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  1. टाटा स्टील का ऐलान: कोरोना से मरने वाले स्टाफ़ के परिवार को देता रहेगा वेतन

    सांकेतिक तस्वीर

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    टाटा स्टील ने कहा है कि वह भारत में अपने उन कर्मचारियों के परिवारों को नियमित वेतन देता रहेगा जिनकी मौत कोविड-19 के कारण हुई है.

    कंपनी ने कहा है कि वह मृत कर्मचारियों के आश्रित परिजन को उस समय तक वेतन, घर और मेडिकल सुविधाएँ तक देता रहेगा जब तक कि वो कर्मचारी जिसकी मौत हुई, वो 60 साल के नहीं हो गए होते यानी रिटायर नहीं हो गए होते.

    कंपनी ने उन कर्मचारियों के बच्चों की ग्रैजुएशन तक की शिक्षा का खर्च उठाने का ऐलान भी किया है.

    टाटा स्टील के इस कदम की सोशल मीडिया पर बहुत तारीफ़ हो रही है.

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    इससे पहले ओयो रूम्स ने कोरोना संक्रमण के कारण जान गँवाने वाले अपने स्टाफ़ के परिवारों के लिए मदद का ऐलान किया था.

    कंपनी ने मृत कर्मचारियों के परिजनों को आठ महीने का वेतन और पाँच साल तक उनके बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का ऐलान किया था.

    इसके अलावा ग्लास यानी काँच बनाने वाली कंपनी बोरोसिल ने भी कहा था कि वो कोविड-19 के कारण मरने वाले अपने कर्मचारियों के परिजनों को अगले दो साल तक सैलरी देगी.

  2. कोरोना अपडेट: 14 अप्रैल के बाद पहली बार दो लाख से कम मामले

    कोरोना संक्रमण

    पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना संक्रमण के 1,96,427 नए मामले सामने आए हैं.

    पिछले एक महीने से ज़्यादा वक़्त में यह संक्रमण मामलों में बड़ी गिरावट है.

    14 अप्रैल के बाद से यह पहली बार है जब 24 घंटे में संक्रमण मामले दो लाख से कम दर्ज किए गए हैं.

    आईसीएमआर के मुताबिक़ इस दौरान 20,58,112 सैंपल्स का कोरोना टेस्ट किया गया और कोविड-19 से मौतों की संख्या 3,511 रही.

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    इन आँकड़ों के साथ देश में कोरोना संक्रमण के कुल 2,69,48,874 मामले हो गए हैं जिनमें 25,86,782 एक्टिव मामले हैं.

    बीमारी से अब तक कुल 3,07,231 लोगों ने अपनी जान गँवाई है और 2,40,54,861 लोग इलाज के बाद ठीक हो गए हैं.

    अभी तक कुल 19,85,38,999 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है.

  3. चक्रवाती तूफ़ान यास का असर दिखना शुरू, क्या हैं तैयारियाँ?

    चक्रवाती तूफ़ान यास

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    देश के कई हिस्सों में चक्रवाती तूफ़ान यास के ख़तरे को देखते हुए बड़े स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं.

    बंगाल की खाड़ी में यह चक्रवात बनना शुरू हो चुका है. यास के मंगलवार और बुधवार को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट से टकराने का अनुमान है.

    ओडिशा में सोमवार रात से ही लगातार भारी बारिश हो रही है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं.

    पश्चिम बंगाल में भी बारिश होनी शुरू हो चुकी है.

    तूफ़ान का असर बिहार और झारखंड में भी देखने को मिल सकता है. सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने तूफ़ान से निबटने की तैयारियों की समीक्षा की.

    उन्होंने कोविड-19 मरीजों के लिए अस्पतालों को बिजली और ऑक्सीजन सप्लाई का बैकअप रखने के निर्देश दिए.

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    ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बताया कि राज्य यास से निबटने के लिए तैयार है.

    तूफ़ान के ख़तरे को देखते हुए राज्य सरकार ने घर-घर जाकर कोरोना जाँच और टीकाकरण कार्यक्रम पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है.

    इस बीच राज्य की सिलेरू नदी में नाव पलटने से आठ मज़दूर लापता हैं और एक का शव बरामद किया गया है.

    पश्चिम बंगाल में यास 20 ज़िलों को प्रभावित कर सकता है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रशासन तूफ़ान के मद्देनज़र सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए हैं.

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  4. नियमों का पालन न करने पर सोशल मीडिया कंपनियों पर 'कार्रवाई का ख़तरा'

    सोशल मीडिया

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    फ़ेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भारत सरकार की ओर से लाए गए नियमों को लेकर गतिरोध की स्थिति बनती दिख रही है.

    इन नियमों का पालन करने के लिए सरकार ने तीन महीने की समयसीमा तय की थी जो आज ख़त्म हो जाएगी. मगर ऐसी ख़बरें हैं कि अधिकतर कंपनियों ने अभी तक इन नियमों का पालन नहीं किया है.

    इस साल 25 फ़रवरी को भारत सरकार ने सोशल मीडिया, ओटीटी, डिजिटल प्लेटफॉर्म के नियमन को लेकर क़ानून बनाने का एलान किया था.

    सरकार ने कहा था कि सोशल मीडिया कंपनियों को चीफ़ कंप्लाएंस ऑफिसर, नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन और एक रेज़िडेंट ग्रीवांस ऑफ़िसर नियुक्त करना होगा.

    इसके बाद कुछ कंपनियों ने सरकार से छह महीने का वक़्त मांगा था जबकि कई कंपनियों ने इस संबंध में क्या किया है, यह बात सार्वजनिक हीं हो पाई है.

    ऐसी चर्चा है कि जो कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें दिए गए अधिकार वापस लिए जा सकते हैं और उनपर क़ानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है.

  5. माली में 'सेना ने हिरासत में लिए' राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री

    नदा

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति नदॉ

    माली में एक साल के अंदर दूसरी बार तख़्तापलट होने का अंदेशा जताया जा रहा है. ख़बरों के मुताबिक़, सेना ने प्रधानमंत्री बाह नदॉ और प्रधानमंत्री मोक्तार ओएनी को हिरासत में ले लिया है.

    बेहद ग़रीब पश्चिमी अफ़्रीकी देश माली में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के मिशन ने इस क़दम की आलोचना की है और दोनों नेताओं को तुरंत रिहा करने और शांति बनाए रखने की अपील की है.

    ऐसी ख़बरें आई हैं कि सैनिकों ने राष्ट्रपति नदॉ, प्रधानमंत्री ओएनी को हिरासत में लिया और उन्हें राजधानी के पास एक सैन्य कैंप में ले गए.

    ख़बरों के मुताबिक़, रक्षा मंत्री को भी हिरासत में लिया गया है. ऐसे में से देश में एक साल के अंदर दूसरी बार तख़्तापलट होने की आशंका जताई जा रही है.

    सोमवार देर शाम ओएनी ने एएफ़पी को फ़ोन पर बताया कि उन्हें लेने के लिए सैनिक आए हुए हैं.समाचार एजेंसी के मुताबिक़, इसके बाद फ़ोन कट गया.

    अफ़्रीकी संघ, इकोनॉमिक कम्यूनिटी ऑफ़ वेस्ट अफ़्रीकन स्टेट्स, यूरोपीय संघ और अमरीका ने गिरफ़्तारियों की निंदा की है और कहा है कि माली के शीर्ष नेताओं को बिना किसी शर्त रिहा किया जाना चाहिए.

    सरकार में फेरबदल के बाद हुई कार्रवाई

    माली की सरकार में हुए फेरबदल के चंद घंटों बाद ही वहां के नेतृत्व को हिरासत में लिए जाने की ख़बरें आई. इस फेरबदल के तहत उन दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को सरकार से हटा दिया गया था, जो पिछले साल तख़्तापलट करने में शामिल थे.

    बीबीसी के अफ़्रीका संपादक विल रॉस के बताते हैं कि नौ महीने पहले ही यहां पर सैन्य तख़्तापलट हुआ था जिसमें राष्ट्रपति इब्राहिम बूबाकर काइता को हटा दिया गया. ऐसे में अब यह देश फिर से अस्थिरता के भंवर में फंसता दिख रहा है.

    रॉस बताते हैं कि जब काइता को हटाया गया था तब माली में बहुत सारे लोग खुश थे. मगर अंतरिम सरकार में सेना के प्रभाव और तख़्तापलट के समय किए गए सुधारों के वादों को पूरा करने में हो रही देरी से लोगों में नाराज़गी है.

    इससे पहले माली में 2021 में भी तख़्तापलट हुआ था जिसका फ़ायदा उठाकर इस्लामिक चरमपंथियों ने उत्तरी माली के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था.

    तब फ्रांसीसी सेनाओं ने उनसे ज़मीन वापस लेने में माली की मदद की थी मगर इसके बाद भी हमले जारी रहे.

  6. हरियाणा सरकार कोविड मरीज़ों को बांटेगी एक लाख कोरोनिल किट

    अनिल विज

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    हरियाणा सरकार ने राज्य के कोरोना मरीज़ों को पतंजलि आयुर्वेद की कोरोनिल किट बांटने का फ़ैसला किया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस बात की जानकारी दी है.

    यह फ़ैसला उस समय लिया है जब योग गुरु रामदेव एलोपैथी पर टिप्पणी करने को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने बाबा रामदेव को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि एलोपैथी मेडिसिन के ख़िलाफ़ आपकी टिप्पणी ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ है. इसके बाद रामदेव ने अपना बयान वापस ले लिया था.

    सोमवार को अनिल विज ने कोरोनिल बांटने के फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस किट की आधी क़ीमत पतंजलि वहन करेगी और आधी क़ीमत हरियाणा सरकार के ‘कोविड रिलीफ़ फंड’ से चुकाई जाएगी.

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    रामदेव ने पिछले साल जून में उस समय आयुर्वेद आधारित कोरोनिल किट लॉन्च की थी जब महामारी की पहली लहर अपने चरम पर थी.

  7. पीएनबी घोटाले के अभियुक्त मेहुल चोकसी लापता, वकील ने कहा 'परिवार चिंतित'

    मेहुल चोकसी

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    पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में अभियुक्त हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के लापता होने की ख़बर है.

    2018 में भारत से फ़रार होने के बाद से वह कैरेबियाई देश एंटीगा एंड बारबुडा में रह रहे थे.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा, “उनके परिवार के सदस्य चिंतित हैं और इस बारे में उन्होंने मुझे फ़ोन किया था. एंटीगा की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.”

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ‘एंटीगा न्यूज़रूम’नाम के एक स्थानीय मीडिया संस्थान ने पुलिस कमिश्नर एटली रॉडनी के हवाले से लिखा है कि ‘पुलिस भारतीय कारोबारी मेहुल चोकसी को तलाश कर रही है जिनके लापता होने की अफ़वाह है.’

    ख़बर के मुताबिक, एंटीगा एंड बारबुडा की नागरिकता ले चुके चोकसी को आख़िरी बार रविवार को द्वीप के दक्षिणी हिस्से में देखा गया था. बाद में उनकी गाड़ी तो मिल गई मगर उनका कोई अता-पता नहीं है.

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    बड़े बैंक घोटाले में अभियुक्त

    हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी पर सरकारी बैंक पीएनबी से 13,500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है.

    नीरव मोदी इस समय लंदन की जेल में हैं और कई बार उनकी ज़मानत अर्ज़ी रद्द हो चुकी है.

    वह ख़ुद को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

    वहीं मेहुल चोकसी ने जनवरी 2018 के पहले हफ़्ते में भारत से भागने से पहले 2017 में ही कैरेबियाई देश एंटीगा एंड बारबुडा की नागरिकता ले ली थी. इस देश में इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत नागरिकता ली जा सकती है.

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