दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के क़रीब 23 हजार मामले, 350 की मौत
दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान 350 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया है. वहीं इस दौरान इस संक्रमण के 22,913 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 21,071 पुराने मरीज संक्रमण से मुक्त होकर ठीक हो चुके हैं.
लाइव कवरेज
कोरोना की दूसरी लहर ने देश को झकझोर दिया है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत कोरोना संक्रमण के प्रकोप का ज़िक्र करते हुए
की.
उन्होंने कहा, “कोरोना की पहली वेव का सफलतापूर्वक मुकाबला
करने के बाद देश हौसले और आत्मविश्वास से भरा हुआ था, लेकिन इस तूफ़ान ने देश को झकझोर दिया है.”
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ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में संक्रमण के 3,49,691 नए मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 3,49,691 नए मामले सामने आए हैं जबकि इसके कारण 2,767 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही देश में करोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा अब 1.92,311 हो गया है.
मंत्रालय के अनुसार देश में कुल पॉज़िटिव मामलों की संख्या अब 1,69,60,172 हो गई है.
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को देश में चौबीस घंटों में संक्रमण के 3,46,786 नए मामले दर्ज किए गए थे और 2,624 लोगों की मौत हुई थी.
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ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना त्रासदी पर बोला अमेरिका- हम तेज़ी से मदद मुहैया कराएंगे
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अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने भारत में कोरोना की भयावह त्रासदी पर कहा है कि उनकी संवेदना भारतीयों के साथ है.
ब्लिंकन ने ट्वीट कर लिखा है, ''हम इस मामले अपने साझेदार भारत की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हम भारतीयों और भारत के स्वास्थ्य कर्मियों की मदद के लिए अतिरिक्त समर्थन तेज़ी से मुहैया कराएंगे.''
भारत में तेज़ी से टीकाकरण शुरू हो इसके लिए ज़रूरी है कि अमेरिका कोविड-19 वैक्सीन बनाने में इस्तेमाल होनी वाली ज़रूरी चीज़ों पर से पाबंदी हटाए. दो दिन पहले ही अमेरिका ने निर्यात पर पाबंदी की नीति का बचाव करते हुए कहा था कि बाइडन प्रशासन पहले अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित करने पर ध्यान दे रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा था, ''अमेरिका अपने नागरिकों के टीकाकरण को लेकर प्रभावी तरीक़े से काम कर रहा है. अभी यह जारी है और जब तक पूरा नहीं हो जाता तब तक नीति में बदलाव संभव नहीं है. हमारे ऊपर पहले अमेरिकी नागरिकों की ज़िम्मेदारी है. किसी भी देश की तुलना में अमेरिका में ज़्यादा मौतें हुई हैं. पाँच लाख, 50 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान गई है और अब भी लाखों की संख्या में संक्रमित लोग हैं.''
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कोरोना का नया वैरिएंट भारत में इतना ख़तरनाक क्यों?
भारत में कोरोना का नया वैरिएंट क्या दूसरी लहर को कहीं ज़्यादा ख़तरनाक बना रहा है? क्या यह दुनिया भर में फैल रहा है और क्या यह वैश्विक ख़तरा बन चुका है?
भारतीय वैज्ञानिक फ़िलहाल इस बात को लेकर निश्चिंत नहीं हैं कि कथित डबल म्यूटैंट वायरस, जिसे आधिकारिक तौर पर बी.1.617 कहा जा रहा है, उसकी वजह से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.
इसकी एक वजह तो यही है कि अभी भारत में पर्याप्त जीनोम सीक्वेंस के लिए सैंपल एकत्रित नहीं हो पाए हैं. हालांकि महाराष्ट्र में एकत्रित किए गए सीमित सैंपल में से 61 फीसदी मामलों में यह वैरिएंट पाया गया है.
वीडियो कैप्शन, कोरोना का नया वैरिएंट भारत में इतना ख़तरनाक क्यों?
वैक्सीन के लिए 18 साल से ऊपर वाले लोग कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
कोविड-19 के टीकाकरण के लिए तीसरे चरण के रजिस्ट्रेशन 28 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. इस चरण के लिए 18 साल और उससे ऊपर की आयु वाले 1 मई से टीका लगवा सकेंगे.
इस चरण में टीका लगवाने के लिए लोगों को कोविन प्लेटफॉर्म या आरोग्य सेतु एप पर जाकर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा, सीधे अस्पताल में जाकर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा.
कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया की दो वैक्सीन को इजाज़त दी थी और इसके बाद विदेश में बनी स्पुतनिक V वैक्सीन के भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी दी गई.
स्टोरी: टीम बीबीसी, आवाज़: मोहम्मद शाहिद, वीडियो एडिट: केंज़
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पाकिस्तान ने की भारत की मदद की पेशकश
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भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों के बीच पड़ोसी
पाकिस्तान ने शनिवार को उसे मदद की पेशकश की है. दुनिया के किसी और देश की तुलना
में बीते तीन दिनों से देश में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले दर्ज किए जा रहे
हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि महामारी का असर झेल
रहे भारत को वो ज़रूरी मेडिकल इक्विपमेंट देना चाहता है.
बयान में कहा गया है, “महामारी की इस संकट की घड़ी में हम भारत के
नागरिकों के साथ है. पाकिस्तान मदद के तौर पर भारत को वेन्टिलेटर, बाईपैप मशीनें,
डिजिटल एक्स-रे मशीनें, पीपीई किट और ज़रूरी मेडिकल सप्लाई देना चाहता है.”
पकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर
किए अपने पोस्ट में कहा कि ”पाकिस्तान मानवता को प्राथमिकता देने की
नीति पर यक़ीन करता है.”
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बयान के अनुसार पाकिस्तान ने कहा है कि ये सामान जल्द से जल्द भारत पहुंच सके
इसके लिए दोनों पड़ोसी मुल्क के संबंधित अधिकारी मिल कर
काम कर सकते हैं.
साथ ही कहा गया है कि, “दोनों मुल्क महामारी के कारण आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए संभावित
तरीक़ों की तलाश भी कर सकते हैं.”
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी भारत के लोगों के प्रति सहानुभूति
जताई है. उन्होंने कहा कि उनके “पड़ोस में और दुनिया में” घातक वायरस का सामना कर रहे लोगों के जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए पाकिस्तान प्रार्थना
करता है.''
उन्होंने कहा कि ये कोरोना महामारी एक वैश्विक संकट है जिसका पूरी मानव जाति
को मिलकर मुक़ाबला करना है.
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इधर पाकिस्तान के संचार मंत्री फव्वाद चौधरी ने भी भारत में कोरोना के बढ़ते
मामलों को देखते हुए चिंता जाताई है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस मुश्किल वक़्त में हमारी प्रार्थना भारत के लोगों के साथ है. ईश्वर उन पर कृपा
करे ताकी वो जल्द से जल्द संकट की इस घड़ी से बाहर निकलें.”
पाकिस्तान के नेताओं के अलावा वहां के आम लोगों ने भी भारत की मदद की पेशकश की
है. जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता अब्दुल सत्तार एधी के बेटे फ़ैसल एधी ने भी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मदद की पेशकश की है.
“भारत में संक्रमण रोकना बेहद मुश्किल"
शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के
प्रमुख टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा कि भारत में तेज़ी से बढ़ते संक्रमण के
मामले चिंता का विषय हैं. जेनिवा में वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन के दौरान उनहोंने
कहा कि “दुर्भाग्य की बात है कि भारत की स्थिति
हमें या बता रही है कि ये वायरस क्या कुछ कर सकता है.”
संगठन के इमर्जेंसी डायरेक्टर माइक
रायन ने कहा है कि भारत मेंतेज़ी से फैलते संक्रमण को रोकना “बेहद मुश्किल काम है”, लेकिन सरकार लोगों के बीच मेलजोल कम करने और उनके बीच सोशल
डिस्टेन्सिंग बनाए रखने के लिए सभी संभव क़दम उठा रही है.
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भारत की महामारी की स्थिति
भारत फ़िलहाल कोरोना महामारी की दूसरी घातक लहर का सामना कर रहा है और इसका असर
यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था व्यवस्था पर पड़ रहा है जो मरीज़ों की बढ़ती तादाद के
बीच चरमराने की कगार तक पहुंच चुकी है. अस्पतालों में आईसीयू बेड की और आक्सीजन की
भारी कमी देखी जा रही है.
राजधानी दिल्ली में हर चार मिनट में एक मौत कोविड-19 के कारण हो रही है और यहां
के कई अस्पतालों से कहा है कि उनके पास कोविड-19 मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन नहीं बची है.
देश के दूसरे हिस्सों से अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन मंगाने के लिए भारत सरकार
ने ट्रेनों और सेना के विमानों की विशेष व्यवस्था की है.
दिल्ली के बत्रा अस्पताल समेत कई अस्पतालों ने कहा है उनके पास गंभीर मरीज़ों के
लिए केवल कुछ घंटों की ऑक्सीजन बची है.
शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन
में कहा, “कृपया हमारी मदद करें, यहां बड़ी त्रासदी
हो सकती है.”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को देश में कोरोना संक्रमण के
रिकॉर्ड 346,786मामले दर्ज
किए गए थे. ये लगातार तीसरा दिन है जब भारत में संक्रमण के सबसे अधिक मामले दर्ज
किए गए हैं.
कोरोना वायरस: अपने कमज़ोर होते इम्युन सिस्टम को ऐसे बचाएं
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कोविड-19 महामारी ने लोगों को उनकी सेहत को लेकर
जागरूक करने का काम किया है. लोगों को इस बात का बख़ूबी एहसास कराया है कि स्वस्थ
जीवन के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर होना कितना ज़रूरी है.
यह जटिल नेटवर्क
ही वो हथियार है जो हमारे शरीर को बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रखता है.
शरीर के किसी भी
दूसरे हिस्से की तरह, प्रतिरक्षा प्रणाली भी साल-दर-साल कमज़ोर
होती जाती है. जिसका सीधा मतलब ये है कि हमारे बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है.
हमारे संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है.
यह एक बड़ा कारण
है कि ऐसे समय में जब कोविड महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया तो
बुज़ुर्गों को ज़्यादा एहतियात बरतने के दिशा-निर्देश दिए गए. विशेषज्ञों ने
स्पष्ट तौर पर कहा कि जो लोग 65
साल की उम्र के
पार हैं, उनके संक्रमित होने की आशंका काफ़ी अधिक है.
उनके लिए जोख़िम तुलनात्मक रूप से अधिक है.
हालांकि यह ज़रूरी नहीं है कि हमारा इम्यून सिस्टम बढ़ती उम्र के समानुपात में
ही कमज़ोर हो.
इसरायल के
टेक्नियोन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में इम्यूनोलॉजिस्ट शाई शेन-ऑर ने बीबीसी से
बातचीत में कहा, "हम ऐसे कई लोगों को जानते हैं जोकि 80 साल के हैं लेकिन उनका इम्यून सिस्टम 62 साल का है. कई
मामले इसके बिल्कुल उलट भी होते हैं."
अच्छी ख़बर यह
है कि हम अपने इम्युन सिस्टम के कमज़ोर होने की प्रक्रिया को कम कर सकते हैं और
उसके लिए हमें सिर्फ़ कुछ बातें अपनानी हैं.