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किसानों और सरकार के बीच आज की बैठक ख़त्म, नहीं निकला कोई नतीजा
किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक पाँच दिसंबर को होगी. ये बातचीत बेनतीजा रही. इससे पहले मंगलवार को हुई बातचीत भी बेनतीजा रही थी.
लाइव कवरेज
'ब्रिटेन वैक्सीन को अनुमति देने में उतना सतर्क नहीं जितना अमेरिका'
अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन को अनुमति देने की प्रक्रिया में ब्रिटेन उतना कठोर नहीं है जितना अमेरिका है.
ब्रिटेन बुधवार को दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया था जिसने कोरोना वायरस के लिए फ़ाइज़र कंपनी की वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी.
फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा, “ब्रिटेन ने इसे बेहद सावधानीपूर्वक नहीं किया है.”
उन्होंने कहा, “अगर आप यह तेज़ी से करते हैं और सतही तौर पर करते हैं तो लोग टीका लगवाना नहीं चाहेंगे.”
वहीं, ब्रिटेन ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है और कहा है कि टीका सुरक्षित और असरदार है.
किसानों के साथ बैठक के बाद सरकार एमएसपी पर क्या बोली?
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना वैक्सीन पर बड़ी ख़ुशख़बरी
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने उम्मीद जताई है कि कि इस साल के आख़िर या अगले साल की शुरुआत तक वैक्सीन के इमर्जेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिल जाएगा.
उन्होंने और क्या कहा, जानने के लिए देखिए यह वीडियो.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गांव के किसान किसके साथ खड़े हैं?
पंजाब से उठा किसान आंदोलन हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में पहुँच गया है. देशभर के किसान दिल्ली की सीमा पर लाखों की संख्या में बैठ गए हैं.
केंद्र सरकार के लिए जहां किसान आंदोलन मुसीबत बन गया है वहीं हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के सामने भी ख़तरा उत्पन्न हो गया है.
किसान आंदोलन के चलते हरियाणा की खट्टर सरकार पर मंडराता संकट
किसान आंदोलन LIVE: बैठक खत्म, क्या हुआ फ़ैसला?
किसान आंदोलन LIVE: दिल्ली के विज्ञान भवन में किसानों और सरकार के प्रतिनिधियों की बातचीत खत्म. ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा.
सरकार और किसानों के बीच बैठक ख़त्म, अगली बैठक पाँच दिसंबर को
कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच बैठक ख़त्म हो गई है.
दोनों के बीच बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकल सका लेकिन दोनों पक्षों ने पाँच दिसंबर को एक बार मिलने का फ़ैसला किया है.
समाचार एएनआई के अनुसार कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बैठक बहुत ही अच्छे माहौल में हुई और किसानों ने बहुत सारे मुद्दे उठाए थे जिन पर खुलकर चर्चा हुई.
उन्होंने एक दफ़ा फिर किसानों को विश्वास दिलाया कि एमएसपी और एपीएमसी में कोई बदलाव नहीं होगा.
कृषि मंत्री ने कहा कि बातचीत से ज़रूर नतीजा निकलेगा.
उन्होंने किसानों से अपना धरना प्रदर्शन ख़त्म करने की अपील की है ताकि दिल्ली के लोगों को कोई परेशानी ना हो.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए मोहनलाल शर्मा से.
'मैं किसान परिवार से नहीं हूं फिर भी किसानों का साथ दूंगी'
किसान आंदोलन पर क्या कहते हैं नौजवान, देखिए बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के साथ उनकी बातचीत.
कोरोना वायरस के मामले अमरीका में तेज़ी से बढ़े
अमरीका में कोरोना वायरस से संक्रमण और मरीज़ों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले रिकॉर्ड तेज़ी से बढ़े हैं. आशंका है कि क्रिसमस तक इन मामलों में कमी नहीं आएगी.
अमरीका में बुधवार को कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 195,695 नए मामलों का पता चला. इतना ही नहीं, एक दिन में अब तक सबसे अधिक 2733 मरीज़ों ने दम तोड़ा है.
कोविड ट्रेकिंग प्रोजेक्ट के आंकड़ों के मुताबिक़, अमरीका में कोरोना वायरस की वजह से अभी तक 264,000 लोगों की मौत हो चुकी है.
कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अमरीका के अस्पतालों में फ़िलहाल एक लाख से अधिक लोग भर्ती हैं.
आत्महत्या करने वाले किसान कायर हैं- कर्नाटक के कृषि मंत्री
कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिल ने आत्महत्या करने वाले किसानों को कायर कहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बीसी पाटिल ने कहा, “आत्महत्या करने वाले किसान कायर हैं. सिर्फ़ कायर ही, जो अपनी पत्नी और बच्चों की देखभाल नहीं कर सकता, आत्महत्या करता है. जब हम गिर पड़ते हैं (पानी में) तो हमें तैरना चाहिए और जीतना चाहिए.”
कर्नाटक के कोडागु ज़िले में किसानों को संबोधित करते हुए राज्य के कृषि मंत्री ने बांस उगाने वालों को समझाते हुए कहा कि “खेत-किसानी मुनाफ़े का सौदा है, लेकिन कुछ कायर इसे समझ नहीं पाते और आत्महत्या कर लेते हैं.”
अपनी बात के समर्थन में उन्होंने सोने के कंगन पहनने वाली एक महिला का उदाहरण देते हुए कहा, “जब मैंने उससे पूछा कि उसके हाथों में सोने के कंगन कहां से आए, तो पता है उसने क्या कहा? उसने कहा कि धरती मां ने मेरी 35 साल की मेहनत का फल दिया है.”
कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिलने कहा कि जब एक औरत पूरी तरह से किसानी पर निर्भर होकर ये सब हासिल कर सकती है, तो बाक़ी किसान ऐसा क्यों नहीं कर सकते.
कर्नाटक कांग्रेस ने मंत्री के बयान की ये कहते हुए आलोचना की है कि “उन्होंने किसानों का अपमान किया है और उसके लिए उन्हें माफ़ी माँगनी चाहिए.”
कांग्रेस का कहना है, कोई किसान अपनी जान नहीं लेना चाहता. बाढ़ और सूखा जैसी कई वजहें उसकी जान लेती हैं, इस समस्या को ठीक से समझा नहीं गया है. असल समस्या के समाधान की जगह मंत्री ने ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान दिया है.
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किसानों के मुद्दे पर देश-व्यापी विरोध-प्रदर्शन करेंगे: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चेतावनी दी है कि किसानों से संबंधित नए क़ानून वापस नहीं लिए गए तो देश-व्यापी विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा.
तृमणूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने एक के बाद एक ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को किसानों को मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है.
ऐसे ही एक ट्वीट में ममता बनर्जी ने कहा, ‘हमने शुक्रवार चार दिसंबर को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की बैठक बुलाई है. हम मूल्यांकन करेंगे कि इसेंशियल कमोडिटी एक्ट से आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है, जिसने चीज़ों के दाम बढ़ा दिए हैं. केंद्र सरकार को इस जन-विरोधी क़ानून को वापस लेना चाहिए.’
ग़ाज़ीपुर सीमा पर किसानों का आना जारी
ग़ाज़ियाबाद से सटी दिल्ली की ग़ाज़ीपुर सीमा पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद हैं. वहां का आंखों देखा हाल बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा.
'सरकार की तरफ़ से खाना हमें नहीं चाहिए'
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार के साथ बातचीत में लंच ब्रेक के दौरान किसान नेताओं ने कहा 'हम अपना खाना ख़ुद लाए हैं.'
बातचीत में सरकार की तरफ़ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं, जबकि किसानों के प्रतिनिधिमंडल में कुल 40 किसान नेता हैं.
केंद्र सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत
दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्र सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत. ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा.
कोरोना से मारे गए पत्रकारों को ‘कोरोना वॉरियर्स’ माना जाए
प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने केंद्र सरकार से माँग की है कि और उन्हें डॉक्टरों तथा अन्य ज़रूरी हेल्थ स्टाफ़ की तरह लाभ दिए जाएं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को लिखे पत्र में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने हरियाणा सरकार की तर्ज़ पर पत्रकारों के लिए सामूहिक बीमा योजना बनाकर लागू करने की माँग की है.
काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने अपने इस प्रस्ताव की चिट्ठी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ तमाम राज्यों के मुख्य सचिवों को भी भेजी है. मुख्य माँग ये है कि कोरोना से मारे गए पत्रकारों को ‘कोरोना वॉरियर्स’ मानकर उनकी हर संभव मदद की जाए.
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किसान प्रदर्शन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद के शीतकालीन सत्र की माँग
किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर ओम बिरला से संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने की माँग की है.
इससे एक दिन पहले ही प्रदर्शनकारी किसानों के नेताओं ने ‘किसान विरोधी बिलों को ख़त्म करने के लिए’ संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग की थी.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने किसानों का प्रदर्शन, कोविड-19 की वैक्सीन की तैयारी, चीनी घुसपैठ, आर्थिक मंदी और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की ज़रूरत बताई है.
फ़िलहाल दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं के साथ सरकार की बातचीत शुरू हो गई है.
बैठक में सरकार की तरफ़ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं, जबकि किसानों के प्रतिनिधिमंडल में कुल 40 किसान नेता शामिल हैं.