कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से, बीबीसी हिन्दी के लिए
पश्चिम बंगाल में पाँच ज़िलों की
44 सीटों पर शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार ज़िले के शीतलकुची इलाक़े
के तहत जोड़ापाटकी में केंद्रीय बलों की फ़ायरिंग में कम से कम चार लोगों की मौत हो
गई.
इससे पहले, सुबह टीएमसी और बीजेपी समर्थकों
के बीच हुई कथित झड़प में गोली लगने से 18 साल के आनंद बर्मन की मौत हो गई. सरकारी
सूत्रों ने यहाँ इसकी जानकारी दी.
इन घटनाओं के बाद, चुनाव आयोग ने शीतलकुची विधानसभा क्षेत्र के 125
और 126 नंबर मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित करने का निर्देश दिया है. चुनाव पर्यवेक्षक
की अंतरिम रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने यह निर्देश दिया है.
चुनाव आयोग ने इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट
और मौक़े की वीडियो फ़ुटेज माँगी है.
यह घटना उस समय हुई जब उत्तर बंगाल
के सिलीगुड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली हो रही थी.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “कुछ लोगों ने मौक़े पर चुनावी ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ़ के जवानो को घेर लिया
था और उनकी राइफ़लें छीनने का प्रयास किया. उसके बाद उन्होंने फ़ायरिंग शुरू की. इससे
तीन लोगों की मौक़े पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में
दम तोड़ दिया. शवों को पोस्टमार्टम के लिए माथाभांगा अस्पताल ले जाया गया है. गोली
लगने से घायल चार लोगों को भी वहीं भर्ती कराया गया है.”
यहाँ इस बात का ज़िक्र प्रासंगिक है कि तीन दिन पहले शीतलकुची इलाक़े में ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के काफ़िले पर हमला हुआ था. उनकी कार के शीशे भी टूट गए थे. उसके बाद से ही इलाक़े में भारी उत्तेजना है.
पुलिस ने बताया कि यह घटना जोड़ापाटकी इलाके के 126 नंबर मतदान केंद्र के बाहर हुई.
टीएमसी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय बल के जवान बीजेपी के समर्थन में काम कर रहे हैं.
एक टीएमसी कार्यकर्ता ने स्थानीय पत्रकारों को बताया, “लोग शांति से वोट देने मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे. उसी समय केंद्रीय बल के जवानो ने बिना किसी उकसावे के अचानक अंधाधुंध फ़ायरिंग शुरू कर दी. इससे चार लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. उनको माथाभांगा अस्पताल में भर्ती कराया गया है.”
कूचबिहार ज़िले के बीजेपी नेता निशीथ प्रामाणिक ने इस घटना के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
वे कहते हैं, “ममता ने ज़िले में अपनी रैलियों में लोगों से केंद्रीय बलों का घेराव करने जैसी उकसावा मूलक टिप्पणी की थी. आज की घटना उसी का नतीजा है. चुनाव हारने के डर से ही टीएमसी यह सब कर रही है.”
लेकिन शीतलकुची सीट से टीएमसी उम्मीदवार पार्थ प्रतिम राय इस आरोप को निराधार ठहराते हैं.
उन्होंने इस घटना के लिए चुनाव आयोग, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
राय कहते हैं, “बीजेपी वोटरों का मनोबल तोड़ने का प्रयास कर रही है. अमित शाह के इशारे पर ही फ़ायरिंग की गई है.”
एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर सवाल किया, “अगर हालात पर काबू पाने के लिए मजबूरन गोली चलाना ज़रूरी ही था, तो पैरों पर फ़ायरिंग की जा सकती थी. लोगों के सीने पर गोली क्यों मारी गई?”
राज्य के चुनाव पर्यवेक्षक विवेक दूबे ने कहा, “इलाक़े में टीएमसी और बीजेपी के बीच संघर्ष चल रहा था. मतदान में भी बाधा पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा था. हालात पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बल के जवानों के मौक़े पर पहुँचने पर उनको घेर लिया गया और राइफल छीनने का भी कोशिश हुई. उसके बाद ही गोली चली.”
चुनाव आयोग ने कहा है कि तीन-चार सौ लोगों ने सीआईएसएफ़ के जवानों का घेराव किया था. ऐसे में उनको मजबूरी में फ़ायरिंग करनी पड़ी.
टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी कहते हैं, “यह बंगाल के चुनावी इतिहास में अपनी किस्म की पहली घटना है.”
इससे पहले सुबह पठानटोली के 285 नंबर मतदान केंद्र के सामने दो गुटों की झडप में 18 साल के एक किशोर आनंद बर्मन की भी गोली लगने से मौत हो गई थी.
चौथे चरण में जिन 44 सीटों के लिए मतदान हो रहा है, वह पाँच ज़िलों- हुगली, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना, कूचबिहार और अलीपुरद्वार ज़िलों में फैली हैं.