बीबीसी संवाददाता, ग़ाज़ीपुर
बॉर्डर से
किसान आंदोलन में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आए किसान
दिल्ली और यूपी को जोड़ने वाले ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर डटे हुए हैं.
26 जनवरी के घटनाक्रम के बाद लगा था कि पुलिस
ग़ाज़ीपुर से किसानों को हटा देगी. लेकिन अब ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर आंदोलन का माहौल
बदल चुका है.
राकेश टिकैत के भावुक वीडियो के वायरल होने के बाद यहां
पहुंचने वालों का सिलसिला जारी है.
लोगों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, 'हमें
ख़बर मिली है कि हरियाणा और यूपी से बड़ी तादाद में लोग कल यहां पहुंच रहे हैं.
उनके ठहरने के लिए अब हमें जगह बनानी होगी.'
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर के हाइवे पर अब टेंट सिटी बस चुकी है.
दिल्ली सरकार की तरफ से शौचालयों और पानी की व्यवस्था की गई है. लेकिन दिल्ली की
तरफ़ से बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है. यहां पैदल पहुंचना भी आसान नहीं
है.
पुलिस की बैरिकेडिंग के पास लोग कच्चे मार्ग से गुज़र रहे
थे. रविवार शाम इसे भी खोद दिया गया है और अब दिल्ली से प्रदर्शनस्थल पहुंचने के
लिए लोगों को ख़ासी मशक्कत करनी पड़ रही है.
ऊपर फ्लाइओवर पर जहां तक नज़र जाती है, वाहनों का काफ़िला ही नज़र आता है. लगातार नए लोग पहुंच रहे हैं.
रायबरेली से आए युवा अब्दुल कलाम ने बताया, 'राकेश टिकैत के आंसू देखकर मैं ख़ुद को रोक नहीं पाया, अकेला ही अपने गांव से यहां पहुंच गया हूं. अब जब तक आंदोलन चलेगा यहीं रहूंगा.'
जिस ग़ाज़ीपुर बॉर्डर के बारे में मीडिया में लगातार ख़बर चल रही थी कि यहां तंबू उखड़ गए हैं और किसान लौट रहे हैं, वहां अब लगातार नए तंबू लगाए जा रहे हैं. जो जगह है वो लोगों के लिए नाकाफ़ी साबित हो रही है.
ग़ाज़ीपुर और आसपास के इलाक़े में इंटरनेट बंद होने की वजह से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं. सबसे ज़्यादा परेशान वो पत्रकार हैं जो सोशल मीडिया चैनलों के लिए ख़बरें भेजते हैं.
इंटरनेट बंद होने की वजह से प्रदर्शनकारियों को दूसरी जगह चल रहे आंदोलन की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है.
शाम के वक़्त भी यहां लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी था. बुलंदशहर, मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर, अमरोहा और मुरादाबद से बड़ी तादाद में लोग यहां आ रहे हैं.
मंच से करीब आधा किलोमीटर दूर कुछ युवा ट्रैक्टर पर देशभक्ति गीत पर डांस कर रहे थे. इनका एक सुर में कहना था, 'हम बाबा टिकैत के वंशज हैं, यहां से क़ानून वापस होने तक अब लौटेंगे नहीं.'
राकेश टिकैत से जब हमने पूछा कि अगला क़दम क्या होगा तो बहुत सीमित शब्दों में उन्होंने कहा, 'आंदोलन चलता रहेगा, सरकार से बात अब नई तरह से होगी.'