कोरोना के लगतार बढ़ते मामलों के मद्देनज़र महाराष्ट्र में लॉकडाउन लगाने के लेकर कोई फ़ैसला बुधवार 14 अप्रैल के बाद लिया
जाएगा.
रविवार को महामारी की स्थिति पर चर्चा के लिए हुई कोविड-19 टास्क फोर्स की अहम बैठक के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि लॉकडाउन लगाने के लेकर कोई फ़ैसला अप्रैल 14 के बाद लिया जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, “टास्क फोर्स की सलाह यही है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए. अगर लॉकडाउन लगाया जाएगा तो कितने वक्त के लिए होगा, प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर
इसका क्या और कितना असर पड़ेगा इस पर बैठक में चर्चा की गई है.”
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगाया जाए या नहीं और इसके संभावित असर को लेकर इस पर चर्चा
करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अलग-अलग व्यापारिक संगठनों से बातचीत कर रहे हैं जिसके
बाद ही इस पर कोई फ़ैसला लिया जा सकेगा.
प्रदेश में पहले ही कोरोना के बढ़ते के मामलों के मद्देनज़र
रात का कर्फ्यू लगाया गया है.
टास्क फोर्स की बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी हिस्सा लिया था. इस दौरान राज्य के अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की
उपलब्धता और रेमडेसिवीर की उपलब्धता और इस्तेमाल पर चर्चा की. बैठक में राज्य में
लॉकडाउन लगाने को लेकर भी चर्चा की गई.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 11 अप्रैल
सवेरे आठ बजे तक जो आंकड़े मिले हैं उसके अनुसार देश में कोरोना संक्रमण के 1,52,879 नए मामले दर्ज किये गए और कोविड-19 के कारण 839 लोगों की मौत हुई
है.
इन्हें मिलकर, भारत में अब कोरोना के संक्रिय मामलों की संख्या 11 लाख से अधिक हो गई है, जबकि इस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 1,69,275 हो गई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक्टिव मामलों में से 70.82
फीसदी मामले केवल चार राज्यों में हैं. ये राज्य हैं महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़,
कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल.
महाराष्ट्र में महामारी की स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है.
देश के कुल एक्टिव मामलों में से 48.57 फीसदी केवल महाराष्ट्र में हैं.
कोरोना संक्रमण के मामलों को देखा जाए तो 11 अप्रैल को जारी
आंकड़ों के अनुसार एक दिन में राज्य में संक्रमण के 63,294 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
वहीं मौतों की बात करें तो एक दिन में देश में 839 लोगों की मौत कोरोना
से हुई है. इनमें से अकेले महाराष्ट्र में 309 लोगों की मौत हुई है.
इसके बाद सबसे
अधिक मौतें छत्तीसगढ़ में हुई है जहां एक दिन में 123 लोगों ने दम तोड़ा है.