बातचीत के लिए किसानों को सरकार ने किया आमंत्रित, कहा तारीख आप चुनें

किसान संगठनों को एक चिट्ठी लिख कर सरकार ने रहा है कि उनके उठाए मुद्दों को हल करने के लिए सरकार 'खुले मन से' रास्ता तलाशना चाहती है.

लाइव कवरेज

  1. कृषि क़ानूनों को वापिस ले सरकार - रालोपा

    एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने किसान आंदोलन के समर्थन में तीनों संसदीय समितियों से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लाए गए तीनों कृषि क़ानून किसान विरोधी हैं, इन्हें वापिस लिया जाना चाहिए.

    उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी से हमने अपील की है. एनडीए गठबंधन में होने के नाते मैंने पत्र भी लिखा कि अगर आप इन्हें वापिस नहीं लेंगे तो हम एनडीए के समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे.“

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  2. पीएम मोदी ने अचानक गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब जाकर दी श्रद्धांजलि

    पीएम नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह दिल्ली स्थित गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब पहुंचे. यहां उन्होंने गुरु तेग बहादुर को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए श्रद्धांजलि दी.

    सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर का शनिवार (19 दिसंबर) को शहीदी दिवस था. पीएम मोदी का रकाब गंज साहिब का ये दौरा पहले से तय नहीं था.

    इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘’इस सुबह, मैंने एतिहासिक गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में प्रार्थना की जहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया था. मुझे बेहद धन्य महसूस हुआ. दुनिया के लाखों लोगों की तरह मैं श्री गुरु तेग बहादुर जी की दायलुता से प्रेरित हूं.’’

    पीएम ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘’ये गुरु साहिब की विशेष कृपा है कि हम हमारी सरकार के कार्यकाल में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाएंगे. इस शुभ अवसर को ऐतिहासिक तरीके से मनाएं.’’

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  3. आयकर के छापों से आढ़तियों को डरा रही केंद्र सरकार: अमरिंदर सिंह

    कैप्टन अमरिंदर सिंह

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    पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने वाले आढ़तियों को ‘डराने’ का आरोप लगाया है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आढ़तियों के घर पर आयकर के छापों के ज़रिए उन्हें ‘डराने’ की कोशिश कर रही है.

    आधिकारिक तौर पर जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के ख़िलाफ़ आयकर के छापों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक के लिए दबाव की रणनीति बताया है.

    बयान में कहा गया है कि पंजाब में 14 आढ़तियों को आयकर विभाग से नोटिस मिला है. जिनमें विजय कालरा (अध्यक्ष, पंजाब आढ़ती एसोसिएशन), पवन कुमार गोयल (अध्यक्ष, सामान मंडी) और जसविंदर सिंह राणा (पटियाल ज़िला अध्यक्ष) शामिल हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा, ‘’यह साफ है कि लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को मनाने, गुमराह करने और बांटने में असफल होने के बाद केंद्र सरकार ने अब उनके संघर्ष को कमजोर करने के लिए आढ़तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जो पहले ही दिन से पूरी सक्रियता से विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं.’’

    अमरिंदर सिंहने कहा कि पंजाब के कई बड़े आढ़तियों के ठिकानों पर नोटिस जारी करने के सिर्फ़ चार दिनों के अंदर ही छापे मारे गए हैं.नोटिस पर उनके जवाब का इंतजार भी नहीं किया गया.

    सीएम ने कहा,’’इसमें तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. यहां तक कि स्थानीय पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई या उन्हें भरोसे में नहीं लिया गयाजो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. आयकर विभाग की टीमों के छापे के दौरान सुरक्षा देने के लिए सीआरपीएफ की मदद ली गई.’’

    किसान विरोध प्रदर्शन

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    मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या ये बदला लेने की राजनीति नहीं है जो किसी भी तरह किसानों के विरोध प्रदर्शन को ख़त्म करना चाहती है.

    उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़कर किसानों और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए.

    नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आज (रविवार) उनके विरोध प्रदर्शन का 25वां दिन है.

    कई स्तर की बातचीत के बाद भी केंद्र सरकार और किसानों के बीच सहमति नहीं बन पाई है. किसानों की मांग है कि तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द किया जाए.

    हालांकि, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि किसान संगठनों के साथ अनौपचारिक बातचीत जारी है और नए साल की शुरुआत से पहले कोई समाधान निकल सकता है.

  4. बिन्यामिन नेतन्याहू ने लगवाया कोरोना का टीका

    बिन्यामिन नेतन्याहू

    इमेज स्रोत, PM of Israel @Twitter

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कोरोना का टीका लगवाकर देश में टीकाकरण अभयान की शुरुआत की है.

    शनिवार को उन्होंने शेबा मेडिकल सेंटर में कोरोना का टीका लगवाया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू और स्वास्थ्य मंत्री यूली एडलस्टीन देश के पहले नागरिक हैं जिन्होंने कोरोना का टीका लगवाया है.

    टीका लेने के बाद नेतन्याहू ने कहा, “वैक्सीन लेने के बाद मुझे अच्छा लग रहा है. सभी को वैक्सीन लगवाना चाहिए. इसके सहारे हम कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए अंधेरे से उजाले की तरफ बढ़ेंगे.”

    उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी कोरोना का टीका देश के सभी लोगों तक पहुंचेगा उतनी जल्दी लोगों की ज़िंदगी और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी.

    उन्होंने कहा कि देश को अपने संसाधनों में अधिक निवेश करना होगा और फिर से पहले की तरह मज़बूत बनना होगा, इसके लिए देश के सभी नागरिकों को आगे बढ़ कर मदद करनी होगी.

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  5. किसान नेताओं से अगले 2-3 दिन में हो सकती है बातचीत: मनोहर लाल खट्टर

    मनोहर लाल खट्टर

    इमेज स्रोत, ANI

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाक़ात के बाद कहा है कि किसान नेताओं से अगले 2-3 दिनों में बातचीत हो सकती है.

    कृषि मंत्री से मुलाक़ात के बाद मनोहर लाल खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, किसानों के मुद्दे का समाधान बातचीत से होना चाहिए.

    समाचार एजेंसियों के मुताबिक, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं पंजाब के किसानों से अपील करता हूं कि वो सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले को गंभीरता से लें. हरियाणा के किसान सिंचाई के लिए पानी की कमी से जूझ रहे हैं. मैंने ये मुद्दा उठाया है. हमारी मांग है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर का निर्माण पूरा होना चाहिए.''

  6. किसान संगठनों ने सरकार को लिखी खुली चिट्ठी

    किसान आंदोलन

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    शनिवार को किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नाम खुला ख़त लिखा है और कहा है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन ने विपक्षी पार्टियों को अपना पक्ष बदलने पर मजबूर कर दिया है न कि विपक्षी पार्टियों के कारण किसान आंदोलन तेज़ हुआ है.

    किसान संगठनों का कहना है कि सरकार आंदोलन के बारे में दुष्प्रचार कर रही है.

    रविवार को किसान संगठन विरोध प्रदर्शन दौरान के मारे गए किसानों की याद में 'श्रद्धांजलि दिवस' मनाने वाले हैं. किसान संगठनों की योजना है कि इस दिन वो कम से कम एक लाख गांवों में लोगों तक पहुंचेंगे.

    किसान संगठनों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद किसानों का मुद्दा सुलझाने के लिए सरकार अनौपचारिक तौर पर किसानों के कई संगठनों से बातचीत कर रही है.

    किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के कृषि क़ानूनों से बड़ी कंपनियों को फायदा होगा न कि किसानों को.

    दो दिन पहले कृषि मंत्री ने किसानों को खुला खत लिखा था, किसान संगठनों ने इसका बिंदुवार उत्तर दिया और कहा उनकी मांग है कि कृषि क़ानूनों को रद्द किया जाए.

  7. नमस्कार

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