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म्यांमार: आंग सान सू ची को सेना ने किया गिरफ़्तार, एनएलडी ने जारी किया बयान

बीते कुछ समय से सरकार और सेना के बीच चल रहे तनाव और तख्तापलट की आशंकाओं के बीच यह गिरफ़्तारी हुई है.

लाइव कवरेज

  1. पिछले 24 घंटों में कोरोना से 127 लोगों की मौत

    भारत में पिछले 24 घंटों में 13,052 कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं और 127 लोगों की मौत हुई है.

    वहीं पिछले 24 घंटों में 13,965 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हुए हैं. अभी देश में कोरोना के एक लाख 69 हज़ार से ज्यादा सक्रिय मामले हैं.

  2. सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर इंटरनेट सेवाएं बंद

    गणतंत्र दिवस के दिन हुई ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 84 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 38 एफ़आईआर दर्ज की गईं है. ये जानकारी दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई है.

    इसके साथ ही रविवार की रात तक किसानों के प्रदर्शनस्थल सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर और उसके आस-पास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है.

  3. सिंघु बॉर्डर पर बढ़ाई जा रही है सुरक्षा बलों की संख्या

    सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की बढ़ती तैनाती जारी है. गणतंत्र दिवस पर हुई ट्रैक्टर परेड के बाद से ही यहां सुरक्षा बलों की संख्या लागातर बढ़ाई जा रही है.

  4. फ़्रांस में फिर लगा लॉकडाउन, यात्राओं पर प्रतिबंध

    फ्रांस ने नया कोविड-19 लॉकडाउन रविवार से देशभर में लागू कर दिया है.

    जिसके बाद यूरोपीय संघ के बाहर यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि यूरोपीय संघ के भीतर से यात्रियों के लिए टेस्टिंग के नियम कड़े कर दिए गए हैं.

    फ्रांस के प्रधानमंत्री जेन कैस्टेक्स ने कहा कि फ्रांस में रात के कर्फ्यू को और अधिक कड़ाई से लागू किया जाएगा और बड़े शॉपिंग सेंटर बंद रहेंगे.

    नए सीमा प्रतिबंध ब्रिटेन को प्रभावित करेंगे, जो अब यूरोपीय संघ का हिस्सा नहीं है. हालांकि फ्रांसीसी परिवहन मंत्री ने ट्विटर पर स्पष्ट किया कि ब्रिटेन से होने वाले इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि हॉलर (माल का एक जगह से दूसरे जगह आना-जाना) प्रभावित नहीं किए जाएंगे.

  5. सरकार किसानों को बताए कि वो कृषि क़ानूनों को वापस क्यों नहीं ले सकतीः राकेश टिकैत

    राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह किसानों को बताए कि आखिर तीन नए कृषि क़ानूनों को वह क्यों वापस नहीं ले सकती है. हम वादा करते हैं कि सरकार का सिर दुनिया के सामने झुकने नहीं देंगे.

    ट्रैक्टर परेड के बाद एक बार फिर ज़ोर पकड़ते आंदोलन के बीच टिकैत ने कहा, "सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह नए कृषि क़ानूनों को निरस्त नहीं करने पर अड़ी हुई है?"

    उन्होंने कहा, "सरकार के साथ हमारी विचारधारा की लड़ाई है और ये लाठी-डंडों, बंदूकों से नहीं लड़ी जा सकती और न ही उसके ज़रिए इसे दबाया जा सकता है. किसान तभी घर लौटेंगे जब नए क़ानून वापस ले लिए जाएंगे."

    दरअसल 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के बाद आईटीओ और लाल क़िले पर हुई हिंसा के बाद कई किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर जारी प्रदर्शनों से वापस घरों की ओर लौट चुके थे.

    ख़ासकर गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या बेहद कम हो चुकी थी लेकिन गुरुवार को गाज़ीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत के आंसू छलकने के बाद आंदोलन ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. बड़ी तादाद में पश्चिम यूपी और हरियाणा से विरोध-प्रदर्शन की जगहों पर प्रदर्शनकारी पहुँच रहे हैं.

  6. नमस्कार! ये बीबीसी हिंदी का लाइव पन्ना है जहाँ हम आपको दिनभर की बड़ी ख़बरें और ज़रूरी लाइव अपडेट देंगे. 30 जनवरी (शनिवार) की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें