राष्ट्रपति ने नहीं लगाया मास्क, लगा 3500 डॉलर का जुर्माना
हाल में एक महिला के साथ राष्ट्रपति की एक सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस तस्वीर में न तो राष्ट्रपति ने मास्क लगाया था और न ही महिला ने.
लाइव कवरेज
राष्ट्रपति ने नहीं लगाया मास्क, लगा 3500 डॉलर का जुर्माना
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कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंधों को
तोड़ने के लिए चिली के राष्ट्रपति सेबास्टियन पिन्येरा पर 3,500 डॉलर (2,588
ब्रितानी पाउंड) का जुर्माना लगाया गया
है.
इस महीने की शुरूआत में एक महिला के साथ राष्ट्रपति
पिन्येरा की एक सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस तस्वीर में न तो राष्ट्रपति
ने मास्क लगाया था और न ही महिला ने.
तस्वीर के वायरल होने के बाद राष्ट्रपति ने माफी
मांगी है और कहा है कि काचागुआ शहर में समुद्रतट के पास जब एक महिला ने उनके साथ
सेल्फी लेनी चाही तो उन्हें मास्क पहनना चाहिए था.
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कोरोना महामारी के कारण चिली में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. यहां सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य है.
चिली में मास्क न पहनने पर जुर्माने के साथ-साथ जेल की सज़ा का भी प्रावधान है.
लातिन अमेरिका के देशों में चिली उन देशों में शामिल है जहां कोरोना संक्रमण के मामले सबसे अधिक है.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार यहां कोरोना संक्रमण के 581,135 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि अब तक कोरोना के कारण 16,051 लोगों की मौतें हुई हैं.
तुर्की: अस्पताल के इंटेन्सिव केयर यूनिट में लगी आग
तुर्की के दक्षिणपूर्व प्रांत गाज़िएन्तेप
में एक अस्पताल के इंटेन्सिव केयर यूनिट में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई है.
देश के स्वास्थ्य मंत्री फेहरेतिन कोजा ने शनिवार
को बताया कि है कि एक निजी अस्पताल के कोविड-19 इंटेन्सिव केयर युनिट में आग लगी
जिससे 10 लोगों की मौत हो गई.
वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हुई है.
एजेंसी ने कहा है कि स्थानीय
प्रशासन के अनुसार है कि एक ऑक्सीजन वेन्टिलवेटर के फटने से आग लगी जिसके बाद
मरीज़ों को जल्द से जल्द पास के दूसरे अस्पतालों में पहुंचाया गया है. आग लगने के
कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.
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किसान नेताओं से अगले 2-3 दिन में हो सकती है बातचीत: मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाक़ात के बाद कहा है कि किसान नेताओं से अगले 2-3 दिन में बातचीत हो सकती है.
कृषि मंत्री से मुलाक़ात के बाद मनोहर लाल खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, किसानों के मुद्दे का समाधान बातचीत से होना चाहिए.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं पंजाब के किसानों से अपील करता हूं कि वे सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले को गंभीरता से लें. हरियाणा के किसान सिंचाई के लिए पानी की कमी से जूझ रहे हैं. मैंने ये मुद्दा उठाया है. हमारी मांग है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर का निर्माण पूरा होना चाहिए.''
इससे पहले, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता सरदार वीएम सिंह ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश के बीच ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर कहा कि ट्रैक्टरों पर रोक के बारे में कल (रविवार) सुबह 11 बजे प्रशासन के साथ बैठक होगी. यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो दोनों तरफ़ की सड़क को ब्लॉक कर दिया जाएगा.
दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा है, "ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार किसानों का आंदोलन दबाने के मूड में हैं, इसलिए हमारी पार्टी ने 26 दिसंबर को राजस्थान से दिल्ली की ओर दो लाख किसानों और नौजवानों के साथ कूच करने का फ़ैसला किया है."
अमित शाह पश्चिम बंगाल की राजनीति नहीं समझते: तृणमूल सांसद
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित शाह पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति की समझ नहीं है और ममता बनर्जी साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत के बाद तीसरी बार सत्ता में आएंगी.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, ''अमित शाह दूसरों की फैमिली पॉलिटिक्स पर बात करते हैं. मैं आपको याद दिलाता हूं, क्या अधिकारी एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से नहीं आते. आपका बेटा भी बीसीसीआई में किसके प्रभाव से बड़े ओहदे पर है.?''
इससे पहले अमित शाह ने मिदनापुर की रैली में कहा, ''तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता पार्टी छोड़ रहे हैं. दीदी का आरोप है कि बीजेपी उन्हें फुसला रही है. लेकिन मैं उनसे (दीदी से) पूछना चाहूंगा कि जब उन्होंने तृणमूल कांग्रेस बनाने के लिए कांग्रेस को छोड़ा था, तब क्या वो दल-बदल नहीं था? ये तो बस शुरुआत है. चुनाव तक वो अकेली रह जाएंगी.''
किसान आंदोलन: ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर प्रशासन को चेतावनी
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ''अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता सरदार वीएम सिंह ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश के बीच ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर कहा कि ट्रैक्टरों पर रोक के बारे में कल (रविवार) सुबह 11 बजे प्रशासन के साथ बैठक होगी. यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो दोनों तरफ़ की सड़क को ब्लॉक कर दिया जाएगा.''
दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा है, "ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार किसानों का आंदोलन दबाने के मूड में हैं, इसलिए हमारी पार्टी ने 26 दिसंबर को राजस्थान से दिल्ली की ओर दो लाख किसानों और नौजवानों के साथ कूच करने का फ़ैसला किया है."
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अमित शाह ने दोहराया 200 से ज्यादा सीटें जीतेंगे
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प्रभाकर मणि तिवारी,
कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मेदिनीपुर में बीजेपी की रैली में दोहराया कि अगले विधानसभा चुनावों में पार्टी दो सौ से ज्यादा सीटें जीतेगी. उन्होने लोगों से कहा कि एक बार बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दें, पार्टी राज्य को सोनार बांगाला बना देगी.
शाह की रैली से पहले शुभेंदु अधिकारी समेत दस विधायकों और पूर्व सांसद के अलावा टीएमसी, कांग्रेस और लेफ्ट के कई लोगों ने बीजेपी का दमन थाम लिया. शाह ने अपने भाषण में कहा कि यह तो अभी शुरुआत है. चुनाव आते-आते दीदी अकेली रह जाएंगी
ममता पर करारा हमला करते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि टीएमसी मां, माटी और मानुष के नारे के साथ सत्ता में आई थी. लेकिन उसने अब इस नारे को तोलाबाजी (उगाही), तुष्टिकरण और भतीजावाद में बदल दिया है.
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अमित शाह ने आरोप लगाया कि अंफान प्रभावितों के लिए केंद्र की ओर से भेजी गई आर्थिक सहायता और अनाज टीएमसी के गुंडों के पास चला गया. इसलिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीएजी से कराने का निर्देश दिया है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और ममता बनर्जी के असहयोग की वजह से राज्य के लोगों को केंद्रीय योजनाओं का फायदा नहीं रहा है.
बंगाल में बढ़ती हिंसा और कानून व्यवस्था में गिरावट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता इससे डरने वाले नहीं हैं.
टीएमसी से बीजेपी में आने वाले शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में ममता का नाम लिए बिना जहां टीएमसी सरकार के कामकाज की जमकर खिंचाई की, वहीं शाह की शान में जमकर कसीदे भी पढ़े.
उन्होंने कहा कि विकास के लिए केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार रहनी चाहिए.
शुभेंदु ने दावा किया कि टीएमसी सरकार सत्ता में नहीं लौटेगी. उन्होंने ममता के भतीजे अभिषेक पर हमला किया और 'तोलाबाज' (उगाही करने वाले) भतीजे को हटाने की अपील की.
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इमेज कैप्शन, तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी का दामन थामा
टीएमसी कार्यकर्ताओं के नाम शुभेंदु का खुला पत्र, कहा अब बदलाव जरूरी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ थामकर मेदिनीपुर की रैली में मंच पर चढ़ने वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी का दामन थामने से कुछ देर पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं के नाम एक खुला पत्र जारी किया है. उन्होंने मंच पर अमित शाह के पैर छूकर उनको प्रणाम किया.
दस पेज के अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि जमीनी कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहा कर पार्टी के पैर जमाने में मदद की थी. लेकिन उनको पार्टी में कोई अहमियत नहीं मिली. शुभेंदु ने लिखा है, “टीएमसी में अब निजी हितों को तरजीह दी जा रही है. अब राज्य के लोग ही बंगाल का भविष्य तय करेंगे.”
उनका आरोप है कि बीते दस साल के दौरान राज्य में कोई विकास नहीं हुआ. यही वजह है कि सरकार को अब दरवाजे पर सरकार जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करना पड़ रहा है. इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. अब हमें एक साथ नई राह पर चलना होगा. मैंने तीन दशक पहले जो लड़ाई शुरू की थी उसे जारी रखूंगा.
शुभेंदु ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस अब हिंसा और धमकियों पर उतर आई है.
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इस पत्र पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी कहते हैं, “शुभेंदु खुद कोई दूध के धुले नहीं हैं. वे भी भ्रष्टाचार में शामिल हैं. पार्टी उनके चेहरे से भी नकाब हटाएगी. वे टीएमसी की स्थापना के समय पार्टी में नहीं थे.”
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अमित शाह ने बंगाल में ममता पर साधा निशाना
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प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मेदिनीपुर पहुंच कर हबीबपुर इलाक़े में शहीद खुदीराम बोस के परिजनों से मुलाकात की और उनको शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया.
उन्होंने खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री ने टीएमसी का नाम लिए बिना उसे ओछी राजनीति करने से बाज आने को कहा.
अमित शाह ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे शहीद खुदीराम बोस की जन्मभूमि की मिट्टी से तिलक करने का मौका मिला है. आजादी की लड़ाई में बंगाल और उसके सपूतों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. यहां आकर एक नई चेतना और ऊर्जा का अनुभव हो रहा है. लेकिन बंगाल के शहीदों ने कभी ओछी राजनीति की कल्पना तक नहीं की होगी. देश बोस के बलिदान को हमेशा याद रखेगा.”
उन्होंने कहा कि आज ही राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान और ठाकुर रोशन सिंह का शहादत दिवस भी है.
शाह ने युवाओं से कहा, “हमें देश के लिए मरने का मौका तो नहीं मिला, लेकिन जीने का मौका मिला है. आइए हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक मजबूत, सशक्त और सुरक्षित भारत का निर्माण करें.”
इससे पहले अमित शाह कोलकाता से हेलीकाप्टर से मेदिनीपुर पहुंचे. उन्होंने वहां सात सौ साल पुराने सिद्धेश्वरी मंदिर में जाकर दर्शन-पूजन भी किया.
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सरकार को बात करनी चाहिए, हमने बात करने से मना नहीं किया: राकेश टिकैट
कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की
सीमाओं पर 24वें दिन भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
कई स्तर की बातचीत के बाद भी कृषि क़ानूनी को लेकर केंद्र
सरकार और किसान यूनियनों के बीच सहमति नहीं बन पाई है. सरकार का कहना है कि वो
क़ानूनों के प्रावधानों पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन किसान यूनियनों का कहना
है कि बातचीत सिर्फ़ कृषि क़ानून रद्द करने पर हो सकती है.
इस
बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैट ने कहा, ‘‘सरकार को बात करनी चाहिए, हम सरकार से बात करने के लिए कहां मना कर रहे हैं. फूड सप्लाई
चेन को किसानों ने बंद नहीं किया है और ना हमारी बंद करने की योजना है.’’
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वहीं, दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसान रोजमर्रा की कुछ ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग तरीक़े अपना रहे हैं.
दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर मौजूद प्रदर्शनकारी सोलर पैनल से फ़ोन और ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज कर रहे हैं.
एक किसान अमृत सिंह ने बताया, "सोलर प्लेट लेकर आए हैं कि अगर फ़ोन की बैटरी डाउन हो जाएगी तो घर पर बात नहीं हो पाएगी, सरकार क्या सुविधा देगी वो हमारी मांग तो मान नहीं रही."
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ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में एक करोड़ से ज़्यादा हुए कोरोना के मामले
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भारत में कोरोना वायरस के मामले एक करोड़ से ज़्यादा हो चुके हैं. पिछले 24 घंटों में देश में संक्रमण के 25,153 मामले दर्ज किए गए.
संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या फ़िलहाल 3,08,751 है. कोरोना वायरस से अब तक 1,45,136 लोगों की जान जा चुकी है और 95,50,712 लोग ठीक हो चुके हैं.
मिशन बंगाल पर अमित शाह, बढ़ सकती है टीएमसी की मुश्किल
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प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने अपने पश्चिम बंगाल दौरे के समय बीजेपी के अगले विधानसभा चुनावों में दो सौ सीटें जीतने का दावा किया था.
अब अपने मिशन बंगाल के साथ शनिवार से शाह एक बार फिर राज्य के दौरे पर हैं. शाह शुक्रवार देर रात दिल्ली से भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से कोलकाता पहुंचे. उसम समय भी उनके स्वागत के लिए पार्टी के हजारों कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर मौजूद थे.
अमित शाह के इस दौरे से राज्य में राजनीतिक गहमागहमी तेज़ हो गई है.
शनिवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआईए) के साथ आतंकवादी गतिविधियों और सीमा पार से होने वाली तस्करी जैसे मुद्दों पर बैठक के बाद वह हेलीकॉप्टर से मेदिनीपुर रवाना हो गए. वहां उनकी रैली में तृणमूल कांग्रेस के अलावा वाममोर्चा और कांग्रेस के कई विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की संभावना है.
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष का दावा है, “कम से कम 10-12 विधायक पार्टी में शामिल होंगे. शाह और पार्टी प्रमुख जे.पी. नड्डा विधानसभा चुनावों तक हर महीने राज्य का दौरा करेंगे.”
अमित शाह पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद मेदिनीपुर में रामकृष्ण मिशन आश्रम गए. आज उनकी मेदनीपुर में रैली भी है.
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इसके बाद वो सिद्धेश्वरी काली मंदिर का दौरा करेंगे. उनके बेलजुरी में एक किसान के घर पर दोपहर के खाने की योजना है. रात को कोलकाता लौट कर अमित शाह पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे.
अगले दिन यानी सोमवार को वे बीरभूम के दौरे पर जाएँगे. वहां विश्वभारती विश्वविद्यालय का दौरा करने के बाद शाह एक बंगाली लोक गायक के घर खाना खाएंगे. वहां उनका एक रोड शो भी आयोजित किया जाएगा.
किसान यूनियनों से अनौपचारिक बातचीत जारी, नये साल से पहले समाधान की उम्मीद: कृषि मंत्री
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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार को उम्मीद
है कि नया साल शुरू होने से पहले कृषि
क़ानूनों के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शन का समाधान निकाल लिया जाएगा.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में बताया
कि इस संकट को ख़त्म करने के लिए किसानों के विभिन्न समूहों से अनौपचारिक बातचीत
की जा रही है.
कृषि मंत्री ने कहा, ‘’हम किसान संघों के साथ लगातार बात कर रहे हैं. हमारी कोशिश उनके
साथ बातचीत के ज़रिए किसी नतीजे पर पहुंचने की है. हम बातचीत के लिए तैयार हैं.
अनौपचारिक बातचीत चल रही है. मुझे कोई रास्ता निकलने की उम्मीद है.’’
कृषि मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार किसान समुदाय की वास्तविक
चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी समय औपचारिक बातचीत के लिए
तैयार है. लेकिन, उन लोगों से बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है जो दूसरों के कंधों
से बंदूक चला रहे हैं.
उन्होंने विपक्ष को किसानों को गुमराह करने के लिए
जिम्मेदार ठहराया और सुधार प्रक्रिया पर अपना रुख बदलने और मुद्दे का राजनीतिकरण करने
का आरोप लगाया.
कृषि क़ानूनों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच
गतिरोध की स्थिति बनी हुई है और आज (शनिवार) किसानों के विरोध प्रदर्शन का 24वां
दिन है.
दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर बड़ी संख्या में किसान धरना दे रहे हैं. इनमें अधिकतर पंजाब और हरियाणा के किसान हैं.
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सरकार का कहना है कि वो किसानों से वार्ता के लिए तैयार है लेकिन किसानों का कहना है कि बातचीत तभी संभव है जब तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने पर बात हो.
इससे पहले कृषि मंत्री ने एक आठ पन्नों का पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने कृषि क़ानूनों के फायदों जानकारी दी थी और इसे लेकर फैलाए जा रहे भ्रमों का जिक्र किया था.
क्या सुप्रीम कोर्ट की बनाई समिति आगे बातचीत करेगी और समाधान ढूंढेगी या सरकार कोई हल खोजेगी, इस पर नरेंद्र तोमर ने कहा कि सरकार ने किसान नेताओं के साथ बातचीत के दरवाज़े खुले रखे हैं और सरकार अगले कदम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतज़ार करेगी.
उन्होंने कहा कि किसान यूनियनों को कृषि क़ानून रद्द करने पर ज़ोर नहीं देना चाहिए जो किसानों के फायदे के लिए बनाए गए हैं. अगर वो क़ानूनों के एक-एक प्रावधान पर अपनी आपत्ति समझाने में सफल होते हैं तो हम क़ानून में बदलाव करने पर विचार कर सकते हैं.
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए है लेकिन अगर वो विशिष्ट समस्या नहीं बताएंगे तो सरकार समाधान कैसे देगी.
नरेंद्र तोमर, खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ करीब 40 किसान संघों से बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं.
गतिरोध को दूर करने के लिए तीनों केंद्रीय मंत्रियों और 40 किसान संघों के बीच कम से कम पांच दौर की औपचारिक वार्ता हुई चुकी हैलेकिन, किसान संघ इन क़ानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
नमस्कार
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