कोरोना वायरस का एक और ख़तरनाक वैरिएंट मिला, दक्षिण अफ़्रीका से ब्रिटेन पहुँचा

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का एक और नया वैरिएंट मिला है जो पिछले नए वैरिएंट से कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है. ब्रिटेन में जिन दो लोगों के इससे संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, वो हाल ही में दक्षिण अफ़्रीका की यात्रा पर गए थे.

लाइव कवरेज

  1. सरकार से आगे की बातचीत पर किसान संगठन आज करेंगे फ़ैसला

    सरकार से आगे की बातचीत पर किसान संगठन आज करेंगे फ़ैसला

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    नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठन केंद्र सरकार से आगे की बातचीत के प्रस्ताव पर आज फ़ैसला ले सकते हैं.

    कल किसान यूनियनों ने इस बैठक को बुधवार तक के लिए टाला दिया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दरअसल केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने 40 यूनियनों के नेताओं को रविवार को एक पत्र भेजा था जिसमें पूछा गया था कि प्रदर्शनकारी किसान नेता क़ानूनों में संशोधन के लिए दिन गए पिछले प्रस्ताव को लेकर अपनी चिंताओं को साफ़ करें और अगले दौर की वार्ता के लिए अपनी सहूलियत से एक तारीख़ चुन लें, ताकि आंदोलन जल्द से जल्द ख़त्म हो सके.

    इस पत्र पर पंजाब के किसान यूनियनों की को-ऑर्डिनेशन कमेटी में चर्चा की गई थी. लेकिन समय की कमी के चलते संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक टाल दी गई थी.

    दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान नेता कुलवंत सिंह संधु ने मंगलवार को कहा कि पंजाब की 32 किसान यूनियनों ने बैठक की और आगे की रणनीति पर चर्चा की.

    उन्होंने कहा कि देश भर के किसान नेताओं की एक बैठक बुधवार को होगी, जिसमें सरकार के वार्ता के प्रस्ताव पर फ़ैसला लिया जाएगा.

    संधु ने कहा कि किसान ब्रिटेन के सांसदों को पत्र लिखकर अपील करेंगे कि वो अपने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल ना होने का दबाव बनाएं. जॉनसन अगले महीने होने वाले आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे.

    इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने प्रदर्शनकारी संगठनों के सरकार के साथ फिर से जल्द वार्ता शुरू करने की उम्मीद जताई. उन्होंने मंगलवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रदर्शनकारी किसान संगठन जल्द अपनी आंतरिक चर्चा पूरी करेंगे और संकट के समाधान के लिए सरकार के साथ फिर से वार्ता शुरू करेंगे. मंगलवार को तोमर ने एक बार फिर ये भी दोहराया कि कृषि सुधार कानून भारतीय कृषि के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेंगे. हालांकि किसान किसान तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अडिग हैं.

    वहीं कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद 24 दिसंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दो करोड़ हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपेंगे जिसमें केंद्रीय कृषि क़ानूनों को निरस्त करने की अपील की जाएगी.

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  2. DDC Elections: गुपकर गठबंधन को 100 से ज़्यादा सीटें, बीजेपी अकेली सबसे बड़ी पार्टी

    जम्मू कश्मीर

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    जम्मू और कश्मीर के ज़िला विकास परिषद की 280 सीटों के लिए हुए चुनाव में फारूक़ अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले सात पार्टियों के गुपकर गठबंधन को सबसे ज़्यादा 112 सीटों पर कामयाबी मिली है.

    74 सीटों के साथ बीजेपी अकेली सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

    बीजेपी ने पहली बार कश्मीर घाटी की तीन सीटों पर भी जीत हासिल की है.

    फ़ारूक़ अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ़्रेंस 67 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है.

    महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीडीपी को 27 सीटों पर जीत मिली है.

    चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़, पीपल्स अलायंस फ़ॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) ने 100 सीटें जीत ली हैं जबकि अन्य 12 पर आगे चल रही है.

    अब तक 49 निर्दलीय उम्मीदवारों को विजेता घोषित किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. इस पार्टी ने 12 सीटों पर जीत हासिल की है और एक पर आगे चल रही है.

    कांग्रेस अब तक 26 सीटें जीत चुकी है.

    आठ चरणों में हुए डीडीसी चुनाव 28 नवंबर से शुरू हुए थे.

    पिछले साल जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द होने और इसके केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद ये पहला चुनाव है.

    जम्मू और कश्मीर क्षेत्र की 140-140 सीटों पर चुनाव हुए थे.

    डीडीसी चुनावों में अधिकांश सीटों के रुझान उम्मीदों के मुताबिक़ ही रहे. हिंदू बहुल जम्मू क्षेत्र के नतीजे बीजेपी के पक्ष में दिखे, वहीं मुसलमान बहुल कश्मीर क्षेत्र में पीएजीडी का दबदबा दिखा.

    पीटीआई के मुताबिक़, मतगणना के एक दिन पहले, प्रशासन ने नईम अख्तर, सरताज मदनी, पीर मंसूर और हिलाल अहमद लोन समेत कई पीडीपी और एनसी नेताओं को हिरासत में लिया था. हिरासत में लिए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया.

    बीजेपी ने कश्मीर में जिन तीन सीटों के साथ खाता खोला है, वो हैं - श्रीनगर की खोनमोह-2 सीट, बांदीपोरा ज़िले की तुलाइल सीट और पुलवामा की काकपोरा सीट. बीजेपी के लिए ये जीत अहम है क्योंकि इन सीटों पर उसके सामने एनसी और पीडीपी जैसी क्षेत्र की मज़बूत पार्टियां थीं.

    जम्मू कश्मीर चुनाव

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    डीडीसी चुनाव क्या है?

    जम्मू और कश्मीर में पहली बार डीडीसी चुनाव हुए. अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने से पहले जम्मू और कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली (ग्राम स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय, ज़िला स्तरीय) नहीं थी.

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बीते महीने जम्मू और कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 में संशोधन के लिए अपनी सहमति दे दी थी. अब इन चुनाव के ज़रिए जम्मू क्षेत्र के 10 और कश्मीर घाटी के 10 समेत कुल 20 ज़िलों में डीडीसी का गठन किया जाएगा.

    केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक ज़िले में 14 निर्वाचन क्षेत्र बनाए गए हैं. इस प्रकार समूचे जम्मू और कश्मीर में कुल 280 निर्वाचन क्षेत्र के लिए इन चुनावों के माध्यम से लोगों ने डीडीसी के प्रतिनिधियों का चयन किया गया.

    पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी ने 2018 में नगर निगम और पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया था. तब दोनों दलों, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुच्छेद 35-ए की सुरक्षा को लेकर आश्वासन माँगा था.

  3. नमस्कार

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