दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के क़रीब 23 हजार मामले, 350 की मौत
दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान 350 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया है. वहीं इस दौरान इस संक्रमण के 22,913 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 21,071 पुराने मरीज संक्रमण से मुक्त होकर ठीक हो चुके हैं.
लाइव कवरेज
भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन की एक्सपायरी डेट बढ़ाने के लिए DGCI को लिखी चिट्ठी
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भारत
बायोटेक ने अपनी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन की एक्सापयरी डेट बढ़ाने के लिए भारतीय
ड्रग नियामक से अनुमति माँगी है.
समाचार
एजेंसी पीटीआई ने यह ख़बर सूत्रों के हवाले से दी है.
भारत
बायोटेक कोवैक्सीन की एक्सपायरी डेट छह महीने से बढ़ाकर 24 महीने करना चाहती है.
कंपनी ने इस बारे में डीजीसीए को चिट्ठी लिखी है.
हैदराबाद
की कंपनी भारत बायोटेक की बनाई वैक्सीन कोवैक्सीन को छह महीने तक 2-8 डिग्री
सेल्सियस पर स्टोर किया जा सकता है.
अब
कंपनी ने डीजीसीए को लिखी चिट्ठी में कोवैक्सीन की शेल्फ़ लाइफ़ बढ़ाने का अनुरोध
किया है और अपने प्रस्ताव के समर्थन में रियल टाइम डेटा भी दिया है.
इससे
पहले डीजीसीआई ने फ़रवरी एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टिट्यूटकी वैक्सीन कोविशील्ड
की एक्सपायरी डेट बढ़ाकर छह महीने से नौ महीने कर दी थी.
कोरोना को भगा सकता है सर्दी-ज़ुकाम वाला वायरस: रिसर्च
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इमेज कैप्शन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्लास्गो के वैज्ञानिकों का कहना है कि सर्दी-ज़ुकाम के लिए ज़िम्मेदार राइनो वायरस कोरोना को हरा सकता है.
कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि सामान्य सर्दी-ज़ुकाम वाला वायरस इंसान के शरीर से कोरोना वायरस को बाहर निकाल सकता है.
कुछ वायरस ऐसे होते हैं जो इंसानी शरीर को संक्रमित करने के लिए दूसरे वायरस से लड़ते हैं. सामान्य सर्दी-ज़ुकाम वाला वायरस भी कुछ ऐसा ही है.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्लास्गो के वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा लगता है कि सर्दी-ज़ुकाम के लिए ज़िम्मेदार राइनो वायरस कोरोना वायरस को हरा सकता है.
वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि भले ही राइनो वायरस से होने वाला फ़ायदा थोड़ी देर के लिए रहे लेकिन यह इंसानी शरीर में इस कदर फैल दाता है कि इससे कोरोना वायरस के असर को कम करने में मदद मिल सकती है.
भारत के 10 राज्यों में हैं कोरोना के 74.53% मामले
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भारत
के 10 राज्य ऐसे हैं जो पूरे देश में कोरोना संक्रमण के 74.53 फ़ीसदी मामलों के
लिए ज़िम्मेदार हैं.
ये
राज्य हैं: महाराष्ट्र,
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तमिल नाडु, गुजरात
और राजस्थान.
रविवार
को सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले महाराष्ट्र में (67,160) आए. महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश (37,944)और कर्नाटक (29,438) दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे.
भारत
में एक्टिव केसलोड बढ़कर 26,82,751 हो गया है और अब यह देश में संक्रमण के कुल मामलों का 15.82 फ़ीसदी
है.
महाराष्ट्र,
छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात और केरल को मिलाकर
भारत के कुल सक्रिय मामलों के 69.94 फ़ीसदी मामले हैं.
केंद्रीय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली,
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, गुजरात,तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार और पश्चिम बंगाल
ऐसे राज्य हैं जहां कोविड-19 के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं.
हालाँकि
कोरोना से राष्ट्रीय मृत्युदर कम होकर 1.13 फ़ीसदी हो गया है.
यहाँ
यह ध्यान में रखना भी ज़रूरी है कि कोरोना से हो रही कुल मौतों का 80.23 हिस्सा
सिर्फ़ 10 राज्यों में देखने को मिल रहा है.
बड़े गुलाम अली ख़ानः शास्त्रीय संगीत के महान कलाकार पाकिस्तान छोड़कर भारत क्यों आ गए थे?
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एक तरफ, भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इस महान कलाकार के आभारी थे, तो दूसरी ओर, पाकिस्तान में एक सरकारी अधिकारी ने उनका अपमान करके उन्हें अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिये मजबूर कर दिया.
यह कहानी है उस्ताद बड़े गुलाम अली ख़ान की, जिनके बारे में संगीत के उस्तादों का कहना है कि वो शास्त्रीय संगीत के इतिहास में सबसे विश्वसनीय, सम्मानित और प्रसिद्ध उस्ताद हैं.
स्वतंत्रता के बाद, राष्ट्रपिता गांधी जी को राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रार्थना करानी थी, गांधी जी के भाषण और प्रार्थना से पहले, कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उस्ताद बड़े गुलाम अली ख़ान को अपनी कला का प्रदर्शन करना था, लेकिन उन्हें आने में देर हो गई,
बड़े ख़ान साहब मुंबई के ट्रैफिक में फंस गए थे और पूरे देश के साथ-साथ बापू भी उनका इंतजार कर रहे थे.
ख़ान साहब के आते ही लोगों ने तालियां बजानी शुरू कर दी. उस्ताद बड़े गुलाम अली ख़ान साहब की सांसें फूली हुई थी. उनके मोटे शरीर और बड़ी-बड़ी मूंछें देख कर ऐसा लगता था जैसे कोई अधेड़ उम्र का पहलवान हो.
गांधी जी की नज़र ख़ान साहब पर थी जो इतने महत्वपूर्ण समारोह में देरी से आने की वजह से शर्मिंदा थे.
गांधी जी ने जब देखा कि ख़ान साहब परेशान हैं, तो उन्हें देखते हुए कहा कि ख़ान साहब आप बहुत हट्टे-कट्टे हैं और मैं दुबला-पतला हूं इसलिए आपसे लड़ नहीं सकता. यह सुन कर ख़ान साहब की शर्मिंदगी ख़त्म हो गई और फिर उन्होने गाना शुरु किया.
स्वतंत्रता के इस यादगार समारोह में, उस्ताद बड़े गुलाम अली ख़ान सहाब ने राग पहाड़ी में एक बंदिश सुनाई जिसका मुखड़ा था-हरिओम तित सत जपा कर, जपा कर.
उस्ताद ने भजन भी सुनाये. भजन सुनने के बाद गांधी जी ने कहा कि मानव आत्मा कभी समाप्त नहीं होती. आत्मा कुछ खाती-पीती नहीं है. अगर उसे कुछ खाना हो, तो यह भजन उसका भोजन हो सकता है. गांधी जी ने उस्ताद बड़े गुलाम अली ख़ान की तरफ इशारा करते हुए, शुद्ध संस्कृत में कुछ कहा, जिसका अर्थ था कि मानवता की भलाई की शिक्षा एक महान आवाज से अमर हो गई.
उसके बाद ज़ोरदार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी और बड़े ख़ान साहब देर तक गाते रहे.
18 से 45 साल की उम्र के लोगों को टीका लेने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य
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अगली एक मई से 18 से 45 साल की उम्र के लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन लेने के लिए उन्हें कोविन ऐप पर पंजीकरण करवाना ही होगा.
रविवार को एक अधिकारी ने इस बारे में बताया कि इसके लिए हाथोहाथ पंजीकरण कराने की सुविधा नहीं होगी.
हालांकि 45 साल से बड़े लोगों का टीका लेने से ठीक पहले पंजीकरण हो सकता है.
अधिकारी ने बताया कि "सभी के लिए वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम शुरू हो जाने के बाद इसकी मांग ख़ासी बढ़ जाएगी. और टीका लगाने वाली जगह पर भीड़ से बचने के लिए वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर अपॉइंटमेंट लेना ज़रूरी कर दिया गया है."
18 से 45 साल के बीच के लोगों को वैक्सीन लेने के लिए कोविन और आरोग्य सेतु ऐप पर 28 अप्रैल से पंजीकरण करवाना होगा.
टीका लेने और दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया को पहले जैसा ही रखा गया है.
पाकिस्तान के उर्दू अख़बारों में भारत के कोरोना संकट पर क्या छप रहा?
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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा फ़्रांस के राजदूत को देश से वापस भेजे जाने का मुद्दा सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहा.
सबसे पहले बात कोरोना की.
पाकिस्तान में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन्स को पूरी तरह लागू करने के लिए सेना की मदद लेने का फ़ैसला किया गया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राब्ता कमिटी के साथ बैठक करने के बाद कहा कि "देश में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं लेकिन अफ़सोस की बात है कि कोई भी नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए हमने पुलिस और रेंजर्स के अलावा सेना से भी कहा है कि वो सड़कों पर आएं और कोरोना की गाइडलाइन्स पर अमल करवाएं."
भारत के साथ 'गोपनीय वार्ता' पर बोले पाकिस्तानी विदेश मंत्री
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने पाकिस्तान और भारत के बीच किसी तरह की 'खुफ़िया बातचीत' से इनकार किया है और कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच बैकडोर चैनल के ज़रिए या फिर किसी तीसरे पक्ष की मदद से कोई बातचीत नहीं चल रही है.
शुक्रवार को तुर्की के टेलीविज़न चैनलटीआरटीवर्ल्डको दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस तरह दावों को ख़ारिज किया और कहा कि "फ़िलहाल उनके साथ हमारी किसी तरह की बातचीत नहीं चल रही है. संयुक्त अरब अमीरात किसी तरह की बातचीत के लिए मध्यस्थता नहीं कर रहा है."
हाल में इस तरह की ख़बरें आई थीं कि इस साल दोनों पड़ोसियों के बीचगुप्त संपर्क और बातचीतकी शुरुआत हो चुकी है, जिसकी मध्यस्थता संयुक्त अरब अमीरात कर रहा है.
कोरोना के साये में सहमी, मौतों के बाद सिसकती दिल्ली का आँखों देखा हाल
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पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन ख़त्म होने, बिस्तर, दवाइयों और वेन्टिलेटर की कमी और मज़दूरों के पलायन की ख़बरों के बीच इस संकट का जायज़ा लेने शनिवार की सुबह मैं अपनी कार में बैठकर बाहर निकला.
मैंने कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, एक बस अड्डे, और एक रेलवे स्टेशन का भी हाल देखा.
सड़कों पर इक्का-दुक्का ही गाड़ियाँ दिख रही थीं. मेरी कार के दोनों तरफ़ से एम्बुलेंस दनदनाते हुए आगे बढ़ रहे थे लेकिन उनके सायरन की गूंज मुझे देर तक सुनाई दे रही थी.
तक़रीबन दो करोड़ की आबादी वाला ये महानगर शनिवार के दिन अपेक्षा से कहीं अधिक शांत था. दुकान-बाज़ार सब बंद थे, केवल वही लोग घर से बाहर थे जिनके लिए बाहर निकलना जिनकी मजबूरी थी, या फिर जिनके पास बाहर जाने के लिए कर्फ्यू पास थे.
कोरोना महामारी की मुश्किल घड़ी में अमेरिका ने क्या मोदी सरकार को निराश किया है?
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भारत इन दिनों कोरोना महामारी के सबसे भयानक दौर से गुज़र रहा है. रोजाना आने वाले रिकॉर्ड मामले, बड़ी संख्या में मौतें और अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट लोगों का दिल दहला रहा है.
इस संकट पर दुनिया भर की नज़र है और दुनिया के कई देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं.
फिर चाहे सिंगापुर का भारत को मेडिकल ऑक्सीजन भेजना हो या सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों का मदद के लिए आगे आना.
हालाँकि इन सबके बीच अमेरिका ने भारत को लेकर जैसा रुख अपनाया है, उसे कुछ लोग ‘अप्रत्याशित’ मान रहे हैं.
आख़िर कब मदद करेगा अमेरिका?
पहले तो अमेरिका ने वैक्सीन और दवाओं से जुड़े कच्चे माल के आयात पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया और व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि, "अमेरिका फ़र्स्ट यानी अमेरिका पहले अपने नागरिकों की ज़रूरतें पूरी करेगा."
ब्रेकिंग न्यूज़, कांग्रेस शासित राज्य सरकारों का आरोप, केंद्र वैक्सीन के आवंटन में सौतेला बर्ताव कर रहा है
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कांग्रेस और उसके गठबंधन वाली चार राज्य सरकारों ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने कोविड वैक्सीन के स्टॉक को अपने नियंत्रण में ले लिया है और उन्होंने संदेह जाहिर किया है कि एक मई से वे 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन देने का अभियान अपने यहां नहीं शुरू कर पाएंगे.
इन राज्य सरकारों का ये भी आरोप है कि केंद्र उनके साथ सौतेला बर्ताव कर रहा है और उन्होंने केंद्र सरकार से 18 वर्ष से ऊपर की आयु वाले सभी लोगों को निशुल्क वैक्सीन देने की अपील की है.
छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रियों ने एक वर्चुअल ज्वॉयंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे 18 वर्ष से ऊपर की आयु वाले सभी लोगों को कैसे वैक्सीन की खुराक मुहैया करा पाएंगे जब कि केंद्र सरकार ने सारा स्टॉक पहले से अपने नियंत्रण में ले लिया है और इसकी स्टॉक उनके लिए उपलब्ध नहीं है.
झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है और कांग्रेस इसमें गठबंधन साझीदार है.
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने उनसे कहा है कि वे 15 मई तक वैक्सीन की खेप नहीं भेज पाएंगे.
उन्होंने सवाल पूछा कि ऐसे हम 18 से 45 साल की आयु वर्ग के लोगों को कैसे वैक्सीन मुहैया करा पाएंगे.
उन्होंने कहा, "हमारे पास क्षमता है लेकिन वैक्सीन नहीं. राज्यों को वैक्सीन की सप्लाई मिलनी चाहिए. भारत सरकार को उनकी ज़रूरत के मुताबिक वैक्सीन मुहैया कराया जाना चाहिए."
उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण अभियान की सफलता वैक्सीन की उपल्बधता पर निर्भर करती है.
कोविड वैक्सीन के बारे में भ्रामक बातें हटाई जाती रहेंगीः ट्विटर
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वैसे ट्वीट्स जिनसे कोविड वैक्सीन के बारें भ्रामक बातें या नुकसानदेह और गलत जानकारियां फैलती हों, उन्हें ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म से हटाता रहेगा.
ट्विटर के प्रवक्ता ने रविवार को ये जानकारी दी.
इससे पहले ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने भारत सरकार के कहने पर कोविड से निपटने के सरकारी तौर तरीकों पर किए गए कुछ पोस्ट हटाए थे.
ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा, "हम वैसे ट्वीट्स जिनसे कोविड वैक्सीन को लेकर बेबुनियाद अफवाहों, विवादास्पद दावों और बिना संदर्भ के दी गई अपूर्ण जानकारी को बल मिलता हो, उस पर चेतावनी का टैग लगाएंगे. और वैसे ट्वीट्स ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म से हटाता रहेगा, जिनसे कोविड वैक्सीन के बारें भ्रामक बातें या नुकसानदेह और गलत जानकारियां फैलती हों."
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कोरोना संकट में
जकड़े भारत के साथ दुनिया के कई देशों ने एकजुटता ज़ाहिर की है. कई देश भारत की मदद के
लिए भी सामने आए हैं.
भारतीय विदेश मंत्री
एस. जयशंकर ने एक दिन पहले अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की थी जिसके बाद सिंगापुर ने
भारत को मेडिकल ऑक्सीजन की मदद का प्रस्ताव दिया.
भारतीय वायुसेना के
विमानों ने सिंगापुर से ऑक्सीजन का टैंक एयरलिफ़्ट किया. सेना के विमान शनिवार को
सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट से ये टैंक लेकर पश्चिम बंगाल के एयरबेस में उतरे.
दिल्ली में सिंगापुर
दूतावास ने अपने एक बयान ने इसे ‘द्विपक्षीय’ और ‘बहुपक्षीय’ प्रयास बताया.
दूतावास ने कहा, “हम कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ
खड़े हैं.”
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सिंगापुर के अलावा
सऊदी अरब भी भारत की मदद के लिए आगे आया है.
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया
कि सऊदी अरब की एक कंपनी से भारत के लिए 80 मिट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन जल्दी ही
भेजा जा सकता है.
भारत इन दिनों कोरोन
के बेतहाशा संक्रमण और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है. कोविड संकट के इस दौर में
भारत सरकार गंभीर आलोचना का सामना भी कर रही है.
ऐसे हालात में सरकार
अब विदेशों से ऑक्सीजन आयात करने के लिए कई स्तर पर कोशिशें कर रही है.
इस क्रम में भारत
सरकार अलग-अलग देशों के दूतावासों से संपर्क में है और सुनिश्चित करने की कोशिश कर
रही है ऑक्सीजन आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आने पाए.
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इससे पहले शनिवार को
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी पड़ोसी देश भारत से कोरोना के ख़िलाफ़
जंग में एकजुटता ज़ाहिर की थी.
विदेश मंत्री
एस.जयशंकर और शिपिंग मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार शाम को जर्मनी, अमेरिका और
अन्य कई देशों में मौजूद भारतीय राजनयिकों से बात की.
एस. जयशंकर ने ट्वीट
किया था, “दुनिया को भारत की मदद करनी चाहिए क्योंकि भारत
हमेशा सबकी मदद करता है.”
इस अपील के बाद कई
देशों के वरिष्ठ मंत्रियों ने भारत के प्रति एकजुटता ज़ाहिर करते हुए ट्वीट किया
है.
अमेरिकी विदेश
मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट किया, “कोविड-19 की डरावने
संक्रमण के बीच फँसे भारतीयों को देखकर मेरा दिल दुख रहा है. हम भारत सरकार में
अपने सहयोगियों के साथ करीब से मिलकर काम कर रहे हैं. हम भारत के लोगों और
स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जल्दी ही अतिरिक्त मदद भेजेंगे.”
ईरान के विदेश
मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने भारत और ईरान के
झंडों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “भारत भयानक महामारी
के सबसे बुरे दौर का सामना कर रहा है और ऐसे समय में ईरान भारत के साथ खड़ा है. यह
अब मानवता का दर्द बन चुका है. हम शोक संतप्त परिवारों के लिए संवेदना ज़ाहिर कर
रहे हैं और बीमारों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं.”
भारत से आने वाली सभी उड़ानों को कुवैत ने किया निलंबित
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कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने शनिवार सवेरे कहा है कि वो भारत से सीधे कुवैत आने वाली सभी यात्री उड़ानों को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है.
ये पाबंदी 24 अप्रैल से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी.
कोरोनो महामारी की वैश्विक स्थिति की समीक्षा के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर ये फ़ैसला लिया गया है.
महानिदेशालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत से सीधे कुवैत आने वाले या फिर किसी और देश से हो कर कुवैत आने वाले किसी यात्री को देश में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा. हालांकि उन लोगों को कुवैत में प्रवेश करने की अनुमति होगी जिन्होंने कम से कम 14 दिन भारत से बाहर किसी और देश में बिताए हैं.
बयान में ये भी कहा गया है कि कुवैती नागरिकों, उनके निकट रिश्तेदारों और उनके घर में काम करने वालों पर ये पाबंदी नहीं लागू होगी. साथ ही सामान लाने-ले जाने वाली विमान सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम केयर्स फंड की मदद से देश में लगेंगे 551 ऑक्सीजन प्लांट
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पिछले साल कोरोना
महामारी के दौरान बनाए गए पीएम केयर्स फंड से भारत में ऑक्सीजन के 551 प्लांट लगाए
जाएंगे.
प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन
ब्यूरो (पीआईबी) ने थोड़ी देर पहले प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से एक रिलीज़ जारी कर यह जानकारी दी है.
रिलीज़ में कहा गया
है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ज़िला मुख्यालयों के सरकारी अस्तपालों में पीएसए
ऑक्सीजन के 551 प्लांट लगाए जाएंगे.
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इन प्लांट्स को जितनी जल्दी हो सके, चालू किया जाएगा.
ऑक्सीजन प्लांट
लगाने और इसे चालू करवाने का काम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की देखरेख में होगा.
रिलीज़ में कहा गया
है कि इससे पहले पीएम केयर्स फंड से 162 ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए 201.558
करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.
पिछले कुछ दिनों से
लोग सोशल मीडिया पर यह सवाल भी पूछ रहे थे कि जब देश महामारी के सबसे बुरे दौर से
गुज़र रहा है तब ऐसे समय में पीएम केयर्स क्या मदद कर रहा है.
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क्या है पीएम केयर्स फंड और इसे लेकर क्यों है विवाद?
भारत
में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पहली बार लॉकडाउन शुरू होने के कुछ
ही दिन बाद 27 मार्च को नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स
फंड का गठन कियाथा और लोगों से इसमें आर्थिक योगदान की अपील की थी.
पीएम
मोदी की अपील के बाद कई क्षेत्रों से डोनेशन आने शुरू हो गए थे. उद्योगपति, सेलिब्रिटीज़, कंपनियाँ और आम आदमी ने भी इसमें अपना
योगदान किया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ एक सप्ताह के अंदर इस फंड में 65 अरब
रुपये इकट्ठा हो गए थे.
पीएम
केयर्स फंड शुरू से ही विवादों में भी रहा है. कई लोगों ने इस पर सवाल उठाया कि जब
1948 से ही पीएम नेशनल रिलीफ़ फंड (पीएमएनआरएफ़) मौजूद है, तो नए फंड की क्या ज़रूरत थी?
पीएम
केयर्स फंड के गठन के कुछ दिनों के अंदर ही ये सवाल भी उठने लगे थे कि किस तरह इस फंड को बनाया गया है
और इसे कैसे मैनेज किया जा रहा है, कितना पैसा अभी तक इकट्ठा हुआ है और ये किसके
लिए और कैसे इस्तेमाल होगा?
अदालतों
में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत याचिकाएँ दायर की गईं कि इस मामले में और
पारदर्शिता लाई जाए. लेकिन अभी तक यही कहा गया है कि पीएम केयर्स फंड एक पब्लिक
अथॉरिटी नहीं है.
इसका
मतलब ये है कि न ही सरकार की ओर से इसे पर्याप्त वित्तीय मदद मिलती है और न ही इस
पर उसका नियंत्रण है. इसलिए ये आरटीआई के दायरे में नहीं आता.
इसका
मतलब यह भी हुआ कि इसकी जाँच सरकारी ऑडिटर्स भी नहीं कर सकते.
कोरोना: ऑक्सीजन कम होने पर जिस पोजिशन में लेटने को कहते हैं डॉक्टर
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: दिल्ली में एक और हफ़्ते के लिए बढ़ा लॉकडाउन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक और हफ़्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है.
दिल्ली सरकार ने पहले छह दिनों का लॉकडाउन लगाया थी जिसकी मियाद सोमवार 26 अप्रैल को ख़त्म होने वाली थी. इसे अब एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया है, यानी अब दिल्ली में अगले सोमवार मई तीन तारीख सवेरे पांच बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा.
केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए प्रदेश सरकार के लिए लॉकडउन लगाना बहुत ज़रूरी हो गया था.
उन्होंने कहा, "ये आख़िरी हथियार था जो हम नहीं इस्तेमाल करना चाहते थे लेकिन अब हमें लॉकडाउन लगाना पड़ रहा है."
उन्होंने कहा, "दिल्ली में कोरोना की पॉज़िटिविटी दर (संक्रमण दर) 36-37 फीसदी तक पहुंच गई थी. दिल्ली में ये इस स्तर तक कभी नहीं पहुंची थी. बीते एक दिन में ये दर कम हो कर 30 फीसदी तक आई है लेकिन हम कह नहीं सकते कि कोरोना ख़त्म होने वाला है."
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केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में ऑक्सीजन की भी भारी किल्लत देखी जा रही है.
उन्होंने कहा, "दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन की ज़रूरत है लेकिन केंद्र सरकार से दिल्ली को 480 टन ऑक्सीजन मिलने का वादा मिला है. शनिवार को और 10 टन भी दिए जाने का वादा किया गया है. लेकिन अभी इतना ऑक्सीजन यहां नहीं पहुंचा है."
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए राज्यों को चिट्ठी लिखी है और सरकार उनके साथ बातचीत भी कर रही है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों के भीतर दिल्ली में अफरातफरी का माहौल थोड़ा ठीक हो जाएगा.
कोरोना वायरस: अपने कमज़ोर होते इम्युन सिस्टम को ऐसे बचाएं
भविष्य में भी जारी रहेगा भारत का वैक्सीन कार्यक्रम: पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने अपने साथ श्रीनगर से डॉक्टर नावीद नज़ीर को भी कार्यक्रम में
शामिल किया. डॉक्टर नज़ीर ने लोगों से वैक्सीन के बारे में फैली अफ़वाहों पर ध्यान
न देने और वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया.
पीएम मोदी ने कहा कि
भारत का वैक्सीन कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेगा.
उन्होंने कार्यक्रम
में रायपुर के डॉक्टर बीआर आंबेडकर मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रही नर्स सिस्टर
भावना ध्रुव को भी शामिल किया.
सिस्टर भावना ध्रुव
ने कोरोना मरीज़ों के इलाज और देखरेख से जुड़े अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने
लोगों से कहा, “आप हमारा साथ दीजिए,हम आपका साथ देते रहेंगे.”
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प्रधानमंत्री के साथ
कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर शशांक जोशी कोविड-19 के लक्षणों और इलाज को लेकर
जानकारी दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि
मरीज़ों को रेमडेसिविर जैसी महँगी दवाइयों के पीछे भागने की ज़रूरत नहीं है.
डॉक्टर शशांक ने
कहा, “छोटी-छोटी दवाइयों और इंजेक्शन से लगभग 98 फ़ीसदी
लोग ठीक हो जाते हैं, इसलिए इसे लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं है.”
'मन की बात' में डॉक्टर के साथ आए पीएम मोदी
इमेज स्रोत, Mann Ki Baat/Twitter
प्रधानमंत्री ने
कहा, “आज आपसे ‘मन की बात’, एक ऐसे समय कर रहा हूँ जब कोरोना हम सभी के धैर्य और दुख बर्दाश्त करने की सीमा की
परीक्षा ले रहा है. बहुत से अपने हमें असमयछोड़ कर चले गए हैं."
पीएम
मोदी ने कहा कि पिछले दिनों उनकी कोरोना के सम्बन्ध में अलग-अलग क्षेत्रों के
विशेषज्ञों से बात हुई.
कार्यक्रम में आज प्रधानमंत्री के साथ मुंबई के मशहूर डॉक्टर शशांक जोशी भी हैं. डॉक्टर शशांक कोरोना के इलाज और रिसर्च पर काम कर रहे हैं.