कोरोना: दिल्ली में 24 घंटे में 357 मौतें, 24,103 नए मामले

राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण से अभी तक कुल 13,898 लोग दम तोड़ चुके हैं और अभी भी कई मरीज़ अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी जंग लड़ रहे हैं.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वैक्सीन की क़ीमत पर अब क्या बोला सीरम इंस्टिट्यूट?

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    इमेज स्रोत, REUTERS/FRANCIS MASCARENHAS

    भारत में कोरोना वैक्सीन की कीमत पर चल रही बहस के बीच पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (एसआईआई) ने शुरुआती दाम से डेढ़ गुना दाम पर वैक्सीन बेचने के अपने फ़ैसले का बचाव किया है.

    एसआईआई ने कहा है कि वैक्सीन की जो क़ीमत पहले बताई गई थी वो शुरुआती फंडिंग पर आधारित थी लेकिन अब माँग को देखते हुए इसे अपना उत्पादन और निवेश बढ़ाना है.

    ऑक्सफ़र्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड बनाने वाले सीरम इंसिट्यूय ने इस हफ़्ते राज्य सरकारों के लिए वैक्सीन की एक डोज़ की कीमत 400 रुपये और केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले नए कॉन्ट्रैक्ट पर एक डोज़ की कीमत 600 रुपये निर्धारित की थी.

    सीरम इंस्टिट्यूट ने अपने बयान में कहा, “वैक्सीन की वैश्विक कीमतों से भारत में वैक्सीन की तुलना ग़लत तरीके से की जा रही है. कोविशील्ड बाज़ार में मौजूद सबसे सस्ती वैक्सीन है.”

    सीरम इंस्टिट्यूट ने यह भी कहा के लिए भी प्राइवेट अस्पतालों को 600 रुपये प्रति डोज़ की कीमत एक निश्चित अवधि के लिए ही रहेगी.

    एसआईआई ने कहा है कि कोविशील्ड की कीमत कई जीवनरक्षक दवाओं और टीकों से कहीं कम है.

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    केंद्र सरकार ने क्या कहा?

    हाल ही में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि एक मई से 18 साल से ज़्यादा उम्र वाले सभी लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे और इसी क्रम में सरकार ने वैक्सीन के दाम से जुड़ी नीति में भी बदलाव किया था.

    नई नीति के अनुसार राज्य सरकारें और निजी संस्थाएं वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सीधे वैक्सीन खरीद सकेंगी. इसके अलावा वैक्सीन निर्माता 50 फ़ीसदी डोज़ ख़ुले बाज़ार में भी बेच सकेंगे.

    नई नीति के ऐलान के बाद से लोगों में वैक्सीन की कीमत को लेकर चिंता बढ़ गई थी और सरकार के मुफ़्त वैक्सीन के दावों पर भी सवाल उठने लगे थे.

    अब केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी तरफ़ से कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों की कीमत 150 रुपये ही रहेगी.

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने ज़ोर देकर यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार राज्यों को मुफ़्त वैक्सीन मुहैया कराना जारी रखेगी.

  2. भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का 'रिस्क' क्यों ले रहा है यूएई?

    वीडियो कैप्शन, भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का 'रिस्क' क्यों ले रहा है यूएई?

    फ़रवरी, 2019 में भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में हुआ चरमपंथी हमला दक्षिण एशिया की दो परमाणु ताक़तों भारत और पाकिस्तान को युद्ध के बहुत क़रीब ले आया था.

    इस हमले में कम से कम 40 भारतीय सैनिक मारे गए थे. हालांकि युद्ध तो नहीं हुआ, लेकिन भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में ठहराव ज़रूर आ गया.

    उसी साल कुछ महीनो बाद, यानी पाँच अगस्त, 2019 को, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया और कश्मीर के विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया.

    इस घटना के बाद, दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध और भी अधिक ख़राब हो गए.

    लेकिन पिछले दो महीनों के दौरान, अचानक बर्फ़ पिघलनी शुरू हो गई है. इसका पहला इशारा इस साल 25 फ़रवरी को उस समय सामने आया, जब दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच एक असामान्य बैठक में, कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने का फ़ैसला किया गया.

  3. कोरोना संकट: ऑक्सीजन को लेकर बिहार में कैसे हैं हालात, कोरोना मरीज़ों को क्या मिल पा रही है?

    सिलिंडर के साथ व्यक्ति

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    बख़्तियारपुर निवासी दिनेश अपनी पत्नी को लेकर एम्बुलेंस से मंगलवार को हॉस्पिटल पहुंचे.

    क़रीब 55 साल के दिनेश बदहवास स्थिति में इधर-उधर भागते नज़र आये.

    पूछने पर उन्होंने कहा कि "मेरी पत्नी किरण देवी कोरोना संक्रमित है. आईजीआईएमएस से भेज दिया है. पत्नी गाड़ी में छटपटा रही है. एम्बुलेंस में जो थोड़ी ऑक्सीजन है उसी के भरोसे हैं. क़रीब दो घंटे से यहाँ हैं. एडमिट कर लिया है, लेकिन कोई वार्ड में ले जाने वाला नहीं है."

    इसी जद्दोजहद के बीच उनकी पत्नी चल बसीं. यह घटना उस नालंदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की है जहाँ के अधीक्षक डॉक्टर विनोद कुमार सिंह ने आशंका जताते हुए आग्रह किया था कि "ऑक्सीजन की कमी से मरीज़ों की मृत्यु के बाद सारी जवाबदेही मुझ पर थोपी जायेगी और आरोप गठित करते हुए कार्रवाई हो सकती है. ऐसे में मुझे तत्काल प्रभाव से इस अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाये."

  4. 35 साल बाद परिवार में लड़की का जन्म, हेलीकॉप्टर से लाया गया घर

    हेलीकॉप्टर

    इमेज स्रोत, MOhar Singh Meena/BBC

    "लड़कियों को कोई लाड़ प्यार नहीं करता है. जब घर में लड़के का जन्म होता है तो उत्सव मनाया जाता है. बच्चियों के जन्म पर कोई कुछ नहीं करता, बल्कि पूरा घर नाराज़ हो जाता है. कई बार तो लोग डॉक्टरी जांच करा कर बच्चियों को कोख में ही मरवा देते हैं."

    यह बड़े गर्व और ख़ुशी के साथ बीबीसी को बताते हैं किसान मदन प्रजापत.

    उन्हें ख़ुशी इस बात की है कि उनके परिवार में 35 साल बाद लड़की का जन्म हुआ है और गर्व इस बात का कि इस ख़ुशी को उन्होंने एक उत्सव की तरह मनाया. आज उनके गांव से लेकर राजस्थान भर में उनकी एक प्रेरणीय पहल की चर्चा है.

    मदन प्रजापत ने क्या किया

    राजस्थान में नागौर ज़िले के नीम्बड़ी चांदवता गांव के 55 वर्षीय किसान मदन प्रजापत के परिवार में 35 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है. वो बताते हैं कि उनके एक बेटी और एक बेटा है.

  5. देश को स्वर्ग बनाना चाहते थे मोदी, आज की हालत देखिए: शिवसेना

    उद्धव ठाकरे

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    महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी शिवसेना ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी रैलियों और हरिद्वार में कुंभ मेले को लेकर समय पर कड़े निर्देश दिए होते तो आज देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति इतनी ख़राब न हुई होती.

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कोरोना महामारी के मद्देनज़र ऑक्सीजन सप्लाई और टीकाकरण की राष्ट्रीय योजना साझा करने को कहा है..

    अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना ने अपने मुखमत्र सामना के संपादकीय में लिखा है, “अच्छी बात है कि अब अदालत ने दख़ल दिया है. लेकिन अगर कोर्ट ने समय रहते चुनावी रैलियों, पीएम मोदी के रोड शो और हरिद्वार में कुंभ पर दख़ल दिया होता तो लोग इस तरह निराशा में मरने के लिए न छोड़े गए होते.”

    दिल्ली स्थित जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से मौतों का हवाला देते हुए शिवसेना ने पूछा कि इन मौतों के लिए अगर केंद्र सरकार नहीं तो और किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाए?

    कोरोना

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    संपादकीय में कहा गया है,“मोदी और उनके साथी भारतको स्वर्ग बनाना चाहते थे. आज हमें सिर्फ़ श्मशान और कब्रिस्तान नज़र आते हैं. क्या यह नरक है?”

    वहीं, सामना के कार्यवाही संपादक संजय राऊत ने भी पत्रकारों से बात करते हुए इस संकट के लिए देश के नेतृत्व को दोष दिया.

    उन्होंने कहा,“हमारा नेतृत्व चुनाव जीतने और राजनीति से ऊपर उठने के लिए तैयार नहीं है. अगर उसका ध्यान महामारी से निबटने पर होता तो आज ऐसा नौबत न आती.”

    राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार राजनीति नहीं कर रही है बल्कि महामारी से लड़ने में जुटी है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, ऑक्सीजन के आयात पर टैक्स में अगले तीन महीने तक छूट

    कोरोना

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    केंद्र सरकार ने अगले तीन महीने तक के लिए ऑक्सीजन और इससे जुड़े उपकरणों के आयात पर लगने वाले सीमा शुल्क और स्वास्थ्य उपकर पर छूट दे दी है.

    सरकार का यह फ़ैसला देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी और कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आया है.

    कड़ी आलोचनाओं से घिरी केंद्र सरकार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोविड-19 वैक्सीन पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को भी अगले तीन महीनों के लिए हटाने का फ़ैसला लिया.

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    सरकारी बयान के मुताबिक़, इस फ़ैसले से ऑक्सीजन और इससे जुड़े उपकरण न सिर्फ़ सस्ते होंगे बल्कि उन्हें देश में लाना भी आसान हो जाएगा.

    बयान में कहा गया है कि सरकार आने वाले दिनों में ऑक्सीजन और मेडिकल ज़रूरतों से जुड़ी अन्य आपूर्तियाँ सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है.

    इसी क्रम में भारतीय वायुसेना के विमान सिंगापुर से मेडिकल ऑक्सीजन ला रहे हैं. इसके अलावा, ऑक्सीजन की आपूर्ति कम समय में सुनिश्चित करने के लिए वायु सेना के विमान देश भर में ऑक्सीजन टैंक पहुँचा रहे हैं.

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  7. कोरोना को गाँवों तक पहुँचने से रोकें: पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस साल सबके सामने कोरोना संक्रमण को गाँवों तक पहुँचने से रोकने की चुनौती है.

    उन्होंने यह बात शनिवार को पंचायती राज दिवस के मौके पर ‘स्वामित्व’ स्कीम के तहत ई-प्रॉपर्टी कार्ड का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए कही.

    प्रधानमंत्री ने कहा,“एक साल पहले जब हम पंचायती राज दिवस के लिए मिले थे, तब पूरा देश कोरोना से मुकाबला कर रहा था.तब मैंने आप सभी से आग्रह किया था कि आप कोरोना को गांव में पहुंचने से रोकने में अपनी भूमिका निभाएं.”

    “आप सभी ने बड़ी कुशलता से, ना सिर्फ कोरोना को गांवों में पहुंचने से रोका, बल्कि गांव में जागरूकता पहुंचाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई. इस वर्ष भी हमारे सामने चुनौती गांवों तक इस संक्रमण को पहुंचने से रोकने की है.”

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    प्रधानमंत्री ने कहा, “जो भी गाइडलाइंस समय-समय पर जारी होती हैं उनका पूरा पालन गांव में हो, हमें ये सुनिश्चित करना होगा.”

    उन्होंने कहा,“ इस बार तो हमारे पास वैक्सीन का एक सुरक्षा कवच है. इसलिए हमें सारी सावधानियों का पालन भी करना है और ये भी सुनिश्चित करना है कि गाँव के हर एक व्यक्ति को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगे.”

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, ऑक्सीजन रोकने वालों को 'लटका' दिया जाएगा: दिल्ली हाई कोर्ट

    दिल्ली हाई कोर्ट ने शनिवार को कहा कि अगर केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन का कोई भी अधिकारी ऑक्सीजन सप्लाई में बाधा डालेगा तो उसे ‘फाँसी पर लटका’ दिया जाएगा.

    दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल ने गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाई कोर्ट का रुख़ किया है.

    अदालत ने यह टिप्पणी इसी मामले पर सुनवाई करते हुए की.

    जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की बेंच ने कहा कि ऑक्सीजन पहुँचने में बाधा डालने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा.

    कोरोना

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    केंद्र को अदालत की फटकार

    सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई है.

    अदालत ने केंद्र से कहा, “आपने 21 अप्रैल को भरोसा दिलाया था कि दिल्ली को रोज़ाना 480 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी. यह कब होगा?''

    देश की राजधानी दिल्ली के अधिकतर अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन की भारी कमी है और इसका असर गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों पर पड़ रहा है.

    दिल्ली स्थित जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण शुक्रवार रात 20 मरीज़ों की मौत हो गई.

    एलएनजेपी जैसे सरकारी से लेकर सरोज और फोर्टिस जैसे प्राइवेट अस्पताल ऑक्सीजन की कमी को लेकर मदद की गुहार लगा रहे हैं.

    कुछ बेबस अस्पतालों ने हाई कोर्ट का रुख भी किया है.

  9. वैक्सीन के लिए 18 साल से ऊपर वाले लोग कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

    वीडियो कैप्शन, वैक्सीन के लिए 18 साल से ऊपर वाले लोग कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

    कोविड-19 के टीकाकरण के लिए तीसरे चरण के रजिस्ट्रेशन 28 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. इस चरण के लिए 18 साल और उससे ऊपर की आयु वाले 1 मई से टीका लगवा सकेंगे.

    इस चरण में टीका लगवाने के लिए लोगों को कोविन प्लेटफॉर्म या आरोग्य सेतु एप पर जाकर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा, सीधे अस्पताल में जाकर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा.

    कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया की दो वैक्सीन को इजाज़त दी थी और इसके बाद विदेश में बनी स्पुतनिक V वैक्सीन के भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी दी गई.

  10. कोरोना संकट के दौर में भारतीयों को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का संदेश

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कोरोना संकट की स्थिति में भारत के साथ एकजुटता जाहिर की है.

    उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “मैं भारत के लोगों के साथ ऐसे वक़्त में एकजुटता जाहिर करना चाहता हूँ जब वो कोविड-19 की ख़तरनाक लहर का सामना कर रहे हैं.”

    इमरान ख़ान ने लिखा, “हमारे पड़ोस और दुनिया में जो लोग महामारी से जूझ रहे हैं, हम उनके जल्दी ठीक होने की दुआ करते हैं. हमें इस वैश्विक चुनौती का सामना साथ मिलकर और मानवता के साथ करना होगा.”

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    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस ट्वीट के जवाब में भारतीय ट्विटर यूज़र भी उनका शुक्रिया अदा कर रहे हैं.

    पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर आम लोग भी भारतीयों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं.

    भारत में ट्विटर पर आज भी #PakistanstandswithIndia ट्रेंड कर रहा है.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली: फ़ोर्टिस अस्पताल में ऑक्सीजन ख़त्म होने की कगार पर, मदद की गुहार

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    दिल्ली में शालीमार बाग़ स्थित फ़ोर्टिस अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन पूरी तरह ख़त्म होने की कगार पर है.

    अस्पताल ने एक बयान में बताया है कि अभी वहाँ बस अगले दो-तीन घंटों के लिए ही ऑक्सीजन बची है.

    बयान में कहा गया है, “हमने अभी अपने मरीज़ों को बैकअप ऑक्सीजन पर रखा हुआ है जो अगले दो-तीन घंटों तक ही चल पाएगा. हमने हालात के बारे में अधिकारियों को समय से इत्तला कर दिया गयाथा और हमसे वादा किया गया था कि शनिवार सुबह तक ऑक्सीजन पहुँच जाएगा लेकिन हम अब तक इसका इंतज़ार कर रहे हैं.”

    अस्पताल ने ट्विटर पर एसओएस एलर्ट देते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

  12. भारत में कोरोना के हालात पर इमरान ख़ान क्या बोले?

  13. दिल्ली: जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में आख़िर पहुँचा ऑक्सीजन टैंक

    जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल

    दिल्ली के रोहिणी स्थित जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में कल रात ऑक्सीजन की कमी के कारण 20 मरीज़ों की मौत हो गई थी. राहत की बात यह है कि अभी-अभी वहाँ लिक्विड ऑक्सीजन का एक टैंकर पहुँचा है.

    हालाँकि यह टैंकर किसके आदेश पर और कैसे पहुँचा है,इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल सकी है.

    आज भी वहाँ ऑक्सीजन ख़त्म होने की कगार पर थी और अस्पताल के अधिकारियों ने सरकार से मदद माँगी थी

    बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद इस वक़्त अस्पताल के परिसर में ही मौजूद हैं और उन्होंने वहां से ये तस्वीरें भेजी हैं.

    अस्पताल में एक मरीज़ की रिश्तेदार में बीबीसी संवाददाता को बताया कि उनकी जेठानी की कल रात ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो गई.

    उन्होंने बताया, "मेरी जेठानी की हालत सुधर रही थी. वो वॉट्सऐप पर हमसे बात भी कर रही थीं कि अचानक ये सब हो गया. हम सब सदमे में हैं."

    बीबीसी से बात करते हुए रो पड़ा .युवक
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    एक अन्य युवक ने बीबीसी को बताया कि उनके दो भाई अस्पताल में भर्ती थे और आज सुबह 11 बजे उनसे कहा गया कि ऑक्सीजन ख़त्म हो गई है.

    ऐसे में वो ऑक्सीजन का एक सिलिंडर लेकर पहुँचे थे लेकिन अब सिलिंडर पहुँचने से मरीज़ों और उनके परिजनों को थोड़ी राहत मिली है.

    वो बीबीसी से बात करते हुए रो पड़े और कहा, "जब हमें ऑक्सीजन ख़त्म होने वाली बात बताई गई तो हमारे पैरों तले से ज़मीन खिसक गई थी. हम इतने विश्वास के साथ अस्पताल आते हैं."

    अब ऑक्सीजन टैंक पहुँचने के बाद अस्पताल ने मरीज़ों के परिजनों से चिंता न करने को कहा है.

    इससे पहले अस्पताल ने अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली के उप राज्यपाल को टैग करते हुए एसओएस एलर्ट जारी किया है और मदद की गुहार की लगाई थी.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी पर हाई कोर्ट ने केंद्र को लगाई कड़ी फटकार

    ऑक्सीजन की कमी

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    दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल ने गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाई कोर्ट का रुख़ किया है.

    अदालत में इस मसले पर सुनवाई जारी है. सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.

    अदालत ने केंद्र से कहा, “आपने 21 अप्रैल को भरोसा दिलाया था कि दिल्ली को रोज़ाना 480 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी. यह कब होगा?”

    दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि ऑक्सीजन पहुँचने में बाधा डालने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा.

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    देश की राजधानी दिल्ली के अधिकतर अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन की भारी कमी है और इसका असर गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों पर पड़ रहा है.

    दिल्ली स्थित जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण शुक्रवार रात 20 मरीज़ों की मौत हो गई.

    एलएनजेपी जैसे सरकारी से लेकर सरोज और मैक्स जैसे प्राइवेट अस्पताल ऑक्सीजन की कमी को लेकर मदद की गुहार लगा रहे हैं.

    कुछ बेबस अस्पतालों ने हाई कोर्ट का रुख भी किया है.

  15. कोरोना: वैक्सीन के दाम पर केंद्र सरकार की सफ़ाई

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    भारत में संक्रमण के रिकॉर्ड मामलों के बीच वैक्सीन की क़ीमत को लेकर भी बहस जारी है.

    हाल ही में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि एक मई से 18 साल से ज़्यादा उम्र वाले सभी लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे और इसी क्रम में सरकार ने वैक्सीन के दाम से जुड़ी नीति में भी बदलाव किया था.

    नई नीति के अनुसार राज्य सरकारें और निजी संस्थाएं वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सीधे वैक्सीन खरीद सकेंगी. इसके अलावा वैक्सीन निर्माता 50 फ़ीसदी डोज़ ख़ुले बाज़ार में भी बेच सकेंगे.

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    अब केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी तरफ़ से कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों की कीमत 150 रुपये ही रहेगी.

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने ज़ोर देकर यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार राज्यों को मुफ़्त वैक्सीन मुहैया कराना जारी रखेगी.

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    स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने एक ट्वीट के माध्यम से यह स्पष्टीकरण जारी किया है.

    दरअसल कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर को ट्वीट करते हुए कहा था कि भारत सरकार अब कोवैक्सीन की एक डोज़ 400 रुपये में देगी जो दुनिया के कई देशों में तय क़ीमत से कहीं ज़्यादा है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी ट्वीट के जवाब में वैक्सीन की कीमत को लेकर स्पष्टीकरण दिया है.

    कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने भी वैक्सीन से जुड़े कई सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार कह रही है कि देश में वैक्सीन की कमी नहीं है. यह पूरी तरह झूठ है.”

    चिदंबरम ने पूछा,“एक मई से जब देश में वैक्सीन की माँग बढ़ जाएगी तो क्या सबके लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध होगी?”

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली: जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से 20 मरीज़ों की मौत

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    दिल्ली के रोहिणी स्थित जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में अब सिर्फ़ अगले आधे घंटे के लिए ऑक्सीजन ही बची है.

    मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर दीप बलूजा के मुताबिक़ अस्पताल में 200 मरीज़ हैं जिनमें से 80 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं और 35 आईसीयू में हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पिछली रात ऑक्सीजन की कमी के कारण गंभीर रूप से बीमार 20 मरीज़ों की मौत हो गई.

    अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर ने ख़तरे की जानकारी देते हुए कहा है कि वो ऑक्सीज़न का इंतज़ार कर रहे हैं और कोरोना के 215 मरीज़ों को इसकी तत्काल ज़रूरत है.

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    हिंदुस्तान टाइम्स ने अस्पताल के अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी है कि मरने वालों में ज़्यादातर कोविड-19 के मरीज़ थे जो अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थे.

    सभी 20 मरीज़ों की मौत लो ऑक्सीजन प्रेशर के कारण हुई क्योंकि अस्पताल के पास ऑक्सीजन ख़त्म हो गई थी.

    अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर दीप बलूजा ने बताया, “हमने क्रिटिकल केयर यूनिट में उन सभी 20 मरीज़ों को खो दिया जो हाई ऑक्सीजन फ़्लो पर थे.''

    उन्होंने बताया, "शुक्रवार रात 10 बजे तक हमारे पास लिक्विड ऑक्सीजन का स्टॉक ख़त्म हो गया था जिसके बाद हमने मेन गैस पाइपलाइन से लगे ऑक्सीजन सिलिंडरों का सहारा लिया लेकिन वहाँ लो प्रेशर की वजह से मरीज़ों की मौत हो गई.”

    हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़ अस्पताल को शाम साढ़े पाँच बजे तक इसके हिस्से का लिक्विड ऑक्सीजन मिल जाना चाहिए था लेकिन यह आधी रात तक नहीं पहुँचा.

    20 मरीज़ों की मौत के बाद भी अस्पताल को इसकी ज़रूरत का महज 40 फ़ीसदी ऑक्सीजन ही मिला.

    डॉक्टर बलूजा ने कहा, “हमारे सामने एक बार फिर संकट की स्थिति है. 200 जानें ख़तरे में हैं. कल रात तो हमने ज़्यादातर मरीज़ों को बचा लिया लेकिन आज हम ऐसा नहीं कर पाएंगे. हमने बैकअप के लिए जो ऑक्सीजन रखी थो, वो भी ख़त्म हो गई है.”

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    अस्पताल ने अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली के उप राज्यपाल को टैग करते हुए एसओएस एलर्ट जारी किया है और मदद की गुहार की लगाई है.

  17. ब्रिटेन-इसराइल से क्या सबक़ ले सकता है भारत?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में कहा कि अगर हम एक देश के रूप में मिलकर काम करेंगे, तो संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी.

    लेकिन क्या इस अपील में देर नहीं हो गई है?

    भारत ने महामारी का एक बुरा दौर देखा है. क्या हमें ये मान लेना था कि कोरोना अब नहीं लौटेगा? इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित जिन देशों ने एक योजना और रणनीति के तहत वायरस को क़ाबू में किया है, उनसे भारत क्या अब भी कुछ सबक ले सकता है.

    वीडियो कैप्शन, भारत में कोरोना के आगे पूरा हेल्थ सिस्टम लड़खड़ा गया है.
  18. कोरोना की मार के बाद अब कैसे संभल रहा है ब्रिटेन?

    तेज़ी से सामान्य होते ब्रिटेन में आम जनजीवन पटरी पर आ रहा है.

    12 अप्रैल से वहां सभी ग़ैर-ज़रूरी दुकानें जैसे जिम, ब्यूटी पार्लर, सैलून और रेस्तरां गार्डन आदि तीन महीने बंद रहने के बाद फिर से खुल गए हैं.

    बीबीसी संवाददाता गगन सभरवाल ने ब्रिटेन के ब्रैडफ़र्ड में मौजूद दक्षिण एशियाई मूल के व्यवसायियों से बात की और जाना कि अब उनका बिज़नेस कैसा चल रहा है.

    वीडियो कैप्शन, ब्रिटेन में व्यापारिक प्रतिष्ठान फिर ख़ुल रहे हैं.
  19. ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 3.46 लाख नए मामले

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 3,46,786 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इसके साथ देश में कुल पॉज़िटिव मामलों की संख्या अब 1,66,10,481 हो गई है.

    मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटों में 2,624 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ अब देश में मौतों का आंकड़ा 1,89,544 हो गया है.

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  20. इमरान बोले- हम नहीं सुधरे तो हिन्दुस्तान जैसे होंगे हालात

    पाकिस्तान में कोरोना वायरस

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा अगर कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी ऐसे ही जारी रही तो पाकिस्तान में भी वही हालात हो जाएंगे जो हिंदुस्तान में हैं.

    शुक्रवार को इमरान ख़ान ने कहा कि कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन हो. पाकिस्तानी पीएम ने इसके लिए सेना और दूसरी एजेंसियों से मदद की गुज़ारिश की है.

    नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी की एक बैठक के बाद उन्होंने कहा कि “जिस तरह से तेज़ी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, मैं आपसे गुज़ारिश करना चाहता हूं कि सरकार के जारी किए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.“

    उन्होंने मास्क पहनने की बात पर ज़ोर देकर कहा कि केवल मास्क को पहनने से आधी समस्या हल हो जाती है.

    उन्होंने कहा कि ”अगर आज से लेकर ईद तक देश के सभी लोग कोरोना से बचने के लिए बताए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करेंगे तो भारत की तरह हमें शहरों में लॉकडाउन लागू करने जैसे क़दम नहीं उठाने पड़ेंगे.”

    उन्होंने कहा लॉकडाउन का सबसे बुरा असर ग़रीबों और दिहाड़ी मज़दूरों पर पड़ता है और सरकार इस तरह का फ़ैसला नहीं लेना चाहती. लेकिन अगर हालात बिगड़े तो सरकार को मजबूरन कड़े फ़ैसले लेने होंगे.

    इमरान ख़ान ने चेतावनी दी कि अगर लोग एहतियात नहीं बरतेंगे तो लॉकडाउन करना होगा, जिसका असर अर्थव्यवस्था, फैक्ट्रियों और सबसे ज़्यादा देश के ग़रीबों पर होगा.

    उन्होंने कहा कि बीते साल रमज़ान के दौरान मस्जिद खुले रखने वाल पाकिस्तान अकेला देश था.

    उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश के मौलानाओं पर गर्व है जिन्होंने कोरोना महामारी के बारे में लोगों को जागरूक किया और उन्हें एहतियाती क़दम उठाने के बारे में समझाया.

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    कोरोना महामारी को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने हाल में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जिसमें कहा गया है कि जिन ज़िलों में कोरोना पॉज़िटिविटी दर पाँच फ़ीसदी से अधिक हैं वहां ईद तक स्कूलों को बंद रखा जाएगा.

    सरकार ने शाम के छह बजे के बाद सभी बाज़ार बंद करने के आदेश दिए हैं और दफ्तरों में काम का वक्त घटा कर दोपहर दो बजे तक कर दिया है.

    सरकार ने ये भी कहा है कि दफ्तरों में एक वक़्त पर केवल 50 फ़ीसदी कर्मचारी काम कर सकते हैं.

    साथ ही ईद तक सभी रेस्त्रां में खाने पर पाबंदी लगाई गई है. हालांकि टेक-अवे और होम डिलिवरी पर कोई रोक नहीं है.

    जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार पाकिस्तान में फ़िलहाल कोरोना संक्रमण के 7.84 लाख मामले दर्ज किए गए हैं और यहां इस वायरस के कारण 16,842 लोगों की मौत हुई है.

    हाल के दिनों में यहां संक्रमण के रोज़ाना पांच हज़ार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं.