अमेरिकी रक्षा मंत्री का इसराइल दौरा, ईरान ने यूरेनियम संवर्धन बढ़ाया
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन दो दिनों के इसराइल दौरे पर येरुशलम पहुंचे हैं जहां उन्होंने प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू समेत कई सीनियर अधिकारियों से मुलाक़ात की है. उन्होंने कहा कि इसराइल मध्य-पूर्व में शांति के केंद्र में है.
अमेरिकी विदेश मंत्री लॉयड ऑस्टिन का ये दौरा एक ऐसे समय में हो रहा है जब ईरानी परमाणु समझौते को बहाल करने के लिए अमेरिका, ईरान, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, रूस और चीन के बीच बातचीत हो रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की ओर से यह पहली इसराइल यात्रा है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि इस दौरान अन्य मुद्दों के साथ-साथ अमेरिका द्वारा इसराइल को की जाने वाली हथियार सप्लाई पर भी बात होगी. साथ ही अमेरिका इसराइल को क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी आश्वस्त करने की कोशिश करेगा.
यह ईरान परमाणु समझौते के संदर्भ में कही गई बात है क्योंकि इस समझौते पर पिछले हफ्ते ऑस्ट्रिया के वियना में बातचीत शुरू हुई है. हालांकि इसमें अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर किसी तरह की वार्ता नहीं हुई है.
ईरान ने कहा है कि अगर सभी पक्ष बातचीत को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं और राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करते हैं तो वह भी इसे आगे बढ़ाने को राजी है. इसराइल और ख़ासतौर पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ईरान परमाणु समझौते के घोर विरोधी रहे हैं.
जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में समझौते को रद्द कर ईरान पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे तो नेतन्याहू ने इसकी सराहना की थी.
वहीं हाल ही में ईरान ने अपने एक जहाज़ के पास हुए विस्फोट के लिए इसराइल की ओर इशारा किया था. सीरिया ने भी इसराइल द्वारा हवाई हमलों का दावा किया है. इसराइल का कहना है कि वो ईरानी शक्ति को बढ़ने से रोक रहा है.
वियना में मंगलवार को हुई बैठक के बाद दो ग्रुप बनाये गए हैं. एक इस बात को तय करेगा कि साल 2018 के बाद अमेरिका ने ईरान पर और कितने प्रतिबंध लागू किए. दूसरा ये देखगा कि ईरान को इस मामले में किस तरह के कदम उठाने होंगे.
उधर ईरान ने शनिवार को यूरेनियम का और अधिक तेज़ी से संवर्धन करने वाले सेंट्रीफ्यूज़ को चालू कर दिया. कार्यक्रम में राष्ट्रपति हसन रुहानी भी शामिल थे.