भारत के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव का आज सबसे अहम दिन है. मंगलवार को 10 करोड़ से अधिक वोटर यहां विधानसभा की 475 सीटों के लिए अपने प्रतिनिधि चुनेंगे.
पश्चिम बंगाल में तीसरे चरण के लिए तीन ज़िलों की 31 सीटों, असम में अंतिम चरण के 40 सीटों, केरल की सभी 140 सीटों, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पुदुचेरी में सभी 30 सीटों पर चुनाव के लिए आज मतदान कराए जा रहे हैं.
तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में एक चरण में मतदान कराए जा रहे हैं. ऐसे में यहां चुनाव की सरगर्मियां आज ख़त्म हो जाएंगी. वहीं असम में आज आख़िरी चरण के मतदान के बाद यहां चुनावों का समापन होगा.
लेकिन पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान हैं, ऐसे में आज के बाद भी यहां पांच और चरण के चुनाव बाकी रहेंगे. यहां सभी चरणों के मतदान 29 अप्रैल तक ख़त्म होने हैं.
सभी पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव नतीजे दो मई को आएंगे.
पश्चिम बंगाल में आज जिन 31 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है उनमें दक्षिण चौबीस परगना की 16, हावड़ा की 7 और हुगली की 8 सीटें शामिल हैं. यहां बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी-कांग्रेस गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबला है.
यहां मैदान में 205 उम्मीदवार हैं जिनमें से बीजेपी नेता स्वपन दासगुप्ता, तृणमूल कांग्रेस नेता अशिमा पात्रा और सीपीएम नेता कांति गांगुली अहम हैं.
मतदान के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. चुनाव आयोग ने सभी 10,871 मतदान केंद्रों को "संवेदनशील" कहा है और यहां सेंट्रल आर्म्ड पुलिसबल की 618 कंपनियां तैनात की गई हैं.
इसके साथ-साथ कई जगहों पर राज्य पुलिस को भी तैनात किया गया है. साल 2016 में हुए चुनावों में इन 31 सीटों में से 30 तृणमूल कांग्रेस के खाते में गई थीं जबकि हावड़ा की एक सीट पर कांग्रेस ने अपना परचम फहराया था.
लेकिन 2019 के संसदीय चुनावों में यहां बीजेपी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी थी.
यहां के दक्षिण 24 परगना और हुगली जिले के कई इलाक़ों में जहां मुसलमान वोटरों की संख्या अधिक है और वहां इंडियन सेक्युलर फ्रंट के पीरज़ादा अब्बास सिद्दीक़ी, ममता बनर्जी के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं.
यहां विधानसभा की सभी 234 सीटों के लिए एक चरण में मतदान कराए जा रहे हैं और मुख्य मुक़ाबला मुख्यमंत्री पलनीसामी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ एआईएडीएम और 2011 से सत्ता से दूर रही के स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके के बीच माना जा रहा है.
जहां एआईएडीएम, बीजेपी और पट्टाली मक्कल कच्ची का गठबंधन है तो वहीं डीएमके, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां गठबंधन में मैदान में उतर रही हैं.
बीते पांच दशकों से यहां की राजनीति में दो पार्टियां - डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) और एआईडीएमके (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) सबसे महत्वपूर्ण रही हैं.
2016 विधानसभा चुनाव के छह महीने बाद ही उस समय की मुख्यमंत्री और एआईडीएमके प्रमुख जे जयललिता की मौत हो गई थी. उसके बाद 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख करुणानिधि की भी मौत हो गई. इन दोनों अहम नेताओं की मौत के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि ये चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकते हैं
एआईएडीएमके ने बीजेपी को 20 सीटें दी है जबकि पट्टाली मक्कल कच्ची ने 23 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. बाक़ी सभी सीटों पर एआईएडीएमके के उम्मीदवार मैदान में हैं.
वहीं डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें दी हैं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया और विदुतलाई चिरुतागल कच्छी को 6-6 सीटें मिली हैं.
आईयूएमएल और कोंगुनाडु मुन्नेत्र कड़गम 3-3 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. कमल हासन की तीन साल पुरानी पार्टी, मक्कल निधि मैय्यम यानी एमएनएम पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही है.
मंगलवार के चुनावों में एडापद्दी सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री पलानीस्वामी, कोलातूर से डीएमके के के स्टालिन, बोडिनयाकोन्नूर से पूर्व मुख्यमंत्री और एआईडीएमके के ओ पनीरसेल्वम और कोयंबटूर दक्षिण से कमल हासन के भाग्य का फ़ैसला होना है.
बाक़ी सभी सीटों पर एआईएडीएमके के उम्मीदवार मैदान में हैं. वहीं डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें दी हैं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया और विदुतलाई चिरुतागल कच्छी को 6-6 सीटें मिली हैं.
वहीं आईयूएमएल और कोंगुनाडु मुन्नेत्र कड़गम 3-3 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. कमल हासन की तीन साल पुरानी पार्टी, मक्कल निधि मैय्यम यानी एमएनएम पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही है.
केरल में मंगलवार को सभी 140 सीटों पर एक चरण में मतदान होने हैं. यहां आज 2.74 करोड़ वोटर, 957 उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला करेंगे.
माना जा रहा है कि यहां मुख्य मुक़ाबला सत्ताधारी एलडीएफ़ और विपक्षी यूडीएफ़ के बीच होने वाला है.
साल 1980 के बाद से यहां यही दोनों पार्टियां सत्ता पर काबिज़ रही हैं लेकिन किसी एक पार्टी को लगातार दो बार सत्ता में रहना नसीब नहीं हुआ है. ऐसे में माना जा रहा है कि यहां चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाले हैं.
आज के चुनावों में जिन अहम नेताओं के भाग्य का फ़ैसला होना है उनमें मैदान में मौजूदा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, ऊर्जा मंत्री एमएम मणि, विपक्षी नेता रमेश चेन्निताला, पूर्व मुख्यमंत्री उमेन चांडी, वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन और हाल में बीजेपी का दामन थामने वाले ई श्रीधरन शामिल हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र केरल में कई चुनावी रैलियां की हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि यहां का चुनाव उनके लिए भी अहम परीक्षा साबित हो सकता है.
असम में तीन चरणों में होने वाले मतदान का आज अंतिम चरण है जिसमें 12 जिलों की 40 विधानसभा सीटों के लिए 337 उम्मीदवार मैदान में हैं.
जिन अहम नेताओं के भाग्य का फ़ैसला आज मतदान पेटियों में सील हो जाएगा उनमें जालुकबाड़ी से बीजेपी नेता हेमन्त बिस्व सर्मा, धरमपुर से बीजेपी नेता चंद्रमोहन पटवारी, पूर्वी गुवाहाटी से शिक्षा मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य और पटाचारकुची से बीजेपी राज्य प्रभारी रणजीत कुमार दास शामिल हैं.
वहीं बोन्गाईगांव से असम गण परिषद के फणीभूषण चौधरी, पूर्वी कोकराझार से बोड़ोलैंड पीपल्स फ्रंट की प्रमिला रानी ब्रह्मा और बारामा से लोकसभा सांसद नब हीरा कुमार, कांग्रेस के विधायक रेकीबुद्दी अहमद, असम गण परिषद की चेगांव कमला कलिता और असम जातीय परिषद के पवित्रा डेका प्रमुख हैं.
मतदान से पहले चुनाव आयोग ने भयमुक्त माहौल में चुनाव संपन्न कराने के लिए यहां सेंट्रल आर्म्ड पुलिसबल की 320 कंपनियां तैनात की हैं.
यहां की 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली सेक्युलर गणतांत्रिक मोर्चा का गठबंधन और एनडीए के नेतृत्व वाला गठबंधन आमने सामने हैं. यहां कुल 324 उम्मीदवार मैदान में हैं.
बीते साल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद से पुदुचेरी में राष्ट्रपति शासन लागू है.