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन देने का वादा टूट जाएगा बल्कि ये लोगों के निजता के अधिकार का उल्लंघन भी होगा."

    "हम अपने यूज़र्स की निजता के अधिकार को लेकर दुनियाभर में जानकारों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ लगातार चर्चाएं करते हैं. साथ ही इस मामले में लोगों की सुरक्षा को लेकर व्यहारिक क़दमों पर भारत सरकार से भी बात करते रहते हैं."

    कंपनी ने कहा कि लोगों को चैट ट्रेस करने के काम को लेकर नए आईटी नियम ना मानने पर आपराधिक मामले का ख़तरा भी है.

    ये नई गाइडलाइन्स ऐसे वक़्त आई हैं जब नए आईटी नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों से लोगों के पोस्ट्स को लेकर अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है. साथ ही भारत के लिए चीफ़ कंप्लाएंस अधिकारी, नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन और रेज़िडेंट ग्रीवान्स अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा है.

    इसी साल भारत सरकार ने इंफ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियारी गाइडलाइन्स एंड डिजीटल मीडिया एथिक्स कोड) जारी किया था और कहा था कि फ़ेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऔप और इंस्टाग्राम जैसी बड़ी कंपनियों को 25 मई तक इन नियमों को लागू करना होगा.

  2. आईएमए ने रामदेव को भेजा मानहानि का नोटिस, 1000 करोड़ का मुआवज़ा मांगा

    रामदेव

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    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने योग गुरु रामदेव को मानहानि का एक नोटिस भेजा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इसमें एलोपैथी और एलोपैथिक डॉक्टरों के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए 15 दिनों के अंदर माफ़ी मांगने को कहा है. ऐसा न करने पर एक हज़ार करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग की गई है.

    आईएमए (उत्तराखंड) के सचिव अजय खन्ना ने अपने वकील नीरज पांडे के माध्यम से छह पन्नों का यह नोटिस भेजा है जिसमें कहा गया है कि योग गुरु की टिप्पणियों ने एलोपैथी और आईएमए से जुड़े 2000 से ज़्यादा डॉक्टरों की छवि और इज़्ज़त को छवि को नुक़सान पहुंचाया है.

    रामदेव की टिप्पणियों को आईपीसी की धारा 499 के तहत ‘आपराधिक कार्य’ बताते हुए नोटिस में कहा गया है कि इसे पाए जाने के 15 दिनों के अंदर लिखित माफ़ी मांगी जाए वरना आईएमए के प्रत्येक सदस्य को 50 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए, जिसकी कुल रकम 1000 करोड़ बनती है.

    नोटिस में योग गुरु से कहा गया है कि वह अपने आरोपों को ग़लत बताते हुए एक वीडियो क्लिप बनाएं और उन्हीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें, जिनपर उन्होंने आरोपों वाला वीडियो शेयर किया था.

    इसके साथ ही सभी जगहों से ‘कोरोनिल किट’ को कोविड-की प्रभावी दवा बताने वाले ‘भ्रामक’ विज्ञापन को हटाने के लिए भी कहा है। आईएमए ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर और आपराधिक मुक़दमा दर्ज करवाया जाएगा.

    रामदेव

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    क्या कहा था रामदेव ने

    सोशल मीडिया पर रामदेव का एक वीडियो सर्कुलेट हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि हाल के दिनों में कोविड-19 के मुक़ाबले एलोपैथिक इलाज के कारण ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

    वीडियो में वो प्लाज़्मा थेरेपी के कोविड-19 के इलाज की सूची से हटाए जाने पर तंज़ कसते दिख रहे हैं.

    वीडियो में रामदेव कह रहे हैं, "एलोपैथी एक ऐसी स्टुपिड और दिवालिया साइंस है कि पहले क्लोरोक्विन फ़ेल हुआ, फिर रेमडेसिवियर फ़ेल हुआ, फिर एंटी बायोटिक फ़ेल हुआ, फिर स्टेरॉयड फ़ेल हुआ और कल प्लाज़्मा थेरेपी भी फ़ेल हो गया."

    आईएमए ने उनके बयान पर आपत्ति जताई थी और फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी उन्हें चिट्ठी लिखकर बयान वापस लेने को कहा था. हर्षवर्धन की चिट्ठी के बाद रामदेव ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा था कि वह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और एलोपैथी के विरोधी नहीं है.

  3. पश्चिम बंगाल: ज़मीन पर टकराया चक्रवाती तूफ़ान यास, पानी में डूबे सैकड़ों गांव

    दीघा शहर में पांच से छह फीट पानी भरा

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    इमेज कैप्शन, दीघा शहर में पांच से छह फीट पानी भरा

    प्रभाकर मणि तिवारीकोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    चक्रवाती तूफ़ान यास के ओडिशा के बालासोर के पास जमीन पर टकराने के बाद उसके असर की वजह से पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में भयावह स्थिति पैदा हो गई है.

    कई नदियों पर बने बांध टूट जाने की वजह से सैकड़ों गांव पानी में डूब गए हैं और कम से कम 20 हज़ार मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

    पूर्व मेदिनीपुर ज़िले के दीघा और मंदारमणि इलाकों में समुद्र में 30 फीट ऊंची लहरें उठने की वजह से पूरे शहर में घुटनों से कमर तक पानी भर गया है. दीघा शहर में पांच से छह फीट तक पानी भर चुका है.

    बंगाल की खाड़ी में 30 फीट तक ऊंची लहरें उठ रही हैं.

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    15 लाख लोग सुरक्षित जगहों पर

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सचिवालय में पत्रकारों को बताया, "पूर्व मेदिनीपुर के अलावा उत्तर और दक्षिण 24-परगना जिले में कई जगह बांध टूट जाने की वजह से तटवर्ती इलाक़ों के सैकड़ों गांवों में पानी घुस गया है.

    तूफ़ान के साथ ही बंगाल की खाड़ी में ज्वार आने की वजह से हालात भयावह हो गए हैं. सैकड़ों गांवों के लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है. उन इलाक़ों से करीब 15 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है."

    मुख्यमंत्री के मुताबिक, सागर और मौसुनी समेत सुंदरबन के कई द्वीपों के गांवों में पानी भर गया है. सागर द्वीप में कपिल मुनि के मंदिर में भी पानी भर गया है.

    काकद्वीप में मूड़ी गंगा नदी का पानी पांच किमी. भीतर तक घुस आया है. ममता ने बताया कि अब तक 20 हज़ार मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. अकेले पूर्व मेदिनीपुर जिले में 51 बांध टूटे हैं.

    मौसम विभाग ने राजधानी कोलकाता में भी टोर्नेडो यानी बवंडर का अंदेशा जताते हुए लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. सरकार ने राहत शिविरों में रहने वालों से प्रशासन की हरी झंडी नहीं मिलने तक अपने घर नहीं लौटने को कहा है.

  4. किसान आंदोलन का क्या है हल?

    जानकारों से बात कर रही हैं बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह

  5. छह महीने में कहाँ पहुँचा किसान आंदोलन. आगे की क्या है रणनीति?

    छह महीने में कहाँ पहुँचा किसान आंदोलन, सिंघु बॉर्डर से बीबीसी संवाददाता खुशहाल लाली (कैमरा- गुलशन)

  6. 100 सालों में ऐसी महामारी को नहीं देखा गया - पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद मोदी

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    प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वैसाक दिवस यानि बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया.

    अपने संबोधन में उन्होंने कोरोना को लेकर कई बातें कहीं और फ्रंटलाइन वर्कर्स को उनके योगदान के लिए सराहा.

    पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल भी यह कार्यक्रम कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स को समर्पित किया गया था. एक साल बाद हम निरंतरता और बदलाव का मिश्रण देख रहे हैं. कोविड-19 महामारी ख़त्म नहीं हुई है. भारत सहित कई देशों ने दूसरी लहर का सामना किया है.”

    “मानवता ने दशकों में पहली बार ऐसे संकट का सामना किया है. हमने 100 सालों में इस तरह की महामारी को नहीं देखा था. इस महामारी ने हर देश को प्रभावित किया है. इसका आर्थिक प्रभाव भी बहुत बड़ा है.”

    उन्होंने कहा कि हमारा ग्रह कोविड-19 के बाद पहले जैसा नहीं होगा. आने वाले समय में हम घटनाओं को कोविड से पहले या कोविड के बाद के तौर पर याद रखेंगे.

    डॉक्टर्स

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    पीएम मोदी कोरोना वायरस से लड़ाई में वैक्सीन के महत्व पर भी ज़ोर दिया.

    उन्होंने कहा, “पिछले एक साल में कई ध्यान देने योग्य बदलाव हुए हैं. अब हमें महामारी की पहले से बेहतर समझ है. हमने कोविड-19 से लड़ने के लिए अपनी रणनीति को मजबूत किया है. सबसे महत्वपूर्ण है वैक्सीन जो जीवन बचाने और महामारी को हराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. एक साल में वैक्सीन का बनना मानवीय इच्छाशक्ति को दिखाता है.”

    “भारत अपने वैज्ञानिकों पर गर्व महसूस करता है जिन्होंने कोविड-19 वैक्सीन पर काम किया. इस मंच से मैं अपने फ्रंटलाइन वर्कर्स डॉक्टर्स, नर्सें, वॉलेंटियर्स का फिर से अभिवादन करना चाहूंगा जिन्होंने दूसरों की सेवा के लिए रोज अपने जीवन को ख़तरे में डाला. जिन लोगों ने अपनों को खोया है उन्हें मैं संतावना देना चाहूंगा.”

    पीएम मोदी ने कोरोना से लड़ाई में योगदान के लिए बौद्ध संस्थाओं को धन्यवाद दिया और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करते हुए उसे मानवता के लिए एक और बड़ी चुनौती बताया.

  7. भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,08,921 नए केस

    कोविड टेस्ट

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    भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 2,08,921 नए मामले दर्ज किए गए और 4,157 लोगों की जान गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस अवधि में 2,95,955 लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए.

    अब तक भारत में कोरोना के कुल 2,71,57,795 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से 2,43,50,816 लोग बीमारी से उबर गए. महामारी की शुरुआत से अब तक देश में 3,11,388 संक्रमितों की जान गई है.

    मामले

    इस समय भारत में कोविड -19 के एक्टिव केस 24,95,591 हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 20,06,62,45 लोगों की टीका लगाया जा चुका है.

    घट रहा संक्रमण: डॉ. हर्षवर्धन

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा है कि संक्रमण के फैलाव में कमी आ रही है.

    हर्षवर्धन

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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट करके लिखा है, “भारत में अब संक्रमण के फैलाव के दायरे में कमी आ रही है. वायरस का फैलाव कम हो रहा है. रोगियों की संख्या में कमी होती जाएगी और यह धीरे-धीरे ख़त्म हो सकता है. यह देश के लिए अच्छा संकेत है.”

  8. यास तूफ़ान: पश्चिम बंगाल के 10 ज़िलों में उतारी गई सेना

    फ्लाइओवर

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    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    चक्रवाती तूफ़ान 'यास' से पैदा होने वाले हालात से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल के दस ज़िलों में सेना उतार दी गई है.

    सरकार ने मंगलवार को ही सेना को तैयार रहने को कहा था. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि हावड़ा,हुगली,पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर समेत दस जिलों में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की 17 कंपनियां उतारी गई हैं.

    दूसरी ओर,तूफ़ान के कारण कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह से ही क़रीब 12 घंटे तक विमानों की आवाजाही रोक दी गई है.

    तूफ़ान के असर की वजह से दीघा और मंदारमनी जैसे तटवर्ती इलाक़ों में पानी भर गया है. वहां समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं.

    राजधानी कोलकाता में भी एहतियात के तौर पर बुधवार सुबह से नौ फ्लाईओवरों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. हालांकि, यहां कोरोना की वजह से लॉकडाउन लागू है और सड़कों पर वाहनों की संख्या बहुत कम है.

    सीएम कंट्रोल रूम में

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार से ही राज्य सचिवालय में बने कंट्रोल रूम में जमी हैं. उन्होंने लोगों से तूफ़ान के गुज़रने तक घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है.

    ममता बनर्जी

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    सरकार ने बीते साल आए अंफ़न तूफान से सबक लेते हुए धर्मतल्ला समेत राज्य के कई प्रमुख इलाक़ों में स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काट दिया है ताकि खंभों के उखड़ने की स्थिति में कोई हादसा नहीं हो.

    मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यास फ़िलहाल राज्य के समुद्र तटीय शहर दीघा से 70 किलोमीटर दूर है और यह दोपहर से पहले ही ज़मीन से टकरा सकता है.

    तूफ़ान के असर के कारण राजधानी कोलकाता समेत राज्य के तटवर्ती इलाकों में मंगलवार रात से ही तेज़ हवाओँ के साथ भारी बारिश हो रही है.

    कोलकाता नगर निगम ने कहा है कि गंगा नदी में ज्वार की वजह से कोलकाता के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है. ज्वार की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बारिश का पानी नदी में नहीं जा सकेगा. इससे कुछ घंटों तक जलजमाव की समस्या बनी रह सकती है.

  9. कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसान मना रहे हैं काला दिवस

    राकेश टिकैत

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    इमेज कैप्शन, राकेश टिकैत

    केंद्र के कृषि क़ानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को छह महीने पूरे हो गए हैं. इस मौक़े पर किसान संगठन बुधवार को ‘काला दिवस’ मना रहे हैं.

    ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, “आज हम काला दिवस मना रहे हैं. छह महीने यहां पर हो गए हैं लेकिन सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है, इसलिए हम काले झंडे हाथ में लिए हुए हैं.”

    टिकैत ने कहा, “यह सब शांतिपूर्ण तरीक़े से किया जाएगा. हम कोरोना प्रोटोकॉल का भी पालन कर रहे हैं. बाहर से कोई किसान यहां पर नहीं आएंगे.”

    किसान संयक्त मोर्चा में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि छह महीनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन चलने पर भी सरकार ने मांगे नहीं सुनी, हम ये मानते हैं कि आंदोलन अभी और लंबा चलेगा.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पंजाब के अमृतसर के एक गांव के किसान अपने घरों में काले झंडे लेकर 'काला दिवस' मनाते हुए दिखे.

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    टिकरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसान भी काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं.

    किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर शिरोमणी अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और दलजीत सिंह चीमा समेत अन्य किसान नेताओं ने चंडीगढ़ में पार्टी के दफ्तर पर काला झंडा लगाया.

    उन्होंने सरकार से एक बार फिर अपील की कि वो बिना कोई देर किए सरकार तीनों क़षि क़ानूनों को रद्द करे.

    काले झंडे के साथ किसान नेता

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    भारतीय किसान यूनियन के नेता बलबीर सिंह राजोवाल ने अपने लुधियाना के समराला में अपने घर के ऊपर काला झंडा लगाया.

    काले झं़े के साथ किसान नेता

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  10. यास तूफ़ान को लेकर आई थोड़ी राहत भरी ख़बर

    यास के कारण उठती लहरें

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    संदीप साहू

    भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तरी ओड़िशा के तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले लोगों के लिए चक्रवाती तूफ़ान ‘यास’ को लेकर थोड़ी सी राहत भरी ख़बर आई है.

    भारतीय मौसम विभाग ने अपने ताज़ा बुलेटिन में कहा है कि तूफ़ान के तट से टकराने के समय हवा की गति 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इससे पहले अनुमान था कि लैंडफॉल के समय हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.

    मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने थोड़ी देर पहले बताया कि ‘यास’ आज सुबह 7 बजे बंगाल की खाड़ी में धामरा से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर केंद्रित था और 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ज़मीन की ओर बढ़ रहा था.

    उन्होंने कहा कि ‘यास’ सुबह क़रीब 10 बजे धामरा के पास पहुंचेगा और इसके साथ ही लैंडफ़ॉल की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो दो से तीन घंटों तक रहेगी. इस दौरान हवा की गति 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी.

    यास

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    बना हुआ है ख़तरा

    भद्रक और बालेश्वर ज़िलों में हवा की गति इस समय 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा है. जैसे-जैसे तूफ़ान ज़मीन के नज़दीक आता जाएगा, हवा की गति बढ़ती जाएगी. लैंडफ़ॉल के बाद हवा की गति धीरे-धीरे कम होगी लेकिन भद्रक, बालेश्वर और मयूरभंज ज़िलों में लैंडफॉल के बाद भी कम से कम 6 घंटे तक बारिश होती रहेगी और तेज़ हवाएं चलती रहेंगी.

    इन दो ज़िलों में कच्चे मकानों में रहने वाले 2 लाख से अधिक लोगों को साइक्लोन सेंटर और दूसरे सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया है.

    ‘यास’ के प्रभाव से उत्तरी तट के केंद्रपड़ा और जगतसिंहपुर ज़िलों में रात भर बारिश होती रही और तेज़ हवाएं चलती रहीं. इससे कई जगहों पर पेड़ टूटकर गिर पड़े और बिजली-टेलिफ़ोन के खंबे उखड़ गए. राहत की बात यह है कि अभी तक इन ज़िलों में किसी की मृत्यु होने की ख़बर नहीं है.

    हालांकि, क्योंझर ज़िले से तूफ़ान के कारण एक शख़्स की मौत की ख़बर जो गिरते हुए पेड़ की चपेट मे आ गया था.

    ख़राब मौसम को ध्यान में रखते हुए भुवनेश्वर के बीजू पटनायक हवाई अड्डे ने मंगलवार रात 11 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 5 बजे तक सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है.

  11. दुनिया भर में कोरोना के नए मामलों और मौतों में कमी: WHO

    कोरोना टेस्ट

    पिछले हफ्ते दुनिया भर में दर्ज कोरोना के नए मामलों और मौतों में कमी देखी गई है. इस दौरान संक्रमण के 41 लाख नए मामले सामने आए और 84 हज़ार लोगों की मौत दर्ज की गई.

    पिछले सप्ताह उससे पहले वाले हफ़्ते की तुलना में नए मामलों में 14% और मौतों में 2% की कमी आई.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक़, इस हफ़्ते यूरोपीय क्षेत्र में नए मामलों और मौतों में सबसे ज़्यादा कमी देखने को मिली है. इसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया में भी सुधार देखा गया.

    अमेरिकी, भूमध्यसागरीय, अफ्रीकी और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में स्थिति कमोबेश उससे पहले के सप्ताह जैसी ही रही. पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में मौतों के आंकड़े में सबसे ज़्यादा उछाल देखने को मिला है जबकि बाकी क्षेत्रों में सुधार हुआ है.

    पिछले चार हफ़्तों से भले ही दुनिया भर में स्थिति कुछ सुधरती जा रही है मगर कोविड मामलों और मौतों की संख्या अभी भी बहुत ज़्यादा है. साथ ही, कई देशों ऐसे हैं जहां संक्रमण में मामलों और मौतों में बढ़ोतरी देखी गई है.

  12. कोरोना के स्रोत का पता लगाने में पारदर्शिता बरते WHO: अमेरिका

    लैब

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    अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कोविड-19के स्रोत की जांच के अगले चरण में पारदर्शिता रहे.

    WHO की मंत्री स्तर की मीटिंग में ज़ेवियर बेसेरा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को भी कोरोनावायरस के स्रोत का पता लगाने की इजाज़त देनी चाहिए.

    कोविड-19 का पहला मामला 2019 के आख़िर में चीन के ख़ूबे प्रांत के वुहान शहर में दर्ज किया गया था. उसके बाद से दुनिया भर में इसके 16 करोड़ 70 लाख से ज़्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं और इससे 34 लाख लोगों की जान जा चुकी है.

    इस साल मार्च में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 की शुरुआत को लेकर चीनी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर तैयार की गई एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि इसके किसी लैब से फैलने की संभावना ‘बहुत ही कम है.’ हालांकि, WHO ने यह भी माना था कि अभी इस बारे में और अध्ययन करने की ज़रूरत है.

    वायरस कहां से फैला, इसे लेकर सवाल बने हुए है. हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने अमेरिकी ख़ुफ़िया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि वुहान लैब के तीन शोधकर्ता साल 2019 के नवंबर में कोविड जैसी बीमारी से जूझ रहे थे.

    इससे उन आशंकाओं को बल मिला है कि हो सकता है यह वायरस चीन की किसी लैब से बाहर निकला हो. मगर चीन ने इन ख़बरों को पूरी तरह झूठा बताया है.

    वुहान सी फ़ूड मार्केट

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक में अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री ज़ेवियर ने चीन का नाम तो नहीं लिया मगर यह कहा कि अमेरिका चाहता है कि जांच के अगले चरण में ज़्यादा सावधानी बरती जाए.

    उन्होंने कहा, “कोविड की शुरुआत का पता लगाने की जांच का दूसरा चरण इन शर्तों के साथ शुरू किया जाना चाहिए कि इसमें पारदर्शिता हो, वैज्ञानिक विधि इस्तेमाल की जाए और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को वायरस के स्रोत वाली जगह पर जाकर जांच करने की पूरी आज़ादी हो.”

    मंगलवार को व्हाइट हाउस की ओर से भी यह कहा गया कि ‘WHO से इस बात की उम्मीद की जाती है कि वह विशेषज्ञों की मदद से महामारी के स्रोत का पता लगाए और यह प्रक्रिया किसी भी तरह के दख़ल या राजनीति से दूर रहनी चाहिए.’

  13. तूफ़ान यास बंगाल और ओडिशा तट से आज दोपहर टकराएगा

    तूफ़ान यास

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    भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफ़ान यास आज दोपहर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच समुद्रतट से टकराएगा.

    मौसम विभाग के अनुसार आज दोपहर को यास बालासोर और भद्रक के धामरा (पारादीप) के नज़दीक से हो कर गुज़रेगा जिस कारण 130 से लेकर 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलेंगी.

    मौसम विभाग ने इससे पहले चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों से समुद्र में ना जाने के लिए कहा था.

    साथ ही ये भी कहा था तूफ़ान यास के कारण समुद्र में दो से तीन मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं और मेदिनीपुर समेत पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना ज़िले के निचले इलाके और ओडिशा के बालासोर और भद्रक के निचले इलाक़ों में पानी भर सकता है.

    यास के कारण पश्चिम बंगाल, ओडिशा के साथ-साथ झारखंड में भी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है.

    मौसम विभाग ने कहा है, "आज तूफ़ान के कारण ओडिशा के भद्रक, जगतसिंहपुर, कटक, बालासोर, ढेंकानाल, जयपुर, मयूरभंज, केंद्रापड़ा और क्योंझर में बारिश होने की संभावना है."

    "वहीं दक्षिण 24 परगना के बांकुरा, झारग्राम और मेदिनीपुर में कहीं कहीं पर हवाओं के साथ तेज़ बारिश की संभावना है. साथ ही कोलकाता और नदिया में भारी बारिश हो सकती है."

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    तूफ़ान यास

    इमेज स्रोत, REUTERS/Rupak De Chowdhuri

    तूफ़ान यास को लेकर तैयारी

    पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के चेयरमैन ने बताया कि तूफ़ान के मद्देनज़र पारादीप पोर्ट पर तैयारियां की जा चुकी हैं.

    उन्होंने बताया, "जितने भी जहाज़ पोर्ट पर थे उन्हें पहले से ही सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है. चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिए पोर्ट पर पाँच शेल्टर बनाए जा रहे हैं जिसमें सभी प्रकार की सुविधाएं होंगी."

    ओडिशा में एनडीआरएफ़ के महानिदेशक एस. एन. प्रधान ने कहा है कि चक्रवात यास के मद्देनज़र ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया जा रहा है.

    उन्होंने बताया कि ओडिशा में 52 और पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ़ की 45 टीमें मौजूद हैं.

    वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया है कि तूफ़ान के मद्देनज़र 11.5 लाख लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

    ममता बनर्जी ने कहा है कि सरकार ने 74 हज़ार लोगों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रखा है, साथ ही निचले इलाक़ों से लोगों को निकाल कर आठ हज़ार से अधक बाढ़ सेंटर और स्कूलों में रखा गया है.

    इधर तेज़ बारिश और हवा के कारण बंगाल के हुगली और उत्तर 24 परगना में क़रीब 80 घर नष्ट हो गए हैं और बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई है.

    तूफ़ान यास

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    तूफ़ान को देखते हुए कई ट्रेनें रद्द की गईं

    इससे पहले मंगलवार को भारतीय रेलवे के प्रवक्ता ने कहा था कि तूफ़ान यास के मद्देनज़र 24 मई से लेकर 29 मई तक के लिए 38 लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों को रद्द किया है.

    उन्होंने कहा था कि जो ट्रेनें रद्द की गई हैं उनके टिकट कैंसिल किए जाएंगे और पैसा यात्रियों को वापस किया जाएगा.

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