दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के क़रीब 23 हजार मामले, 350 की मौत

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान 350 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया है. वहीं इस दौरान इस संक्रमण के 22,913 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 21,071 पुराने मरीज संक्रमण से मुक्त होकर ठीक हो चुके हैं.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना अपडेट: फ्रांस में आईसीयू केस बढ़े, तीसरी लहर के संकेत

    फ्रांस

    इमेज स्रोत, Reuters

    फ्रांस में रविवार को तुलनात्मक रूप से ऐसे मामले अधिक आए जिसमें मरीज़ को आईसीयू में एडमिट कराना पड़ा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने देश में कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के संकेत दिये हैं.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले 24 घंटों में अस्पतालों में कोविड-19 के कारण 145 लोगों की मौत हो गई है. जबकि एक दिन पहले जहां आईसीयू में एडमिट होने वाले मरीज़ों की संख्या जहां 5958 थी वहीं रविवार को यह बढ़कर 5978 हो गई.

    देश में रविवार को कोरोना संक्रमण के 24 हज़ार से अधिक मामले सामने आए.

    फ्रांस में अब तक कोरोना संक्रमण के कारण कुल 1,02,858 लोगों की मौत हो चुकी है.

  2. गुजरात में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगेगा मुफ़्त कोरोना टीका

    गुजरात में टीकाकरण के तीसरे चरण में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को निशुल्क टीका लगाया जाएगा.

    टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत एक मई से होगी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    गुजरात सरकार ने घोषणा की है कि यह यह टीके निशुल्क होंगे. इसके लिए राज्य सरकार ने 1.5 करोड़ खुराक का ऑर्डर पहले ही दे दिया है.

    मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फ़ैसला किया गया.

  3. ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण रात्रि कर्फ्यू

    कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण देहरादून ज़िले के ऋषिकेश, गढ़ी कैंट और क्लेमेंट टाउन इलाक़े में 26 अप्रैल से शाम सात बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू रहेगा.

    यह आदेश तीन मई तक के लिए लागू किया गया है.

  4. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के क़रीब 23 हजार मामले, 350 की मौत

    दिल्ली

    इमेज स्रोत, Reuters

    दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान 350 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया है. वहीं इस दौरान इस संक्रमण के 22,913 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 21,071 पुराने मरीज संक्रमण से मुक्त होकर ठीक हो चुके हैं.

    अब राजधानी में सक्रिय मरीज़ों की संख्या बढ़कर 94,592 हो गई है. इनमें से 52,296 लोग होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे हैं.

    रविवार यानी 25अप्रैल की शाम दिल्ली सरकार की ओर से जारी कोविड-19हेल्थ बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है.

    पाॅजिटिविटी रेट 30.21फीसदी के चिंताजनक स्तर पर

    बुलेटिन के अनुसार दिल्ली में कोरोना की पाॅज़िटिविटी रेट अभी 30.21 फीसदी के चिंताजनक स्तर पर मौजूद है. इसमें बताया गया कि बीते 24 घंटों में दिल्ली में कुल 75,912 सैंपल की कोरोना जांच की गई.

    इसमें आरटीपीसीआर और इस जैसे 45,315 सैंपल थे. वहीं 30,597 सैंपलों की रैपिड एंटीजन टेस्ट से परखा गया.

    दिल्ली में क़रीब 30 लाख को वैक्सीन मिली

    इस बुलेटिन में बताया गया है कि दिल्ली में अब तक 29 लाख 49 हजार 187 लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है.

    पिछले 24 घंटों के दौरान 69,677 लोगों ने वैक्सीन को लगवाया है.

    दिल्ली में अब भी 6,600से ज्यादा बिस्तर खाली

    इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली के आम अस्पतालों में 1,579बेड खाली हैं.

    वहीं कोविड केयर सेंटर में खाली पड़े बेडों की संख्या 5,056 है जबकि कोविड हेल्थ सेंटर में ऐसे 56 बेड हैं. दिल्ली में अब कंटेनमेंट जोनों की संख्या 27,366 हो गई है.

  5. कोरोना संकट की घड़ी में ब्रिटेन ने भारत की तरफ़ बढ़ाया मदद का हाथ

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    ब्रिटेन ने कोरोना से मुक़ाबले के लिए भारत को 600से अधिक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण भारत भेजने का ऐलान किया है.

    ब्रितानी सरकार के अनुसार,रविवार को वेंटीलेटर और ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर उपकरणों की एक खेप को भारत रवाना किया जाएगा.

    उम्मीद है कि पहली खेप मंगलवार सुबह तक भारत पहुंच जाएगी. वहीं बाकी के उपकरण अगले सप्ताह के अंत तक भारत पहुंच जाएंगे. ब्रिटेन ने इन उपकरणों को भारत की अपील और ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जाॅनसन के ऐसा करने के वादे के बाद भेजा है.

    ब्रितानी सरकार ने 600 से अधिक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों को भारत को देने का वादा किया है.इस मदद के लिए पैसे का इंतजाम विदेशी,काॅमनवेल्थ और विकास कार्यालय के सरप्लस स्टाॅक से किया गया है.

    इन उपकरणों में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन काॅन्सन्ट्रेटर शामिल हैं. इन उपकरणों का इंतजाम करने में ब्रिटेन के स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग ने मुख्य भूमिका निभाई है.

    उसने एनएचएस के साथ वहां के उपकरण सप्लायर और निर्माताओं के साथ मिलकर जीवन बचाने वाले उन जरूरी उपकरणों की पहचान की जिन्हें भारत भेजा जा सकता है.

    भारत में इस सप्ताह कोरोना के नए मामलों और मौतों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई है. इस चलते अस्पतालों में बिस्तरों के अलावा उपकरणों और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई है.

    रिपोर्ट के अनुसार,ब्रिटेन से नौ हवाई कंटेनरों में 495 ऑक्सीजन काॅन्सेन्ट्रेटर, 120 गैर-इनवेसिव वेंटिलेटर और 20 मैनुअल वेंटिलेटर भेजे जाएंगे.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    ये उपकरण भारत में मरीजों के जीवन को बचाने में मददगार होंगे. ऑक्सीजन काॅन्सेन्ट्रेटर का काम हवा से ऑक्सीजन निकाल कर मरीजों को देना होता है.

    अस्पताल में जब ऑक्सीजन सिस्टम बंद हो जाए तब रोगियों को ऑक्सीजन मुहैया कराने में इसकी जरूरत होती है. यह अस्पताल से बाहर घर पर इलाज कराने वाले रोगियों के भी काम आता है.

    इस बारे में प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन कह चुके हैं कि एक मित्र और भागीदार के रूप में हम भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं,जो कोविड-19के खिलाफ लड़ाई में चिंताजनक दौर से गुजर रहा है. ये उपकरण भारत में इस भयानक वायरस से जीवन को बचाने के प्रयासों में ब्रिटेन का समर्थन करने के लिए है. हम इस कठिन समय में भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे.

    वहीं विदेश सचिव डॉमिनिक रैब ने कहा कि इस महामारी से भारत की लड़ाई के सबसे सबसे कठिन दौर में हम उन्हें महत्वपूर्ण मेडिकल उपकरणों से मदद कर रहे हैं.

  6. दिल्ली के अस्पताल ऑक्सीजन की कमी को लेकर गैरज़रूरी अपील न करें: मनीष सिसोदिया

    मनीष सिसोदिया

    इमेज स्रोत, Hindustan Times/Getty Images

    दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को दिल्ली के अस्पतालों से ऑक्सीजन की कमी को लेकर गैर-जरूरी अपील न करने का अनुरोध किया है. सिसोदिया ने मीडिया से भी बिना पड़ताल के ऑक्सीजन की कमी वाली ख़बरें न चलाने की अपील की है.

    सिसोदिया ने इस बारे में ट्वीट किया, "मुझे आज सुबह एक अस्पताल से ऑक्सीजन खत्म होने को लेकर इमरजेंसी अनुरोध हासिल हुआ. अस्पताल में 18 हजार लीटर ऑक्सीजन उपलब्ध है, जबकि यहां एक दिन की ख़पत 4,800 लीटर है. इसकी स्टोरेज क्षमता 21,000 लीटर है. इसका मतलब यह हुआ कि अस्पताल में 72 घंटों से ज्यादा की ऑक्सीजन उपलब्ध है."

    उन्होंने कहा कि "इसी तरह, एक और छोटे अस्पताल से मीडिया में ख़बर आई. पता चला कि कल अस्पताल को 30 सिलेंडर मिले थे, उसमें से केवल 10 का उपयोग हुआ है और 20 अभी बचे हुए हैं."

    सिसोदिया ने मीडिया से भी अनुरोध किया कि वे तथ्यों की पड़ताल के बाद ही अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के बारे में खबरों को चलाएं.

    उन्होंने कहा, "मैं अस्पतालों से ऑक्सीजन की कमी पर गैर-ज़रूरी चिंता जाहिर न करने का अनुरोध करता हूं. इससे उन अस्पतालों को मदद मिलेगी जहां वाकई में संकट है. मैं मीडिया से भी अनुरोध करता हूं कि तथ्यों की पड़ताल के बाद ही ऐसी खबरें चलाएं."

  7. बनारस घराने के जानेमाने शास्त्रीय गायक राजन मिश्र का निधन

    राजन मिश्रा

    इमेज स्रोत, Dilip Banerjee/The India Today Group via Getty Images

    इमेज कैप्शन, राजन मिश्र
    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    शास्त्रीय गायक राजन मिश्र का निधन हो गया है. वे और उनके छोटे भाई साजन मिश्र की जोड़ी शास्त्रीय गायन की दुनिया में जाना माना नाम रही है.

    पत्रकार समीरात्मज मिश्र ने बताया कि पद्मभूषण राजन मिश्र का निधन कोरोना संक्रमण के कारण हुआ है. वे दिल्ली के सेंट स्टीफेंस अस्पताल में भर्ती थे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "शास्त्रीय गायन की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पंडित राजन मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है. बनारस घराने से जुड़े मिश्र जी का जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति."

  8. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सातवें चरण का मतदान सोमवार को

    बंगाल

    इमेज स्रोत, EPA/PIYAL ADHIKARY

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सातवें चरण के दौरान सोमवार को 34 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इस चरण में विभिन्न दलों और गठबंधनों के बीच कड़ा मुक़ाबला देखने को मिल रहा है.

    इस चरण के लिए चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम को खत्म हो गया. इस चरण में जिन 34 सीटों पर चुनाव होंगे, वे पांच जिलों में फैली हैं. इनमें सबसे ज़्यादा मुर्शिदाबाद और पश्चिम वर्द्धमान जिले में नौ-नौ सीटों पर चुनाव होंगे.

    वहीं दक्षिण दिनाजपुर और मालदा की छह-छह सीटों पर वोट डाले जाएंगे. कोलकाता की चार सीटों पर भी मतदान होना है. सातवें चरण में करीब 82 लाख मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इसके लिए 11,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं.

    चुनाव में 37 महिलाओं सहित कुल 268 उम्मीदवार मैदान में हैं. सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा सभी 34 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वहीं कांग्रेस ने वाम दलों और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ मिलकर संयुक्त मोर्चा बनाकर चुनाव में उतरी है.

    इस चरण की 34 सीटों में से कांग्रेस ने 18 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं. माकपा 12 सीटों, जबकि आरएसपी तीन और फॉरवर्ड ब्लॉक और आईएसएफ एक-एक सीट पर चुनाव लड़ रही है. इस चरण में बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा ने भी 25 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारा है.

  9. सीएसआईआर ने बताया, मार्च के बाद अचानक क्यों आई कोरोना संक्रमण की सूनामी

    कोरोना

    इमेज स्रोत, Reuters

    सीएसआईआर ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि मार्च में कोरोनो वायरस के मामलों में गंभीर तेजी आने की वज़ह लोगों में 'महत्वूर्ण एंटीबॉडीज़' का कम होना रही है.

    काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च यानी सीएसआईआर ने अपने एक सर्वेक्षण के बाद दिए अपने सुझाव में यह बात कही है.

    संस्था के अनुसार, पिछले साल सितंबर में कोरोना की पहली पीक के बाद काफी लोगों में पर्याप्त एंटीबॉडीज़ पैदा हो गई थी.

    अपने इस सर्वेक्षण के लिए सीएसआईआर ने अपनी प्रयोगशालाओं में काम करने वाले लोगों और उनके परिवारों पर एक सीरो सर्वे किया है.

    इसके लिए देश के 17 राज्यों और दो केंद्रशासित राज्यों के 10,427 के शरीर में एंटीबॉडीज़ की जांच की गई. और इनमें महज़ 10.14 फ़ीसदी औसत सीरो पॉज़िटिविटी पाई गई.

    सर्वे के अनुसार, पिछले पांच-छह महीनों के बाद लोगों में कोरोना रोधक न्यूट्रीलाइजिंग एंटीबॉडीज़ में काफी कमी आई है. इससे लोगों के दोबारा संक्रमित होने के ख़तरे बढ़ गए.

    इससे पहले सितंबर 2020 में देश में कोरोनो वायरस के मामले चरम पर थे जबकि अक्टूबर से संक्रमण के नए मामलों में तेजी से कमी आती गई.

    रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूक्लियोकैप्सिड एंटीबॉडीज़ लोगों से संक्रमण से बचाते हैं लेकिन 5.6 महीनों के बाद सीरो पॉज़िटिव रहे लोगों में से लगभग 20 प्रतिशत में पर्याप्त एंटीबॉडीज़ की कमी पाई गई है.

    वहीं और कड़े मानदंडों के लिहाज से कहीं ज्यादा लोग वायरस के संक्रमण के प्रति संवेदनशील हो गए हैं.

  10. असम के हैदर अली की कहानी जिन्होंने लड़ी ख़ुद को भारतीय साबित करने की लड़ाई

    हैदर अली

    इमेज स्रोत, HAIDER ALI

    इमेज कैप्शन, हैदर अली के मामले से असम में नागरिकता साबित करने का मुद्दा एक बार फिर गंभीर हो गया है.

    "मैंने विदेशी ट्रिब्यूनल को अपने भारतीय होने के सभी दस्तावेज़ दिखाए थे लेकिन फिर भी उन लोगों ने मुझे विदेशी नागरिक घोषित कर दिया. आप सोचिए किसी भी व्यक्ति से अगर उसकी नागरिकता ही छीन ली जाए तो उस पर क्या गुज़रेगी? हम ग़रीब लोग है. यहां ग़ाज़ियाबाद की झुग्गियों में रहकर अपने बच्चों को किसी तरह पाल-पोस रहें है. कोर्ट कचहरी के लिए जो पैसे ख़र्च हुए हैं, उस उधार को चुकाने में सालों लग जाएंगे. जीवन में इतना आघात पहले कभी नहीं लगा था."

    35 साल के हैदर अली जब ये बातें कहते हैं तो उनकी आवाज़ में नागरिकता खोने का डर आज भी आसानी से महसूस किया जा सकता है.

    दरअसल, असम के बारपेटा की एक फ़ॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (एफ़टी) ने 30 जनवरी, 2019 को हैदर अली को विदेशी नागरिक घोषित कर दिया था. लेकिन, क़रीब दो साल अदालतों के चक्कर काटने के बाद गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपने एक फ़ैसले में उन्हें भारतीय नागरिक बताया है.

    गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हैदर अली के मामले पर सुनवाई के बाद एफ़टी के आदेश को रद्द करते हुए उनके नाम के आगे लगाए गए विदेशी टैग को हटाने का निर्देश दिया है.

  11. कोरोना के चलते केजरीवाल ने दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ाया

    वीडियो कैप्शन, कोरोना के चलते केजरीवाल ने दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ाया

    दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों के चलते लॉकडाउन को 3 मई की सुबह तक बढ़ा दिया है.

    मौजूदा लॉकडाउन 26 अप्रैल यानी सोमवार सुबह 5 बजे समाप्त हो रहा था.

    दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि आने वाले पूरे हफ्ते लॉकडाउन रहेगा.

    उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगाना कोरोना के ख़िलाफ़ आखिरी हथियार है.

  12. कोरोना से जंग में भारत के लिए किन देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया?

    वीडियो कैप्शन, कोरोना से जंग में भारत के लिए किन देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया?

    भारत इन दिनों कोरोना महामारी के सबसे भयानक दौर से गुज़र रहा है.

    रोजाना आने वाले रिकॉर्ड मामले, बड़ी संख्या में मौतें और अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट लोगों का दिल दहला रहा है.

    इस संकट पर दुनिया भर की नज़र है और दुनिया के कई देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं.

    फिर चाहे सिंगापुर का भारत को मेडिकल ऑक्सीजन भेजना हो या सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों का मदद के लिए आगे आना.

    अमेरिका और पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी इस मौके पर मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है. देखिए यह रिपोर्ट.

  13. बिहारः अस्पताल की हालत देख धरने पर बैठे विधायक

    वीडियो कैप्शन, बिहारः अस्पताल की हालत देख धरने पर बैठे विधायक

    बिहार के आरा ज़िला सदर अस्पताल में भाकपा (माले) के विधायक मनोज मंजिल रात 10 बजे से लेकर करीब 2 बजे तक रहे.

    उन्हें जानकारी मिली थी कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है.

    वो रात में ही अस्पताल पहुंचे तो देखा कि वहां सच में कोई डॉक्टर नहीं था.

    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारियों को फ़ोन किया और अस्पताल में ही धरने पर बैठ गए. देखिए यह रिपोर्ट.

  14. कोरोना के लक्षण होने पर भी रिपोर्ट निगेटिव क्यों आ रही?

    वीडियो कैप्शन, कोरोना के लक्षण होने पर भी रिपोर्ट निगेटिव क्यों आ रही?

    बुखार, सर्दी, खांसी, बदन दर्द, अत्यधिक थकान और दस्त कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं.

    अगर आपके अंदर ये लक्षण हैं, तो डॉक्टर तुरंत आपको टेस्ट करवाने का सुझाव देते हैं, ये पता करने के लिए कि आप कोरोना से संक्रमित हैं या नहीं.

    कोरोना संक्रमण की जांच के लिए दो प्रकार के टेस्ट होते हैं: आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट. लेकिन कई जगहों से शिकायतें आ रही हैं कि सभी लक्षण होने के बावजूद टेस्ट में रिज़ल्ट निगेटिव आ रहे हैं.

    अब सवाल ये उठता है कि इसके पीछे क्या कारण हैं?

  15. कोरोना से जंग में भारत-पाकिस्तान में एक जैसे हालात

    वीडियो कैप्शन, कोरोना से जंग में भारत-पाकिस्तान में एक जैसे हालात

    भारत में इन दिनों कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने सभी को हैरान परेशान कर दिया है. अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मरीज़ों की जान जा रही है.

    कुछ ऐसा ही हाल पाकिस्तान में भी रहा, वहां भी मरीज़ों को ऑक्सीजन मुहैया नहीं हो पाई.

    सरहद के दोनों तरफ कोरोना वायरस का कहर एक जैसा दिख रहा है. देखिए इसी पर पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की ख़ास टिप्पणी.

  16. छत्तीसगढ़ में क्या कोरोना मरीज़ों को कोई परेशानी नहीं हो रही है?

    मरीज़

    इमेज स्रोत, Sagar Farikar

    इमेज कैप्शन, छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में मरीजों की तादाद जितनी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं

    रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे शहरों में आधी-आधी रात तक एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक धक्के खाते मरीज़ और उनके परिजन. राजधानी रायपुर के अस्पताल के बाहर दिन-दिन भर बेड की उम्मीद में थरथराते, कांपते-हांफते और एक-एक सांस के लिए तड़पते, दम तोड़ते कोरोना संक्रमितों की दिल दहला देने वाले दृश्य क्या झूठे हैं?

    कम से कम राज्य सरकार का तो यही दावा है.

    शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कोरोना से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दावा किया कि राज्य में सुविधाओं की कोई कमी नहीं है. राज्य के सरकारी अस्पतालों में 1,947 ऑक्सीजन बेड, 113 एचडीयू बेड, 143 आईसीयू बेड और 227 वेंटिलेटर बेड खाली पड़े हुए हैं.

    सरकार की ओर से कहा गया कि शुक्रवार को भी रायपुर में 112 वेंटिलेटर खाली हैं और ऑक्सीजन सुविधा वाले 693 बेड खाली हैं.

  17. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए मोहम्मद शाहिद से.

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  18. ऑक्सीजन संकट: भारत को सऊदी अरब से होगी 80 टन ऑक्सीजन की सप्लाई

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    कोरोना वायरस के ख़तरनाक संक्रमण से जूझ रहे भारत के लिए सऊदी अरब 80 टन लिक्विड ऑक्सीजन भेजने जा रहा है.

    राजधानी रियाद में भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट के जरिए बताया है कि अडानी समूह और लिंडे कंपनी मिलकर इस ऑक्सीजन की ढुलाई करेगी.

    दूतावास ने ट्वीट में लिखा, "भारतीय दूतावास को अति आवश्यक 80 टन लिक्विड ऑक्सीजन भेजने में अडानी समूह और लिंडे के साथ साझेदारी करने पर गर्व है. हमें इस काम में सहयोग और समर्थन के लिए हम सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय का हार्दिक धन्यवाद करते हैं."

    अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी ने भी इस बारे में एक ट्वीट किया और लिखा, "रियाद के दूतावास को धन्यवाद! काम हमेशा शब्दों से अधिक मज़बूत होते हैं. हम पूरी दुनिया से ऑक्सीजन की जल्दी आपूर्ति बहाल करने के मिशन में जुटे हैं. 80 टन लिक्विड ऑक्सीजन के साथ चार आईएसओ क्रायोजेनिक टैंकों की यह पहली खेप दम्मम से मुंद्रा जाने के रास्ते में है."

    भारत अभी कोरोना की दूसरी लहर के कहर से जूझ रहा है. पिछले चार दिनों से देश में रोज़ तीन लाख से अधिक संक्रमित सामने आ रहे हैं.

    देश में सक्रिय मरीज़ों की संख्या 25 लाख को भी पार कर गई है. जबकि पिछले एक साल में मरने वालों की संख्या 1.92 लाख से अधिक हो गई है.

    अभी हर रोज़ 2,700 से ज्यादा लोग मर रहे हैं. गंभीर रूप से संक्रमित लोगों को बचाने के लिए ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है.

    लेकिन क्षमता से अधिक रोगियों के आने से अस्पतालों में इसकी कमी हो गई है. इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार कई देशों से ऑक्सीजन मंगा रही है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  19. महाराष्ट्र और राजस्थान में 18 साल से अधिक उम्र वालों को मुफ़्त वैक्सीन

    वैक्सीन

    इमेज स्रोत, AFP

    महाराष्ट्र सरकार राज्य में 18 साल से ऊपर और 45 साल से कम उम्र वाले लोगों के लिए मुफ़्त कोरोना टीके का प्रबंध करेगी.

    एनसीपी नेता और राज्य में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी.

    उन्होंने कहा कि एक मई से शुरू होने वाले टीकाकरण के लिए राज्य सरकार अपने फंड का इस्तेमाल करेगी.

    नवाब मलिक ने कहा, “यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार 45 साल के कम उम्र वालों को वैक्सीन लगवाने के लिए अलग से फंड नहीं देगी, इसलिए इसमें राज्य सरकारें अपने फंड से खर्च करेंगी.”

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    राजस्थान सरकार ने भी 18 साल से ज़्यादा और 45 साल से कम उम्र के लोगों को फ़्री वैक्सीन लगवाए जाने का ऐलान किया है.

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

    उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करके 18 साल से अधिक उम्र वालों को मुफ़्त वैक्सीन लगवाने का फ़ैसला किया है.

    इससे पहले बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी लोगों को मुफ़्त वैक्सीन लगाए जाने का ऐलान कर चुके हैं.

    18 साल से अधिक उम्र के लोगों को एक मई से वैक्सीन लगाई जाएगी जिसके लिए आरोग्य सेतु ऐप पर 28 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  20. इराक़ के एक अस्पताल में 'ऑक्सीजन टैंक फटने' से 82 लोगों की मौत

    इराक़

    इमेज स्रोत, Reuters

    इराक़ की राजधानी बग़दाद के एक अस्पताल में आग लगने से कम से कम 82 लोगों की मौत हुई है जिनमें कोरोना मरीज़ भी शामिल हैं जबकि 100 से अधिक लोग इस घटना में घायल हुए हैं. बग़दाद के अल ख़तीब अस्पताल में शनिवार रात को आग लग गई.

    रिपोर्टों में आग लगने की वजह ऑक्सीजन टैंक का फटना बताया गया है. सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में लोग अस्पताल से भागते हुए और दमकलकर्मी आग बुझाते हुए दिख रहे हैं.

    इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' बताते हुए इसकी तुरंत जांच के आदेश दिए हैं. अस्पताल में आग लगने के बाद परिजनों ने अपने मरीज़ों को ढूंढने की कोशिशें शुरू कर दी थीं.

    अहमद ज़की नाम के एक शख़्स अपने बीमार भाई को बचाने गए थे. उन्होंने आग शुरू होने की घटना के बारे में बताया है और उन्होंने कुछ मरीज़ों को इस घटना में बचाया भी है.

    वो कहते हैं, "शुरुआत में एक धमाका हुआ. दूसरा धमाका दूसरी ओर से हुआ. आग ऐसे फैल रही थी जैसे ईंधन डाल दिया गया हो. धुआं मेरे भाई तक पहुंच गया. मेरा भाई बीमार है, मैं अपने भाई को सड़क पर ले आया. इसके बाद मैं वापस गया. आख़िरी मंज़िल पर आग नहीं थी. मैंने एक लगभग 19 साल की लड़की का दम घुटते देखा वो मरने वाली थी मैं उसे अपने कंधों पर डालकर उतारकर लाया. लोग इधर-उधर कूद रहे थे. डॉक्टर कारों पर गिरे हुए थे. हर कोई कूद रहा था. मैं वापस छत पर जा रहा था और लोगों को नीचे लेकर आ रहा था."

    इराक़

    इमेज स्रोत, EPA

    इराक़ के सिविल डिफ़ेंस के प्रमुख मेजर जनरल कदीम बोहान ने सरकारी मीडिया को बताया है कि आग अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट से शुरू हुई.

    आपातकालीन सेवा कर्मचारियों का कहना है कि अधिकतर लोगों की मौत तब हुई जब उन्हें मशीन से हटाकर बाहर लाया जा रहा था जबकि कुछ लोगों की मौत दम घुटने से हुई है.

    फ़रवरी में इराक़ में कोरोन वायरस संक्रमण के मामले शुरू हुए थे और इस सप्ताह देश में 10 लाख से अधिक मामले हो चुके हैं.

    इराक़ी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, देश में अब तक 10 लाख से अधिक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले आ चुके हैं जबकि 15,217 लोगों की मौत हुई है.

    पिछले महीने इराक़ ने अपना कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू किया था और देश में अब तक साढ़े छह लाख लोग कोरोना की वैक्सीन ले चुके हैं.