इंडिया ड्रग्स रेग्युलेटर ने ऑक्सफ़ोर्ड कोविड 19 वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी दे दी है.
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कहा है कि कोविशील्ड वैक्सीन को 70.42% प्रभावी पाया गया है.कोवैक्सीन भारत की वैक्सीन है. इसे भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर बनाई है.
डीसीजीआई के निदेशक डॉक्टर वीजी सोमानी ने वीजी सोमानी ने कहा कि भारत बायोटेक कोवैक्सीन सुरक्षित है और इम्युन को मज़बूत करने में सक्षम है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीसीजीआई के अहम फ़ैसले पर ट्वीट कर कहा, ''डीसीजीआई ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक वैक्सीन को मंज़ूरी दी है. इसे देश को कोरोना मुक्त होने में मदद मिलेगी. बधाई भारत.''
उन्होंने बताया कि कोरोना पर बनी सब्जेक्ट
एक्सपर्ट कमिटी ने शनिवार को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के
लिए सशर्ती मंजूरी देने की सिफारिश की थी.
इससे पहले शुक्रवार को सीरम इंस्टिट्यूट
की कोविशील्ड को भी इसी तरह की मंज़ूरी दी गई थी.
डीसीजीए के निदेशक ने बताया कि भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन
के इंसानों और विभिन्न जानवरों की प्रजातियों पर किए गए सभी ट्रायल का डेटा
सीडीएससीओ के साथ साझा किया था. अभी तक उपलब्ध डेटा के आधार पर वैक्सीन को
सुरक्षित पाया गया है.
सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने वैक्सीन की
सुरक्षा और प्रतिरक्षा पर डेटा की समीक्षा की और सार्वजनिक हित में आपातकालीन
स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए अनुमति देने की सिफ़ारिश की है, ख़ासतौर पर
कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को देखते हुए. देश में चल रहे कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल
जारी रहेंगे.
कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों की दो डोज़
दी जाएंगी. इन्हें 2-8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखना होगा. वहीं, कैडिला हेल्थकेयर को वैक्सीन के तीसरे
चरण के क्लीनिकल ट्रायल की मंज़ूरी दी गई है.
इस घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों और इस खोज में शामिल लोगों को बधाई दी.
उन्होंने कहा, “एक जोश से भरी लड़ाई को मज़बूत करने के लिए एक निर्णायक मोड़! डीसीजीआई की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया और भारत बायोटेक की वैक्सीन को मंज़ूरी देना एक स्वस्थ और कोविड से मुक्त देश की ओर बढ़ता कदम है. भारत को बधाई. हमारे मेहनती वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तनकर्ताओं को बधाई.”
पीएम ने कहा, "यह गर्व की बात है कि जिन दो वैक्सीन के इमर्जेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है, वे दोनों मेड इन इंडिया हैं. यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय की इच्छाशक्ति को दर्शाता है. वह आत्मनिर्भर भारत, जिसका आधार है- सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया."
उन्होंने लिखा, "विपरीत परिस्थितियों में असाधारण सेवा भाव के लिए हम
डॉक्टरों, मेडिकल प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिकों, पुलिसकर्मियों, सफ़ाईकर्मियों
और सभी कोरोना वॉरियर्स के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं. देशवासियों का
जीवन बचाने के लिए हम सदा उनके आभारी रहेंगे."
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के सीईओ और
मालिक अदार पूनावाला ने कोविशील्ड को मंज़ूरी मिलने पर खुशी ज़ाहिर की है.
अदार पूनावाला ने ट्वीट किया, “सभी को नया साल मुबारक हो! सीरम इंस्टीट्यूट
ने वैक्सीन के भंडारण के लिए जो जोखिम लिया आख़िरकार
उसका फल मिल गया है. कोविशील्ड, भारत की पहली कोविड-19 वैक्सीन के
सुरक्षित, प्रभावी होने की स्वीकृति मिली है और आने वाले हफ़्तों में
इस्तेमाल के लिए तैयार है.”