सऊदी क्राउन प्रिंस ख़ाशोज्जी को ख़तरा मानते थे: अमेरिकी रिपोर्ट
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नाइजीरिया: राष्ट्रपति ने कहा, सरकार ब्लैकमेल नहीं होगी
नाइजीरिया में एक स्कूल की 300 छात्राओं के अपरहण के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद बुहारी ने कहा है कि सरकार ब्लैकमेल नहीं होगी.
स्कूली बच्चियों के अपहरण को अमानवीय और पूरी तरह अस्वीकार्य क़रार देते हुए राष्ट्रपति ने कहा, "यह सरकार लूटेरों के आगे नहीं झुकेगी जिन्होंने फिरौती की रक़म वसूलने के लिए मासूम स्कूली बच्चियों को निशाना बनाया है."
राष्ट्रपति ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता अग़वा की गई स्कूली बच्चियों को सही सलामत बचाना है.
उन्होंने कहा कि उन बंदूक़धारियों के ख़िलाफ़ सरकार भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर सकती है लेकिन ख़तरा इस बात का है कि बंदूक़धारी स्कूली छात्राओं को मानव-कवच के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं.
पिछले सप्ताह कगारा में 42 लोगों को अग़वा कर लिया गया था जिनमें से 27 छात्रों को अभी तक नहीं छुड़ाया जा सका है.
अभी तक किसी भी संगठन ने इस अपहरण की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
76 सऊदी नागरिकों को नहीं मिलेगा अमेरिकी वीज़ा
अमेरिका में निर्वासन में रहे रहे सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या से जुड़ी अमेरिकी ख़ुफ़िया रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने ख़ाशोज्जी बैन की घोषणा की है.
इसका मतलब है कि अमेरिका अब उन लोगों को वीज़ा नहीं देगा जो अपने राजनीतिक विरोधियों को धमकी देते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने बयान जारी कर कहा कि सऊदी अरब के 76 नागरिकों पर फ़िलहाल पाबंदी लगाई गई है यानी कि अब उनको अमेरिकी वीज़ा नहीं मिलेगा.
मंत्रालय ने 76 लोगों की लिस्ट अभी जारी नहीं की ह ै लेकिन इतना ज़रूर है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं.
इससे पहले अमेरिकी ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस ने जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या की मंज़ूरी दी थी.
सऊदी क्राउन प्रिंस ने पत्रकार ख़ाशोज्जी की हत्या की मंज़ूरी दी थी: अमेरिकी रिपोर्ट
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समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार अमेरिका की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या की योजना को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मंज़ूरी दी थी.
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उसी अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राउन प्रिंस एमबीएस पत्रकार ख़ाशोज्जी को सऊदी राज्य के लिए ख़तरा मानते थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, नाइजीरिया: 300 अगवा छात्राओं की खोज में जुटी पुलिस और सेना
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नाइजीरिया में पुलिस का कहना है कि ज़ाम्फ्रा में अज्ञात
बंदूकधारियों ने 300 से अधिक स्कूली छात्राओं का अपहरण कर लिया है.
पुलिस ने कहा कि सेना के साथ मिलकर पुलिस अगवा की गई 317
लड़कियों के खोज में जुटी है.
ये घटना शुक्रवार को जंगेबे शहर के उत्तर पश्चिम में हुई. स्थानीय
अधिकारियों ने हमले की पुष्टि तो की है लेकिन इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी
है.
पिछले कुछ हफ़्तों में हुए अपहरण घटनाओं में ये सबसे बड़ी
घटना है. नाइजीरिया में हथियारबंद गुट अक्सर फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करते
हैं.
पड़ोसी
देश नीजेर में पिछले हफ़्ते 27 छात्रों समेत कम से कम 42 लोगों को
अगवा किया गया था. उनके बारे में भी अभी ज़्यादा जानकारी मौजूद नहीं है.
साल 2014 में नाइजीरिया के उत्तरपूर्वी शहर चिबोक में 276
स्कूली लड़कियों को अगवा कर लिया गया था. इसका आरोप कथित इस्लामी चरमपंथी संगठन
बोको हराम पर लगा था जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए इस घटना को
अंजाम दिया था.
कैसे हुआ हमला?
शुक्रवार का हमला स्थानीय समय के मुताबिक़ रात के क़रीब एक
बजे हुआ. एक शिक्षक ने पंच नाम की एक न्यूज़
वेबसाइट को बताया कि गाड़ियों और मोटरसाइकिल पर सवार बंदूकधारियों
का एक समूह जंगेबे इलाक़े के सरकारी गर्ल्स सेकंडरी स्कूल में घुस आए.
रिपोर्ट के मुताबिक़ हमलावरों ने सरकारी
सुरक्षा अधिकारियों जैसे कपड़े पहने थे और उन्होंने ज़बरदस्ती छात्राओं को अपनी
गाड़ियों में बैठाया.
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि
बंदूकधारी पैदल स्कूल आए थे.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया
कि बंदूकधारियों की संख्या क़रीब सौ को आसपास थी.
उन्होंने कहा, “उन्होंने स्कूल का गेट तोड़ दिया और सिक्योरिटी गार्ड को गोली मार दी. इसके
बाद वो स्कूल के होस्टल की तरफ बढ़े और लड़कियों को ये कह कर जगाने लगे कि
प्रार्थना का वक्त हो गया है. इसके बाद लड़कियों को एक जगह पर इकट्ठा करने के बाद
वो उन्हें जंगलों की तरफ ले गए. जंगलों की तरफ जाते वक्त हो हवा में गोलियां चला
रहे थे.”
एक शिक्षक ने बीबीसी को बताया कि स्कूल में
कुल 421 छात्र हैं, जिनमें से 55 सुरक्षित हैं.
अब तक किसी चरमपंथी
समूह ने इस घटना की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
ब्रिटेन: सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, शमीमा बेग़म देश नहीं लौट सकतीं
ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीरिया
में कथित चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए देश छोड़ कर गईं शमीमा
बेग़म को देश लौटने और ब्रितानी नागरिकता के लिए कोर्ट में केस लड़ने की इजाज़त
नहीं दी जाएगी.
अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि उन्हें
इजाज़त नहीं देने से उनके अधिकारों का हनन नहीं होगा.
21 साल की शमीमा बेग़म अपनी ब्रितानी
नागरिकता छीने जाने के गृह मंत्री के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अदालत में अपील करना चाहती
हैं. फिलहाल वो उत्तरी सीरिया में सेना की निगरानी में एक शरणार्थी शिविर में रह
रही हैं.
साल 2015 में शमीमा और दो और स्कूली लड़कियां
यूके छोड़ कर इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए सीरिया चली गई थीं. उस वक्त
शमीमा 15 साल की थीं.
इसके बाद 2019 में तत्कालीन गृह मंत्री
साजिद जावेद ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र उनकी ब्रितानी नागरिकता छीनने
का फ़ैसला किया था.
इमेज कैप्शन, साल 2020 की इस तस्वीर में उत्तरी सीरिया के एक शरणार्थी शिविर में शमीमा बेग़म
बीते साल जुलाई में कोर्ट ऑफ़ अपील ने फ़ैसला
दिया था कि ये उचित होगा कि उन्हें ब्रिटेन आकर अपना मुकदमा लड़ने की इजाज़त दी
जाए क्योंकि उत्तरी सीरिया के एक शिविर में रह ऐसा करना मुश्किल होगा.
इसके बाद गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट
में अपील कर इस फ़ैसले पर फिर से विचार करने की गुज़ारिश की थी और कहा था कि ऐसा
करना और उन्हें यूके आने की इजाज़त देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकता है.
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के प्रेसिडेंट लॉर्ड रीड ने कहा कि शमीमा बेग़म को यूके आने से रोकने का हक़ सरकार को है.
लॉर्ड रीड ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट गृह मंत्री की दलील को स्वीकार करती है और क्रॉस अपील की शमीमा
बेग़म की गुज़ारिश को खारिज करती है.”
उन्होंने कहा कि कोर्ट ऑफ़ अपील ने “ग़लती से माना कि जब उचित सुनवाई के किसी व्यक्ति के अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा
के बीच का मामला हो तो उचित सुनवाई के उनके अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए.
लेकिन उचित सुनवाई के अधिकार के साथ-साथ दूसरी बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए जैसे
आम जनता की सुरक्षा.”
लॉर्ड रीड ने कहा कि “इस मसले का सही उत्तर ये होगा कि सरकार पर उन्हें देश में लाने के लिए दबाव
बनाने की बजाय नागरिकता के मुद्दे पर उनके मुकदमे को तब तक स्थगित किया जाए जब तक
वो अपील में हिस्सा लेने के लिए किसा सुरक्षित जगह तक नहीं पहुंच जातीं.“
इस मुद्दे पर मौजूदा गृह मंत्री प्रीति
पटेल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला बताता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे
अहम मुद्दों पर गृह मंत्री को फ़ैसला लेने का हक़ है.
उन्होंने कहा, “सरकार हमेशा ऐसे कड़े कदम उठाएगी जो देश की सुरक्षा के लिए ज़रूरी हो. नागरिकों
का सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है.”
भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी से बाहर निकली, 0.4 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान
इमेज स्रोत, Reuters
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए विकास दर के अनुमान जारी किए जिसके मुताबिक़ विकास दर 0.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
बीती दो तिमाही में अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट के बाद अब विकास का अनुमान लगाया गया है.
सांख्यिकी
और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में गिरावट के बाद अब असल जीडीपी में क्रमश: -24.4, -7.3 और 0.4 के साथ सुधार दिखा है.”
इसका
मतलब यह भी है कि तकनीकी रूप से भारत मंदी से बाहर आ गया
है.
पहली दो
तिमाही में कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा था.
तीसरे तिमाही के लिए जीडीपी का अनुमान लगाते
समय अर्थशास्त्रियों और रेटिंग एजेंसियों की राय अलग-अलग थी. कुछ 1 प्रतिशत
के विकास का अनुमान लगा रहे थे, तो कुछ की राय थी कि ग्रोथ निगेटिव रहेगा.
लेकिन तीसरे तिमाही के डेटा ने सभी को चौंका दिया है. इसमें न तो यह पर्याप्त विकास का
अनुमान है और न ही किसी तरह की गिरावट का. साथ ही यह स्पष्ट तस्वीर भी नहीं देता कि अर्थव्यवस्था में
क्या हो रहा है. यह आगे बढ़ रही है या नहीं?
विशेषज्ञों का कहना है 'K' शेप की रिकवरी है जिसमें कुछ
सेक्टर में अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया गया है.
बिहार में भारत बंद असर नहीं
सीटू तिवारी
पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
बिहार मे भारत बंद लगभग बेअसर रहा. सभी जगह व्यापारीक प्रतिष्ठान सामान्य दिनों की तरह खुले रहे. सिर्फ बेगूसराय से ही व्यापारियों के प्रदर्शन की ख़बर आई.
यहाँ जीएसटी के नए प्रावधानों के ख़िलाफ़ बुलाये गए भारत बंद को लेकर व्यापारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर विरोध किया.
इमेज स्रोत, Ranjit
इमेज कैप्शन, बेगूसराय में व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन
इमेज स्रोत, Ranjit
इमेज कैप्शन, पटना के डाकबंगले की तस्वीर
इस बीच तेल की बढ़ती क़ीमतों के विरोध में राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव साइकिल चलाकर विधानसभा पहुँचे.
उन्होंने कहा, "निर्धनों को चूसने वाली धनवानों की प्रियतम सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल, गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर आम आदमी को मरने पर मजबूर कर दिया है. डबल इंजन सरकार गरीबों को लूट खुलकर पूँजीपतियों के लिए बैटिंग कर रही है."
पेट्रोल डीजल - रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर बिहार विधानसभा परिसर मे वामपंथी दलों के विधायकों ने भी प्रदर्शन किया.
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के बिहार के चेयरमैन कमल नोपनी ने दावा किया है कि, "पूर्णिया, दरभंगा, बक्सर, सिवान, सहरसा और पटना मे कुछ हद तक उनका संगठन दुकान बंद करवा पाने मे सफल रहा है."
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कार्टून: शुक्र है
भारत-इंग्लैंड टेस्ट में पिच पर उठे सवाल और आज का कार्टून
ब्रेकिंग न्यूज़, तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान, पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होगा चुनाव
इमेज स्रोत, ANI
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील
अरोड़ा ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी के लिए विधानसभा
चुनावों की तारीखों का ऐलान किया. इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेशों में से
सिर्फ असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है.
पश्चिम बंगाल में मतदान आठ चरणों में होगा
पहला चरण – 30 विधानसभा
सीटें, 2 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 9 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 27 मार्च
दूसरा चरण – 30 विधानसभा
सीटें, 5 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 12 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 1 अप्रैल
तीसरा चरण – 31 विधानसभा
सीटें, 12 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 19 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 6 अप्रैल
चौथा चरण – 44 विधानसभा
सीटें, 16 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 19 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 10 अप्रैल
पांचवा चरण - 45 विधानसभा
सीटें, 23 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 30 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 17 अप्रैल
छठा चरण - 43 विधानसभा
सीटें, 26 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 3 अप्रैल को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 22 अप्रैल
सातवां चरण - 36 विधानसभा
सीटें, 31 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 7 अप्रैल को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 26 अप्रैल
आठवां चरण - 35 विधानसभा
सीटें, 31 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 7 अप्रैल को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 29 अप्रैल
असम में मतदान तीन
चरणों में होगा
पहला चरण – 47 विधानसभा
सीटें, 2 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 9 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 27 मार्च
दूसरा चरण - 39 विधानसभा
सीटें, 5 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा, 12 मार्च नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान की
तारीख 1 अप्रैल
तीसरा चरण – 40 विधानसभा
सीटें, 12 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 19 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान
की तारीख 6 अप्रैल
केरल में सभी विधानसभा
सीटों के लिए मतदान एक चरण में होगा
12 मार्च को
नोटिफिकेशन जारी होगा. 20 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान की तारीख 6 अप्रैल
तमिलनाडु में सभी विधानसभा
सीटों के लिए मतदान एक चरण में होगा
12 मार्च को
नोटिफिकेशन जारी होगा. 19 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान की तारीख 6 अप्रैल
पुदुचेरी में सभी विधानसभा
सीटों के लिए मतदान एक चरण में होगा
12 मार्च को
नोटिफिकेशन जारी होगा. 19 मार्च को नामांकन का आख़िरी दिन, मतदान की तारीख 6 अप्रैल
सभी राज्यों में वोटों की गिनती 2 मई को होगी.
चुनाव प्रचार पर किस तरह की पाबंदियां
कोरोना महामारी के मद्देनज़र नामांकन करने वाले व्यक्ति के साथ केवल दो ही लोग चुनाव आयोग के दफ्तर आ सकते हैं. नॉमिनेशन फीस ऑनलाइन जमा करने की सुविधा की गई है. साथ ही गाड़ियों की संख्या सीमित कर पांच-पांच का काफिला करने का फ़ैसला किया गया है, यानी किसी रैली में पांच गाड़ियों के काफिले के बाद थोड़ी दूरी पर और पांच गाड़ियों का काफिला रखा जा सकता है.
पुदुचेरी में उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा 22 लाख रहेगी जबकि अन्य चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में ये 30.8 लाख रहेगी.
उम्मीदवारों को सरकार द्वारा जारी नए डिजिटल मीडिया गाइडलाइन्स का पालन करना होगा. इसके बारे में आने वाले दिनों में अधिक जानकारी दी जाएगी.
डोर-टू-डोर प्रचार के लिए केलव पांच लोग एक साथ जो सकते हैं जिनमें से एक उम्मीदवार होंगे. रोड शो या रैली के लिए भी वाहनों की संख्या सीमित की गई है.
कोरोना के कारण क्या होगी व्यवस्था
चुनाव
में शामिल सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को सबसे पहले कोरोना टीका लगवाया जा रहा है. ताकि
वो सुरक्षित तरीके से चुनाव संपन्न करा सकें. साथ ही जिला और राज्य स्तर पर नोडल
स्वास्थ्य अधिकारियों को नियुक्त किया गया है.
वोटिंग बूथ में
सेनिटाइज़र और मास्क की भी व्यवस्था की जाएगी. कोविड-19 से प्रभावित वोटरों के लिए
विशेष सुविधा की जाएगी ताकि वो किसी के संपर्क में बिना आए मतदान कर सकें.
वोटरों की मदद के लिए चुनाव आयोग ने वोटर हेल्पलाइन नंबर - 1950 भी शुरू की है.
वोटिंग का वक्त एक
घंटे अधिक रखा गया है. वोटरों और उम्मीदवारों के लिए कई सुविधाएं ऑनलाइन होंगी. हालांकि
इन सुविधाओं का इस्तेमाल ऑफ़लाइन मोड से भी किया जा सकेगा.
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कहां-कितनी सीटें
असम में सरकार का
कार्यकाल 31 मई 2021 तक है और यहां कुल 126 विधानसभा सीटें हैं
तमिलनाडु में सरकार का
कार्यकाल 31 मई 2021 तक है और यहां कुल 234 विधानसभा सीटें हैं.
पश्चिम बंगाल में सरकार
का कार्यकाल 24 मई 2021 तक है और यहां कुल 294 विधानसभा सीटें हैं.
केरल में सरकार का
कार्यकाल 1 जून 2021 तक है और यहां कुल 140 विधानसभा सीटें हैं.
पुदुचेरी में सरकार का
कार्यकाल 8 जून 2012 तक है और यहां कुल 30 विधानसभा सीटें हैं.
सर्दी ख़त्म होगी, तो पेट्रोल की क़ीमतें भी कम होगी- धर्मेंद्र प्रधान
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि कच्चे तेल की कीमतें सर्दी के कारण बढ़ी हैं, सर्दियां ख़त्म होने पर क़ीमतें भी धीरे-धीरे कम होंगी.
उन्होंने कहा- "इन दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं पर उसका थोड़ा प्रभाव आया है. जैसे-जैसे सर्दियां ख़त्म होंगी, दाम थोड़ा धीरे-धीरे घटेंगे. ये अंतरराष्ट्रीय मामला है. अभी डिमांड ज़्यादा होने के कारण थोड़ा कीमतें बढ़ी हैं. सर्दियों में ऐसा होता है."
ब्रेकिंग न्यूज़, नाइजीरिया: स्कूल पर बंदूकधारियों का हमला, 300 से अधिक छात्राओं के अपहरण की आशंका
इमेज स्रोत, REUTERS
नाइजीरिया के ज़ाम्फ्रा
में सैंकड़ों स्कूली छात्राओं के अपहरण की आशंका जताई जा रही है.
एक शिक्षक ने बीबीसी
को बताया कि शुक्रवार की सुबह बंदूकधारियों के हमले के बाद से क़रीब 300 छात्राओं
के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
सरकार के एक प्रवक्ता ने हमले की
पुष्टि की है लेकिन इसके बारे में ज़्यादा जानकरी नहीं दी. पिछले कुछ हफ़्तों में हुए अपहरण घटनाओं में ये सबसे बड़ी घटना है. नाइजीरिया में हथियारबंद गुट अक्सर फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करते हैं.
पड़ोसी देश नीजेर में पिछले हफ़्ते
27 छात्रों समेत कम से कम 42 लोगों को अगवा किया गया था. उनके बारे में भी अभी
ज़्यादा जानकारी मौजूद नहीं है.
बीते साल दिसंबर में 300 से अधिक छात्रों को
अगवा कर लिया गया था, हालांकि बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
शुक्रवार का हमला स्थानीय
समय के मुताबिक़ रात के क़रीब एक बजे हुआ. एक शिक्षक ने पंच नाम की एक न्यूज़ वेबसाइट को बताया कि जंगेबे इलाक़े के एक स्कूल पर मोटर साइकिल और गाड़ियों पर सवार बंदूकधारियों के एक समूह ने हमला किया.
रिपोर्ट के मुताबिक़ हमलावरों ने सरकारी सुरक्षा अधिकारियों जैसे कपड़े पहने थे और
उन्होंने ज़बरदस्ती छात्राओं को अपनी गाड़ियों में बैठाया.
राजधानी अबुजा में मौजूद
बीबीसी के ईशाद खालिद ने बताया कि बच्चों के माता-पिता परेशान हैं, कई लोग स्कूल के बाहर इकट्ठा हो गए और
कुछ जंगल में अपने बच्चों को खोज रहे हैं.
एक शिक्षक ने बीबीसी
बताया कि स्कूल में कुल 421 छात्र हैं, जिनमें से 55 सुरक्षित हैं, और आशंका है कि 300 छात्राओं का अपहरण कर लिया
गया है.
भारत बंद: कहां-कहां, कितना रहा असर
देशभर के व्यापारी संगठनों
द्वारा शुक्रवार को पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों, जीएसटी और ई-वे बिल के विरोध में भारत बंद की अपील की गई
थी.
जहां भारत के कुछ इलाकों में इसका मिलाजुला असर दिखा वहीं कहीं-कहीं इसका व्यापक
असर देखने को मिला.
इमेज स्रोत, Alok Putul /BBC
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों
में बंद का मिलाजुला असर
आलोक पुतुल
रायपुर, छत्तीसगढ़ से बीबीसी
हिंदी के लिए
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, अंबिकापुर, दुर्ग और धमतरी में छोटी
दुकानें तो खुली रहीं लेकिन बड़े कारोबारियों ने दोपहर तक अपनी दुकानें बंद रखीं. राज्य
के अधिकांश शहरों में थोक कारोबार लगभग पूरी तरह बंद रहा.
राजधानी रायपुर के डुमरतराई
इलाके की थोक मंडी में आज सन्नाटा पसरा रहा. सरदार वल्लभ भाई पटेल थोक बाज़ार की सैकड़ों
दुकानों के ताले नहीं खुले. दोपहर तक यहां एक भी दुकान नहीं खुली.
बिलासपुर के व्यापार विहार
की दुकानों में भी कारोबार बंद रहा.
इमेज स्रोत, Alok Putul /BBC
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मध्यप्रदेश में भारत बंद का मिलाजुला असर
शुरैह नियाज़ी
भोपाल से, बीबीसी के लिए
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल मेंजीएसटी प्रवधानों
के ख़िलाफ कॉन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के शुक्रवार बंद का मिलाजुला असर
देखने को मिला.
पुराने भोपाल के इलाक़े में ज़्यादातर दुकानें बंद रही. वहीं
नये शहर में कुछ दुकानें खुली नज़र आई.शहर में ज़्यादातर व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद का पालन किया.
यहां दुकानदारों ने फैसला किया था कि वो दुकानें दोपहर के 2
बजे तक बंद रखेंगे और उसके बाद ही खोलेंगे. भोपाल में थोक व्यापारियों ने पूरी तरह
से बंद के समर्थन में अपनी दुकानों को बंद रखा.
कैट ने इस बंद को 70 व्यापारिक संगठनों का समर्थन हासिल है.
इस बंद का मक़सद केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का है ताकिजीएसटी की विसंगतियों को दूर किया जा सकें.
इमेज स्रोत, Shuraih Niyazi/BBC
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असम में भारत बंद का व्यापक
असर, सुबह से बंद पड़े हैं बाजार
दिलीप कुमार शर्मा
जोरहाट से बीबीसी हिंदी
के लिए
असम की राजधानी शहर गुवाहाटी
में सुबह से बाज़ार-व्यापार बंद रहे. बंद के कारण गुवाहाटी की सड़कों पर कम सिटी बसों
के चलने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ. सभी तरह केवाणिज्यिक परिवहन सड़कों से नदारद दिखे. भारत बंद के तहत नगांव, जोरहाट, गोलाघाट, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तीनसुकिया जैसे बड़े शहर
पूरी तरह बंद रहे.
सालों पहले राजस्थान से
आकर जोरहाट जिले के मरियानी शहर में बसे और कपड़े का कारोबार कर रहे 58 साल के राम
करण चौधरी सरकार से नाराज़ हैं.
उन्होंने बीबीसी से कहा,"पेट्रोल-डीज़ल
की कीमतेंबढ़ गई है और महंगाईचरम पर है. ऐसे में गुज़ारा करना मुश्किल हो गया है. कोविड-19
के कारण व्यापार पहले ही ख़त्म हो चुका है और जीएसटीकी
उलझनें परेशान कर रही है. लोगों के हाथ में पैसा होगा तब न व्यापार चलेगा? परेशानियाँ इतनी हैं, लेकिन इस
सरकार को कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता."
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ
द्वारा बुलाए गए भारत बंद का यहां के व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कामरूप
चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने अपना समर्थन दिया है. इस दौरान चैंबर ने एक
बयान जारी कर कहा कि उन्होंने राज्य के सभी व्यापार संगठनों से बंद रखने का अनुरोध
किया हैं.
इसके अलावा ऑल असम स्टूडेंट्स
यूनियन के समर्थन से बनी क्षेत्रीय पार्टी असम जातीय परिषद ने भी भारत बंद का समर्थन
किया है.
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जयपुर में भारत बंद स्थगित, अन्य ज़िलों में भी ज़्यादा
असर नहीं
मोहर सिंह मीणा
जयपुर
से बीबीसी हिंदी के लिए
शुक्रवार को बुलाए गए भारत
बंद का राजस्थान में ख़ास देखने को नहीं मिला. बीकानेर, अलवर, जोधपुर और कोटा में कुछ
जगहों को छोड़ कर अन्य राजस्थान में व्यापारियों ने बाज़ार खुले रखे.
राजधानी जयपुर में गुरुवार
को ही कनफेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और जयपुर के व्यापारिक संगठनों ने भारत बंद
को स्थगित करने का फैसला लिया. संगठनों ने शुक्रवार को जयपुर सांसद रामचरण बोहरा से
मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपा. संगठनों का कहना है कि जीएसटी में विसंगतियों से व्यापारियों
को परेशानी आ रही है, इनको परिवर्तित करना चाहिए.
कनफेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया
ट्रेडर्स के जयपुर अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बीबीसी से कहा, “हमने जयपुर में बंद स्थगित
कर दिया था. हम व्यापारियों ने सांसद रामचरण बोहरा को इस संबंध में ज्ञापन दिया है.
केंद्र में भाजपा की सरकार है और जयपुर से भाजपा के ही सांसद हैं, इसलिए हमने उनसे अपनी मांग
रखीं.“
गुप्ता ने बताया कि, सांसद बोहरा ने हमारे सामने
राजस्थान के जीएसटी कमिश्नर सीपी गोयल से बात की है. कमिश्नर गोयल ने हमें आश्वासन
दिया है कि अगले सप्ताह व्यापारियों के साथ एक मंच पर बैठ कर व्यापारियों की समस्याओं
का निराकरण करने पर चर्चा होगी.
व्यापारियों का कहना है
कि“व्यापारी क़ानून की पेचीदगी में फंस कर व्यापार नहीं कर पा रहे
हैं. व्यापारियों की मांग है कि जीएसटी को सरल किया जाए.“
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अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का काम शुरू - सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या
में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के फ़ैसले को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दे दी
है.
उन्होंने कहा कि अयोध्या में पर्यटन को विकसित करने
की योजना बनाई जा रही है, इसके लिए केंद्र सरकार को राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव
भेजा गया था जिसमें हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव था. इसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
उन्होंने कहा कि इसके लिए ज़मीन खरीदने के लिए जिला प्रशासन
को एक हज़ार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया. एयरपोर्ट निर्माण के काम के लिए केंद्र
सरकार ने 250 करोड़ रुपये तत्काल उपलब्ध भी कराए हैं.
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श्रीलंका ने अंतिम संस्कार को लेकर 'इस्लाम विरोधी' फैसला वापस लिया
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श्रीलंका ने कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार से संबंधित
विवादित फैसला वापस ले लिया है. श्रीलंका ने कोरोना से मरने वाले सभी मृतकों का
अंतिम संस्कार जला कर करने का निर्देश दिया था. फिर चाहे वो किसी भी धर्म का
व्यक्ति क्यों ना हो.
सरकार के इस फैसले की आलोचकों ने यह कहकर निंदा की थी कि यह फैसला
मुसलमानों को निशाने बनाकर किया गया है और वो मजहब का सम्मान नहीं करती है.
इस्लाम
में मृतकों का दाह संस्कार पूरी तरह से वर्जित है. इस फैसले के पीछे सरकार की दलील
थी कि कोरोना के मृतकों के शवों को दफनाने से भूजल संक्रमित हो सकता है.
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गौरतलब है कि श्रीलंका की सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की श्रीलंका यात्रा के बाद अपने इस फैसले को पलटा है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने श्रीलंका सरकार को शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया है.
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सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि श्रीलंका संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पाकिस्तान का समर्थन चाहता है.
उम्मीद है कि यूएनएचआरसी श्रीलंका में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर बढ़ती चिंता पर नए प्रस्ताव पर विचार करे. इसमें मुसलमानों के साथ होने वाले बर्ताव भी शामिल हैं.
श्रीलंका के ऊपर मानवाधिकार के उल्लंघन करने वालों की जवाबदेही तय करने और 26 साल तक चले गृहयुद्ध के पीड़ितों के प्रति न्याय करने का दबाव है. इस गृह युद्ध में करीब एक लाख लोग मारे गए थे जिसमें ज्यादातर अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के आम लोग थे.
श्रीलंका ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है और सदस्य देशों से अपील की है कि वे परिषद के प्रस्ताव का समर्थन ना करें.
पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव की आज हो सकती है घोषणा
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भारतीय चुनाव आयोग आज साढ़े चार बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने जा रहा है.
उम्मीद की जा रही है आयोग पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीख़ की घोषणा करेगा.
इस साल अप्रैल-मई में इन राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं.
जिन राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, वे हैं- तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुदुचेरी. इनमें पुदुचेरी केंद्र शासित प्रदेश है पर वहाँ भी विधानसभा है.
कोरोना महामारी के दौरान बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार कई महत्वपूर्ण चुनाव होने जा रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं, जबकि तमिलनाडु में ये संख्या 234 है.
केरल में विधानसभा की 140 सीटें हैं और असम में 126.
केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा की 30 सीटें हैं.
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अमेरिका ने किया ईरान समर्थित समूह पर एयरस्ट्राइक
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अमेरिकी सेना ने सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया
समूहों को निशाना बना कर हवाई हमले किए हैं.
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने बताया है कि इस हमले में ‘’कई ईरान समर्थित चरमपंथी समूहों की ओर से इस्तेमाल
किए जाने वाली बॉर्डर कंट्रोल प्वाइंट पर स्थित कई सुविधाओं
को नष्ट किया गया है.‘’
हाल के दिनों में
ही इराक में अमेरिका और उसके साथ काम करने वाले लोगों पर हुए हमले के जवाब में राष्ट्रपति
जो बाइडन ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी.
अमेरिका की जवाबी
कार्रवाई
इस महीने की
शुरूआत में इराक में अमेरिका को निशाना बना कर किए गए रॉकेट हमले में एक कॉन्ट्रैक्टर की मौत हो गई थी.
इसमें एक अमेरिकी सर्विस सदस्य और पांच अन्य ठेकेदार घायल
हुए थे.
बगदाद में स्थित
अमेरिकी बेस को भी रॉकेट से निशाना बनाया गया था, ग्रीनज़ोन में भी रॉकेट मारे गए
जहां अमेरिकी दूतावास और कई हैं उसके राजनयिक मिशन हैं.
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पेंटागन ने क़ातिब हिज़बुल्लाह और क़ातिब सैय्यद अल-शुहादा
को ईरान समर्थित मलेशिया समूह बताया है जिसके पूर्वी सीरिया स्थित ठिकानों पर
गुरुवार को अमेरिका ने एयरस्ट्राइक की.
अमेरिका ने इस कार्रवाई को एक ‘आनुपातिक
सैन्य प्रतिक्रिया’ बताया है. साथ ही बताया गया कि कूटनीतिक उपायों को ध्यान
में रखते हुए ये कार्रवाई की गई जिसके लिए गठबंधन सहयोगियों से परामर्श किया गया.
अपने बयान में पेंटागन ने कहा है,‘’
राष्ट्रपति बाइडन अमेरिकी और उसके गठबंधन कर्मियों की
सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे. साथ ही हमने जानबूझकर ये कार्रवाई की है ताकि
पूर्वी सीरिया और इराक़ दोनों की संपूर्ण परिस्थितियों को थोड़ी ठीक की जा सके.‘’
मानवाधिकार
संस्था, सीरिया ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया है कि हमलों
में कम से कम 17 ईरान समर्थक लड़ाके मारे गए.
ब्रेकिंग न्यूज़, नौदीप कौर को मिली ज़मानत
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आंदोलनकारी नौदीप कौर को ज़मानत दे दी है.
हरियाणा पुलिस ने 12 जनवरी को कई धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे.
इसमें आरोप लगाया गया था कि वे कथित रूप से अवैध धन वसूली का काम कर रही थीं और जब पुलिस अधिकारियों की एक टीम उनके पास पहुंची तो पुलिसवालों पर लाठियों से हमला किया गया.
मूल रूप से पंजाब की रहने वाली नौदीप हरियाणा में कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया (केआईए) के ख़िलाफ़ प्रवासी मज़दूरों के लंबित वेतन के लिए आवाज़ उठाती रही हैं.
कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया सिंघु बॉर्डर से सटा सोनीपत का इलाका है जो हरियाणा में आता है.
राहुल गांधी के बचाव में उतरे रॉबर्ट वाड्रा,कहा - राहुल का इरादा ये नहीं था
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राहुल गांधी के ‘उत्तर बनाम
दक्षिण की जनता’ वाले बयान पर उनके बचाव
में रॉबर्ट वाड्रा उतरे आए हैं.
रॉबर्ट वाड्रा ने
समाचार एजेंसी एएनआई से कहा- ‘’ राहुल गांधी ने किसी को दुख पहुंचाने के इरादे
से कुछ भी नहीं कहा है. वह पूरे भारत को एक नज़र से देखते हैं. सरकार हमें
देश-विरोधी बोल सकती हैं क्योंकि हम उनके पक्ष में बातें नहीं करते हैं‘’
दरअसल, मंगलवार को राहुल गांधी ने केरल के
तिरुअनंतपुरम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा-‘’बीते 15 सालों से
मैं उत्तर भारत से सांसद था, मेरे लिए केरल आना बड़ा ही ताज़गी वाला
अनुभव रहा क्योंकि मैंने पाया कि यहां लोगों की मुद्दों में रूचि है, लोग बस
मुद्दों को सतही तौर पर नहीं जानते बल्कि इसे काफ़ी गहराई के साथ समझते हैं.''
''मैं
अमेरिका में कुछ छात्रों से बात कर रहा था और मैंने उनसे कहा कि केरल जाना मुझे
काफ़ी पसंद है, ऐसा मेरे लगाव के कारण नहीं है बल्कि आप लोगों के राजनीति
करने का तरीका इसका कारण है. आप राजनीति में बौद्धिकता का इस्तेमाल करते है जो
मेरे लिए एक नया अनुभव रहा है. ‘’
इस बयान
के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर देश को तोड़ने का आरोप
लगाया है.
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हरियाणा सरकार यूपी की तर्ज पर लाएगी ग़ैर-क़ानूनी धर्मांतरण विधेयक
हरियाणा सरकार आने वाले
बजट सत्र में यूपी सरकार की तर्ज पर विधानसभा में ग़ैर-क़ानूनी धर्मांतरण विधेयक पेश
करेगी. राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने ये जानकारी दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई से
बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘’ हमने लव-लिहाद (ग़ैर-क़ानूनी धर्मांतरण)विधेयक तैयार कर
लिया है. आने वाले बजट सत्र में ये विधानसभा में पेश किया जाएगा.‘’
बीते साल नवंबर में योगी
सरकार ने यूपी में ग़ैर-क़ानूनी धर्मांतरण अध्यादेश लाया था. इस अध्यादेश को अब उत्तर प्रदेश के सदन में पास कर क़ानून की
शक्ल दे दी गई है.
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