पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले
पार्टियों में नेताओं के आने-जाने का सिलसिला जारी है.
जहां दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)
के कई नेता बीजेपी में शामिल हुए वहीं अब बीजेपी को भी एक झटका लगा है.
बीजेपी सांसद सौमित्र खान की पत्नी
सुजाता मंडल खान ने आज तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया.
इस दौरान उन्होंने अन्य पार्टियों से
बीजेपी में “अवसरवादी” नेताओं के शामिल
होने पर नाराज़गी जताई और कहा कि उन्हें पार्टी में उतना सम्मान नहीं मिला जितना
मिलना चाहिए था.
टीएमसी सांसद
सौगत रॉय और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस में शामिल
होने के बाद सुजाता मंडल ने कहा, "पार्टी ने हमारे जैसे
ज़मीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया है और अवसरवादी नेताओं को ज़्यादा महत्व
दे रही है. पार्टी में स्थिरता नहीं है और चुनाव में लड़ने के लिए कोई स्पष्ट
चेहरा नहीं है."
सुजाता मंडल ने कहा
कि वो अवसरवादी नहीं हैं. उन्होंने कहा, “मैंने बीजेपी के साथ तब से काम करना शुरू किया था
जब कोई ये सोच भी नहीं सकता था कि पार्टी दो लोकसभा सीट से 18 पर पहुंच जाएगी.
मैंने पार्टी के लिए बहुत संघर्ष किया है लेकिन मुझे उतना सम्मान नहीं मिला.”
टीएमसी से
बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी के बारे में पूछने पर सुजाता मंडल ने कहा, “उन्हें टीएमसी में सारी सुविधाएं मिलीं. वो
अब अगला मुख्यमंत्री बनना चाह रहे हैं. वो बीजेपी से तब जुड़े जब वो पहले से बेहतर
स्थिति में हैं. जो व्यक्ति पार्टी को मुश्किल वक़्त में छोड़ देता है और दूसरी
पार्टी से अच्छे वक़्त में जुड़ जाता है, उसका कोई भरोसा नहीं है. लेकिन, टीएमसी
का अच्छा वक़्त शुरू हो गया है क्योंकि अवसरवादी नेता उससे बाहर चले गए हैं.
टीएमसी गंगा की तरह साफ हो रही है.”
टीएमसी के बड़े
नेता शुभेंदु अधिकार शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय बंगाल दौरे के
दौरान बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्हें पूर्वी मेदिनीपुर का प्रभावशाली नेता माना
जाता है.