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भारत सरकार ने ऑक्सफ़र्ड वैक्सीन के निर्यात पर रोक लगाई -आज की बड़ी ख़बरें

दुनिया में वैक्सीन के सबसे बड़े निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया का कहना है कि सरकार न उसके वैक्सीन निर्यात करने पर रोक लगा दी है.

लाइव कवरेज

  1. भारत सरकार ने ऑक्सफ़र्ड वैक्सीन के निर्यात पर रोक लगाई

    दुनिया में वैक्सीन के सबसे बड़े निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया का कहना है कि भारत सरकार ने उस पर ऑक्सफ़र्ड एस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन का निर्यात करने पर रोक लगा दी है.

    भारत सरकार ने इस वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी है. इस वैक्सीन को ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों ने भी इस्तेमाल की अनुमति दे दी है.

    सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया इस वैक्सीन का मुख्य आपूर्तिकर्ता है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला का कहना है कि भारत पहले अपने देश के लोगों की सुरक्षा करना चाहता है और वो सरकार के इस फ़ैसले का सम्मान करते हैं.

    भारत सरकार ने देश में ही बनी एक और वैक्सीन कोवाक्सीन के आपात इस्तेमाल को भी मंज़ूरी दे दी है. हालांकि ये वैक्सीन कितनी प्रभावी है इसे लेकर सभी सवालों का जवाब अभी नहीं मिल सका है.

    भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है जिसके तहत करीब तीस करोड़ लोगों को जुलाई तक टीका लगाया जाएगा. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन लगाने के कार्यक्रम को कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में निर्णायक मोड़ बताया है.

  2. कृषि मंत्री एन एस तोमर किसानों से सातवें चरण की बातचीत से पहले राजनाथ सिंह से मिले

    केंद्र सरकार और किसानों के बीच 4 जनवरी को सातवें चरण की बातचीत होने वाली है और कहा जा रहा है कि यह बातचीत निर्णायक होगी.

    लेकिन इस बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात की और बताया गया है कि उन्होंने इस बैठक में आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि नरेंद्र सिंह तोमर ने राजनाथ सिंह से इस विषय पर चर्चा की कि किसानों से बातचीत में बीच का रास्ता क्या हो सकता है और किन विकल्पों पर बात आगे बढ़ाई जा सकती है.

    अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राजनाथ सिंह कृषि मंत्री रहे थे और माना जा रहा है कि वे ही अब इस बातचीत के पीछे की रणनीति को मुख्य रूप से संभाल रहे हैं.

    पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने बीते 39 दिन से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डेरा डाला हुआ है.

    इस कड़ाके की ठण्ड में, किसान अपनी दो ही माँगों पर अड़े हैं कि तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लिया जाये और एमएसपी को क़ानूनी मान्यता दी जाये.

    किसान संगठनों ने भी उम्मीद जताई है कि 4 जनवरी की बैठक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

    शनिवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है. प्रदर्शनस्थलों में बारिश का पानी ठहर गया है, लेकिन किसानों का कहना है कि वो पीछे नहीं हटेंगे.

    केंद्र सरकार और किसानों के बीच अब तक छह चरण की वार्ता हो चुकी है.

    1 जनवरी को हुई आख़िरी बैठक के बाद, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि 4 जनवरी की बैठक का सकारात्मक नतीजा होगा.

    पिछले सप्ताह किसान संगठन यह धमकी दे चुके हैं कि उनकी माँगें अगर मानी नहीं गईं, तो वो 26 जनवरी को दिल्ली कूच करेंगे और गणतंत्र दिवस पर ट्रेक्टर परेड निकालेंगे.

  3. ग़ाज़ियाबाद: श्मशान घाट हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हुई, सीएम योगी ने की मुआवज़े की घोषणा

    उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद ज़िले में हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है.

    स्थानीय पुलिस ने बताया है कि मरने वाले अधिकांश लोग एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल थे.

    इस हादसे में कम से कम 15 लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें गाज़ियाबाद के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सभी मरने वालों के लिए दो लाख रुपये मुआवज़े की घोषणा की है.

    साथ ही उन्होंने मेरठ के डिवीज़नल कमिश्नर और पुलिस के एडीजी से इस घटना पर एक रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिये हैं.

    पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख ज़ाहिर किया है.

    रविवार सुबह मुरादनगर स्थित इस श्मशान घाट का लेंटर गिरा जिसके नीचे दबकर इन लोगों की मौत हुई.

    काफ़ी समय तक बचाव कार्य चलता रहा और बड़ी कोशिशों के बाद शवों को बाहर निकाला गया.

    घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने बताया था कि सभी प्रभावित लोग एक अंतिम संस्कार क्रिया में शामिल हुए थे.

    चश्मदीदों ने बताया कि रात से हो रही बारिश के कारण लेंटर ढह गया जिससे वहाँ मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए.

    ये लोग बारिश से बचने के लिए ही वहाँ खड़े थे.

  4. कोरोना वैक्सीन फ़्री में सिर्फ़ इन लोगों को मिलेगी?

    देशभर में कोरोना वैक्सीन फ्री देने के अपने बयान के कुछ घंटों बाद शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस पर स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने ट्वीट करके बताया कि उनके बयान का मतलब क्या था.

    डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट में लिखा- कोविड-19 टीकाकरण के पहले चरण में देशभर में प्राथमिकता के आधार पर एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन फ्री दी जाएगी.

    इसके बाद जुलाई तक कैसे 27 करोड़ प्राथमिकता वाले लाभार्थियों को वैक्सीन दी जाएगी इसकी विस्तृत प्रक्रिया पर काम चल रहा है.

  5. वो शरणार्थी जिन्हें लोगों ने पहले नरभक्षी समझा

    लाओस के मोंग लोग 60 और 70 के दशक में उस वक्त शरणार्थी बन गए थे जब वियतनाम युद्ध की हिंसा उनके देश तक पहुंच गई थी.

    वे अमेरिका की ओर से लड़े, जिस वजह से उन्हें कम्युनिस्टों ने निशाना बनाया.

  6. पाकिस्तान का लड़ाकू विमान जेएफ़-17 कितना ताक़तवर है?

    पाकिस्तान वायु सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान जेएफ़-17 के ब्लॉक-थ्री की तैयारी शुरू कर दी गई है. जबकि चीन के सहयोग से बने चौदह जेएफ़-17बी विमान पाकिस्तान वायु सेना को सौंप दिए गए हैं.

    इन विमानों को पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) ने तैयार किया है.

    डबल सीटर जेएफ़-17बी विमान के पाकिस्तान वायु सेना के बेड़े में शामिल होने और जेएफ़-17 ब्लॉक-थ्री का उत्पादन शुरू करने के लिए बुधवार को कामरा एयरबेस में एक समारोह आयोजित किया गया था.

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर, 03 जनवरी 2021, बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से...

  8. राजस्थान: कई ज़िलों में कौवों की मौत के बाद बर्ड फ़्लू को लेकर अलर्ट

    राजस्थान में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने बताया है कि झलावर में मरे हुए कौवों में खतरनाक वायरस की पुष्टि हुई है.

    इसके अलावा जयपुर समेत कई ज़िलों में पक्षियों को मरने की ख़बर है.

    अधिकारियों के मुताबिक पशुपालन विभाग ने राज्य स्तर पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया है और कई ज़िलों में अपनी टीमें भेजी हैं.

    रविवार को जल महल में सात कौए मरे पाए गए है. इसके साथ ही राज्य में मरने वाले कुल कौवों की संख्या 252 हो गई है.

    पशुपालन विभाग के मुख्य सचिव कुंजी लाल मीणा ने पत्रकारों को बताया है कि बर्ड फ्लू से मरने के मामले मुख्य तौर पर कौवों में देखने को मिले हैं.

    इसमें से ज्यादातर मामले कोटा और जोधपुर डिविजन में देखने को मिले हैं.

  9. FB LIVE: कैसा है सिंघु बॉर्डर का माहौल..

    दिल्ली-एनसीआर में देर रात से ही बारिश हो रही है. लेकिन कृषि क़ानून का विरोध कर रहे किसान अपनी मांगों के साथ डटे हुए हैं. चार जनवरी को किसानों और सरकार के बीच वार्ता होनी है. कैसा है सिंघु बॉर्डर का माहौल.. कितनी मुश्किलों में हैं किसान और कल होने वाली वार्ता को लेकर क्या होगी उनकी रणनीति. उनसे बात कर रहे हैं बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र.

  10. शिवराज सरकार में सिंधिया खेमे के दो मंत्रियों को कैबिनेट में जगह

    मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए कांग्रेस से बीजेपी में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो विश्वासपात्रों को कैबिनेट में जगह दी है.

    पिछले साल मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. इसकी वजह से मध्य प्रदेश में कमलनाथ की 15 महीने पुरानी सरकार गिर गई थी.

    राज्यपाल आनंदीबेनल पटेल ने तुलसीराम सिलावट और गोविंद राजपूत को रविवार को गोपनीयता की शपथ दिलाई. दोनों ही नेताओं की दो महीने के बाद मंत्रिमंडल में वापसी हुई है.

    अप्रैल में हुए मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में इन दोनों नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया था लेकिन चूंकि ये दोनों नेता विधान मंडल के सदस्य नहीं थे इसलिए इन्हें कैबिनेट से हटना पड़ा था. कोरोना वायरस की वजह से उपचुनाव में देरी होने की वजह से वो विधान मंडल में नहीं आ सके थे.

    ऐसी व्यवस्था है कि अगर कोई विधायक नहीं है और उसे कैबिनेट में शामिल कर लिया गया है तो छह महीने के अंदर उसे विधान मंडल के सदस्य के तौर पर चुन कर आना होता है.

    राज्य की कैबिनेट में अब इन दोनों मंत्रियों के शपथ लेने के बाद कुल 31 मंत्री हो चुके हैं. मध्य प्रदेश में 35 से ज्यादा मंत्रिमंडल के सदस्य नहीं हो सकते हैं.

    यह तीसरी बार है जब शिवराज सरकार के मार्च, 2020 में आने के बाद से कैबिनेट का विस्तार किया गया है.

  11. भारत बायोटेक की कोवैक्सीन पर कांग्रेसी नेताओं ने उठाये सवाल

    कुछ कांग्रेसी नेताओं ने रविवार को भारत बायोटेक की कोविड वैक्सीन – कोवैक्सीन – को आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी मिलने पर सवाल उठाये हैं.

    इन नेताओं का कहना है कि भारत बायोटेक की वैक्सीन को जल्दबाज़ी में मंज़ूरी दी गई है जो ख़तरनाक साबित हो सकता है. हालांकि, पार्टी के भीतर ही इस वैक्सीन को मिली मंज़ूरी को लेकर मतभेद हैं.

    पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस देसी वैक्सीन को विकसित करने वाले वैज्ञानिकों को तारीफ़ की है. लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं, जैसे आनंद शर्मा, जयराम रमेश और शशि थरूर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से सवाल किया है कि क्यों इस वैक्सीन को मंज़ूरी देने के लिए ज़रूर प्रोटोकॉल तोड़े गये?

    भारतीय दवा नियामक डीसीजीआई ने रविवार को ऑस्कफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीन 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' के आपातकालीन इस्तेमाल को मंज़ूरी दी है.

    कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सवाल उठाया है कि डीसीजीआई की विशेषज्ञ समिति के समक्ष भारत बायोटेक ने जो ज़रूरी क़ागज़ात पेश किये हैं, उनके अनुसार वैक्सीन के तीसरे फ़ेज़ का ट्रायल पूरा ही नहीं हुआ, जो ज़रूरी है. शर्मा ने कहा है कि वैक्सीन कितनी सुरक्षित है और कोविड को रोकने में यह कितनी सक्षम है, इससे संबंधित डेटा देखा ही नहीं गया.

    पार्टी नेताओं का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय को बताना चाहिए कि आख़िर क्यों ये ज़रूरी प्रोटोकॉल फ़ॉलो नहीं किये गए. पार्टी नेता शशि थरूर ने कहा है कि वक़्त से पहले ही कोवैक्सीन के इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी गई है, इसलिए इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए.

    जयराम रमेश ने प्रश्न उठाया है कि "केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ही देश को बतायें कि टीकों के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिन नियमों का पालन होता है, उन्हें भारत में क्यों बदल दिया गया."

    जयराम का इशारा भी तीसरे फ़ेज़ के ट्रायल्स की तरफ ही था.

    इस बीच, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के नेता ठीक वैसे ही व्यवहार कर रहे हैं, जैसे वो हर मामले में करते आये हैं. वो हमारे जवानों के शौर्य पर सवाल उठाते हैं और अब वो भारत में बने दो टीकों से नाख़ुश हैं.

    इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इन कोविड वैक्सीनों पर सवाल उठाया था. उन्होंने शनिवार को इन्हें 'बीजेपी की वैक्सीन' बताते हुए कहा था कि 'वे वैक्सीन नहीं लगवाने वाले हैं.'

  12. किसान आंदोलन: बारिश ने बढ़ाईं किसानों की मुसीबत

    किसान आंदोलन 40वें दिन में पहुंच गया है और सर्दी रिकॉर्ड स्तर पर. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का बीते शुक्रवार का दिन पिछले 15 साल में सबसे ज़्यादा ठंडा था.

    उसके बाद शनिवार और रविवार को हुई बारिश ने किसानों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.

    मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि अगले तीन दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश हो सकती है. सोमवार को दिल्ली में ओले पड़ने का भी अनुमान है.

    उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टर्बन्स की वजह से तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस रहने वाला है. अनुमान है कि एनसीआर के कुछ इलाक़ों में रविवार को ओले पड़ेंगे लेकिन दिल्ली में सोमवार को."

    मौसम विभाग के मुताबिक़ हवा की गति शनिवार को औसतन 15 किलोमीटर प्रति घंटा थी और सोमवार तक 25 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है.

  13. कोरोना वैक्सीन पर अखिलेश यादव के बयान पर गरमाई सियासत

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक बयान पर सियासी पारा गरम है.

    उन्होंने कोरोना वैक्सीन को ‘बीजेपी की वैक्सीन’ बताया और कहा कि वो वैक्सीन नहीं लगवाएंगे.

    अखिलेश यादव शनिवार को मीडिया से बात कर रहे थे. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

  14. पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में मंदिर जलाए जाने की वजह क्या थी?

    पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ़ अल्वी ने 30 दिसबंर को एक ट्वीट करके भारत के मध्य प्रदेश की दो अलग-अलग घटनाओं का ज़िक्र किया जिसमें कथित तौर पर दो मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया था.

    लेकिन इस ट्वीट के चंद घंटों पहले पाकिस्तान में भीड़ ने करीब 100 साल पुराने एक मंदिर को आग लगा दी. ये एक संत की समाधि थी. पाकिस्तान में हुई घटना पर कराची से वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की टिप्पणी.

  15. किसान आंदोलन के मुद्दे पर सोनिया गांधी ने मोदी सरकार को याद दिलाया 'राजधर्म'

    कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि आज़ादी के बाद पहली बार ऐसी ‘अहंकारी’ सरकार सत्ता में आई है जिसे ‘अन्नदाताओं’ की तकलीफ नहीं दिख रही है. उन्होंने तत्काल बिना किसी शर्त तीनों नए कृषि क़ानून वापस लेने की सरकार से मांग की है.

    सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार और उसके नेता लोकतंत्र में जनता की भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती है और अब यह साफ हो गया है कि किसान सरकार की ‘थकाकर आंदोलन तोड़ने’ की नीति के सामने नहीं टूटने वाले हैं.

    उन्होंने कहा, "अब भी वक्त है मोदी सरकार को सत्ता का अपना अहंकार छोड़ देना चाहिए और तत्काल तीनों काले कानूनों को बिना शर्त वापस लेकर किसानों के विरोध-प्रदर्शन को खत्म करना चाहिए जो ठंडी और बरसात में मर रहे हैं. यही राजधर्म होगा और मारे गए किसानों के प्रति श्रद्धांजलि होगी."

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को यह याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र का मतलब जनता के हितों का ख्याल रखना होता है.

    उन्होंने आगे कहा, "देश के लोगों के साथ मैं भी 39 दिनों से दिल्ली की कड़ाके की ठंडी और बारिश में आंदोलन कर रहे अन्नदाताओं के हालात को देखकर विचलित हूँ."

    सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार की निष्ठुरता की वजह से अब तक 50 से ज्यादा किसान मारे जा चुके हैं. कुछ सरकार के रवैये को देखते हुए आत्महत्या जैसे कदम भी उठाने पर मजबूर हुए हैं.

    उन्होंने कहा कि, "लेकिन ना ही हृदयविहीन मोदी सरकार और ना खुद प्रधानमंत्री और ना ही सरकार के किसी और मंत्री ने ही अब तक किसानों के लिए संवेदना में एक शब्द कहे हैं. मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि सभी मारे गए किसान भाइयों के परिवार वालों को इस दुख को सहने की ताकत दे."

  16. ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की बरसी पर इसराइल में चिंता

    ईरान के विदेश मंत्री ने इसराइल पर ‘अमेरिका को उनके ख़िलाफ़ युद्ध के लिए उकसाने का आरोप’ लगाया था जिसे रविवार को इसराइल प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘बकवास’ बताते हुए ख़ारिज कर दिया.

    इसराइल के ऊर्जा मंत्री युवल स्टेनेट्ज़ ने एक पब्लिक रेडियो पर यह बोला कि ईरान के सर्वोच्च जनरल क़ासिम सुलेमानी की पहली बरसी पर इसराइल को ईरान के संभावित हमले को लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत है. पिछले साल, क़ासिम सुलेमानी इराक़ में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गये थे.

    अमेरिका आरोप लगाता है कि ईरान समर्थित गुट इराक़ में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करते रहे हैं. लेकिन किसी भी ईरान समर्थित गुट ने आज तक अमेरिकी ठिकानों पर हुए किसी हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

    शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद ज़रीफ़ ने कहा, “इराक़ से मिली ताज़ा ख़ुफ़िया सूचना इस ओर संकेत करती है कि इसराइली एजेंट ही अमेरिकी नागरिकों के ख़िलाफ़ हमलों की साज़िश कर रहे हैं ताकि अमेरिका को भ्रमित रखा जा सके.”

    इस दावे के आधार पर विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सतर्क रहने की सलाह भी दी.

    लेकिन युवल स्टेनेट्ज़ ने कहा, “हमने ज़रीफ़ की यह बकवास सुनी कि इसराइल अमेरिका के ख़िलाफ़ आतंकवादी हमलों की साज़िश कर रहा है और यह पूरी तरह से बेबुनियाद है.”

    “लेकिन यह हमारे लिए एक संकेत है कि ईरान का निशाना अब इसराइल पर है और वो हम पर हमले करने के बहाने ढूंढ रहा है. इस वजह से हमें ईरान की नब्ज़ टटोलने की कोशिश करनी होगी और सतर्क रहना होगा.”

    एक अन्य इंटरव्यू में, इसराइली कैबिनेट के मंत्री चिली ट्रॉपर ने भी कहा है कि इसराइल सुलेमानी की बरसी के चलते सतर्क है.

    यह पूछे जाने पर कि ‘आख़िर इसराइल को किस तरीक़े के हमले की आशंका है?’, ट्रॉपर ने कहा, “वो इस बारे में कुछ नहीं बता सकते.”

  17. ग़ाज़ियाबाद में श्मशान घाट पर छज्जा गिरने से 18 लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

    दिल्ली से लगे ग़ाज़ियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट का लेंटर गिर जाने से 18 लोगों के मरने की ख़बर है.

    मलबे में अभी भी कई लोग फँसे हैं जिन्हें बाहर निकालने की कोशिश हो रही है.

    ग़ाज़ियाबाद के पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक वर्मा ने बीबीसी को बताया कि अब तक 18 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं.

    लोगों को मलबे से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद हैं.

    इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम भी लोगों को मलबे से बाहर निकाल रही है.

    घटना में प्रभावित लोग अंतिम संस्कार में भाग लेने आए थे.

    रात से ही हो रही बारिश के कारण लेंटर ढह गया जिससे वहाँ मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए.

    ये लोग बारिश से बचने के लिए वहाँ खड़े थे.

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं.

    मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं.

  18. पाकिस्तान: बलूचिस्तान में शिया समुदाय के 11 मज़दूरों की गोली मार कर हत्या

    पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने कोयले के खदान में काम करने वाले कम से कम 11 लोगों का अपहरण कर, उन्हें गोली मार दी.

    पुलिस के अनुसार, खदान में काम करने वाले ये श्रमिक अपने काम पर जा रहे थे, जब कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने उनका अपहरण किया और पास की एक पहाड़ी पर ले जाकर उन्हें गोली मार दी.

    द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना बलूचिस्तान के माछ इलाक़े में हुई.

    इस घटना के बाद इलाक़े में पुलिस बलों की भारी तैनाती कर दी गई है. पुलिस ने बताया है कि छह श्रमिकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. जबकि पाँच अन्य लोगों ने अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ दिया.

    अधिकारियों ने बताया है कि मारे गये खनिक शिया हज़ारा जनजाति के थे.

    बलूचिस्तान के गृह सचिव ने कहा कि नौ मृतकों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने कहा कि पहचाने गये लोगों का अफ़गानिस्तान से वास्ता है.

    बलूचिस्तान के इस इलाक़े में कुछ चरमपंथी राष्ट्रवादी गुट सक्रिय हैं. लेकिन अभी तक किसी भी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

    बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल ख़ान ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने इस मामले की जाँच के आदेश भी दे दिये हैं.

    उन्होंने कहा है कि इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों को बख़्शा नहीं जायेगा.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी इस घटना को ‘आतंकी घटना’ बताया है और कहा है कि ‘इससे ज़्यादा क्रूर और अमानवीय घटना नहीं हो सकती.’

    पिछले महीने भी इसी प्रांत में एक बंदूकधारी ने सात सैनिकों की हत्या कर दी थी.

  19. बेरहम बारिश और सर्द मौसम में डटे किसान

  20. हाड़ कँपाने वाली ठंड और बारिश के बीच सिंघु बॉर्डर की ये तस्वीरें