कोरोना संकट: दिल्ली में बीते चौबीस घंटे में कोरोना संक्रमण के 24 हज़ार से अधिक नए मामले
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 381 लोगों की मौत हुई है. राजधानी में पॉज़ीटिविटी की दर 32.72 फ़ीसद है.
लाइव कवरेज
कोरोना: केरल में क्यों नहीं है ऑक्सीजन का संकट?
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देश की राजधानी दिल्ली समेत भारत के ज़्यादातर राज्य ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन केरल के मौजूदा हालात देखकर लगता है कि यहाँ 'साँस लेना' बाक़ी राज्यों की तुलना में थोड़ा सरल है.
मौजूदा हालात देखें, तो लगता है कि यहाँ इस बेशक़ीमती प्राणवायु की कमी नहीं और आने वाले समय में अगर ज़रूरत पड़ी, तो इस राज्य के पास इतनी क्षमता है कि यह यह इसका और उत्पादन भी कर सकेगा.
ऐसा कहने के पीछे एक ठोस वजह है. अभी के ताज़ा आँकड़ों और तथ्यों की बात करें, तो केरल अभी ही नियमित रूप से प्रतिदिन 70 मीट्रिक टन ऑक्सीजन तमिलनाडु को और 116 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कर्नाटक को निर्यात कर रहा है.
डॉ. आर वेणुगोपाल डिप्टी चीफ़ कंट्रोलर ऑफ़ एक्सप्लोसिव और मेडिकल ऑक्सीजन मॉनिटरिंग के नोडल ऑफ़िसर हैं.
‘कोरोना राष्ट्रीय आपदा’, सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता प्लांट को खोलने की इजाज़त दी
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कोरोना महामारी के मद्देनज़र देश में ऑक्सीजन की
आपूर्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में मौजूद वेदांता के स्टरलाइट
कॉपर प्लांट को खोलने की इजाज़त दे दी है.
कोर्ट ने कहा कि देश राष्ट्रीय आपदा का सामना कर
रहा है, ऐसे में लोगों की जान बचाना सबसे अहम है.
सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व
वाली तीन जजों की बेंच ने कहा, “हम संकट की घड़ी का सामना कर रहे हैं. इस मामले में
कोर्ट में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए. हम राष्ट्रीय आपदा का सामना कर
रहे हैं और एक कोर्ट के तौर पर हमें देश की मदद करनी होगी.”
अपने आदेश में उन्होंने ने कहा कि “इस प्लांट को केवल
ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए ही खोला जाएगा.”
हालांकि कोर्ट ने कहा है कि कंपनी के भीतर कितने
लोगों को जाने की इजाज़त होगी इस पर एक एक्सपर्ट पैनल फ़ैसला करेगी.
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भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि यहां जितनी ऑक्सीजन का उत्पादन होगा उसका पूरा इस्तेमाल लोगों के इलाज के लिए किया जाए और उसे केंद्र सरकार को दिया जाए, जो ज़रूरत के अनुसार आगे उसे राज्य सरकारों में बांटे.
वेदांता की तरफ से पेश हुए वरिष्ट वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को भरोसा दिया दिलाया है कि कोरोना महमारी के मद्देनज़र यहां केवल ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार बिजली मुहैया कराएगी, यहां पावर प्लांट नहीं चलाया जाएगा.
वेदांता ने कोर्ट से कहा है कि वो लोगों के इलाज के लिए मुफ्त में ऑक्सीजन देगी.
कोर्ट के पूछने पर वेदांता ने कहा कि वो दस दिनों के भीतर यहां ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर सकती है.
तमिलनाडु में वेदांता का कॉपर प्लांट से इलाक़े में प्रदूषण फैलने को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इस प्लांट को साल2018 में बंदकर दिया गया था.
इस मामले में 2018 में मद्रास हाई कोर्ट ने प्लांट को फिर से खोलने के संबंध में दायर याचिका को ख़ारिज करते हुए तमिलनाडु प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के फ़ैसले को कायम रखा था.
राष्ट्रीय संकट की घड़ी में हम मूकदर्शक नहीं बने रह सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
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कोरोना संक्रमण की सूनामी को 'राष्ट्रीय संकट' करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा है कि वो मूकदर्शक बने नहीं रह सकते हैं.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ़ किया कि कोविड मैनेजमेंट के लिए राष्ट्रीय नीति तय करने के लिए शुरू की गई कार्यवाही का मक़सद उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को अपने हाथ में लेना नहीं है.
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि देश के हाई कोर्ट अपने क्षेत्राधिकार वाले इलाकों पर निगरानी करने के मामले में बेहतर स्थिति में हैं.
कोर्ट ने कहा कि कुछ राष्ट्रीय मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय के दखल देने की ज़रूरत है क्योंकि ऐसे मुद्दे हो सकते हैं जहां राज्यों के बीच समन्वय बनाने की ज़रूरत आए.
जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस एस रवींद्र भट्ट और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली बेंच ने कहा, "हम एक पूरक की भूमिका निभा रहे हैं. अगर उच्च न्यायालयों को अपनी क्षेत्राधिकार की बाध्यता के कारण कोई समस्या आती है तो हम मदद करेंगे."
पिछले गुरुवार को इस बेंच ने देश में कोरोना महामारी की स्थिति पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उसे उम्मीद है कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय योजना लेकर सामने आएगी जिसमें ऑक्सीजन और दवाओं समेत अन्य ज़रूरी चीज़ों और सेवाओं की आपूर्ति के मु्द्दे को शामिल किया जाएगा.
भारत में हो रहे कोविड टेस्ट भरोसेमंद नहींः ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियर
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ऑस्ट्रेलिया के वेस्ट ऑस्ट्रेलिया राज्य के प्रीमियर मार्क मैकगोवन ने कहा है
कि ऑस्ट्रेलिया लौट रहे यात्रियों के लिए भारत में हो रहे कोविड-19 टेस्ट के नतीजे
या तो सही नहीं हैं या तो भरोसेमंद नहीं है.
मंगलवार को उन्होंने कहा कि इस कारण ऑस्ट्रेलिया की
व्यवस्था पर असर पड़ रहा है और नई मुश्किलें पैदा हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने भारत
से लौटे चार यात्रियों को कोविड पॉज़िटिव पाया है. इन चारों को पर्थ के एक होटल
में क्वारंटीन में रखा गया है.
एक स्थानीय टेलीविज़न चैनल से बात करते हुए मार्क मैकगोवन
ने कहा, “आज सवेरे हुई टीम का आपात बैठक में मुझे
बताया कि एक उड़ान से ऑस्ट्रेलिया आए 79 में से 78 यात्री भारत गए थे. हमारा
अनुमान है कि इनमें और अधिक कोविड पॉज़िटिव मामले पाए जा सकते हैं.”
उन्होंने कहा, “कुछ टेस्ट जो भारत में किए जा रहे हैं वो या
तो सही नहीं है या फिर उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता. साफ़ तौर पर इस कारण
दिक्कतें पेश आ रही हैं.”
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया आने वाले अधिकांश लोग जो वायरस से संक्रमित हैं वो इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि वहां की व्यवस्था में खामियां हैं.
उन्होंने सवाल किया, “यात्रा करने वाले लोगों के टेस्ट के नतीजे अगर ग़लत हैं य फिर वो ग़लत रिपोर्ट पेश कर उड़ान तक पहुंच रहे हैं तो इसके पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा होता है. इसी कारण यहां हम लोगों को पररेशानी हो रही है.”
मैकगोवन ने ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों से अपील की कि बेहद ज़रूरी न होने पर वो भारत की यात्रा न करें.
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार पर्थ में कोरोना
संक्रमण का जो पहला मामला दर्ज किया गया है वो यात्री हाल में एक शादी समारोह में
शिरकत करने के लिए भारत आए थे.
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भारत के लिए मदद भेजेगा ऑस्ट्रेलिया
इस बीच ऑस्ट्रेलिया की गृह मंत्री कैरन एंड्रयूज़ ने मंगलवार
को कहा कि कोरोना के कारण भारत में स्थिति चिंताजनक हो गई है.
उन्होंने कहा, “रोज़ संक्रमण के सैंकड़ों हज़ारों मामले
सामने आ रहे हैं, लोगों की मौतें हो रही हैं. वहां स्थिति बहुत बुरी है.”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भारत के लिए आपात मानवीय मदद भेजने
की संभावना तलाश रही है.
उन्होंने कहा, “फिलहाल भारत को ज़रूरी वेन्टिलेटर और ऑक्सीजन
मुहैय्या कराने को लेकर चर्चा जारी है. हम इस पर भी विचार कर रहे हैं कि हम और
क्या कर सकते हैं. साथ ही वहां फंसे यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने पर भी विचार
हो रहा है.”
इससे पहले मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट
मॉरिसन ने भारत से सभी सीधी यात्री उड़ानों को तीन सप्ताह के लिए रोक दिया है.
उन्होंने कहा
कि 15 मई को फिर से उड़ानों को बहाल करने पर विचार
किया जाएगा.
दिल्ली सरकार बैंकॉक से मंगाएगी ऑक्सीजन के 18 टैंकर
ऑक्सीज़न की कमी से जूझ रही दिल्ली सरकार ने 18 ऑक्सीजन टैंकर बैंकॉक से मंगाने का फ़ैसला किया है. ये टैंकर बुधवार से राजधानी में आने लगेंगे.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि हम केंद्र सरकार से निवेदन करते हैं कि वह हमें इसके लिए एयरफ़ोर्स के विमान के इस्तेमाल की इजाज़त दे दें. हमारी बातचीत जारी है, उम्मीद है ये बातचीत सफ़ल होगी जिससे ट्रांसपोर्ट का मसला हल हो जाएगा.
केजरीवाल ये भी बताया है कि दिल्ली सरकार फ़्रांस से 21 रेडी-टू-यूज़ ऑक्सीजन प्लांट का आयात कर रही है जिसे दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में लगाया जाएगा और इससे ऑक्सीजन की कमी की विकट समस्या हल हो सकेगी
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गुजरात ने वलसाड और पोरबंदर सहित 29 शहरों में लगाया नाइट कर्फ़्यू
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गुजरात के हिम्मतनगर, पालनपुर, नवसारी, पोरबंदर, बोटाड, वीरमगम, छोटा उदयपुर, वेरावल-सोमनाथ और वलसाड में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ़्यू लगाने का फ़ैसला किया गया है. गुजरात में 20 शहरों में पहले ही ये कर्फ़्यू लगाया जा चुका है.
ये कर्फ़्यू 28 अप्रैल से 5 मई तक लागू रहेगा. इस दौरान सभी आवश्यक चीजें जैसे- सब्ज़ी, फल, डेयरी, बेकरी और किराने की दुकान खुली रहेंगी.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई है.
क्या बंद रहेगा?
मॉल, सिनेमाहॉल, शॉपिंग कॉम्पलैक्स, स्पा, सैलून, पार्क राज्य के 29 शहरों में बंद रहेंगे.
धार्मिक स्थलों पर आम लोगों के जाने पर रोक होगी सिर्फ़ संचालन से जुड़े लोग या पुजारी ही पूजा कर सकेंगे. पूरे गुजरात में सार्वजनिक बसों में एकबार में कुल क्षमता के मुक़ाबले 50 फ़ीसद लोग ही यातायात कर सकेंगे. शादी-विवाह में अधिकतम 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोग ही शामिल होंगे.
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पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफ़र करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
कि सिद्दीक़ कप्पन को जंजीरों में बांध कर नहीं रखा गया है.
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सिद्दीक़ कप्पन की पत्नी के लगाए उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सिद्दीक़ को अस्पताल में जंजीरों से बांध कर रखा गया है.
अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल सेसिद्दीक़ कप्पन की मेडिकल रिपोर्ट फाइल करने के लिए कहा और मामले की सुनवाई बुधवार के लिए टाल दी है.
मामले की सुनवाई चीफ़
जस्टिस एनवी रमन्ना ने नेतृत्व वाली तीन जजों की बेंच कर रही है जिसमें जस्टिस
सूर्य कांत और जस्टिस एएस बोपन्ना शामिल हैं.
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केरल यूनियन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने मथुरा के एक अस्पताल में भर्ती सिद्दीक़ कप्पन को दिल्ली के अम्स अस्पताल में ट्रांसफ़र करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी.
सिद्दीक़ कप्पन की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट से कहा कि सिद्दीक़ अप्रैल 21 को कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें जंजीरों में बांध कर रखा गया है.
इसी सप्ताह केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिख कर कहा था कि कप्पन की तबीयत काफ़ी गंभीर है जबकि उन्हें यूएपीए के तहत हिरासत में रखा गया है.
पिनरई विजयन ने अपने पत्र में लिखा था, "ऐसा बताया जा रहा है कि उन्हें डायबिटीज़ है, दिल की बीमारी है, कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें मथुरा के केवीएम अस्पताल में भेजा गया है जहाँ अस्पताल के बिस्तर पर ज़ंजीर से बांधकर रखा गया है जबकि उनकी हालत काफ़ी गंभीर है."
कर्नाटक में आज से 14 दिनों का कोरोना कर्फ्यू
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कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी से
आए उछाल के बाद राज्य सरकार ने वहां 14 दिनों के कर्फ्यू की घोषणा की है.
प्रदेश के
उप मुख्यमंत्री सीएन अश्वत नारायण ने सोमवार को कहा कि कर्फ्यू 27 अप्रैल से लेकर
10 मई तक लागू रहेगा और इस दौरान कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
रामनगर में एक अस्पताल के दौरे के बाद उन्होंने
कहा, “राज्य में 27 अप्रैल के रात 9 बजे से लेकर अगले 14 दिनों तक कर्फ्यू लागू रहेगा.
इस दौरान सवेरे छह बजे से लेकर रात के दस बजे तक केवल ज़रूरी सेवाओं को इजाज़त
होगी.”
उन्होंने कहा, “सरकार ने खेती से जुड़े काम और मैनुफैक्चरिंग और
कंस्ट्रक्शन के काम के लिए सीमित तौर पर अनुमति देने का फ़ैसला किया है.”
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक वितरण
प्रणाली के तहत दिए जाने वाले राशन में चावल की मात्रा को कम करने की बात की
है.
उन्होंने कहा कि “इस दौरान चावल की कालाबाज़ारी रोकने के लिए चावल की मात्रा कम करने का
फ़ैसला किया है. चावल की जगह पर राशन में प्रति व्यक्ति तीन किलो मंडवा (रागी) दिया जाएगा.
इससे मंडवा की खेती करने वालों को भी मदद मिलेगी.”
बीते चौबीस घंटों में राज्य में जहां कोरोना के 34,804 ताज़ा मामले दर्ज किए
गए हैं, वहीं 143 लोगों की मौत इससे
हुई है.
राज्य में कोरोना के 2,62,162 एक्टिव मामले हैं जबकि
कुल मौतों का आंकड़ा 14,426 हो चुका है.
ब्रेकिंग न्यूज़, ऑस्ट्रेलिया ने भारत से सीधी यात्री उड़ानों पर 15 मई लगाई रोक
ऑस्ट्रेलिया ने भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र भारत से सभी सीधी यात्री उड़ानों को तीन सप्ताह के लिए रोक दिया है.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने मंगलवार को कहा कि 15 मई को फिर से उड़ानों को बहाल करने पर विचार किया जाएगा.
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ब्रेकिंग न्यूज़, नतीजों के बाद विजय जुलूस नहीं निकाल सकती पार्टियां - चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों की मतगणना के दिन, यानी दो मई को और उसके बाद भी राजनीतिक पार्टियों के विजय जुलूस निकालने
पर पाबंदी लगी दी है.
साथ ही चुनाव आयोग ने ये भी कहा है कि विजेता
उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि के साथ दो से अधिक लोगों को अपनी जीत का सर्टिफ़िकेट
लेने के लिए रिटर्निंग अफ़सर के पास जाने की इजाज़त नहीं होगी.
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए आयोग ने फ़ैसला किया है कि मतों के गितनी के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा.
हाल मे चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी) विधानसभा चुनाव कराए गए थे. मतों की गिनती दो मई को होनी है.
पश्चिम बंगाल में आठवें और आख़िरी चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा.
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इससे एक दिन पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कोविड-19 महामारी
के दौरान चुनावी रैलियों को इजाज़त देने के लिए चुनाव आयोग की
कड़ी आलोचना की थी.
सोमवार को
मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस
संजीब बनर्जी ने चुनाव आयोग की तरफ से पेश हुए वकील से कहा कि, “कोरोना की
दूसरी लहर के लिए केवल चुनाव आयोग ज़िम्मेदार है.”
चीफ़ जस्टिस ने कहा कि “चुनाव
आयोग के अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाया जाना चाहिए.”
कोर्ट ने कहा कि आयोग इस बात की पूरी
योजना पेश करे कि मतगणना के दिन कोविड-19 के कारण लगाए गए दिशानिर्देशों का कैसे पालन किया जाएगा, नहीं तो कोर्ट दो मई को
होने वाली मतगणना पर रोक लगा सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में कोरोना के 3,23,144 नए मामले, 2771 मौतें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार
देश में बीते चौबीस घटों में कोरोना संक्रमण के 3,23,144 नए मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं कोरोना से
2771 लोगों की मौतें हुई हैं.
ताज़ा आंकड़ों के बाद देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1,76,36,307 हो गया है, वहीं अब तक देश में कोरोना से
कुल 1,97,894 मौतें हुई हैं.
आईसीएमआर ने बताया है कि 26 तारीख को कोरोना
संक्रमण के लिए देश में कुल 280,979,877 नमूनों की जांच की गई है.
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ब्रिटेन की भेजी मदद आज सवेरे दिल्ली पहुंची
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मंगलवार सवेरे ब्रिटेन से भेजी गई 100 वेंटिलेटर, 95 ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर और ज़रूरी दवाओं की पहली खेप भारत पहुंच
गई है.
एक दिन पहले ब्रिटेन
के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि कोरोना
की दूसरी घातक लहर का मुक़ाबला कर रहे भारत के लिए वो 300 से अधिक ऑक्सीजन
कन्सन्ट्रेटर समेत 600 मेडिकल डिवाइस भेजेगा.
इस तरह दवाओं और
मेडिकल सामान की कुल नौ खेप भारत के लिए भेजी जा रही है, जिसकी पहली खेप आज दिल्ली पहुंची है.
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रेमडेसिविर दवा की 4.5 लाख शीशियाँ भारत को देगी गिलिएड
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भारत में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के देखते हुए अमेरिकी
कंपनी गिलिएड साइन्सेज़ ने कहा है कि वो भारत को रेमडेसिविर दवा की 4.5 लाख शीशियाँ देगी.
कंपनी ने सोमवार को ये भी कहा है वो भारत में इस दवा
का उत्पादन बढ़ाने के लिए वो ज़रूरी एक्टिव फ़ार्मासुटिकल इंग्रीडिएंट (कच्चा माल)
भी दान करेगी.
गिलिएड ने कहा है कि सभी सात भारतीय कंपनियां जिनके
पास रेमडेसिविर के उत्पादन का लाइसेंस है उन्होंने अपना उत्पादन बढ़ाया है. साथ ही
वो सभी अपनी उत्पादन क्षमता और बढ़ाने में और स्थानीय दवा उत्पादकों की मदद लेने
में जुटी हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अप्रैल 11 तारीख
तक कंपनियों ने अपनी उत्पादन क्षमता 39 लाख यूनिट प्रति माह कर ली है. गीलिएड का
कहना है कि उसके दिए एक्टिव फ़ार्मासुटिकल इंग्रीडिएंट की मदद से भारत में इस दवा
का उत्पादन बिना किसी रुकावट के होने में मदद मिलेगी.
हाल के दिनों में भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते
मामलों के कारण दवा की मांग में तेज़ी से उछाल आया है.
इस कारण सरकार ने इस महीने
की शुरूआत में रेमडिसिविर और इसके एक्टिव फ़ार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट के निर्यात पर
पाबंदी लगा दी थी.
भारत में कोविड-19 के गंभीर मामलों में वयस्कों और
बच्चों में रेमडिसिविर के इस्तेमाल की इजाज़त दी गई है.
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गिलिएड साइंसेस की चीफ़ कमर्शियल ऑफ़िसर जोआना
मर्सर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, “फिलहाल हमारा ध्यान इस बात पर है कि भारत में जल्द
से जल्द कोरोना के मरीज़ों के लिए ये दवा उपलब्ध कराई जा सके. इसके लिए हम सरकार,
स्वास्थ्य अधिकारियों और वालंटरी लाइसेंस धारकों से बातचीत कर रहे हैं.”
कोरोना के कहर को देखते हुए अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने भी भारत को आपातकालीन मदद भेजी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी किए आंकड़ों
के अनुसार भारत में संक्रमितों की कुल संख्या 17.31 करोड़ हो चुकी है और मरने वालों की संख्या 195,123 हो चुकी है.
हालांकि जानकारों का कहना है संक्रमितों और मरने वालों
का आंकड़ा आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकता है.
रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाने की कोशिशें
रेमडेसिविर एक जेनेरिक
एंटीवायरल दवा है.ये लाइसेंस्ड ड्रग है जिसका पेटेंट अमेरिका की गिलिएड कंपनी
के पास है.
गिलिएड ने भारत की कुछ कंपनियों को ये दवा बनाने का लाइसेंस
दिया है. इनमें डॉक्टर रेडीज़ लेबोरेटरीज़, ज़ायडस कैडिला, सिप्ला, हेटेरो लैब्स,
जुबिलिएंट लाइफ़सांइन्सेस और मायलान जैसी कंपनियाँ शामिल हैं. इसका मतलब ये है कि ये कंपनियाँ भी रेमडेसिविर बना सकती हैं और बाज़ार में बेच सकती हैं.
बीते सप्ताह रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा
था कि कोरोना के कारण बढ़ती मांग को पूरा
करने के लिए सरकार रेमडेसिविर का उत्पादन 3 लाख शीशियां प्रति दिन करने की कोशिश
कर रही है.
उन्होंने कहा था कि अप्रैल 12 तारीख तक रेमडेसिविर के
उत्पादन के लिए 25 नए मैनुफैक्चरिंग प्लांट को इजाज़त दी गई है जिसके बाद इसका
उत्पादन 40 लाख शीशी प्रति महीने से बढ़ा कर 90 लाख शीशी प्रति महीने किया गया है.
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ऐस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन के छह करोड़ डोज़ दूसरे देशों को देगा अमेरिका
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व्हाइट
हाउस ने कहा है कि वो कोरोना महामारी से जूझ रहे देशों को ऑक्सफ़र्ड और ऐस्ट्राज़ेनेका
की बनाई वैक्सीन के छह करोड़ डोज़ देगा.
अमेरिकी सरकार
के अनुसार नियामकों की सुरक्षा समीक्षा के बाद आने वाले महीनों में दूसरे देशों
में वैक्सीन भेजी जाएगी.
अमेरिकी
नियामकों ने अब तक देश के नागरिकों के लिए ऐस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन के इस्तेमाल
को मंज़ूरी नहीं दी है, लेकिन अमेरिका ने बड़ी संख्या में ये वैक्सीन पहले ही खरीद
ली है.
आलोचकों का
कहना है कि ऐसे वक्त जब दूसरे देशों को वैक्सीन की सख़्त ज़रूरत है, तब अमेरिकी सरकार
वैक्सीन जमा कर चुका है और इसे दूसरों के साथ नहीं बांटना चाहता.
बीते महीने
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि वो ऐस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन के 40 लाख
डोज़ मेक्सिको और कनाडा को देंगे. इन दोनों देशों के नियामकों ने इस वैक्सीन के
इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी है.
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भारत में कोरोना के कहर के कारण
अमेरिकी प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो भारत के साथ स्वास्थ्य संसाधन साझा करे.
सोमवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि आने वाले कुछ सप्ताह में अमेरिकी
नियामक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफ़डीए) वैक्सीन को लेकर अपनी सुरक्षा
समीक्षा पूरा कर लेगा, जिसके बाद उसे उम्मीद है कि वो वैक्सीन की एक करोड़ खुराक दूसरे
देशों को दे सकेगा.
व्हाइट हाउस का कहना है कि वैक्सीन उत्पादन का काम जारी है
और फिलहाल पांच करोड़ डोज़ के उत्पादन का काम अलग-अलग स्तर तक पहुंचा है.
एक संवाददाता सम्मेलन में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेल साकी ने कहा कि निर्यात किए जाने से पहले एफ़डीए
के अधिकारी वैक्सीन के डोज़ की गुणवत्ता क जांच करेंगे.
उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में हमारी टीम इस योजना के बारे
में अधिक जानकारी साझा करेगी और ये भी बताएगी कि किसे वैक्सीन दी जाएगी. लेकिन
फिलहाल ये योजना अपने शुरूआती दौर में है.”
इससे पहले अमेरिका ने घोषणा की थी
कि वो भारत के वैक्सीन निर्माताओं को वैक्सीन बनाने के लिए कच्चा माल देने के लिए
तैयार है.
सोमवार को अमेरिका राषट्रपति जो
बाइडन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर चर्चा की. इसके बाद जारी एक
बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका भारत के लिए आपातकालीन मदद के रूप में “ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़े उपकरण, वैक्सीन बनाने के लिए
ज़रूरी सामान और दवाएं भेजेगा.”
अमेरिका भारत को मेडिकल ऑक्सीजन,
कोविड-19 टेस्ट किट, पीपीई किट और रेमडेसिविर दवा जल्द से जल्द भेजने की कोशिश कर रहा
है.
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अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अब तक देश में तीन
कंपनियों की बनाई कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाज़त दी है, ये हैं - फ़ाइज़र
और बायोएनटेक, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन.
जानकारों का कहना है कि शायद अमेरिका की ज़रूरत इन तीन
वैक्सीन से पूरी हो जाए और उसे ऐस्ट्राज़ेनेका
की वैक्सीन के इस्तेमाल की ज़रूरत ही न पड़े.
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश के
वयस्कों की कुल 53 फीसदी आबादी को अब तक कोरोना वैक्सीन की एक डोज़ लगाई जा चुकी
है.
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