कोरोना: अमेरिका में एक बार लगने और आम फ़्रिज में स्टोर होने वाली वैक्सीन को मंज़ूरी

अमेरिका के ड्रग नियामक एफ़डीए ने जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की कोरोना वैक्सीन को आधिकारिक रूप से मंज़ूरी दे दी है. इस वैक्सीन की सबसे ख़ास बात यह है कि यह सिर्फ़ एक ही बार दी जाएगी और इसे आम रेफ़्रिजिरेटर में स्टोर किया जा सकेगा.

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  1. चंद्रशेखर आज़ाद, जिन्हें ब्रिटिश पुलिस कभी ज़िंदा नहीं पकड़ सकी

  2. बीजेपी के कहने पर आठ चरणों में चुनाव: ममता बनर्जी

    बीजेपी के कहने पर आठ चरणों में चुनाव: ममता बनर्जी

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    पश्मिच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के राज्य में आठ चरणों में विधान सभा चुनाव कराने के फ़ैसले पर सवाल उठाए.

    चुनाव आयोग की ओर से चुनाव तारीख़ों की घोषणा के कुछ घंटों बाद ममता बनर्जी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में 294 सीटें हैं, वहां आठ चरणों में चुनाव क्यों होंगे? ये किसके फ़ायदे के लिए है? फ़ैसले के पीछे कुछ औचित्य होना चाहिए.”

    ये पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं. इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में अधिकतम चरणों में चुनाव हुए थे, तब सात चरणों में चुनाव कराए गए थे.

    तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये तारीख़ें बीजेपी के कहने पर तय की गई हैं. उन्होंने एक ही ज़िले में अलग-अलग चरणों में चुनाव कराने के फ़ैसले पर कड़ी आपत्ति जताई.

    उन्होंने कहा, “दक्षिण 24 परगना में चुनाव तीन चरणों में होंगे...क्या ये नरेंद्र मोदी और अमित शाह के निर्देश पर हो रहा है.”

  3. भारत-चीन नई हॉटलाइन बनाने पर हुए सहमत

    भारत-चीन नई हॉटलाइन बनाने पर सहमत हुए

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    भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने गुरुवार को फ़ोन पर 75 मिनट बातचीत की और बीते साल के सीमा तनाव के मद्देनज़र “वक़्त पर संचार” सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश नई हॉटलाइन स्थापित करने पर राज़ी हुए, हालांकि आने वाले समय में रिश्तों को बेहतर करने को लेकर दोनों के विचार अलग-अलग थे.

    भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से कहा कि “बीते साल द्विपक्षीय संबंध बुरी तरह प्रभावित हुए और सीमा का मसला हल होने में वक़्त लगेगा” और “बेशक अशांति और हिंसा समेत दूसरी बाधाओं से रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़े.”

    उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सीमा रिश्तों को सामान्य करने के लिए पहले पूर्ण डिसइंगेजमेंट और सीमा पर तनाव कम करने का काम करना होगा.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके हवाले से कहा, “इस सेक्टर में सेनाओं के बीच तनाव कम करने के लिए टकराव वाले सभी बिंदुओं पर डिसइंगेज करने की ज़रूरत है. सिर्फ़ इसी से शांति बहाल हो सकती है और द्विपक्षीय रिश्तों में प्रगति की स्थिति बन सकती है.”

    वहीं वांग यी ने इस बात को रेखांकित किया कि दोनों पक्षों ने सीमा रिश्तों पर सीमा विवाद के असर को कैसे अलग-अलग तरह से देखा. उन्होंने कहा, “भारत की चीन नीति में कुछ अस्थिरता और अपनी बात पर कायम ना रहने जैसी चीज़ें दिखीं” जिसकी वजह से “दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग पर असर पड़ा.”

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    “दशकों के अनुभव में लगातार ये बात देखी गई है कि असहमतियां बढ़ाने से समस्याएं हल नहीं होतीं, और ये सिर्फ़ आपसी भरोसे के आधार को कमज़ोर करता है.” साथ ही उन्होंने कहा कि “दोनों पक्षों को आपसी ग़लतफ़हमियों और संदेह के ग़लत रास्ते से बचना चाहिए” और “द्विपक्षीय रिश्तों को नकारात्मक होने से बचाने के लिए सीमा के मसले को अच्छे तरीक़े से हैंडल करना चाहिए.”

    उन्होंने ज़ो देकर कहा, “ये तथ्य है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद हैं, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन चीन-भारत के रिश्ते में सिर्फ़ यही नहीं हैं और समग्र द्विपक्षीय संबंधों में इसे उचित स्थान पर रखा जाना चाहिए.”

    लेकिन भारत ने स्पष्ट किया कि वो सीमा विवाद को संबंधों से अलग करने नहीं देखता है, साथ ही कहा कि उसके विचार में बाक़ी रिश्ता तभी बढ़ सकता है जब सीमा पर शांति की स्थिति बने.

    हालांकि चीन ने बीते साल के तनाव के बाद चीनी ऐप बैन करने और निवेश पर कड़ाई बरतने जैसे भारत के क़दमों पर नाराज़गी जताई और कहा कि “भारत की पूरी सरकार की अप्रोच एकमत ना होते हुए भी सहयोग करने की अतीत की आम सहमति के ख़िलाफ़ जा रही है.”

    एस जयशंकर ने कहा कि पैंगोग त्सो (झील) इलाक़े में डिसइंगेजमेंट पूरा होने के बाद दोनों पक्षों को अब जल्द एलएसी के बाक़ी मसले भी सुलझा लेने चाहिए और “टकराव वाले सभी बिंदुओं पर डिसइंगेजमेंट पूरा होने केबाद दोनों पक्षों को इलाक़े में सेनाओं के बीच सीमा तनाव को कम करने पर भी विचार करना चाहिए और शांति बहाल करने की दिशा में काम करना चाहिए.”

    वांग यी ने कहा कि ज़मीन पर स्थिति काफ़ी शांत हुई है और उन्होंने दोनों पक्षों से कड़ी मेहनत के बाद हासिल की इस स्थिति को बचाए रखने का आह्वान किया और प्रगति को बनाए रखने, बातचीत जारी रखने, तनाव को और कम करने, और बॉर्डर मैनेजमेंट और नियंत्रण तंत्र को बेहतर करने के लिए कहा.

    उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों ने आपसी भरोसे और सीमाई इलाक़ों में शांति बनाए रखने के लिए सीमा वार्ता को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया.”

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